पेशाब में जलन के कारण, लक्षण व बचाव । what is Urine Infection in hindi

What is urine infection in hindi.

Urine Infection. स्वस्थ शरीर ईश्वर की सबसे बड़ी नेमत है शरीर में होने वाली परेशानियों को हल्के से ना लें आज के समय में अनियमित खानपान व रहन-सहन के कारण कई तरह के इन्फेक्शन शरीर में हो जाते हैं जिनका समय पर उपचार करना बहुत जरूरी है इनमें एक इंफेक्शन यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन है ।


वैसे पेशाब में जलन एक सामान्य प्रॉब्लम है लेकिन इसे नजरअंदाज करना हमारी बड़ी भूल साबित हो सकती है । बार बार पेशाब आना, पेशाब करते समय जलन होना जैसे लक्षण यूरिन इंफेक्शन के है । जिसे चिकित्सा भाषा में Urine Track Infection ( UTI ) कहा जाता है । यदि बार बार Urine Infection हो रहा है तो तुरंत योग्य डॉक्टर से सम्पर्क करके जांच करवानी चाहिए वरना आपके लिवर को खतरा हो सकता है । तो चलिए जानते है पेशाब में जलन के कारण, लक्षण व बचाव । What is Urine Infection ( UTI ) के बारे में –

यूरिन इन्फेक्शन क्या है ? What is urine infection in hindi.

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन ( UTI ) पेशाब के रास्ते में होने वाले इन्फेक्शन को कहा जाता है पेशाब के रास्ते में कीटाणु या बैक्टीरिया के घुस जाने के कारण संक्रमण हो जाता है इस संक्रमण को यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन कहा जाता है या इंफेक्शन बच्चों बढ़ो वह बुजुर्गों में हो सकता है महिलाओं में यह इन्फेक्शन पुरुषों की तुलना में सबसे ज्यादा होता है ।

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यूरिन इन्फेक्शन का मतलब क्या है । what is Urine Infection.


यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन तब होता है जब यूरिन में बैक्टीरिया जनित संक्रमण होता है तब मूत्राशय और इसकी नली मैं E-Coli बैक्टीरिया का संक्रमण इसका मूल कारण होता है यह बैक्टीरिया सामान्य रूप से पाचन तंत्र में मौजूद रहता है Chlamydia और Mycoplasma बैक्टीरिया से भी मूत्र मार्ग में इंफेक्शन होता है यह संक्रमण मूत्र पथ के एक हिस्से को संक्रमित करता है जब यह निचले हिस्से को प्रभावित करता है तब इसे सामान्य यूरिन इन्फेक्शन या मूत्राशय में होने वाली सूजन कहा जाता है ।


जब यह ऊपरी मूत्र पथ को प्रभावित करता है तो उसे गुर्दे का इन्फेक्शन या किडनी इन्फेक्शन कहा जाता है । गर्भवती महिलाओं में यूरिन इन्फेक्शन का खतरा अधिक रहता है इसलिए प्रसव से पहले उनकी यूरिन टेस्ट कराया जाता है यूरिन इन्फेक्शन महिलाओ में पुरुषों की तुलना में अधिक अधिक होता है महिलाओं में उनके जीवन में कम से कम एक बार यूरिन इन्फेक्शन होता ही है महिलाओं में यूरिन इन्फेक्शन होने का कारण बहुत देर तक पेशाब रोकना गर्भावस्था रजोनिवृत्ति शुगर बाहर शौचालय उपयोग करना करना व वेस्टर्न टॉयलेट उपयोग करना संक्रमण का कारण हो सकता है ।


Urine tract Infection ( UTI ) in hindi.


यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन सिस्टम बहुत ही आम समस्या है । यह समस्या यूरिन में संक्रमण होने के कारण मूत्र पथ पर होने वाला इंफेक्शन यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन कहलाता है । यह समस्या महिला और पुरुषों दोनों में देखी जाती है लेकिन महिलाओं में इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है ।


Urine Infection होने पर सबसे ज्यादा समस्या बार-बार पेशाब करने में होती है । पेशाब में जलन से होती है । अधिकांशत यूटीआई संक्रमण ईकोलाई बैक्टीरिया के कारण होता है यूरिनरी ट्रैक यह मूत्र मार्ग में सूजन होने की वजह सेबी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो सकता है यूरेथ्रा या मूत्र मार्ग में सूजन आने से मूत्र त्यागने में दर्द की अनुभूति होती है यूटीआई का एक कारण किडनी इन्फेक्शन भी हो सकता है किडनी में इन्फेक्शन होने से बुखार यूरिन मैं ब्लड और मूत्र मार्ग में जलन होती है गर्भवती महिलाओं में यह संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है ।

Urinary tract infection symptoms । पेशाब में जलन ( यूरिन इंफेक्शन ) के लक्षण –


मूत्रमार्ग यानी पेशाब में संक्रमण होने पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । कभी कभी मरीज़ को बुखार तक आ सकता है । साथ ही साथ जननांगों में पीड़ा होती है तो चलिए जानते है – यूरिन इंफेक्शन के लक्षण – Urine Infection symptoms in hindi –


● यूरिन इन्फेक्शन होने पर व्यक्ति को बुखार कमर दर्द, मितली आना, मूत्र त्याग करते समय जलन दर्द होना, बार-बार मूत्र त्याग करना आदि लक्षण रहते हैं । वैसे तो यूरिन में इंफेक्शन की समस्या होने पर मूत्र संबंधी समस्याएं आती हैं लेकिन इनके अलावा और भी लक्षण होते हैं ।


● यूरिन में इंफेक्शन होने पर मूत्राशय की परत में सूजन आ जाती है । यूरिन करते समय दर्द या जलन महसूस होती है । बार बार यूरिन आना और कम मात्रा में मूत्र त्याग होना यूरिन में से बदबू आना एकदम मूत्र त्याग हो जाने का डर रहना और यूरिन में से ब्लड आना यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण हैं ।


● छोटे बच्चों में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षणों में बुखार पीलिया उल्टी दस्त और चिड़चिड़ापन आदि लक्षण नजर आते हैं । बुजुर्गों में बुखार भूख ना लगना सुस्ती और मूड बदल ना आदि लक्षण नजर आते हैं ।


● इन लक्षणों के अलावा पेट के निचले हिस्से में दर्द होना ठंड लगना या कभी-कभी ठंड के साथ कपकपी लगना भी यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण हैं ।

Symptoms of urine infection.


मूत्राशय में संक्रमण के लक्षण । Bladder infection symptoms.


Urine Infection के कारण यूरिनरी ब्लैडर मे बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है । महिलाओं को में इंफेक्शन सबसे अधिक देखने को मिलता है । बैक्टीरिया मूत्र पथ में दो प्रकार से संक्रमित करते हैं पहला ब्लड व गुण दोष में जाकर यूरिनरी ट्रैक्ट को इनफेक्ट करते हैं । दूसरा मूत्र मार्ग द्वारा घुसकर मूत्र पथ को संक्रमित करते हैं ।


मूत्राशय में के भीतर होने वाला बैक्टीरियल इनफेक्शन कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ईस्ट एक का संक्रमण के कारण भी हो सकता है । महिलाओं में होने वाले इन्फेक्शन का सबसे बड़ा कारण वेस्टर्न टॉयलेट बाहर गंदे कॉमन टॉयलेट यूज़ करना भी है ।

यूटीआई इन्फेक्शन के कारण । Urine Infection causes.


यूटीआई इनफेक्शन ईकोलाई बैक्टीरिया के कारण होता है लेकिन इसके अलावा और भी लक्षण होते हैं जो इस बीमारी की होने की वजह होते हैं

● शुगर के रोगियों को यूरिन इन्फेक्शन का खतरा अधिक होता है औरअ स्वच्छ रहने की आदत ।

● यूरिनरी ब्लैडर को पूरी तरह से खाली ना करना ।

● मूत्र करने में बाधा उत्पन्न होने पर ट्रैक्ट इंफेक्शन होता है ।

● पथरी होने के कारण यूटीआई इंफेक्शन होता है ।

● कमजोर प्रतिरोधक प्रणाली होने से भी यूटीआई इनफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है ।

● एंटीबायोटिक मेडिसिन के अत्यधिक सेवन से भी यूटीआई इंफेक्शन होता है ।

● महिलाओं में रजोनिवृत्ति काल में यूरिनरी ट्रैक्ट में इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है ।

Prevention tips for uti । मूत्रमार्ग के संक्रमण से कैसे बचें ।


यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन होने पर जीवन शैली और आहार में कुछ बदलाव कर लाने पर इस बीमारी से बचा जा सकता है । जैसे –

● अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीने और मूत्र त्याग करने की आदत डालें चाहिए ।

● नहाने के लिए व्हाट्सएप स्विमिंग पूल का उपयोग करने से बचें ।

● जननांगों को साफ रखें किसी भी प्रकार के सुगंधित उत्पादों का उपयोग करने से बचें ।

● कॉटन अंडरवियर पहने यूटीआई को कंट्रोल करने के लिए योगासन लाभकारी होते हैं क्योंकि यह पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और यूरिन को ना रोक सकने की समस्या को कम करते हैं ।

● कुछ आसन Urine infection को रोकने में और ठीक करने में सहायक हो सकते हैं । इनमें पद्मासन वज्रासन भुजंग आसन आसन मत्स्यासन आदि प्रतिदिन 30 मिनट की एक्साइज करने या कोई भी एरोबिक व्यायाम जैसे पैदल चलना दौड़ना आदि करने से फायदा हो सकता है ।

● बहुत देर तक यूरिन ( पेशाब ) को रोकने की प्रक्रिया से बचना चाहिए इससे बैक्टीरिया मूत्राशय में बढ़ने लगते हैं यूटीआई से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है ।


Urine Infection होने पर परहेज


यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन होने पर मीठी चीजों का सेवन ना करें केक कुकीज कार्बोनेटेड ड्रिंक का सेवन ना करें कॉफी का सेवन ना करें शराब व कैफीन का सेवन करने से बचें.

पेशाब में जलन ( Urine Infection ) के घरेलू उपचार । Home remedies for urine infection.


सामान्यता यूटीआई की समस्या से निजात पाने के लिए सबसे पहले घरेलू नुस्खों को ही अपनाया जाता हैl कुछ घरेलू उपाय जिन के प्रयोग से यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन को ठीक किया जा सकता है । जैसे –

  1. 5 से 7 इलायची के दानों को पीस लें इसमें आधा चम्मच सोंठ पाउडर अनार का रस वह सेंधा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ भी है ।
  2. नारियल पानी पीने से मूत्र त्याग के समय होने वाली जलन में राहत मिलती है ।
  3. आधा गिलास चावल के पानी में चीनी मिलाकर पिए इसे यूरिन में होने वाली जलन कम हो ने लगती है ।
  4. एक चम्मच आंवले के चूर्ण में दो तीन इलायची दाने पीसकर मिलाएं इसी पानी के साथ सेवन करें इससे लाभ मिलता है ।
  5. अदरक और काले तिल को मिलाकर पीसकर इसमें एक चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर और थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें इसे दिन में दो से तीन बार ले आराम मिलेगा ।
  6. Urine Infection होने या पेशाब में जलन होने पर अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए । नींबू पानी भी बहुत अच्छा विकल्प है ।

डॉक्टर परामर्श
इन उपायों के बाद भी मूत्र संक्रमण ( Urine Infection ) बना रहे तो बहुत खतरनाक हो सकता है इसके कारण किडनी का इंफेक्शन हो सकता है इससे किडनी फैलियर की स्थिति आ सकती है इसे घरेलू उपचार से लाभ ना होने पर । पेशाब में जलन व दर्द जैसे लक्षण बने रहते हैं तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ।

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