थाइराइड के कारण, लक्षण एवं उपचार, Thyroid in hindi.

Thyroid in hindi.

Thyroid in hindi. वर्तमान समय में व्यक्ति का शारीरिक श्रम लगभग कम हो गया है और मशीनों के सहारे अपना काम जल्दी से जल्दी कम समय में पूरा कर अपनी उपलब्धियां बढ़ाना चाहता है। आधुनिक जीवन शैली की दौड़ में व्यक्ति अपने नियमित दिनचर्या को व्यवस्थित नहीं कर पाता है और कई रोगों से ग्रसित हो जाता है। आयुर्वेद के हिसाब से व्यक्ति के शरीर में मुख्य तीन विकार वात, पित्त और कफ से संबंधित होते हैं । इनके दोष बढ़ जाने पर व्यक्ति कई रोगों को आमंत्रण दे देता है।

अनुचित आहार-विहार और तामसिक खानपान के कारण तनाव से भरा हुआ जीवन जीने की वजह से थायराइड ग्रंथि का विकार पैदा हो जाता है। जिसमें वात और कफ का विकार बढ़ जाता है। इसे ही थायराइड ( Thyroid ) रोग के रूप में जाना जाता है। नियमित दिनचर्या बनाकर थायराइड पर नियंत्रण पाया जा सकता है। थायराइड एक ऐसी बीमारी हो गई है जो दुनिया भर में बहुत लोगों को अपने चपेट में ले रही है। आज लगभग 10 में से 4 लोग इस बीमारी से ग्रसित होने लगे हैं। तो चलिए जानते है – थायराइड के लक्षण, कारण एवं घरेलू उपाय । Thyroid in hindi.

पढ़े – इज़ोल टॉनिक के फायदे । Eazol health tonic uses in hindi.

थायराइड क्या है ? What is Thyroid in hindi.

मानव शरीर में कई अंतः स्रावी ग्रंथियां पाई जाती है। अंतः स्त्रावी ग्रंथियों में अवटू नाम से जाने जाने वाली एक बड़ी ग्रंथि है जो तितली के आकार की होती है । इन अवटू ग्रंथियों में हार्मोन बनता है जो शरीर की चयापचय क्रिया को प्रभावित करता है। चयापचय व मेटाबॉलिज्म निर्माण में थायराइड ग्रंथि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

थायराइड ग्रंथि टी 3 और थायरो कैल्सीटोनिन नामक हार्मोन का स्त्राव करती है। हार्मोन शरीर के चयापचय और अन्य विकास तंत्र को प्रभावित करता है। हार्मोन का काम शरीर की विभिन्न प्रक्रियाओं को गति देना और नियंत्रित करना होता है ।

थायराइड के प्रकार | Type of thyroid in hindi. –

Thyroid ग्रन्थि की सक्रियता के आधार पर Thyroid disease दो प्रकार की होती है –
◆ हाइपरथायरोडीज्म ( Hyperthyroidism thyroid )
◆ हाइपोथायराडिज्म ( Hypothyroidism thyroid )

Hyperthyroidism in hindi.

आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार थायराइड ग्रंथि की सक्रियता से थायराइड रोग होने का पता चलता है। अगर थायराइड ग्रंथि संतुलित रूप से सक्रिय है तो शरीर स्वस्थ रहता परंतु यदि थायराइड ग्रंथि की अति सक्रियता या अल्प सक्रियता रहती है तो थायराइड रोग से व्यक्ति को परेशानी उठानी पड़ती है। इस अवटू ग्रंथि की अधिक सक्रियता के कारण शरीर में हार्मोन आवश्यकता से अधिक स्त्रावित होने लगता है।

शरीर में इन हारमोंस का अधिक मात्रा में उत्पादन हो जाने से शरीर अधिक ऊर्जा का उपयोग करने लग जाता है। इसे ही हाइपरथायरोडीज्म कहा जाता है। आमतौर पर यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो थायराइड हार्मोन की अधिकता से शरीर में मेटाबॉलिज्म, चयापचय बढ़ जाता है और शरीर हर काम को तेजी से करने लगता है। इस हायपरथायरोडिज्म से ग्रसित व्यक्ति में निम्न लक्षण देखे जा सकते है-

हाइपरथायरोडीज्म थायराइड ( Hyperthyroidism ) के लक्षण

• घबराहट ,
• चिड़चिड़ापन
• अनिद्रा
• अधिक पसीना आना ।
• हड्डियों में कैल्शियम तेजी से खत्म होना ।
• बहुत भूख लगना ।
• बालों का पतला होना ।
• बालों का झड़ना ।
• मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द रहना ।
• दिल की धड़कन बढ़ना ।
• भूख अधिक लगना और वजन घटना ।
• मासिक धर्म की अनियमितता ।

हाइपोथायराडिज्म के लक्षण | hypothyroidism symptoms –

Hypothyroidism – इसी प्रकार से अवटू ग्रंथी की कम सक्रियता से हाइपोथायराडिज्म रोग हो जाता है। इस प्रकार से अल्प सक्रिय थायराइड से ग्रसित व्यक्ति के शरीर में निम्न लक्षण देखे जाते है –

• धड़कन की गति धीमी होना ।
• अवसाद में चले जाना ।
• सर्दी के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाना ।
• हमेशा थकान बनी रहना ।
• पसीने में कमी आना ।
• बालों का झड़ना ।
• कब्ज रहना ।
• बार – बार भूलना ।
• कंफ्यूज रहना ।
• सोचने समझने में चिंता करने ।
• मासिक धर्म की अनियमितता ।
• खून में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाना ।
• मेटाबॉलिज्म धीमा होना ।
• वजन बढ़ना ।
• नाखून टूटना ।
• जोड़ों में मांसपेशियां और दर्द होना ।
• आंखों में सूजन आना ।
• महिलाओं में इसके कारण बांझपन की स्थिति भी पैदा होने की संभावना रहती है।

थायराइड के कारण | Cause of thyroid in hindi.

हमारी आधुनिक जीवन शैली, बिगड़ती दिनचर्या, असंतुलित आहार मुख्य रूप से थायराइड को बढ़ावा देता है। आमतौर पर बिगड़ती जीवनशैली, अधिक तनाव रखने से और शरीर में आयोडीन की मात्रा कम या ज्यादा होने से थायराइड ग्रंथी प्रभावित होती है।

जो अल्प सक्रिय या अधिक सक्रिय होने पर थायराइड बढ़ जाना या घट जाना इस रूप में जाना जाता है।
आजकल सोयाबिन उत्पादों को अधिक काम में लिए जाने से थायराइड रोग होने की संभावनाएं बढ़ गई है। गर्भावस्था के दौरान भी महिलाओं में हार्मोन का बदलाव होता रहता है। इस कारण से भी थायराइड हारमोंस में असंतुलन हो जाने से थायराइड का रोग होने की संभावना प्रबल हो जाती है।

पढ़े – अश्वशक्ति पाउडर के फायदे व नुकसान । Ashwashakti powder ke fayde.

थायराइड के लक्षण | thyroid symptoms in hindi. –

किसी भी रोग के लक्षण को ध्यान में रखकर रोग को पहचानने में सरलता हो जाती है। हालांकि आजकल लैबोरेट्री टेस्ट से शरीर के आंतरिक स्थिति का पता बहुत सरलता से चल जाता है । इससे व्यक्ति की बीमारी का सही पता चल जाता है। थायराइड के कुछ ऐसे लक्षण हैं जिनसे व्यक्ति में इस रोग के होने की संभावना व्यक्त की जा सकती है।

• सामान्य तौर पर मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द होना ।
• लगातार पेट खराब रहना ।
• हार्मोन में बदलाव आने से महिलाओं को पेट में अधिक दर्द की समस्या होना और पीरियड भी समय पर नहीं आना ।
• व्यक्ति का मोटापा बढ़ जाना ।
• वजन भी बेहिसाब बढ़ जाना ।
• कोलेस्ट्रोल की अधिकता या न्यूनता होना ।
• गर्दन में सूजन आ जाना ।
• बालों का झड़ना ।
• त्वचा रोग की समस्या पैदा हो जाना ।

ये ऐसे कुछ लक्षण है जिनसे यह कहा जा सकता है कि व्यक्ति को Thyroid हो सकता है। अगर बिना अधिक मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति को थोड़ा सा काम करते ही या थोड़ा चलते ही या कुछ सीढ़ियां उतरते चढ़ते ही थकान,घबराहट महसूस होने लग जाती है तो उसे थायराइड की संभावना मानी जा सकती है। ऐसे समय में व्यक्ति को तुरंत चिकित्सक से राय मशवरा करके अपना इलाज लेना चाहिए ।

thyroid symptoms in hindi.

Thyroid से कैसे बचें

आजकल भागदौड़ से भरी जिंदगी में हम अपने स्वास्थ्य को सही करने के लिए समय नहीं निकाल पाते है और अनियमित दिनचर्या बना देते हैं और हमारा शरीर रोगों से पीड़ित हो जाता है। ऐसी स्थिति में भी हमें घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ा सा सजग होने और कुछ बातों का नियमित ध्यान रखने से निश्चित रूप से थायराइड पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

● अगर हम स्वयं अपने शरीर पर ध्यान नहीं देते हैं तो दवाइयां भी कुछ समय बाद बे असर होना शुरू हो जाती है। दवाइयों के साथ हमें कुछ नियमित दिनचर्या पर भी ध्यान देना होगा।

● सामान्यतः व्यक्ति को Thyroid पर नियंत्रण के लिए अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने वाले भोजन पदार्थ नियमित रूप से लेने चाहिए। हेल्दी डाइट को लेकर हम शरीर को मजबूत बना सकते है। नियमित exercise करना हमारे लिए काफी लाभदायक साबित हो सकेगा।

● शरीर में थायराइड की मात्रा की जांच करवा कर थायराइड ग्रंथी की अल्प सक्रियता या अधिक सक्रियता की जानकारी लेकर अच्छे चिकित्सक को दिखाना चाहिये। चिकित्सक की राय से नियमित समय पर दवाइयां ले कर इस रोग पर नियंत्रण कर सकते हैं।

थायराइड के परहेज । Thyroid ke parhej.

● कई बार संक्रमण से भी Thyroid हो जाता है। इसके लिए हमें जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श से एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करना चाहिए। अपनी मनमर्जी से ऐसी दवाओं को लेने से बचना चाहिए। जब भी थायराइड की जांच के बाद पता चले कि हमें थायराइड है तो हमें तुरंत चिकित्सा अधिकारी से सलाह मशवरा कर इलाज शुरू कर देना चाहिए।

● आजकल फास्ट फूड डिब्बाबंद खाने का चलन हो गया है। कुछ तो हम स्वाद के कारण और कुछ आलस के कारण घर पर ताजा बना करके खाने से बचने की आदत के कारण बाजार से डिब्बाबंद भोजन सामग्री लाकर उपयोग करने की आदत सी बना देते हैं। ऐसे डिब्बाबंद भोजन को खाकर निश्चित रूप से हम कई रोगों को आमंत्रण दे देते है। जिसका हमें आर्थिक व शारीरिक नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए डिब्बा बंद भोजन से हमें पूर्णतया बचना चाहिए।

● परिवार में किसी को भी थायराइड होने पर हमें सजग हो जाना चाहिए और उपचार प्रारंभ कर देना चाहिए। वास्तव में थायराइड से हमें घबराना नहीं चाहिए क्योंकि उससे बचाव काफी आसानी से किया जा सकता है। हमारे खान-पान में और खान पान के तौर तरीकों में बदलाव करके तथा योग-आसन करते हुए थायराइड पर नियंत्रण पा सकते।

थायराइड से बचने के घरेलू उपाय | Home remedies of thyroid in hindi.

थायराइड से पीड़ित लोगों को इस समस्या से निपटने के लिए घरेलू उपचार का सहारा लेना भी काफी फायदेमंद रहता है। सामान्य लक्षण दिखते ही हमें एक बार थायराइड की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। उसके बाद हमारे खान-पान पर ध्यान देना चाहिए।

◆ नारियल का तेल, एप्पल साइडर विनेगर, अदरक, विटामिन बी से भरपूर चीजें जैसे फलियां, दूध अखरोट आदि का सेवन नियमित करते रहना चाहिए।

◆ विटामिन डी की कमी से थायराइड की समस्या भी होती है। इसलिए दिन में कम से कम 15 से 30 मिनट धुप लेने की कोशिश करनी चाहिए। डेयरी उत्पाद, दूध, संतरे का रस विटामिन डी की पूर्ति के लिए विकल्प हो सकते हैं ।

असली के बिज से थायरॉइड का इलाज । Thyroid ka ramban ilaaj.

◆ अलसी के बीज फैटी एसिड से भरपूर होते है। इनका भी नियमित सेवन करना चाहिए। इसके साथ फलियों में फाइबर, प्रोटीन, खनिज, विटामिन, एंटी ऑक्सीडेंट और जटिल कार्बोहाइड्रेट होता है जो कब्ज को दूर करने में बहुत सहायक होते हैं।

◆ दूध और दूध से बने पदार्थ थायराइड के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह विटामिन के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करते है। बादाम व अखरोट प्रोटीन‌ एवं फाइबर खनिज का अच्छा स्त्रोत हो सकता है। बादाम में मैग्नीशियम भी बहुत अधिक मात्रा में होता है, जो थायराइड ग्रंथि के संतुलित काम करने के लिए मदद करता है। इसके साथ में नियमित रूप से योग, प्राणायाम, आसन बहुत मदद करते है। नियमित रूप से कपालभाति जितना आप कर सके उतना रोजाना करते रहना चाहिए।

अपनी बात – Thyroid in hindi

यह बात सही है कि थायराइड की समस्या अब विश्व में लगभग हर देश में जरूर मिलेगी। आज विश्व में हर 10 में से 4 व्यक्तियों को थायराइड मिल रहा है। ऐसे में इससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन हमें लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए। “पहला सुख निरोगी काया” इसीलिए कहा गया है कि धन-दौलत, भौतिक सुख सुविधाएं ये सब तभी हमारे काम आएगी जब हमारा स्वास्थ्य उत्तम होगा।

अन्यथा यह सारी चीजें हमारे कोई उपयोग में नहीं आने वाली है इसलिए हमें अपने स्वास्थ्य पर सजगता से ध्यान देना चाहिेए। इसी के साथ थायराइड के लक्षण के आधार पर अगर हमें इसकी संभावना लगती है तो तुरंत जांच कर अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेकर सुझाई गई दवाइयों का सेवन शुरू कर देना चाहिए। इसके साथ नियमित दिनचर्या, आसन, योग, हेल्थी भोजन लेने से इस समस्या से निजात पा सकते है।

Leave a Comment