बच्चों में एनीमिया के लक्षण एवं बचाव | Anemia in children

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Anemia in children. एनीमिया न केवल बड़ो में, महिलाओं में बल्कि छोटे बच्चों में पाया जाता है । Anemia खून की कमी से होने वाला रोग है जो बच्चों एवं महिलाओं में पाया जाता है । Anemia in children से थकान, सांस लेने में परेशानी, त्वचा का रंग पीला हो जाना इनके मुख्य लक्षण है ।

बच्चों को संतुलित आहार से Anemia की प्रॉब्लम से निजात पाई जा सकती । तो Global health tricks में जानते है बच्चों में एनीमिया के कारण, लक्षण एवं बचाव । Anemia in children.

एनीमिया क्या है । What is Anemia in children.


Anemia in children एक ऐसी प्रॉब्लम है जो खून में रेड सेल्स की कमी के कारण होती है । इन रेड सेल्स की कमी से पूरे शरीर में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है । शरीर में आयरन की कमी होने से Red blood cells की कमी हो जाती है ।

जिसे लग्स तक ऑक्सीजन की सफ्लाई ठीक से नहीं हो पाती है । जिसे सांस लेने में दिक्कत, धड़कन तेज होना एवं थकान जैसे लक्षण सामने आते है । सीधे शब्दों में खून की कमी को अनीमिया कहा जाता है ।

बच्चों में एनीमिया के कारण । Causes of anemia.


छोटे बच्चों में अनीमिया के कारण ( Anemia in children ) कई हो सकते है मगर मोटे तौर पर कुछ इस प्रकार –

प्रीमेच्योर जन्म न होना – छोटे बच्चों में अनीमिया का सबसे बड़ा कारण प्रीमेच्योर जन्म न होना यानी गर्भावस्था की अवधि 9 महीने न होकर कम होना । कही बार इस प्रकार के मामले पाये जाते है जिसमे बच्चे का जन्म 7 से 9 महीने के बीच हो जाता है । जिसे होने वाला शिशु कमजोर हो जाता है । और धीरे धीरे कवर हो पाता है ।

जेनेटिक कारण – बच्चों में Anemia एक प्रकार जेनेटिक्स डिसऑर्डर है जो रक्त में Red cells नष्ट कर देता है । और जो RBC लग्स तक ऑक्सीजन पहुँचाते है उन्हे भी डैमेज़ करना शुरू कर देते है । जब आरबीसी की कमी के कारण नए सेल्स नहीं बन पाते है तो एनीमिया होने के चांसेस बढ़ जाते है ।

रक्त की कमी – खून की कमी एनीमिया का सबसे बड़ा कारण है । खून की कमी होने से त्वचा का रंग पीला पड़ जाना एवं थकान जैसे लक्षण नजर आते है । खूनी की कमी होने रेड सेल्स की कमी हो जाती है । साथ ही हीमोग्लोबिन की मात्रा भी कम हो जाती है ।

आरबीसी निर्माण में कमी – जब खून में RBC बनने में जब कमी होती है तो बच्चे एनीमिया के शिकार हो जाते है । ये आरबीसी ऑक्सीजन को टीश्यू तक पहुंचाते है ।

अन्य कारण – Anemia in child के अन्य कारण में माँ का दूध न पिलाना, एक वर्ष से कम समय में गाय का दूध पिलाना, आयरन की कमी एवं संतुलित आहार न देना आदि ।

symptoms of anemia in children | बच्चों में एनीमिया के लक्षण –

अगर हम यह सोचते हैं कि एनीमिया केवल बड़ो ही को होता है तो हम गलत है। एनीमिया बच्चों को बहुत बुरी तरह से प्रभावित करता है। जिन बच्चों के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है उन्हें एनीमिया की समस्या हो जाती है। जानते हैं बच्चों में एनीमिया ( Anemia in children ) के लक्षणों के बारे मे –

त्वचा का पीला पड़ जाना – यदि बच्चे को एनीमिया हो गया है तो बच्चे की स्किन का रंग हल्का पीला होना शुरू हो जायेगा और बच्चा देखने में काफी कमज़ोर व ढीला ढाला सा लगेगा। बच्चों में अधिकतर यह समस्या आईलिड व हाथों में देखी गई है।

शरीर पर सुस्ती सी छाई रहना – जा़हिर सी बात है कि जब बच्चे का शरीर कमज़ोर होगा तो उसका कुछ भी काम करने में ना तो मन ही लगेगा और ना ही उससे होगा। बच्चे में दिन भर काफी सुस्ती आती रहेगी।

थकान – जब बच्चों में एनीमिया हो जाता है तब उन्हें थकान बहुत रहती है। उन्हें कुछ भी काम करने के लिए कहो वे मना कर देते हैं। उन्हें लगता है कि वह गिर जायेगें और यह काम उनसे नहीं होगा।

कमज़ोरी व शरीर का गिरा गिरा सा रहना – जब बच्चों को एनीमिया हो जाता है तब उनका बिल्कुल भी कुछ करने का मन नहीं करता उनको सिर्फ लेटे रहना और सोना अच्छा लगता रहता है। activity चाहे स्कूल की हो या घर की बच्चों के लिए उन्हें करना भी सभंव नहीं हो पाता।

चिड़चिडापन/ चिड़चिड़ाहट – बच्चे के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाना और बात बात में गुस्से में बोलना भी बच्चे में एनीमिया के लक्षणो की ओर इशारा करता है।

भूख नहीं लगना – यदि बच्चे में एनीमिया हो गया है तो उसे भूख लगनी बंद हो जायेगी। बच्चा कुछ भी खाना पसंद नहीं करेगा चाहे उसकी पसंद का कितना भी बढ़िया खाना उसके सामने रख दिया जाए।

सांस लेने में कठिनाई – एनीमिया होने पर बच्चे सांस भी ठीक से नहीं ले पाते। बार बार उन्हें अपनी नाक बंद बंद सी महसूस होती रहती है जबकि नाक होती खुली ही है पर एनीमिया होने पर बच्चों को बार बार ऐसा लगता है कि उन्हें नाक बंद होने के कारण सांस लेने मे दिक्कत आ रही है क्योकिं anemic बच्चे बाहरी ऑक्सीजन को अधिक से अधिक ग्रहण करने के कारण थक जाते हैं और फिर अधिक सांस अंदर व बाहर करने में परेशानी होती है।

हृदय गति का व धड़कन का बढ़ जाना – एनीमिया हो जाने पर बच्चों का दिल ज़्यादा से ज़्यादा blood को pumb करेगा और इससे दिल की धड़कने अस्थिर होकर disturb हो जायेगी।

हाथों व पैरो में सूजन का आ जाना – एनीमिया हो जाने पर बच्चों को शरीर में सूजन की परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है। कुछ बच्चों में हाथ व पैरों के अलावा लिंब्स में भी काफी सूजन आ जाती है या आ सकती है।

पिका – एक ऐसी बीमारी जिसमें बच्चों को कुछ अलग तरह की चीज़े खाने का मन करता है। इसके
अन्तर्गत बच्चों को मिट्टी, चॉक ,मेटल, दीवार चाटना आदि खाने का मन करता रहता है। यही वह लक्षण है जो बच्चों में lack of nutrition की कमी को दर्शाता है।

◆ एक महत्वपूर्ण बात आयरन की कमी होने से बच्चों की growrh रूक जाती है। ना तो लंबाई- चौड़ाई ही बढ़ती है और न ही वज़न बढ़ पाता है।

एनीमिया की जांच । nemia in children in hindi.

अब हम बताते हैं बच्चो में लौह तत्व की कमी का डायग्नोसिस किस प्रकार हम किस टेस्ट के द्वारा यह पता लगा सकते हैं कि बच्चे में एक आयरन की कमी है ।

RBC test
इसमें बच्चे के खून की एक बूंद ली जाती है और उसे microscope के नीचे रखकर RBC की संख्या व size को मापा जाता है। इसमें कुछ नये व कुछ पुराने सभी RBC की counting की जाती है। इसी से पता लगाया जा सकता है कि शरीर में RBC की मात्रा बढ़ रही है या नहीं या कितनी बढ़ रही है आदि। इसके अतिरिक्त हेमाटोक्रिट टेस्ट में blood plazma की counting कर यह पता लगाया जाता है कि इनकी मात्रा शरीर में कितनी है या किस तरह से बढ़ाई जा सकती है। कुछ केसिस मैं डाक्टर बच्चों की potty के sample की जाँच भी करते हैं। जिससे RBC की counting में काफी मदल मिलती है।

आयरन टेस्ट – Iron test
इसके नाम ही से पता चल रहा है कि बच्चों के शरीर में आयरन की कमी की जांच करने वाला टेस्ट है यह। बच्चों में हीमोग्लोबिन का स्तर व आयरन की मात्रा को जांच कर डाक्टर आगे ईलाज शुरू करने की सलाह देते हैं। जेनेटिक रोगों की भी screeing की जाती है।

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बच्चों में आयरन की कमी दूर करने का ईलाज


बच्चे हमारे कल का भविष्य है हम उनकी सेहत से खिलवाड़ नहीं कर सकते । जानते हैं बच्चों में आयरन की कमी को दूर करने के लिए हमे किन बातों को अपनाना अति आवश्यक है चलिए Anemia in children में जानते है –

● आयरन के सभी सप्लीमेंट्स लेने से और साथ ही powder के रूप में सीरप लेने से आयरन कि कमी को दूर किया जा सकता है।

● बच्चों के लिए पूरा diet plan का चार्ट बनाना ज़रूरी है। इसके लिए पेडिएट्रिक डायटीशियन की आवश्यकता होती है जो बच्चों के लिए सम्पूर्ण आयरन से भरपूर फूड product बताते हैं। जिनको खाने से बच्चों के शरीर में आयरन की पूर्ति होनी शुरू हो जाती है।

बच्चों को एनीमिया से किस प्रकार बचाए | treatment of anemia in children.

■ यदि एक महिला ने premature baby को जन्म दिया है तब तो आयरन सप्लीमेंट्स लेना बेहद ज़रूरी हो जाता है। डाक्टर की सलाह से जितनी जल्दी हो सके आयरन की टेबलेट्स लें।

■ एक साल से छोटे बच्चों को गाय का दूध ना पिलाएं।

■ यदि बच्चा केवल चार महीने का है और वह केवल माँ का ही दूध पीता है कोई अन्य सॉलिड फूड नहीं लेता तो उसे प्रतिदिन लगभग 11 मिलीग्राम आयरन देने की सलाह तब तक के लिए दी जाती है जब तक वह आयरन युक्त भोजन ना खाना शुरू कर दे। इससे breast feeding करने वाले बच्चे में एनीमिया की कोई कमी नहीं हो पाती।

■ जब बच्चा इस लायक हो जाए कि सॉलिड फूड खाना शुरू कर दे तब उसे दालें, आयरन फोर्टिफाइड सीरियल और आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को देना शुरु कीजिये। बच्चे को पोल्ट्री, लीन मीट, मछली, हरी सब्जियाँ जैसे पालक, तौरी, बीन्स, आदि व अंडे की जर्दी, आयरन फोर्टिफाइड राइस व ब्रेड खिलानी शुरू कर देनी चाहिए।

■ बच्चों को vitamines C से भरपूर खाद्य पदार्थों को देना शुरू कर दीजिये। जैसे खट्टे फल, एवोकाडो, कीवी और कैन्टलोप, नींबू आदि। याद रखिये आयरन की पूर्ति होते ही बच्चों को एनीमिया जैसी बीमारी होने से बचाया जा सकता है।

FAQ


Q – बच्चों में हीमोग्लोबिन की मात्रा कितनी होनी चाहिए ?
जबाब – आमतौर पर छोटे बच्चों में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 से 14 mg होनी चाहिए । नवजात शिशुओं में 16 gm होना चाहिये । जिन बच्चों में फोलिक एसिड, विटामिन 12 एवं आयरन की कमी होती है उनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा 5 mg से कम नही होनी चाहिए । थैलेसीमिया रोग से ग्रसित बच्चों में 10 से 12 gm होनी चाहिये ।


Q – बच्चों में खून की कमी कैसे दूर करें ?
जबाब – छोटे बच्चों में खून की कमी दूर करने के पोषक तत्वों से भरपूर पोष्टिक आहार देने की जरूरत है । जैसे शहद, टमाटर, पालक, किशमिश का सेवन करना जरूरी है । साथ ही साथ माँ का दूध पीने वाले बच्चों को समय पर स्तनपान कराने की आवश्यकता है । यदि इससे पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक समझे ।


Q – बच्चों में एनीमिया ( Anemia in children ) कैसे रोका जा सकता है ?
जबाब – बच्चों में एनीमिया रोकने का उपाय में संतुलित आहार देने की आवश्यकता है जैसे फल एवं अनाज खिलाए ।

Q – छोटे बच्चों में एनीमिया के परिणाम होते है ?

जबाब – छोटे बच्चों या किशोरावस्था में Anemia in children के दूरगामी परिणाम सामने आते है बच्चा कमजोर हो सकता है । बच्चे में मानसिक एवं शारिरिक वृद्धि की कमी हो सकती है ।

Q – एनीमिया से कैसे बचें ?

जबाब – बच्चों को एनीमिया से बचाने के लिए नियमित रूप से संतुलित आहार एवं स्तनपान कराना आवश्यक है । साथ साथ चिकित्सकीय देखभाल बहुत ही आवश्यक है ।

तो आशा करते है आज का टॉपिक Anemia in children आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा । आप अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ।। शाहाना परवीन ।।

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