बैद्यनाथ शुगर की दवा । 7 बेस्ट आयुर्वेदिक पतंजलि दवा

Baidyanath shugar ki dawa.

बैद्यनाथ शुगर की दवा । डायबिटीज जिसे हम सब मधुमेह या शुगर के नाम से भी जानते हैं । यह एक ऐसी बीमारी है जो भारत में बहुत तेजी से अपने पैर पसार रही है। हर साल लगभग एक करोड़ से ज्यादा मरीज भारत में सामने आते हैं।

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इस बीमारी में मुख्य रूप से रक्त में अत्याधिक शर्करा हो जाती है । मरीज के शरीर में ब्लड शुगर लेवल कभी सामान्य से अधिक तो कभी सामान्य से कम हो जाता है। जब हमारे शरीर में ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा अधिक हो जाती है तो इंसुलिन इस ग्लूकोज को लीवर में जमा करने का कार्य करता है ।

स्टोर किया हुआ ग्लूकोज तब तक नहीं निकलता जब तक ब्लड शुगर का लेवल कम नहीं हो जाता। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इंसुलिन रक्त की शर्करा को कंट्रोल करने में मदद करता है। वास्तव में मधुमेह की बीमारी में शरीर में या तो इंसुलिन नहीं बनता या फिर वह इंसुलिन बनने की प्रक्रिया का विरोध करता है। इंसुलिन वास्तव में एक तरह का हार्मोन होता है जिसका सीधा संबंध भोजन ऊर्जा से होता है, इसलिए मधुमेह रोगी की कार्यप्रणाली व खान-पान पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है ।

पढ़े – बैधनाथ कंपनी की दवा shighrapatan.

पतंजलि में शुगर दवा । Patanjali diabetes medicine in Hindi.

जब शुगर के मरीजों में ब्लड शुगर का लेबल अधिक बढ़ जाता है तो कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है । यही वजह है कि समय समय पर शुगर कंट्रोल करने के लिए दवाओं का सेवन करना पड़ता है । चूंकि डाइबिटीज एक लंबी बीमारी है । इनके लिए आयुर्वेदिक दवाओं किफायती होती हैं ।

आयुर्वेद में पतंजलि की दवाई काफी हद तक कारगर हो सकती हैं । क्योंकि आयुर्वेदिक दवाओं में किसी भी बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकने में काफी तक समाधान है तो चलिए जानते हैं – पतंजलि में शुगर की दवा –

  1. पतंजलि दिव्य शुद्ध शिलाजीत,
  2. पतंजलि दिव्य त्रिवंग भस्म,
  3. पतंजलि दिव्य मधुनाशिनी वटी,
  4. पतंजलि गिलोय आंवला जूस,
  5. पतंजलि दिव्य वंग भस्म,
  6. पतंजलि दिव्य योगेन्द्र रस आदि ।

उपरोक्त पतंजलि में शुगर की दवा मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण दवा हो सकती है । इन दवाओं का सेवन योग्य वैध / डॉक्टर के परामर्श के अनुसार अनुशासित खुराक के रूप में सेवन करे ।

पढ़ – पतंजलि में नामर्दी की दवा । Patanjali me namardi ki dawa.

बैधनाथ शुगर की दवा । Baidyanath shugar ki dawa.

शुगर की बीमारी में मुख्यतः भूख प्यास की अधिकता हो जाती है। वजन भी तेजी से गिरने लगता है।कई बार बीमारी के जटिल हो जाने पर मरीज बेहोश तक हो जाता है। आंखों की नजर भी कमजोर होने लगती गई। हाथ पैर में शिथिलता, कमर दर्द, मानसिक असंतुलन जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। यह बीमारी अनुवांशिक भी हो सकती है । मोटापा होने पर बीमारी का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

वर्तमान समय में बीमारी के निवारण हेतु अच्छी कंपनी की कई आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध है जिनमें आयुर्वेदिक की शुगर फ्री दवाई मुख्य रूप से असरकारक है। तो चलिए जानते है आयुर्वेदिक व बैद्यनाथ डाइबिटीज की दवा

पढ़े – मधुमेह के लक्षण व इलाज । Daibities ke gharelu upchar.

बैद्यनाथ शुगर की दवा मधुमेहारी | Baidyanath Madhumehari.

इस दवा का सेवन कर शरीर में ग्लूकोज को नियंत्रित किया जा सकता है । बार-बार यूरिन की समस्या का भी इस दवा से समाधान होता है। मुंह सूखने की समस्या को भी यह दवा काफी हद तक ठीक करती है। मधुमेहारी दवा में प्राकृतिक अवयवों का मिश्रण होता है, इसलिए इसका कोई दुष्प्रभाव देखने नहीं मिलता।

इसमें मुख्यतः शिलाजीत, गुडुची, जामुन, गुड़मार इत्यादि जड़ी बूटियों का समावेश होता है। इसमें करेला, नीम, हल्दी, गिलोय, जामुन का भी प्रयोग होता है।
सेवन – यह दवा गुनगुने पानी के साथ एक छोटी चम्मच के रूप में दो बार ले सकते हैं।

बैद्यनाथ शुगर की दवा आयुर्वेदिक – बसंत कुसुमाकर रस | Baidyanath Basant kusumakar Ras.

यह रस भी ब्लड की अत्याधिक शर्करा को कम कर बीमारी में आराम देता है । इस दवा का इस्तेमाल अत्याधिक मरीजों द्वारा किया जाता है । यह ब्लड शुगर का लेवल भी स्थिर रखता है। इस दवा में गन्ना, चंदन, कस्तूरी, स्वर्ण भस्म, शतावरी, अडूसा, चंदन, मोती पिष्टी, अभ्रक भस्म इत्यादि का मुख्य रूप से प्रयोग होता है ।

इनका उपयोग शुगर नियंत्रण के साथ साथ अस्थमा, धातु क्षीणता, शारिरिक कमजोरी, श्वेत प्रदर आदि के लिए किया है । इनका सेवन करने से मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है । यह दवा ह्रदय रोग के लिए भी लाभकारी है ।

सेवन – यह दवा मरीज के स्वास्थ्य व उम्र के हिसाब से दी जाती है।

पढ़े – हार्ट के लिए पतंजलि की दवा – 7 सबसे अच्छी दिल को दवा

बैद्यनाथ शुगर की दवा – शुक्रमातृका वटी । Baidyanath Shukramatrika Bati.

यह सबसे अच्छी बैधनाथ शुगर की दवा है । वटी का प्रयोग भी मधुमेह के रोगियों पर काफी असरदार सिद्ध हुआ है। यह बटी यूरिन से संबंधित परेशानियों से निजात दिलाती है। इसमें मुख्य रूप से गोखरू, अभ्रक, लोह भस्म, गूगल का समावेश होता है। जो बॉडी में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के साथ साथ इम्युनिटी भी बढ़ाती हैं । यह दवा बार बार पेशाब आने की समस्या का रोकथाम करती हैं ।

इनका नियमित रूप से सेवन करने पर शुगर से निजात मिल सकती है । इनका सेवन सुबह शाम एक एक टेबलेट गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है । इनका कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है फिर भी इनकी गोली मरीज की उम्र व स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर चिकित्सक के परामर्श के अनुसार दी जाती है।

बैद्यनाथ शुगर की दवा – शिलाजीत वटी । Baidyanath Shilajit vati.

बैद्यनाथ की यह दवा मधुमेह के साथ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी काफी कारगर सिद्ध होती है। यह दवा भी यूरिन से संबंधित परेशानियों को दूर करती है। शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।

यह शिलाजीत के प्राकृतिक गुणों से भरपूर होने के कारण यह इम्युनिटी बढ़ाने, यौन विकारो को दूर करने में सहायक होती हैं । इनका नियमित रूप से सेवन करने पर ब्लड शुगर / डाइबिटीज से भी निजात मिलती हैं । इस वटी का सेवन भी चिकित्सक के परामर्श के अनुसार करना चाहिए ।

आयुर्वेदिक डाइबिटीज की दवा – शुगर फ्री चवनप्राश विट । Baidyanath Sugarfree Chyawan vit.

शुगर फ्री चवनप्राश को खास मधुमेह के रोगियों के लिए बनाया गया है। इसको बनाने में भी अधिकतर प्राकृतिक अवयवों का उपयोग किया गया है। इसमें मौजूद प्राकृतिक जड़ी बूटियां रोगी को अंदरूनी ताकत प्रदान करती हैं। पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती हैं, जिससे मरीज को कई समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

इससे सेहत के साथ-साथ ऊर्जा भी बढ़ती है। दवा का इस्तेमाल सभी लोग कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से लौंग, काली मिर्च, तेजपत्ता, दालचीनी, इलायची, बादाम, शतावरी, मुलेठी, अश्वगंधा, आंवला, नागकेसर इत्यादि का प्रयोग किया जाता है और जिनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव देखने नहीं मिलता ।

पढ़े – जल्दी मुक्ति के लिए हिमालय की दवा ।

शुगर की देसी दवा । Diabetes ki desi dawa.

शुगर के इलाज के लिए कई देशी दवाएं भी उपलब्ध हैं जो रोगी की सेहत को शीघ्र ही सुधारती हैं और इनके भी कोई दुष्प्रभाव नहीं होते इनमें मुख्यतः है-

  1. गुड़मार की पत्ती – यह भारत में पाई जाने वाली जड़ी बूटी है जो रक्त में शर्करा को कम करती है। इसके सेवन से मरीज को बहुत फायदा मिलता है।
  2. तुलसी के पत्तों को भी बासी मुंह चबाने से बीमारी में बहुत लाभ होता है। तुलसी के पत्ते हाई ब्लड शुगर से होने वाले दुष्प्रभाव को रोकते हैं।
  3. जैतून के पत्ते सुबह बासी मुंह चबाने से इंसुलिन से संबंधित समस्या में काफी सुधार होता है। आयुर्वेद भारत की बहुत प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जिसमें प्रत्येक बीमारी के लिए इलाज संभव है ।

पढ़े – मेथी खाने के फायदे व नुकसान । Methi khane ke fayde.

मधुमेह के लिए आयुर्वेदिक व घरेलू दवा –

  • आँवला पाउडर – इसमें कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस होता है जो शरीर में शक्ति प्रदान करता है। यह रक्त में शर्करा के लेवल को कंट्रोल करता है। आंवला को सुखाकर चूर्ण बनाकर सुबह – शाम गर्म पानी के साथ सेवन करने से बीमारी में बहुत फायदा पहुंचता है।
  • दालचीनी पाउडर – यह एक प्राकृतिक मसाला है।इसका सेवन करने के लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर घोलें। फिर इसे धीरे-धीरे पियें।
  • मेथी दाने का पाउडर भी काफी लाभदायक होता है।
  • करेले का पाउडर – शुगर की बीमारी के लिए रामबाण औषधि है।
  • त्रिफला चूर्ण – का सेवन भी इस बीमारी में बहुत लाभदायक होता है। त्रिफला चूर्ण कब्ज से निजात दिलाता है। यह शरीर के अंदरूनी विकार पदार्थों को भी बाहर निकालता है। यह अच्छी बैद्यनाथ शुगर की दवा के रूप में उपयोगी हैं ।

मधुमेह बीमारी यदि एक बार हो जाए तो फिर निजात पाना बहुत मुश्किल होता है, किंतु रोगी अपने आहार व दिनचर्या में सुधार कर बीमारी को काफी हद तक दूर कर सकते हैं। इसके लिए रोगी को निम्नांकित बातों का ध्यान रखना भी अति आवश्यक है-

शुगर के रोगी क्या खायें । Diabetes me kya khana chahiye.

1. डायबिटीज की बीमारी में रोगी को अरहर की दाल, काबुली चने, हरे चने का सेवन करना चाहिए।
2. फलों में सेब, संतरा, नाशपाती, चेरी जैसे फलों का सेवन किया जा सकता है।
3. मरीज उबली हुई शकरकंद को भी भोजन में शामिल कर सकते हैं।
4. दलिया, जौ, गेहूं कोदो, सूजी का भी सेवन रोगी कर सकते हैं।
5. दूध, दही, छाँछ, शुद्ध घी का भी सीमित मात्रा में प्रयोग कर सकते हैं।
6. करेला, कच्चा पपीता, शिमला मिर्च, पालक को भी रोज खाने में इस्तेमाल करें।

शुगर के मरीज क्या न करें

1. शुगर के मरीज को दिन में सोने से बचना चाहिए।
2. प्रत्येक किस्म के नशे से बचना चाहिए।यह सब डायबिटीज को बीमारी को बढ़ावा देते हैं।
3. डायबिटीज के रोगी को आलू, सोयाबीन, रिफाइंड तेल से भी परहेज करना चाहिए।

अंतिम शब्द – Baidyanath shugar ki dawa. आज भारत में डायबिटीज की बीमारी की जड़ें बहुत गहरी फैल चुकीं हैं। अब प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या, अपने आहार पर ध्यान देना अति आवश्यक होगा। इससे वे इस बीमारी से दूर रह सकते हैं एवं जो डायबिटीज के रोगी हैं वे ऊपर निर्देशित औषधियों को चिकित्सक के परामर्श के अनुसार सेवन करअपनी बीमारी से निजात पा सकते हैं ।। साधना छिरोल्या, दमोह (म. प्र.) ।।

Leave a Comment