धातु रोग की दवा पंतजलि । Purush Dhatu Rog ki dawa Patanjali.

Purush Dhatu Rog ki dawa Patanjali.

धातु रोग की दवा पंतजलि । Purush Dhatu Rog ki dawa Patanjali. बदलते हुए खानपान एवं जीवनशैली की बदौलत कई प्रकार की शारिरिक प्रॉब्लम को जन्म दिया है उनमें से धात यानी धातू रोग भी एक है । चूंकि यह कोई बड़ी प्रॉब्लम नहीं है लेकिन शरीर को कमजोर अवश्य कर देती हैं । यह महिलाओं एवं पुरुषों में पाई जाती हैं । यह प्रॉब्लम लगातार रहने पर इलाज करने की आवश्यकता होती है ।

धातु रोग युवाओं में होने वाली एक ऐसी प्रॉब्लम हैं जिससे पेशाब के साथ धातू यानी वीर्य गिरता है । इसे अंग्रेजी भाषा में Spermatorrhoea कहा जाता है । आयुर्वेद की भाषा में शुक्रमेह ( Shukrameh ) कहते है । यह एक चिपचिपा सा पदार्थ होता है । जो पेशाब के लार के रूप में गिरता है । इस प्रॉब्लम का मुख्य कारण अत्यधिक रतिक्रीड़ा करना, हस्थमैथुन करना या नशीली वस्तुओं के सेवन करने से होती हैं ।

एक्सपर्ट के अनुसार धातु रोग ( Dhatu rog ) का इलाज आयुर्वेद में सम्भव है । इसी होम्योपैथी एवं पतंजलि में भी कुछ दवाएं उपलब्ध हैं जो धातु रोग के लिए कारगर है तो चलिए जानते है – धातु रोग के बारे में –

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धातु रोग के बारे में बताइये ?

धातु रोग महिलाओं एवं पुरुषों में पाई जाने वाली एक गुप्त समस्या है । जिसमें पेशाब के साथ धातु निकलता है । इसी प्रकार स्वप्नदोष, शीघ्रस्खलन भी इसी श्रेणी में रखा जाता है । धातू रोग में पेशाब में चिपचिपा सा सफेद रंग का पदार्थ गिरना, मल के साथ धातू गिरना आदि शामिल है ।

धातु एक सफेद रंग का पतला सा, चिपचिपा होता है जो पेशाब करने के पहले या बाद में लिंग से टपकता हैं । इसी मल एवं बलगम के साथ भी आ सकता है ।

एक्सपर्ट के अनुसार पोर्न फिल्में देखने, अधिक सेक्स करने, अति उत्तेजना रखने, कम उम्र में हस्तमैथून करने, लिंग की नसों की कमजोरी एवं बॉडी में पोषक तत्वों की कमी के कारण पेशाब में धातु गिरने की प्रॉब्लम होती हैं ।
धातु रोग का इलाज पतंजलि एवं आयुर्वेद में शत प्रतिशत प्रभावी है । आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का सेवन करके इस रोग से बचा जा सकता है तो चलिए जानते है – Peshab me Dhata jane ki dawa Patanjali. के बारे में –

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धातु रोग की दवा पंतजलि । Dhatu rog ka ilaaj Patanjali.

पतंजलि बाबा रामदेव द्वारा विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों द्वारा निर्मित एक आयुर्वेदिक ब्रांड हैं जो अन्य ब्रांडो के मुकाबले किफायती एवं उपयोगी है । पतंजलि ब्रांडो ने बहुत ही कम समय में देश दुनिया में अपना परचम फहराया है ।

पतंजलि में धातु रोग की दवा के रूप में बहुत सारे टॉनिक उपलब्ध हैं उनमें से कुछ उपयोगी दवाओं के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं । इन दवाओं का उपयोग वैध की सलाह के अनुसार या पैकेट पर दी गई जानकारी के अनुसार करें तो चलिए जानते है – धातु रोग की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि –

पेशाब में धात जाने की दवा Patanjali. चंद्रप्रभा वटी । Chandraprabha Vati in Hindi.

चंद्रप्रभा वटी एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जिसमे विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों जैसे – चित्रक, कपूर, देवदारू, दारु हल्दी, नागर मोथा, पीपल, धनिया, सेंधानमक, कालीमिर्च, सौठ, चव्य जैसी औषधियों के समिश्रण से तैयार की जाती हैं ।

यह न केवल धातु रोग बल्कि गठिया रोग के लिए भी फायदेमंद होते हैं । यह रक्त में हीमोग्लोबिन स्तर को भी बढ़ाने में कारगर है । गुप्त रोगों जैसे शीघ्रपतन या शीघ्रस्खलन, धात रोग के लिए रामबाण औषधि के रूप में कार्य करता है ।

पतंजलि दिव्य चंद्रप्रभा वटी का नियमित रूप से सेवन करने पर धातु रोग से मुक्ति मिलती है । वही शीघ्रस्खलन एवं अन्य रोग जैसे गठिया रोग, रक्त की कमी, नसों व मांशपेशियों की कमजोरी दूर होती हैं । आयुर्वेद के अनुसार इनका कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है लेकिन रोगी की सलाह दी जाती हैं कि अधिक खुराक सेवन करने से बचे ।

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पुरुष धात रोग की दवा पतंजलि दिव्य यौवनामृत वटी । Patanjali Divya yauwan vati.

यह पतंजलि की सबसे अच्छी यौन दुर्बलता की दवा है । यौवनामृत वटी में उपस्थित विभिन्न प्रकार के तत्व जैसे कौच के बीज, शतावरी, शिलाजीत, सफेद मूसली, जायफल, जावित्री, स्वर्ण भस्म, वांग भस्म, पानरस, अश्वगंधा एवं अकरकरा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से तैयार की जाती है ।

यौवनामृत वटी विभिन्न प्रकार के यौन विकारों जैसे शीघ्रस्खलन, धातु रोग, स्पर्म की कमी एवं लिंग की समस्या आदि के लिए रामबाण दवा के रूप में कारगर है । इसके अलावा रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में लाभदायक है । यह दवा विशेष रूप से सेक्सुअल प्रॉब्लम के लिए लाभकारी मानी जाती है ।

आयुर्वेद के अनुसार इस दवा का कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है लेकिन 18 से कम आयु के लोग सेवन करने से परहेज करें । इसी प्रकार उच्च रक्तचाप एवं अन्य बीमारियों का ट्रीटमेंट ले रहे मरीज़ इनका सेवन योग्य वैध की सलाह से करें ।

धातु रोग की दवा पंतजलि दिव्य शिलाजीत रसायन वटी । Patanjali Divya Shilajeet Rasayan Vati.

पतंजलि ब्रांड की यह एक आयुर्वेदिक दवा है । यह विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों जैसे भूमि आँवला, अश्वगंधा, जलीय अर्क, बहेड़ा, आवंला, हरड़ एवं शिलाजीत जैसी शक्तिशाली औषधीय मिश्रण युक्त चूर्ण हैं । जो विभिन्न प्रकार के यौन रोग जैसे स्वप्नदोष, धातु रोग, लिकोरिया, सुजाक आदि के लिए रामबाण दवा है ।

आयुर्वेद के अनुसार यह दवा वात शामक एवं वीर्यवर्धक हैं । इनका नियमित रूप से उपयोग करने से प्रजजन संस्थान के रोगों से मुक्ति मिलती हैं । यह वीर्य को पुष्ट करके धात रोग की प्रॉब्लम दूर करने में सहायक है । इनके सेवन करने से वीर्य बलशाली होता है । शुक्राणुओं की कमी दूर होती हैं ।

एक्सपर्ट के अनुसार इनका कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है फिर योग्य वैध की सलाह से उपयोग करे । दिनभर की 2 गोली से अधिक खुराक सेवन न करें ।

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धातु रोग की दवा पंतजलि यौवन चूर्ण । Patanjali Youvan Churna.

यह पतंजलि का एक प्रकार का धातु पौष्टिक चूर्ण हैं । जिनका उपयोग विशेष रूप से पुरुषों की लैंगिक प्रॉब्लम के लिए किया जाता है । पुरुषों में होने वाली विभिन्न प्रकार की यौन प्रॉब्लम जैसे – मर्दाना कमजोरी, बाझपन, नपुंसकता आदि के इलाज के लिए किया जाता हैं । यह थकान एवं मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक है ।

इसमें उपस्थित आयुर्वेदिक तत्व जैसे – पलाश, बहमन सफेद, जहर मोहरा भस्म, बंग भस्म, नीलगिरी एवं अश्वगंधा जैसी शक्तिशाली जड़ी बूटियों शामिल है । इनका नियमित रूप से सेवन करने पर शीघ्रस्खलन, पेशाब में धात गिरना, पेनिस प्रॉब्लम, शुक्राणुओं की कमी दूर होती हैं । इनका कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है फिर भी अनुशासित खुराक सेवन करें ।

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धातु रोग की देसी दवा एवं घरेलू उपचार । Dhatu rog ki desi dawa.

आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियां हैं जो विभिन्न प्रकार के यौन रोगों के लिए रामबाण औषधि है । इनका उपयोग घर पर ही आसानी से कर सकते है । यह औषधियां धातु रोग के लिए भी लाभकारी हैं तो चलिए जानते है – धातु रोग की जड़ी बूटी के बारे में –

  1. धातु रोग दूर करने के लिए 2 गिलास पानी में 15g तुलसी के पत्ते एवं 50g इलायची पाउडर को मन्दी आंच पर उबालकर पिए । ध्यान रखें कि इसे तब तक उबाले जब तक 1/4 पानी शेष रहे । अब शेष बचे काढ़े को आधा कप सुबह शाम खाली पेट सेवन करें । यह काढ़ा धातु रोग के लिए प्रभावी है । इनका उपयोग 3 दिन तक लगातार करें ।
  2. आयुर्वेद के अनुसार अश्वगंधा, कौच के बीज, सफेद मूसली एवं शतावरी को समान रूप से मिश्रण तैयार करें । इन औषधियों के मिश्रण से बने पाउडर को रोजाना एक एक चम्मच को सुबह शाम गुनगुने दूध के साथ सेवन करने से धातु रोग प्रॉब्लम सप्ताह भर में ठीक हो जाएंगी ।
  3. इसी प्रकार भिंडी पाउडर भी धातु रोग के लिए लाभकारी औषधि है । इनका उपयोग रोजाना अनुशासित खुराक के साथ यानी एक चम्मच पाउडर को गुनगुने दूध के साथ लगभग 1 से 2 महीने तक लेने से फायदा होता है ।

अगर परहेज की बात करें तो इन धातु रोग की देसी दवा / इलाज का उपयोग करते समय किसी प्रकार की तली भुनी वस्तुओं का सेवन करने से परहेज करें । इसी प्रकार नशीले पदार्थ एवं पोर्न फिल्मों से दूर रहे । सम्भव हो तो ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करें ताकि वीर्य पुष्ट रहे ।

धातु रोग का रामबाण इलाज । Dhatu rog ka Ramban ilaaj.

जैसा कि आप जानते है धातु रोग युवाओं में होने वाली एक लैगिंग प्रॉब्लम हैं । जिनका मुख्य कारण संभोग के प्रति अति उत्तेजना एवं विपरीत लिंगी के प्रति कपोल कल्पना है। जो इस उम्र होना जायज है । विपरीत लिंगी के प्रति या उनके साथ हमबिस्तर होने की कोरी कल्पना इस रोग को जन्म देती हैं । तो 2 कारणों के मद्देनजर यही कहा जा सकता है कि इनका इलाज किसी दवा या औषधि के सेवन के बजाय खुद के पास है ।
जी हां इनका इलाज आप स्वयं बिना किसी दवा के कर सकते है । जो इस प्रकार है –

  • अपने मन की कल्पना पर काबू करें ।
  • सेक्स उत्तेजना पार्टनर के मिलन पर बढ़ाये ।
  • अपने दिमाग को अतिरिक्त या व्यर्थ की बातों से दूर रखें ।
  • पोर्न फिल्म या वीडियो, फ़ोटो न देखे यहां तक कि अश्लील बातो से दूर रहे ।
  • सुबह जल्दी उठे क्योंकि यह कोरी कल्पना ज्यादातर सुबह के समय आती हैं ।

उपरोक्त सभी बिन्दुओ पर गौर करें एवं पालन करें । यदि इनके बावजूद भी यह प्रॉब्लम होती हैं तो खानपान पर ध्यान दे जैसे सन्तुलित आहार सेवन करें, रोजाना दही खाए, मेथी का सेवन करें, फलो में केले का सेवन करें । इसी प्रकार कच्चे लहसुन, प्याज आदि का सेवन करें । तो उम्मीद करते हैं आज का लेख ( धातु रोग की दवा पंतजलि । Purush Dhatu rog ki dawa patanjali. ) आपके लिए उपयोगी रहा होगा । आप अपने विचार हमारे कमेंट बॉक्स में लिखें ।

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