मधुमेह के लक्षण व इलाज । Diabetes ka gharelu upchaar.

Diabetes ka gharelu upchaar.

Diabetes ka gharelu upchaar. डायबिटीज एक धीमा रोग है। यह रोग इन्सुलिन हार्मोन्स की कमी से होता है। यह वंशानुगातनुसार भी चलता है। यह रोग महिलाओ की अपेक्षा पुरुषों में ज्यादा होता है। यह रोग परिश्रम नही करने पर भी उत्पन्न हो सकता है।

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन सर्वे के अनुसार 2019 तक भारत में करीबन 77 मिलियन मरीज है। जो 2030 में बढ़कर 101 मिलियन हो सकती है । 2045 तक तो यह आकडा आसमान को छू सकता है । जो लगभग 134 .2 मिलियन तक पहुंच सकता है। जो वर्तमान में भारत देश दूसरे नंबर पर है।

मधुमेह का क्या है इन हिंदी । what is diabetes in hindi.

डायबिटीज में मेलेटस (डी एम) जिसमें काफी समय तक रक्त में शुगर की मात्रा बहुत अधिक रहती है। वह उनके लक्षण दिखाई देने लगता है। जिससे सामान्य रूप से मधुमेह कहते हैं।

हमारे शरीर में बनने वाला इंसुलिन एक ऐसा हॉर्मोन है जो ब्लड शुगर की नियंत्रण रखता है । जिसे शरीर में पैंक्रियाज नामक ग्लैंड मे निर्माण होता है। इसके प्रभाव से रक्त में उपस्थित शुगर जो हमारे शरीर के सेल्स में स्टोर या संग्रहित होती है।

मधुमेह वह स्थिति है जिसमे व्यक्ति के शरीर में इंसुलिन बनता ही नहीं है । यदि बनता हैं तो बॉडी के सेल्स इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नही होते है । ऐसी स्थिति में शुगर स्टोर न होकर ब्लड में उपस्थित रहती हैं ।

मधुमेह के प्रकार । Type of diabetes in hindi.

मधुमेह की स्थिति के अनुसार डाइबिटीज के 2 प्रकार होते है –
टाइप 1 – यह मधुमेह जन्म से पाया जाता है । यानी यह डाइबिटीज आनुवंशिक रोग है । जिस परिवार में पिता, दादा को था तो उनके बेटे, पौत्र को होने की सम्भावना रहती है । जिसमे जन्म से इंसुलिन नहीं बनता है । लक्षणों की बात करे तो बार बार पेशाब आना, शरीर में झुनझुनी रहना, अधिक प्यास लगना आदि ।

टाइप 2 – मधुमेह का यह वो प्रकार है जो हमारे द्वारा गलत खानपान एवं अव्यस्थित जीवन शैली के कारण होता है । जिसे हमारे शरीर मे इंसुलिन हार्मोन नहीं बन पाता है । इस प्रकार के शुगर के लक्षण की बात करे तो सरदर्द, थकान या कमजोरी, घाव का न भरना आदि हो सकते है ।

मधुमेह रोग के कारण । causes of Diabetes in hindi.

यह रोग व्यक्ति के उच्च रक्तचाप में शुगर की मात्रा अधिक होने के कारण होता है। जो इंसुलिन हार्मोन को कम करता है। जिससे शरीर की कोशिकाएं ठीक से अपनी प्रतिक्रिया नहीं कर पाती। इनके मुख्य कारण इस प्रकार है –
◆ अधिक मीठा भोजन करना
◆ व्यायाम न करना ।
◆ अव्यस्थित जीवन शैली ।
◆ मोटापा
◆ आनुवंशिकता आदि ।

मधुमेह के लक्षण | Madhumeh ke lakshan.

मधुमेह के निम्न प्रकार के लक्षण दिखाई दे सकता है।
1. शरीर पर चोट लगने पर घाव देरी से भरना ।
2. भूख ज्यादा लगना।
3. पानी बार – बार पीना।
4. अचानक शरीर का वजन घटना या बढ़ना।
5. थकान आना।
6. चिडचिडापन आना।
7. आँखो से धुंधलापन दिखना।
8. एलर्जी होना।
9. ओरल इन्सफेक्शन होना।
10. वजाइनल इन्सफेक्शन होना।

मधुमेह के परहेज । shugar ke parahej.

1. मीठा खाने से परहेज़ करें
2. कार्बोहाईड्रेड वाला पदार्थ खाने से बचे।
3. मीठे शरबत और कोल्ड ड्रिंक नही पीए।
4. आइसक्रीम, केडीज नही खाए।
5. नशीली पदार्थों का सेवन नही करे।
6. धूम्रपान करने से बचे।
7 . वजन नहीं बढ़ाए ।
8. फाइबर व प्रोटीन वाले पोषक तत्वो का उपयोग करे।
9. विटामिन डी भरपुर मात्रा में ले।
10. मांस खाने से बचे ।

मधुमेह के घरेलू उपचार । Diabetes ka gharelu upachar.

सुबह उठने के बाद नित्य काम से निर्वत होने के बाद व्यायाम करे । नियमित व्यायाम करने पर रक्त की ग्लूकोज के स्तर नियंत्रित कर सकता है । प्री -डायबिटीज वाले व्यक्तियों के लिए यह महत्वपूर्ण है । डायबिटीज के रोगी को कम से कम 30 मिनट तक हल्के व्यायाम करना चाहिए । क्योंकि व्यायाम से रक्त का संचार बढ़ता है । वह तनाव और वजन को कम करता है । जैसे – धनुराआसन, कपालभाति प्राणायाम, चलना, स्ट्रेथ ट्रेनिंग, तेराकी, टीमस्पोर्ट्स, डांस, सीढी चढना आदि व्यायाम करना चाहिए ।

पतेदार हरी सब्जी से इलाज | Patte dar hari sabji se Diabetes ka gharelu upchaar.

हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन, फोलेट, मैग्नीशियम, पोटेशियम आदि पोषक तत्व मौजूद होता है। जो शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाता है ।जिसे डायबिटीज को लेवल में रखता है। जैसे – पालक, पतागोभी, मेथी आदि सब्जी का उपयोग करे।

शुगर का हल्दी से इलाज । Haldi se Diabetes ka gharelu upchaar.

हल्दी और काली मिर्च और अदरक के इन सभी को दूध में मिलाकर ले क्योंकि इनमें अनेक प्रकार की औषधीय गुण मौजूद होता है । जिसे डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है ।

मधुमेह का दाल से इलाज | Dal se Diabetes ka gharelu upchaar.

जिसमे 55 जी आई से कम हो उन दलों का उपयोग करें। जैसे मसूर, चना, राजमा, मूंग तुर् आदि । इन सभी दालों में दोनों प्रकार के फाइबर मौजूद होता है। जो मल त्यागने की क्रिया को संतुलित रखता है और पेट में गैस भी नहीं बनती है।

मधुमेह का मसूर दाल से इलाज । Masoor dal se Diabetes ka gharelu upchaar.

मौसम परिवर्तन होने के कारण हमारा पाचन तंत्र में बहुत प्रभाव पड़ता है ऐसे में 4 या 5 दिन तक मसूर दाल का उपयोग जरूर करें । क्योंकि इसमें भरपुर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है । जो दोनों प्रकार के फाइबर घुलनशील व अघुलनशील फाइबर इस दाल में पाए जाते हैं । जो कोलस्ट्रोल लेवल को कम करता है। अधिक जानकारी के लिए पढ़े –

मसूर दाल के फायदे नुकसान । Masoor dal ke fayde 

शुगर का तुलसी से इलाज । Tulsi se Diabetes ka gharelu upchaar.

तुलसी के पत्तों में एंटी ऑक्साइड आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं । जो इंजिनॉल, मैथिल इंजिनॉल, केरियोफैलिन का निर्माण होता है । यह सभी पोषक तत्व मिलकर इंसुलिन जमा होने वाली व छोड़ने वाली शरीर की कोशिकाओं को सुचारू रूप से कार्य करने में सहायता करती है । मधुमेह रोग को कम करने के लिए कम से कम दो या तीन तुलसी के पत्ते खाली पेट लेना चाहिए। और इसका जूस बनाकर भी उपयोग में ले सकते हैं।

मधुमेह का एलोवेरा से इलाज । Aloevara se Diabetes ka gharelu upchaar.

एलोवेरा का जूस बनाकर पीने से शुगर लेवल को कम करने में सहायक होता है । आप इस जूस को सुबह सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ में ले सकते हैं । आप इसे अपने घर पर जूस बनाकर पीना लाभलायक होता। क्योंकि बाजार के ज्यूस में कैमिकल का मिलावट होता है । मेरी सलाह मानो तो बाजार का जूस पीने से बचे ।

एलोवेरा के फायदे नुकसान । Benefits of Aloe vara in hindi.

बनाने की विधि – धृतकुमारी एलोवेरा को छीलकर उसका गूदा निकाल ले । फिर मिक्सर में पीसकर रस बनाकर बोतल में भरकर रख लें । इसके बाद 250 से 500 ग्राम गूडूचिसत पानी को उबालकर नीचे जमा हुआ पदार्थ में 5 ग्राम रस मिलाकर ले। निश्चित आपको लाभ मिलेगा।

अन्य हरी सब्जी का उपयोग करे – जैसे भिंडी, टमाटर, तोराई, लौकी, गाजर आदि सब्जी का उपयोग करना चाहिए। क्योकि इसमे विटामिन ए और सी बहुत ज्यादा होता है। और कैलोरीज की मात्रा भी अधिक नही होती है। जिससे वजन कम करने मे सहायक होती है।

शुगर के लिए आहार । Diabetes diet chart in hindi.

सुबह के नाश्ता में बिना शक्कर की चाय के साथ में हल्का मीठा। 2- 3 बिस्किट ले अंकुरित अनाज के साथ में बिना मलाई का दूध उपयोग करें या फिर बिना तेल के पराठे के साथ में एक कप दही और बिना मलाई वाला दूध का सेवन करें।

सुबह का भोजन – दो रोटी छोटी कटोरी चावल व दही और एक प्लेट सलाद का उपयोग करे।
दोपहर का नाश्ता – दोपहर के भोजन से पहले एक अमरूद, सेब संतरा या पपीता का सेवन करें। दोपहर का भोजन – दोपहर के भोजन में सुबह के भोजन के अनुसार ले सकते हैं। शाम का नाश्ता – बिना शक्कर की चाय के साथ में थोड़ी मात्रा में कम मीठा बिस्किट 2-3 ले सकते हैं।

रात का भोजन – दो रोटी, एक कटोरी सब्जी खाए सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चुटकी भर हल्दी मिलाकर पिए।

मधुमेह रोगी क्या मीठा खाएं | kya Diabetes me meetha kha sakate hai.

डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह पर मीठा खा सकते हैं मीठा में शक्कर की जगह एस्पाट्रिम कम कैलोरी वाला स्वीटनर का उपयोग करना चाहिए आपको कम मात्रा में डार्क चॉकलेट और की खीर स्मूदी पी सकते हैं इसमें आपका ब्लड शुगर लेवल में रहेगा।

डायबिटीज में खाये ये 7 फल । Diabetes fruit in hindi.

1. गाजर – इसमें विटामिन ए और बहुत सारे मिनरल्स पाए जाते हैं जो डायबिटीज के रोगी को इस फल का उपयोग करना चाहिए इस को सब्जी के रूप में भी काम में ले सकते हैं। और गाजर का हलवा बनाकर भी खा सकते है।

2. खीरा – इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है कुकुंबर गर्मियों में खाना शरीर के लिए बहुत अच्छा प्रभाव डालता है और वजन को कम करने में भी सहायक है जो डायबिटीज के रोगी के लिए लाभदायक है। यह गर्मी मे भी ठंडा रहता है।

3. सेव – इस फल में दोनों प्रकार के फाइबर मौजूद होता है। जिसमें ब्लड शुगर को लेवल में रखता है । और वजन को भी नियंत्रित करता है।

4. संतरा – इस फल को फलों में सबसे अच्छा माना गया है । इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर विटामिन सी खोले और पोटेशियम होता है । डायबिटीज के मरीज के लिए यह फल बहुत लाभदायक है । जिसमें डायबिटीज को कंट्रोल में करने में सहायक है।

5. आडू – यह फल पहाड़ी क्षेत्र में आसानी से मिल जाता है । इसको फाइबर फूड भी कहते हैं । क्योंकि इसमें 100 ग्राम आडु में 1.6 ग्राम फाइबर होता है । आडू मगरा क्षेत्र का मुख्य फल है ।

6. अमरूद- इस फल मे लो ग्लाइकेमिक इंडेक्स यानी जीआई होता है । जो 55 से कम होता है जिसमें शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है इसके अलावा अमरूद में विटामिन ए, विटामिन सी, फॉरलेट पोटेशियम तत्व पाया जाता है । जो डायबिटीज के मरीज के लिए फायदेमंद फल है।

7. कीवी – यह एक स्वादिष्ट फल है इसकी महत्वपूर्ण विशेषता यह है। कि यह सभी मौसम में आसानी से मिल जाता है । और इसमें विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है । और एंटीऑक्सीडेंट भी होता है । जो ब्लड शुगर को कंट्रोल रखता है। और शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को भी कम करता है। अधिक जानकारी के पढ़े –

खाली पेट कीवी खाने के फायदे । Kisi khane ke fayde nuksan.

क्या मधुमेह में तरबूज खा सकते है ? Tarbuj in Diabetes in hindi.

यह जल का बना होता है । और 10% छिलका का रहता है ।और इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए विटामिन सी पोटैशियम मैग्निशियम पोषक तत्व मौजूद होते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को गले कैमिक इंडेक्स जीआई 55 से कम वाली चीज उपयोग में करनी चाहिए। बल्कि तरबूज में यह 72 है ।इसलिए इसे सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए । महीने में केवल 4 बार आप तरबूज का सेवन कर सकते हैं इसमें ज्यादा उपयोग करने से हानिकारक प्रभाव भी डाल सकता है।

मधुमेह के लिए ज्युस | Diabetes juice in hindi.

डायबिटीज रोगी को टमाटर का ज्यूस, करेला का ज्युस, एलोवेरा का ज्युस, मूली के पत्ते का ज्युस, खीरे का ज्युस, नीम के पत्तों का ज्युस, संतरे का ज्युस, सेव का ज्युस आदि ज्यूस का उपयोग कर सकते हैं ।

Ayurvedic treatment of Diabetes in hindi.

मधुमेह के लिए आयुर्वेदिक औषधि । Ayurvedic treatment of Diabetes in hindi.

आयुर्वेदिक दवा से डायबिटीज ही नहीं बल्कि अनेक रोगो को जड़ से खत्म कर देता है । आयुर्वेदिक फार्मेसी कंपनी द्वारा गोली, पाउडर अनेक प्रकार की दवाइयां बनी हुई है जिसका उपयोग करने से निजात मिल सकती है।

1. एलोवेरा – सुबह सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा जूस का उपयोग करना चाहिए।
2. गुरमार – गुरमार को जीमनेमा सिल्वेस्ट्रे के नाम से भी जाना जाता है कुछ यौगिक तत्व होते हैं जो डायबिटीज रोगियों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

3. सदाबहार – सदाबहार का दूसरा नाम पेरीविंकल है जो इसका जड़ी बूटियों के रूप में काम मे लिया जाता है । जो डायबिटीज के लिए प्राकृतिक दवा के रूप में कार्य करता है । ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए सहायक है । और उसका पाउडर भी बनता है।

4. आंवला – मधुमेह के रोगी को आंवला का उपयोग करना चाहिए । तथा इसका अचार भी उपयोग कर सकते हैं। क्योंकि इसमें कुछ योगिक तत्व होते जो डायबिटीज रोगियों के लिए सकारात्मक प्रभाव डालता है।

मधुमेह पंतजलि केयर बेस्ट दवा । Diabetes Patnjali treatment.

पंतजलि एक आयुर्वेदिक फार्मेसी है। जिसमें अनेक प्रकार की आयुर्वेदिक दवा बनाई जाती है । जो इस फार्मेसी द्वारा । डायबिटीज के लिए निम्नलिखित प्रकार की दवा है।

1. न्यूट्रीला डायबीटिक केयर – यह दवा डायबिटीज के रोगी के लिए अच्छी दवा है इससे वजन कम करने में मदद मिलती है । इस दवा में सभी प्रकार के विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं।

2. मधुनाशिनी – यह दवा एक लिक्विड और जूस है इस दवा को पीने के रूप में काम में ले सकते हैं।
3. पंतजलि गोली – यह गोली अनेक जड़ी बूटियों से बनी हुई होती है जैसे गिलोय, करेला ,बेलपत्र आदि जड़ी बूटियों से बनी हुई होती है।

4. मधुग्रिट – यह मधुशिनी से मिलती जुलती है केवल फर्क यह है कि मधुशिनी लिक्विड है और यह एक टेबलेट है।

गिलोय घनवटी पंतजलि दवा ।

यह गिलोय से बनी हुई है और इसका उपयोग आपने कोरोना में कांढा पीने के रूप में बहुत किया होगा।

6. मधु कल्पवटी – यह दवा भी गोली के रूप में होती है जो डायबिटीज वालों के लिए फायदेमंद है।
7. नीम घनवटी – यह दवा नीम के पत्ते और बीज से बनती है। यह गोली डायबिटीज वालों के लिए बहुत लाभदायक है।

8. जामुन, नीम, करेला जूस – यह एक लिक्विड है जो नीम,जामुन, करेला से जूस बनता है। इसका उपयोग करने पर मधुमेह रोगी को लाभ पहुंचता है और रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है।

9. मधुमेहरी ग्रैन्दुल – यह भी एक लिक्विड है जो डायबिटीज रोगी को राहत प्रदान करती है।
10. जामुन सीड पाउडर – यह पाउडर जामुन के बीज से बना हुआ होता है जो डायबिटीज रोगी को स्वस्थ रखती है। अधिक जानकारी के लिए योग्य चिकित्सक सलाह लेना अनिवार्य समझे ।। राम सिंह राजसमन्द, राजस्थान ।।