एलोवेरा के फायदे । Benefits of aloevera in hindi

What is Aloevara.

Benefits of aloevera in hindi. अगर आपके भी घर या आपके आसपास में लगा है एलोवेरा तो आपको किसी डॉक्टर की जरूरत नहीं। एलोवेरा ( benefits of Aloevera ) जिसे सामान्य तौर पर ग्वारपाठा या धृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है। हरी-भरी गूदेदार पत्तियों वाला यह पौधा आसानी से हर जगह मिल जाता है । अगर आप साधारण से दिखने वाले इस एलोवेरा के गुणों के बारे में जानेंगे तो चौंक जायेंगे।

हम नियमित तौर पर यदि Aloevera का सेवन करना शुरू कर दें तो हमें किसी दूसरे Health treatment की जरूरत नहीं । ऐसी कोई बीमारी नहीं जिसका निदान एलोवेरा के पास में न हो । तो Global health tricks की इस Aushadhi की कड़ी में चलिए जानते है – एलोवेरा के फायदे । Benefits of aloevera in hindi.


एलोवेरा क्या है । What is Aloevera ?


एलोवेरा एक औषधीय पौधा है । जिसे विभिन्न विटामिन्स एवं एन्टी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है । एलोवेरा एक कंटीली झाड़ी के रूप में पाया जाता है। इसमें मोटे दल वाली लंबी लंबी पत्तियां लगती हैं, जिनके दोनों किनारों पर छोटे-छोटे काँटे होते हैं। एलोवेरा को विभिन्न नामो से जाना जाता है जैसे एलोवेरा, Aloevera, ग्वारपाठा, घृतकुमारी घीकुमार, कुमारी एवं गृहकन्या के नाम से जाना जाता है।

एलोवेरा कहाँ पाया जाता है ?
सामान्यतः एलोवेरा सर्वत्र पाया जाने वाला पौधा है। इसके लिए बलुई सूखी मिट्टी आवश्यक होती है।
● रणथंभोर राष्ट्रीय उद्यान में इसकी पैदावार बहुतायत में की जाती है।
● चमत्कारिक औषधीय गुणों के कारण एलोवेरा जाना जाता है।

एलोवेरा के फायदे । Benefits of aloevera in hindi.


एलोवेरा में औषधीय गुण भरपूर मात्रा में पाये जाते है । इसमें प्राकृतिक रूप से विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन B12 तथा फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। एलोवेरा Aloevera के प्रयोग से कौन सी बीमारियां नहीं होंगी । एलोवेरा बालों से लेकर पैर के अंगूठे तक सभी समस्याओं का निदान करने की ताकत रखता है ।

हेयर ट्रीटमेंट या केश चिकित्सा । Benefits of aloevera for hair treat.


● बालों को काला एवं चमकदार बनाने के साथ-साथ लम्बा, घना एवं मजबूत बनाता है।
● हेयर फॉल, डेंड्रफ बालों का पतला, होना दो मुहे बाल, बाल उड़ना या पकना इन सभी समस्याओं को दूर करता है ।
● एलोवेरा का बालों में लेप करने या मेहंदी के साथ पेस्ट बनाकर लगाने से बाल मजबूत और चमकदार होते हैं ।

शिरो चिकित्सा में उपयोग । Benefits of aloevera for Head treatment.


● किसी भी प्रकार का सिर दर्द, माइग्रेन आधासीसी, सिर का भारीपन, आँखों की सूजन, कम्प्यूटर पर देर तक काम करने से हुए सिर दर्द सभी में लाभकारी।
● एलोवेरा की पत्तियों का लेप लगाने से सिर दर्द में लाभ मिलता है।

आँख, नाक, गला, कान चिकित्सा । Benefits of Aloevera for Eye, nose, throat, ear.


◆ आँखों का लाल होना, कम दिखना, इंफेक्शन, पानी आना, सूखी आँखें, आँखों के किनारे ज्यादा गंदगी बनना आदि सभी समस्याओं में भी एलोवेरा से चमत्कारिक लाभ मिलता है।
◆ कान में दर्द होने पर जिस कान में दर्द है उससे अलग कान में एलोवेरा का जूस बनाकर गुनगुना करके डालने पर लाभ मिलता है।
◆ मुँह व गले के छाले, पेट के अल्सर में भी लाभकारी।
◆ नाक में 2 – 3 बूँद रस डालने से नजला, जुकाम जैसी समस्या से मुक्ति मिलती है।

त्वचा चिकित्सा के लिए उपयोग । Benefits of aloevera for Skin treatment

★ त्वचा को जवान और कांतिमय बनाए रखने में एलोवेरा बेजोड़ है।
★ कील, मुंहासे, काले धब्बे, डार्क सर्कल, त्वचा का चमकहीन व बेजान होना ,
★ उम्र के पहले dull व बूढ़ा दिखना यह सारी समस्याएं अब छूमंतर हो जाएगी ।


★ एलोवेरा के पत्ते के छिलके हटाकर उसके गूदे (pulp) का पेस्ट बनाकर लगाने से सारी समस्याएं रफूचक्कर हो जाएंगे।
★ इसके साथ ही चर्म रोग, फोड़े फुंसी, दाग धब्बों, चोट, मोच, घाव को ठीक करता है।
★ एलोवेरा skin guard का काम करता है कट लगने या असाध्य घाव होने पर ठीक करता है।


★ घाव जल्दी भर जाता है । त्वचा के ऊपरी तरफ से एलोवेरा वही काम करता है जो त्वचा के कटने पर अंदर से त्वचा के घाव भरने की प्रक्रिया होती हैं।
★ कहीं भी चोट लगने, मोच लगने, सूजन होने पर एलोवेरा के पत्ते का एक तरफ से छिलका हटाकर उस पर हल्दी एवं फिटकरी लगाकर बांधने से पीड़ा व सूजन दूर हो जाती है।


★ दाद खाज खुजली में भी लाभकारी है
★ skin burn होने पर सनस्क्रीन लोशन का काम करता है
★ बेजान रूखी ढीली तथा झुर्रीदार त्वचा को फिर से कांतिमय चमकदार करके कसावट लाता है। और चिर युवा बनाए रखता है।
★ dull व रूखे नाखून भी एलोवेरा की मसाज से लंबे चमकदार व मजबूत होते हैं।

पेट की प्रॉब्लम हेतु उपयोग । Benefits of Aloevera for Stomach treatment.


◆ पेटदर्द , पेट की गांठ, कब्ज, गैस, वायु के गोले, आँतों में जमा गंदगी में भी एलोवेरा रामबाण है।
◆ एलोवेरा पेट साफ करता है।
◆ इसका अधिक सेवन लूज मोशन का भी कारण हो सकता है।


◆ लिवर की खराबी होने पर एलोवेरा का प्रयोग लाभकारी है।
◆ एलोवेरा रक्त संचार बढ़ाने में मददगार हैं।
◆ खून के थक्के जमना, खून की कमी नाखूनों का नीलापन,पीलापन दूर कर सुधार करता है ।
◆ एलोवेरा रक्त शोधन भी करता है जिससे स्किन पर कील – मुहांसों की समस्या से मुक्ति मिलती है।


◆ मासिक धर्म से संबंधित परेशानी जैसे पेट दर्द, कमर दर्द, चिड़चिड़ापन, अधिक या कम रक्त स्त्राव में भी लाभकारी है।
◆ मासिक धर्म को नियमित करता है
◆ लीवर कमजोर या खराब होने पर एलोवेरा का प्रयोग लीवर को मजबूती प्रदान कर ठीक करता है ।
◆ पाचन क्षमता को बढ़ाता है।


◆ खूनी बवासीर, piles के लिए, पीलिया, तिल्ली (प्लीहा) spleen disorder एवं चेचक के घाव में भी गुणकारी।
◆ जोड़ों के दर्द घुटने के दर्द गठिया बाय की सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए प्राचीन काल से ही हमारे बड़े बुजुर्ग एलोवेरा का प्रयोग करते आए हैं।

Benefits of aloevera in hindi.


एलोवेरा का उपयोग किन रूपों में किया जा सकता है । 


◆ एलोवेरा की पत्तियों का गूदा, pulp, दल या गिरी को निकालकर जो पारदर्शी जैली जैसी होती है उसका जूस बनाकर सेवन किया जा सकता है।
◆ एलोवेरा के जैली का चटपटा अचार, सब्जी बनाकर प्रयोग किया जा सकता है।
◆ एलोवेरा की फली का भी अचार बनाकर प्रयोग करते हैं।
◆ एलोवेरा जेल से लड्डू बनाकर उपयोग किया जाता है ।


◆ एलोवेरा जेल को पीसकर उससे आटा गूँथकर बहुत मोटी रोटी सेककर चूरमा बनाकर भी रोजाना इसका सेवन करने से
जोड़ों के दर्द, गठिया, घुटने में दर्द, कमर दर्द में लाभ मिलता है।
◆ एलोवेरा भस्म के रूप में भी प्रयोग आती है ।
◆ धृतकुमारी आसव, अवलेह के रूप में भी उपलब्ध है।
◆ धृत कुमारी वटी ( टेबलेट) भी बाजार में उपलब्ध है।


◆ ग्वारपाठे का पाक बनाकर भी उपयोग किया जा सकता है
◆ इसकी जड़ को पानी में उबालकर काढ़े के रूप में भी प्रयोग किया जाता है
◆ इसके फूलों का चूर्ण भी उपयोग में लाया जाता है ।
एलोवेरा जेल को कई दिनों तक कुछ औषधियों के साथ मिट्टी के घड़ों में रखकर उसके सूखने तक आग में पकाकर भस्म या चूर्ण रूप में भी औषधि बनाकर उपलब्ध करवाया जाता है।


एलोवेरा के नुकसान । side effects of aloevera –


एलोवेरा जैसे औषधीय पौधों के बहुत सारे फायदे होते है वही कुछ नुकसानदायक भी होते है । जो सावधानी पूर्वक सेवन न करने से होते है । जैसे स्किन पर दाने, बालों में नुकसान, खाज – खुजली, एलर्जी, पेट की प्रॉब्लम, सीने में दर्द एवं सांस लेने में तकलीफ आदि प्रॉब्लम खड़ी हो सकती है । जिस प्रकार एक औषधि का सकारात्मक परिणाम स्थायी होता है वही नकारात्मक प्रभाव में लंबे समय तक रह सकता है । अतः इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी औषधि को उपयोग करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना हितकर समझे । 

FAQ

Q1. एलोवेरा कौन सी बीमारी में काम आता है ?
Ans एलोवेरा अनेकों बीमारियों में काम आता है जैसे खून की कमी, इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने, बवासीर के लिए, मधुमेह के लिए उपयोग में लिया जाता है । इसके अलावा त्वचा के जलने, कटने पर, अंदरूनी चोटों, स्किन ट्रीटमेंट के लिए काम आता है । एलोवेरा में एंटी बैक्टेरिया और एंटी फंगल गुणों से भरपूर होता है

Q2. एलोवेरा जूस कितने दिन पीना चाहिए ?
Aloevara एक ऐसा पौधा है जिसमे 98% जल की मात्रा पाई जाती है । यही कारण है कि लगातार एक सप्ताह तक एलोवेरा जूस पीने से प्रभावशाली तरीके से काम करता है ।

Q3. रात को एलोवेरा लगाने से क्या होता है ?
Ans – एलोवेरा एक आयुर्वेदिक औषधि है जो हर बीमारी में काम आता है । स्किन पर रात को सोने से पहले लगाने से स्किन की रौनक 5 गुना बढ़ जाती है ।


Q4. एलोवेरा की तासीर क्या है ?
Ans – औषधीय गुणों से भरपूर एलोवेरा बहुत फायदेमंद होता है लेकिन यदि इनका ठीक से उपयोग नहीं किया जाए तो नुकसान पहुंचा सकता है । क्योंकि इनकी तासीर गर्म होती है जो आपको पेट दर्द, रक्त स्त्राव, डायवर्टिकुलोसिस, लेटेक्स कोलाइटिस, आंतो की प्रॉब्लम, एपेंडीसिटीस एवं एलर्जी जैसी प्रॉब्लम हो सकती है । इसलिए इनका उपयोग करने से चिकित्सा सलाह अवश्य लें ।

Q5. सबसे अच्छा एलोवेरा कौन सा है ?
Ans – एलोवेरा में प्राकृतिक गुणों से भरपूर है । ये पूर्ण रूप से शुद्ध होता है । लेकिन आज की बढ़ती टेक्नोलॉजी ने शुद्ध रूप दिया जाता है । मार्केट में अनेकों कंपनिया उपलब्ध है जिनमे से वाओ एलोवेरा ब्यूटी जेल वाओ कंपनी एक है । यह जेल पौष्टिक एवं मॉइस्चराइजिंग गुणों से भरपूर है जो स्किन के साथ-साथ बालों की केअर करता है।

Q6. एलोवेरा जूस कैसे पीना चाहिए ?
Ans – एलोवेरा का जूस पीने के लिए सबसे पहले पत्ते को भूनकर उनमें से रस निकाल कर एक कप गर्म पानी के साथ लेने से फायदा होता है । जो खाँसी जुकाम, मुँह में छाले एवं त्वचा पर घाव – जलन के लिए उपयोगी होता है ।


Q7. एलोवेरा के नुकसान क्या है ?
Ans – एलोवेरा के जहाँ फायदे होते है वही कुछ नुकसान भी होते है । ये नुकसान तब होते जब इनका अधिक सेवन हो या बिना चिकित्सा सलाह से इस्तेमाल हो । Side Effects Of Aloe Vera रूप में एलर्जी, खुजली, स्किन पर दाने, सीने में दर्द, सांस की प्रॉब्लम एवं गले की प्रॉब्लम हो सकती है ।

Q8. एलोवेरा को कैसे खाना चाहिए ?
Ans – एलोवेरा का हर पार्ट उपयोगी है जहां खाने की बात है तो सबसे पहले एलोवेरा के पत्तों को धोकर सलाद बनाकर सेवन कर सकते है । इम्युनिटी इनक्रीस करने के लिए एलोवेरा को गिलोय, नींबू एवं आवंला के साथ मिलाकर जूस के रूप में पी सकते है ।


Q9. सुबह खाली पेट एलोवेरा खाने से क्या होता है ?
Ans – एलोवेरा एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसमें एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण भरपूर मात्रा में पाया जाता है । सुबह खाली पेट इनका जूस पीने से अनेकों बीमारियों से निजात मिलती है जैसे सरदर्द, डिप्रेशन एवं इम्युनिटी बूस्ट होती है ।


Q10. एलोवेरा का कौन सा भाग उपयोग किया जाता है ?
Ans – एलोवेरा की पत्तियां जड़ और फूल को उपयोग में लिया जाता है ।


Q11. एलोवेरा को कितनी मात्रा में उपयोग करना चाहिए ?
Ans. – एलोवेरा को विभिन्न प्रकार से उपयोग में लिया जाता है । जैसे काढे 25 से 30 ml, एलोवेरा जूस को लगभग 1 या 2 गिलास तक एवं वटी या टेबलेट -2 – 2 चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपयोग में लेना चाहिए ।

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