महिलाओं में एनीमिया के कारण एवं लक्षण । Anemia in women

Anemia in women.


Anemia in women. एक स्थिति है जिसमे रक्त में हीमोग्लोबिन ( HB ) की कमी हो जाती है । HB लाल कोशिकाओं में ऑक्सीजन संग्रह करने एवं शरीर के अन्य भागों में पहुँचाने कार्य करता है । जब हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है तो शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति ठीक नहीं हो पाती है औऱ Anemia के शिकार हो जाते है । चूंकि एनीमिया किसी को भी हो सकता है चाहे महिला हो या पुरुष या फिर बच्चे लेकिन सबसे ज्यादा महिलाओं में ( Anemia in women ) पाया जाता है । 


Anemia in women होने का सबसे बड़ा कारण है यह कि सेहत पर ठीक से ध्यान नहीं देती है और फिर पीरियड एवं प्रेग्नेंसी । World health organization के अनुसार संसार में तकरीबन 46.8 करोड़ गैर – गर्भवती महिलाएं खून की कमी का सामना कर रही हैं। नेशनल फैमिली एंड हेल्थकेयर सर्वे ( 2015-16 ) में बताया गया कि हरियाणा में तकरीबन 65 फीसदी के आसपास महिलाएँ एनीमिया से जूझ रही हैं। WHO ने तो यहाँ तक कहा है कि जब हीमोग्लोबिन की मात्रा 11 ग्राम से कम हो जाए तब हम इसे एनीमिया की परिभाषा समझेगे। पूरे संसार में एनीमिया की समस्या करीब 41 % आंकी गई है। और विकासशील देशों में यह लगभग 75 % है।


Anemia in women । महिलाओं में एनीमिया क्या है ?


जब भी दुनियाभर में सर्वे हुए तभी महिलाओं में इस बीमारी के आकड़े सबसे अधिक संख्या में देखे गये। महिलाएँ अपना ध्यान नहीं रखती और उनके शरीर में आयरन की कमी ( low iron ) हो जाती है। शरीर में फोलिक एसिड, विटामिन C, विटामिन A या B12 आदि की थोड़ी सी कमी कमी होने पर भी आयरन की कमी हो जाती है। विटामिन C शरीर में आयरन पहुंचाने के लिए काफी मददगार साबित होते देखा गया है। तो चलिए Global Health Tricks में जानते है – महिलाओं में एनीमिया के कारण एवं लक्षण । Anemia in women –

symptoms of anemia in women. महिलाओं में एनीमिया के लक्षण –


भारत में अकेले महिलाओं मे ही खून की कमी के मामले 170 वें नंबर पर हैं। NFHS  4 के अनुसार हरियाणा में 62 फीसदी महिलाओं में खून की कमी पाई गई है। आयरन, विटामिन B12, विटामिन C और अन्य पोषक तत्वों की कमी ही मुख्य कारण है ।
महिलाओं मे एनीमिया की बीमारी का होना । लौह तत्व या आयरन की कमी से होने वाली यह बीमारी भारत में स्वास्थ्य विभाग और अन्य हितधारकों के बीच काफी गंभीर व चिंता का विषय बनी हुई है। जानते हैं –

Mahilaon me animiya ke lakshan – 


◆ महिलाओं में अत्यधिक थकान का होना।

◆  थोड़ा सा काम करते ही ऐसा लगना कि शरीर अब आगे और काम नहीं कर पायेगा।

◆  दिल में घबराहट होना और हृदय की धड़कन का तेज़ हो जाना।

◆  Consentration के साथ work नहीं कर पाना।

◆  कुछ कुछ बातों को भूल जाना या सामान रखकर याद ना रहना।

◆  नींद ठीक से ना आना और रातो को जागना।

◆ अगर शरीर में लौहतत्व की कमी होगी तो मुँह में दर्द हो जायेगा और इससे महिला बहुत असहज महसूस करेगी।

◆ मुँह का स्वाद बदल जाना ।

◆  कुछ भी खाने की इच्छा ना होना चाहे अपना मनपसंद भोजन ही क्यों ना सामने हो।

◆ एक और बीमारी देखी गई है जिसे पिका कहते हैं। इसमें भोजन की बजाय कुछ और चीज़े खाने का मन करता है जैसे कि कागज़ को चबाना, बरफ को दांतो से काट कर खाना या और भी कुछ ऐसी चीज़े जो एक सामान्य व्यक्ति नहीं खाना पसंद करता। 

◆ एक महत्वपूर्ण लक्षण आयरन की कमी से नाखून ऊपर की तरफ मुड़ने शुरु हो जाते हैं।

◆ Vitamines B12 की deficiency से महिलाओ के हाथो व पैरो में एक अजीब सी hardness आ जाती है जो महिलाओ को काम करते या चलते समय ऐसा महसूस करवाती है कि बहुत भारी सा लग रहा है ।

Postpartum Anemia In Hindi.


महिलाओं में एनीमिया के कारण – 

हमारे समाज में आप सभी ने देखा होगा कि घर परिवार की महिलाएँ पहले सबको भोजन खिलाती हैं और बाद में खुद भोजन करती हैं। कहीं कहीं पर तो ऐसा भी देखा गया है कि महिलाएँ सूखी रोटी खा लेती हैं और परिवार वालो को दूध दही सब देती हैं।


इसके अतिरिक्त माँ बनने के बाद महिलाएं इतनी व्यस्त हो जाती हैं और खुद का ही ध्यान नहीं रख पाती । delivery ईश्वर का एक ऐसा वरदान है जो महिला को नया जीवन प्रदान करता है। इसके बाद महिला के शरीर में अनेको तरह की कमियाँ आ ही जाती हैं। जिनको खाने पीने से ही दूर किया जा सकता है। यदि महिलाएँ अपनी सेहत का ध्यान डिलीवरी के बाद नहीं रखेगीं तो अनेको स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्याएं आ सकती हैं। जिनमे से एक पोस्टपार्टम एनीमिया है। प्रसव के बाद 60 फीसदी महिलाएँ इसी से ग्रस्त होती देखी गई हैं ।


Postpartum Anemia In Hindi –

डिलीवरी के बाद अपनी सेहत का ध्यान न रखने से महिलाओ को पोस्टपार्टम एनीमिया भी सकता है। प्रसव के बाद अधिकतर महिलाएं इसी से ग्रस्त होती हैं। पहले जानते है कि पोस्टपार्टम एनीमिया क्या है ?


शरीर में शक्ति व ताकत के लिए आयरन बहुत महत्वपूर्ण होता है। और पोस्टपार्टम एनीमिया आयरन की कमी के ही कारण महिलाओं में पैदा हो जाता है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि महिलाओं में पोस्टपार्टम एनीमिया के अंतर्गत एक सप्‍ताह में ही हीमोग्‍लोबिन का level लगभग 110 G/ L से कम हो जाता है। and 8 weeks के अंदर अंदर 120 G/ L से कम हो जाता है। हम यहाँ महिलाओ में after pragnancy anemia के कारणो पर भी एक नज़र डालते हैं –

After pragnancy anemia causes in hindi. डिलीवरी के बाद एनीमिया के कारण –

सही आहार की कमी – During pragnancy proper diets यानि कि आयरन ना  लेने के कारण महिलाओं में पोस्‍टपार्टम एनीमिया हो जाता है। प्रेगनेंट महिला को रोजाना तकरीबन 4.4 मिग्रा आयरन की need  होती है। इसके लिए डाक्टर महिला को भोजन के साथ साथ आयरन की कुछ दवाईयाँ भी लेने की सलाह देते हैं ।

रक्त का अधिक बह जाना – दूसरा कारण महिलाएँ जब baby conceive करती हैं तब उससे पहले menses मे अधिक खून बह जाता है जिस कारण आयरन की कमी हो जाती है।  


पेरिपार्टम ब्लड लॉस – जब delivery होती है तब महिला का खून इतना अधिक बहता है कि महिला को इस बात का अंदाज़ा भी नहीं होता कि उनके शरीर से इतना  सारा खून बच्चे को जन्म देने के दौरान निकला है। यह भी एक कारण है शरीर में एनीमिया का खतरा बढ़ना। 


आँतो की बीमारी – जिस बारे में हम सभी अधिक ध्यान नहीं देते वह हैं हमारी आँते। आँतो की अनेको ऐसी बीमारियाँ होती हैं जिनके नाम भी हमने कभी नहीं सुने होगें inflamentary bowl dease, ( इंफ्लामेट्री बाउल डिजीज ),  क्रोन डिजीज़ सिलिएक डिजीज, बीमारियों में आयरन को अवशोषण में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।


Postpartum Anemia symptoms in hindi –

पोस्टपार्टम एनीमिया के लक्षण क्या व कैसे होते हैं –

◆ महिला की डिलीवरी के पश्चात अचानक उसे अत्यधिक थकान होने लगती है। 

◆  skin पर मायूसी छा जाती है। 

◆  शरीर व चेहरे का रंग पीला पड़ जाता है।

◆ कमज़ोरी के कारण महिला में चिड़चिड़ापन आ जाता है।

◆  उसके सोचने समझने की शक्ति क्षीण सी प्रतीत होने लगती है।

◆ स्तनो में बच्चे के लिए दूध कम आना शुरू हो जाता है।

◆ सिर दर्द व चक्कर आते रहते हैं ।

◆ सांस लेने में भी महिला सहज महसूस नहीं कर पाती ।

◆ दिल की धड़कन बढ़ जाती है।

◆  यौन इच्छा कम हो जाती है।

◆  बार बार बीमार होने लगती है।

◆  इम्युनिटी शक्ति कम हो जाती है।


महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम कैसे करें | Mahilaon me Anemia ki roktham kaise karen.

जब हम Anemia in women की बात कर ही रहे हैं तो आगे यह भी जान लेते हैं कि अगर महिलाओ म़े पोस्टपार्टम एनीमिया के लक्षण व कारणो का पता चल चुका है तो ईलाज के बारे में जानना भी ज़रूरी है ।


● Daily भोजन में लगभग 100 से 200 मिग्रा आयरन लें।

● यदि समस्या तब भी ज्यों की त्यों बनी हुई है तो नस के जरिए भी 800 से 1400 मिग्रा आयरन चढ़ाने की सलाह डाक्टर देते हैं।

● खून में आयरन की पूर्ति हेतु हरी सब्जियों को अत्यधिक मात्रा में खाएं।

● दालें, टोफू आलू मटर का अत्यधिक उपयोग करें।

● चाय कम से कम पीयें ।

●  विटामिन युक्त चीज़े खाएं । एक घरेलू ईलाज जो बहुत सस्ता है यह भी जानते हैं आंवला व जामुन का रस मिलाकर पीने से हीमोग्लोबिन की मात्रा शरीर में बढ़ जाती है। चुकंदर अधिक मात्रा मे खाएं या पीयें। इसके अलावा नींबू, सेब, पालक, किशमिश, का अधिक उपयोग करें।

● कब्ज ना होने दें।

● After delivery एनीमिया का सम्बंध इंसफिशिएंट मिल्‍क सिंड्रोम से होता है इसी वजह से स्तनो में माँ के दूध की मात्रा बहुत कम आती है। जब नवजात शिशु को भूख लगती है तब माँ उसे पर्याप्त स्तनपान नहीं करा पाती और बच्चा कमज़ोर रह जाता है।

● समय पर डॉक्टरी सलाह ले ।

एनीमिया के लिए टेबलेट । Anemia tablet in hindi.

Anemia in women की प्रोब्लम दूर करने के लिए महिलाओं के लिए मल्टीविटामिन सिरप एवं SBL’S Ferrumsip सिरप बहुत अच्छी मेडिसिन है । इसके अलावा sherwell बायोटेक आयरन फिस्ट टेबलेट भी बहुत उपयोगी है ।


Switzerland के रिसर्च करने वालो ने यह बताया है कि यदि शरीर में निरन्तर किसी भी कारण थकान या सुस्ती महसूस होती है तो आयरन की गोली लाभदायक साबित होती है। Canadian medical association General में प्रकाशित एक लेख जो लगभग 198 महिलाओ पर भी study किया गया है उनका ऐसा मानना है कि यदि महिलाओं को आयरन की दवाई दी जाये तो उनके शरीर से थकान, सुस्ती गायब हो सकती है और महिलाएँ पहले से और अधिक सही ढंग से अपने कामों को कर सकती हैं। 

उम्मीद करते है आज टॉपिक महिलाओं के कारण एवं लक्षण । Anemia in women. आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा । आप अपने विचार हमारे कमेंट बॉक्स में लिख सकते है ।। शाहाना परवीन ।।

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