लो ब्लड प्रेशर के लक्षण व उपचार । Low BP ka gharelu ilaaj.

Low BP ka gharelu ilaaj

Low BP ka gharelu ilaaj. मानव शरीर में स्फूर्ति एवं ताजगी बने रहने के लिए ब्लड प्रेशर का संयमित होना अनिवार्य है । यदि ब्लड प्रेशर अधिक है यानी ( Hight blood pressure ) तो प्रॉब्लम होती है । यदि कम है यानी Low blood pressure तो भी मुश्किल होती है । यानी 90 से कम हो तो लो ब्लड प्रेशर एवं 120 से अधिक हो तो हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है ।

वर्तमान में लो ब्लड प्रेशर के कई मामले सामने आ रहे हैं । ब्लड सर्कुलेशन हमारे खानपान एवं लाइफ स्टाइल पर निर्भर करता है । यदि हमारा खानपान एवं जीवनशैली स्वस्थ हो तो कई बीमारियों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है । low blood pressure भी उनमें से एक है । तो चलिए जानते है Low Blood pressure ( BP ) ka ilaaj.

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निम्न रक्तचाप क्या है ? What is Low Blood pressure.

निम्न रक्तचाप यानी Low blood pressure. मानव शरीर में जब रक्तचाप सामान्य से कम होता हैं तो लो ब्लड प्रेशर ( निम्न रक्तचाप ) कहा जाता है । इसे हाइपरटेंशन भी कहा है ।

लो ब्लड प्रेशर या निम्न रक्तचाप यह स्थिति है जब मानव शरीर धीमा ब्लड सर्कुलेशन के कारण शरीर के अंगों पर कम दबाव पड़ता है । निम्न रक्तचाप या Low Blood pressure के कारण शरीर के सभी अंगों तक रक्त पहुंच नहीं पाता है । जिसे चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, शरीर में सुस्ती रहना आदि लक्षण दिखाई देते है ।

शरीर में रक्तचाप कितना होना चाहिए ?

डॉक्टर के अनुसार हर व्यक्ति का रक्तचाप सामान्य रूप से 120 /80 होना चाहिए । लो ब्लड प्रेशर तब होता है जब हमारे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सामान्य से भी कम रहने लगता है। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 होता है । जब मनुष्य का ब्लड प्रेशर सामान्य 90 से कम रहने लगता है तो लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन कहते हैं ।

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण । Low Blood pressure Symptoms in hindi.

जब लो ब्लड प्रेशर होता है यानी रक्त का संचारण धीमी गति से होता है तो इंसान को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं । जिसके कुछ संकेत इस प्रकार है –
● कमजोरी व थकान महसूस होना,
● चक्कर आना,
● काम में मन नहीं लगना, खाने की इच्छा नहीं होना
● तेज असर वाली गोलियां खाना, पानी की कमी होना, स्क्रीन में पीलापन,
● शरीर ठण्डा पडना, छाती में दर्द होना, अनियमित धडकने चलना,
● जी मिचलाना एवं उल्टी होना, बेहोशी आना, धुंधला दिखना आदि अधिक व्रत उपवास करना ये लक्षण हमें लो ब्लड प्रेशर का संकेत देते हैं ।

लो ब्लड प्रेशर के कारण । causes of low blood pressure in hindi.

लो ब्लड प्रेशर के मुख्य कारणों में अधिक मोटापा होना, मदिरा पीना, धूम्रपान करना, बाजार का तला चटपटा खाना, काम कम आराम ज्यादा करना एवं एसीडिटी होना आदि ।

इसी प्रकार व्यायाम या एक्सरसाइज न करना, खराब जीवन शैली के कारण भी ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है । अवसाद या डिप्रेशन के कारण भी ब्लड प्रेशर लो हो जाता है ।

लो ब्लड प्रेशर के घरेलू उपाय | Low BP ka gharelu ilaaj.

इलेक्ट्रोल – हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण बीपी लो होता है इलेक्ट्रॉन पानी में घोलकर पीने से भी स्थिति सामान्य होती है ।
डाइटिंग – अधिक डाइटिंग पर रहने के कारण भी बीपी लो होता है ।
◆ नारियल पानी बेल का शरबत आम का कचुंबर आदि लेने से लो ब्लड प्रेशर सही होता है ।

◆ अदरक के छोटे छोटे टुकड़े करके नीबू के रस में मिला कर रखले फिर खाना खाने से पहले थोड़ा सा खाले दिन में दो तीन बार ऐसा करने से राहत मिलती है ।
◆ खजूर को दूध में उबाल कर पीन से राहत मिलती है ।
◆ ऑवला लो बीपी के कारण चक्कर आने लगते हैं । तब ऑवले के रस में शहद मिला कर पीने से राहत मिलती है ।

◆ एक्सरसाइज करना, खाना सही समय पर खाना, पानी दिन में तीन लीटर तक पीना चाहिये ।
◆ अगर यदि आपका ब्लड प्रेशर लो है तो आप थोड़ा नमकीन खाये, नहीं तो कचोरी समोसा खाने से भी ब्लड प्रेशर सामान्य होता है ।
◆ टमाटर के साथ थोड़ी सी काली मिर्च और नमक डालकर पीने से हमारा रक्तचाप सामान्य होता है ।

नमक से लो ब्लड प्रेशर का इलाज । Namak se Low BP ka gharelu ilaaj.

लो बीपी को कंट्रोल करने के लिए नमक बहुत लाभदायक है । लो ब्लड प्रेशर होने पर एक गिलास पानी में नमक आधा चम्मच मिलाकर के और आधा नींबू मिलाकर पीने से राहत मिलती है ।

तुलसी से लो ब्लड प्रेशर का इलाज । Tulsi se Low BP ka gharelu ilaaj.

लो ब्लड प्रेशर वालों को तुलसी के चार पांच पत्ते प्रतिदिन खाना चाहिए । तुलसी में पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन सी पाया जाता है । इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक एंटी ऑक्सीडेन्ट लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है ।

किशमिश से लो ब्लड प्रेशर का इलाज । Kismis se Low BP ka gharelu ilaaj.

लो ब्लड प्रेशर में हमें किशमिश खाना चाहिए । 50 ग्राम देसी चने 10 ग्राम किशमिश को रात में सो गया मैं पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन चने के साथ किशमिश को चबा चबा कर खाए और पानी पीना । ये लो ब्लड प्रेशर में फायदेमंद होता है ।

गाजर से लो ब्लड प्रेशर का इलाज | Gazar se Low BP ka gharelu ilaaj.

गाजर और पालक भी लो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में सहायक होते हैं । 100 ग्राम गाजर के रस में हमे 25 ग्राम पालक का रस मिला कर पीने फायदेमंद होता है ।

चुकन्दर से ब्लड प्रेशर का इलाज | Chukandar se Low BP ka gharelu ilaaj.

चुकंदर का रस हमारे लो ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाने में सहायक होता है प्रतिदिन सुबह-शाम इसका सेवन करने से 1 सप्ताह में लो ब्लड प्रेशर में सुधार होता है ।

Low Blood pressure yoga in hindi.

लो ब्लड प्रेशर के एक्सरसाइज । Low Blood pressure yoga in hindi.

बालासन – हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है ।
सुखासन – यह एक लोकप्रिय योगासन है जिसके करने से मनुष्य के ब्लड प्रेशर को रिलैक्स मिलता है ।
शवासन – यह शवासन मुद्रा पूरी तरह से मरीज के आराम के लिए है ।
कोबरा पोज को भुजंगासन कहते हैं।

ब्लड प्रेशर के आयुवैदिक उपाय । Ayurvedic treatment of Low blood pressure in hindi.

अश्वगंधा, शतावर, सफेद मुसली कोंच के बीज और बला के बीज, दालचीनी के पाउडर को गर्म पानी के साथ सेवन करने से लो ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है । अश्वगंधा का पावडर या फिर इम्योनिटी वटी का सेवन करे।
दूध में शिलाजित, केसर और च्यवनप्राश मिला कर सेवन कर सकते हैं । केवल दूध नहीं पीना है ।
अश्वशीला के दो कैप्सूल भी लो बीपी कंट्रोल हो जाता है । अधिक जानकारी के लिए पढ़े अश्वशिला कैप्सूल के 11 फायदे । Patnjali ashwashila capsule in hindi.

लो ब्लड प्रेशर में क्या नहीं करें । Low Blood pressure me kya nahi kare.

लो ब्लड प्रेशर में हमें दूध नहीं पीना चाहिए । दूध से ब्लड प्रेशर और लो होता है, बायोएक्टिव, पेप्टाइड्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को और कम करतें हैं । दूध में कैल्शियम फॉस्फोरस पोटेशियम और विटामिन ए, डी और प्रोटिन भी होता है । इसके अलावा केलोस्ट्रोल वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहे ।

लो ब्लड प्रेशर के जोखिम । Risk factors of low blood pressure.

लो ब्लड प्रेशर की वजह से हमारे हार्ड, किटनी, ब्रेन और हमारे फेफड़े खराब हो जाते हैं । ब्लड प्रेशर लो होने पे बॉडी में जरूरी अंगों तक खून पूर्ण रूप से नहीं पहुंच पाता है । जिससे यह जरूरी अंग काम करना बंद कर देते हैं, कभी-कभी तो यह हालत हो जाती है कि हार्ट अटेक और बेन स्ट्रोक तक आ जाता है ।

लो ब्लड प्रेशर हमारे दिल की होने वाली बीमारी का भी संकेत देता है । इस प्रकार गर्भावस्था के दौरान भी इनके कुछ खतरे हो सकते है जैसे शिशु की गर्भावस्था में मौत होने आदि ।

लो ब्लड प्रेशर में क्या खाएं । Low Blood pressure diet chart in hindi.

लो ब्लड प्रेशर के लिए खानपान अहम भूमिका निभाता है बल्कि एक प्रकार का रामबाण इलाज है । मगर नियमित रूप से संतुलित आहार आवश्यक है जैसे –
● अण्डा,
● डार्क चाकलेट
● टॉलेट युक्त फूड्स का सेवन करेे खाने के साथ हमें ऐसी चीजों का प्रयोग करना चाहिए जिसमें फोलेट की पर्याप्त मात्रा हो ।
ओलिव्स – अगर आपका बीपी लो हो तो ओलीव का सेवन जरूर करें ।
लिकोरिस – टी लो बीपी में लिकोरिस – टी को जरूर पीये ।
● अंगुर का जूस, पनीर, कैबिनेट, चीनी वाले खाद्य पदार्थ ।

● मुलेठी की चाय, तरस पदार्थ का ज्यादा सेवन करें ।
● केला और किवी को खाने से भी हमारा ब्लड प्रेशर सामान्य होता है ।
● खाने में हमें उन चीजों का सेवन करना चाहिए जिस में प्रचुर मात्रा में सोडियम हो जिससे हमारे शरीर में सोडियम की कमी नहीं हो । इन सभी के सेवन से लो ब्लड प्रेशर में तुरंत राहत मिलती है ।

लो ब्लड प्रेशर में कौनसे फल खाने चाहिए

लो बीपी में खट्टे फल जैसे – अंगूर, लीची, किवी, जामुन, अमरूद कच्ची कैरी और जो भी हमें ठीक लगे खट्टे फल वो खाना चाहिए, छाछ में नमक, सिका हुआ जीरा, हींग मिलाकर पीना चाहिए।
हरी फलिया जैसे मटर, विनस, बालोर की फलिया
साबुत अनाज जैसे – चना, मूंग, मौठ, राजमा, चवलाजो आपको पसंद हो, सुबह नाश्ते में लेना चाहिए ।
हरी पत्तेदार सब्जी – जैसे पालक सरल सरसों बथुआ आदि का उपयोग करना चाहिए । कुछ समय तक हम इस प्रकार की डाइट लेने से लो ब्लड प्रेशर सामान्य होता है ।

Low Blood pressure लो ब्लड प्रेशर से हमें दिल की बीमारी होने की भी आशंका बनी रहती है । क्योंकि शरीर में खून का बहाव धीमी गति से दिल को पंपिंग करता है । यह दिल की बीमारियां ही शरीर में कई बीमारी को शाखाओं की तरह फैला देती है, जिससे सारे शरीर में रक्त नहीं पहुंच पाता है और धीरे-धीरे शरीर काम करना बंद कर देता है जिसे हम पैरालाइज भी कहते हैं । इसलिए हमें बिमारी को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए । शरीर को पूरा आराम दे । नींद पूरी ले । अवसाद से दूर रहे । यदि कोई परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें ।। शिवा सिहंल आबूरोड ।।