पीसीओडी का घरेलू उपचार । Pcod ka gharelu upchaar.

PCOD ka gharelu upchaar.

PCOD ka gharelu upchaar. पीसीओडी के समस्या प्रजनन आयु की महिलाओं में एक सामान्य प्रजनन अंतः स्त्रावी विकार है । इसके बढ़ते अंको को देखकर पता चलता है कि हमारे देश में महिलाओं का स्वाथ्य चिंताजनक स्थिति पर आ गया है । यह समस्या आज की स्त्रीयों में तेजी से बढ़ रही है । हमारे देश की करीब 10% महिलाएं इस बीमारी का शिकार हो गईं है ।

कुछ डॉक्टर्स का कहना है कि रात कि शिफ्ट करने वाली स्त्रियों में यह बीमारी ज्यादा हो रही है l वे समय पर खाना नहीं खा पाती और उनकी दिनचर्या भी बदल जाती है । पहले यह समस्या देर से शादी करने वाली स्त्रियों में देखने को मिलती है परन्तु वर्तमान में 15 वर्ष कि आयु वाली स्त्री में भी यह देखने को मिल रही है ।

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पीसीओडी मतलब क्या है । What is PCOD.

पीसीओडी अर्थात पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर । यह विकार स्त्रियों की ओवरी हार्मोन्स बहुत ज्यादा पैदा करने से आता है । इस रोग में स्त्रियों कि ओवरी का आकार बढ़ जाता है । ओवरी में कई छोटे छोटे सिस्ट बना जाते हैं । जिससे स्त्रियों की प्रजनन शक्ति प्रभावित होती है । इन सिस्टस से ओवरी में सूजन आ जाती है । जिसके कारण पुरुष के हार्मोन्स ज्यादा पैदा होने लगते है ।

पीसीओडी या पीसीओएस क्या है । PCOD full form in hindi.

पीसीओडी एक महिलाओं में हॉर्मोन से जुड़ी प्रॉब्लम है । जिससे गर्भधारण करने में दिक्कतें आती है । पीसीओडी का मतलब Poly cystic Ovary Disorder. जबकि पीसीओएस यानी Polycystic Ovary Syndrome । यह प्रॉब्लम एक जैसी है । PCOD / PCOS.

पीसीओडी होने के कारण । PCOD causes in hindi.

◆ यदि शरीर में इन्सुलिन ज्यादा हो जाता है तो उसमें एंड्रोजन भी ज्यादा हो जाता है । इसके कारण हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं । कई बार इसके कारण महिलाओं में बाँझपन होने की संभावना बढ़ जाती है ।

◆ जब शरीर में श्वेत रक्त कोशिकायें जब अपर्याप्त पदार्थो का उत्पादन करती है जो संक्रमण से लड़ते हैं । जिन स्त्रियों में निम्न श्रेणी की सूजन होती है उसमें एंट्रोजन ज्यादा पेदा हो जाते हैं ।
◆ अनुवांशिक भी एक कारण है ।
◆ खाने में पोषक तत्वों का न होना ।

पीसीओडी के लक्षण । PCOD ke lakshan.

◆ अनियमित पीरियड्स l
◆ चेहरे पर मुहासे l
◆ पुरुषों के हार्मोन्स का बढ़ना l
◆ चेहरे पर बाल का उगना l
◆ पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग l
◆ एकदम से वजन बढ़ना l
◆ त्वचा पर काले धब्बे आना l
◆ सिर दर्द रहना l

◆ बालों का पतला होना l
◆ त्वचा का तेलीय होना l
◆ पेल्वीक में दर्द होना l
◆ हाई ब्लड प्रेशर होना l
◆ बहुत अधिक थकान का महसूस होना l
◆ कंसीव करने में समस्या l
◆ गंजेपन का शिकार l

पीसीओडी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं । PCOD diet in hindi.

◆ फल और सब्जी अधिक खाएं l
◆ डेयरी के पदार्थों से बचें l
◆ चिकन और मछली के छोटे छोटे टुकड़ों में खा सकते हैं । लाल माँस नहीं खा सकते l
◆ एक दिन में तीन लीटर पानी पीयें । आप नारियल पानी पी सकते हैं । इसके अलावा छाछ गुणकारी हैं ।
◆ सब्जियों का सौप पी सकते हैं l स्मूदी पी सकते हैं l मीठे और तली चीजों से परहेज करना होगा l

◆ गेहूं का पास्ता, गेहूं का मैदा, गेहूं का पोहा आप खा सकते हैं परन्तु गेहूं का दलिया नहीं खा सकते l
◆ भूरे (ब्राउन ) चावल का सकते हैं परन्तु सफ़ेद चावल नहीं खा सकते l
◆ अपने खाने में फ्लेक्स के बीज, मेथी के बीज, धनिया पत्ता, धनिया पाउडर और दालचीनी को शामिल कीजिए l

◆ जौ, रागी को खाने में सम्मिलित कीजिए l
◆ अखरोट, बदाम और काजू नहीं खाना है l
◆ हरी मूंग डाल, पीली मूंग दाल, चना दाल को भोजन में शामिल कीजिए l
◆ कम नमक वाले भोजन को खाइये l
◆ अचार और पापड़ नहीं खाना है l

पीसीओडी के घरेलू उपचार । Pcod ka gharelu upchaar.

◆ नियमित पैदल घूमें ।
◆ भोजन स्वस्थ हो और समय पर हो इस बात का ध्यान रखें ।
◆ दिन में तीन चार बार थोड़ा थोड़ा खाएं ।
◆ जंक फ़ूड को ना कहें ।
◆ पोष्टिक नाश्ता रोज करें ।
◆ खाने में फाइबर ज्यादा खाएं ।

पीसीओडी का दालचीनी से उपचार | Dal chini se Pcod ka gharelu upchaar.

दालचीनी इन्सुलीन को शरीर में बढ़ने नहीं देती l और न ही मोटा होने देती है l इसे चाय, दही, सेरेलेक और ओटमील में मिलाकर खा सकते हैं l या इसके एक चम्मच पाउडर को एक गिलास पीने के पनि के साथ उवाल कर रोज पीयें l

पीसीओडी का पुदीने से इलाज | Pudine se Pcod ka gharelu upchaar.

सात आठ पुदीने के पत्तों को साफ धोकर एक गिलास पीने के पानी में डाल कर उबाल लें l इससे हार्मोन्स की वृद्धि रूकती हैं और शरीर में अतिरिक्त बालों का आना भी कम हो जाता है l पुदीने की व्हाय भी पी सकते हैं l यह एंटी एंट्रोजन होती है l

पीसीओडी का मेथी से इलाज | Methi se Pcod ka gharelu upchaar.

मेथी से ग्लूकोज का चयापचय बढ़ जाता है और इन्सुलिन बढ़ना रुक जाता है l मेथी के एक चम्मच बीज को रात में एक कटोरी पानी में भिगो दो l दूसरे दिन सुबह खाली पेट उस पानी को पी लो l और बीज को शहद मिलाकर खा सकते है l

पीसीओडी का मुलेठी से उपचार | mulethi se Pcod ka gharelu upchaar.

एक चम्मच मुलेठी को एक कप पानी में उबालना है l फिर इसे चाय जैसा पीना है l यह ओवुलेशन की क्रिया को बढ़ाती है l यह एंट्रोजन को कम करती है l यह कोलेस्ट्रॉल को कम करती है l यह वजन धटाने में भी सहायक होती है l

पीसीओडी का अलसी से उपचार | Alsi se Pcod ka gharelu upchaar.

यह एंट्रोजन को कम करती है l बीपी को कंट्रोल करती है l यह टेस्टोस्टरान को कम करती है एलडील की बीमारियों से बचाती है l इसमें पाये जाने वाला लिग्नेन हार्मोन्स को संतुलित करता है l इसमें फाइबर और ओमेगा 3 फैटी एसीड अधिक होता है l इससे ग्लूकोज मेटबोलीज्म मैनेज़ होता है l

पीसीओडी का सेब के सिरके से उपचार | seb se sirake se Pcod ka gharelu upchaar.

यह शरीर में शकर को नियंत्रित करता है l अधिक इन्सुलिन के उत्पाद को रोकता है l एक गिलास पीने के पानी में दो चम्मच सेब का सिरके कोरोज सुबह खाली पेट पीने से वजन कम होता है l

पीसीओडी का तुलसी से उपचार | Tulsi se Pcod ka gharelu upchaar.

तुलसी में एंटी एंड्रोजेनिक गुण होते हैं l इसलिए रोज आठ से दस पत्तों को धोकर उसका काढ़ा पीना अच्छा होता हैं l

पीसीओड़ी का केमोमाइल चाय से उपचार | PCOD home remedies for Tea.

रात को खाने के बाद इसे पीते हैं l इसे पीने से शरीर रिलेक्स हो जाता है l नींद अच्छी आती है l पीरियड के दर्द से आराम मिलता है l इससे ब्लड शुगर भी कम हो जाता है l टेस्टोस्टेरान भी कम हो जाता है l इस चाय का एक टी बैग को एक कप गर्म पानी में डालकर 4-5 मिनट के लिये ढक कर रख देना है l फिर इसे पी सकते है l

पीसीओड़ी का ओमेगा 3 फैटी ऐसिड से उपचार । PCOD home remedies for Omega 3.

ओमेगा 3 फैटी एसीड से ग्लूकोज तथा मेटबोलीज्म मैनेज़ होता है l शरीर के इन्सुलीन को कम. करता है l फेट को कम करता है l इसके केप्सूल को दिन में दो बार खाना होते हैं l

पीसीओडी का तिल्ली से इलाज । Tilli se Pcod ka gharelu upchaar.

तिल की तासीर गरम होती है l इनमें चिकनाहट होती है l इनमें लोहा भी होता है l एक चम्मच काले तिल को दो कप पीने के पानी में उबालकर ठंडा करना है l अब उसमें थोड़ा सा गुड़ डालकर पीना फायदेमंद है ।

पीसीओडी से नुकसान । Risk factor for PCOD in hindi.

◆ गर्भ धारण में मुश्किल होती है l
◆ टाइप 2 मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है l
◆ गर्भपात होने के संभावना बनी रहती है l
◆ बच्चे का जन्म समय से पहले हो जाता है l इससे बच्चा स्वस्थ पैदा नहीं होता l
◆ लीवर में सूजन आ जाती है l
◆ मरीज़ डिप्रेशन में चला जाता है l
◆ चेहरे पर कील और मुहासे होना शुरु हो जाते है l
◆ जल्दी जल्दी मूड स्विंग होने लगता है l
◆ गर्भाशय में असमान्य रक्त स्त्राव होना शुरु हो जाता है l
◆ कैंसर जैसी प्राण लेवा बीमारी हो जाती है l

पीसीओडी से कैसे बचें । Pcod / Pcos se kaise bache.

◆ अपने आहार में बदलाव लाएं l
◆ विटामिन E, विटामिन D को खाने में सम्मिलित करें l
● केलशियम को भरपूर मात्रा में खाएं l
◆ प्रो बायोटिक रोज लें l
◆ अच्छी नींद लें l
◆ शरीर को स्वच्छ रखें l
◆ तनाव को कम करें l
◆ एकयुपंचर की विधि को अपनाएं ।
◆ रोज उठते ही दो गिलास गर्म पानी पियें ।

Ayurvedic treatment of pcod in hindi.

पीसीओडी के आयुर्वेदिक उपचार | Ayurvedic treatment of pcod in hindi.

◆ रोज सुबह दशमूल खाएं l
◆ सुबह खाली पेट आंवला और एलोवीरा का रस पीयें l
◆ अंकुरित चीजें खाएं l
◆ शतावर चूर्ण खाएं l
◆ अर्णडी के तेल से ओवरी की सिकाई करें l
◆ एलोवेरा का एक चम्मच रस को दस दिन तक जन्म पानी के साथ पियो l
◆ पीरियड्स में पेट दुखता हो टो हींग को थोड़ा गरम कर पेट पर लगाने से आराम होता है l
◆ जायकल को पीसकर मुह पर लगाकर रखे । इससे मुँह के बाल आना बंद हो जाता है l

◆ गाय का दो चम्मच घी रोज खाना है l
◆ दूर्वा को धो लो l उसका दो चम्मच रस रोज सुबह शाम कगड़ी शकर के साथ पीने से फायदा होता है l
◆ जसवंती के फूल को धोकर खड़ी शकर के साथ खाने से फायदा होता है l

पीसीओडी के लिए योगासन । PCOD ke liye yoga.

तितली आसन – यह प्रजनन अंगों के साथ पैरों और जांघो को मजबूत करता है l
भुजंग आसन – इसको नियमित करने से रिप्रोडक्टरी अंगों को शक्ति मिलती है l पीरियड की अनियमितता भी दूर होती है l इससे किडनी और यूटरस भी मजबूत हो जाते हैं l
शशांक आसन – पेलविक की मसल्स को मज़बूत करता है l रिप्रोडक्टरी अंगों की गड़बड़ी को दूर करता है l ये रिप्रोडक्टरी ग्लैंड के हार्मोन स्त्राव को भी संतुलित करता है l

सूर्य नमस्कार – यह मन की एकाग्रता को बढ़ता है l वजन कम करता है l प्लूविकास एरिया की मसल्स, यूरिनरी ट्रैक वेन्स और लोअर एबडॉमिनकी मसल्स को मजबूत बनाने में मदद मिलती है l इससे मेंन्सुलेशन साइकिल रेगुलर हो जाती है l

 

पीसीओड़ी का होम्योपैथिक इलाज । Homiyopaithi treatment for PCOD/PCOS.

PCOD का होम्योपैथी से इलाज सम्भव है । होम्योपैथी में इलाज के लिए कुछ टेबलेट दी जाती है । इन टेबलेट का उपयोग आप होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह से उपयोग कर सकते है । ये टेबलेट इस प्रकार है –
● बेलाड़ौना,
● कलकेरिया,
● सीपीया,
● प्लेटीना आदि गोलियां खाने को दी जाती हैं l

पीसीओड़ी में प्रेग्नेंसी ? Pregnancy in PCOD.

पीसीओडी से ग्रसित स्त्रियां नेचरल गर्भ धारण कर सकती हैं । हा कई प्रकार की दिक्क़ते जरूर आती हैं । इसलिए गर्भधान से पहले शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है । इनके लिए समय समय पर महिला रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य ले ।

आज की युवा स्त्रियां इस समस्या जूझ रही हैं l 18 से 45 साल की स्त्रियों में यह होता है l सभी को इस बीमारी को समझने की आवश्यकता है l थोड़े सी जीवन शैली और खान पान को नियमित करके इस समस्या को कम किया जा सकता है ।। मंजरी ‘निधि’ ।।