हायपर थायराइड का रामबाण इलाज । Hyper thyroid ka ilaaj.

 Hyper thyroid ka ilaaj.

Hyper thyroid ka ilaaj. अव्यवस्थित जीवन शैली, गलत तरीके का खानपान हमारे मनुष्य शरीर में अनेक प्रकार के रोगों को आमंत्रित करता है। आज कल मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग जैसे भयंकर रोग आम आदमी को परेशान कर रहे हैं । उनमें से एक थायराइड ( Thyroid ) भी है। जिसका हार्मोन हमारे शरीर की कई गतिविधियों को प्रभावित करता है।

थायराइड की समस्या भारत में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक पाई जाती है । जो महिलाओं में कई गंभीर बीमारियों को उत्पन्न कर रही है। जैसे समय से पहले रजोनिवृत्ति, एनीमिया अनियमित माहवारी, गर्भाशय विकार, बांझपन । तो आइए आज हम हायपरथायराइड के लक्षण, कारण और उसके उपचार ( Hyper thyroid ka ilaaj. ) के बारे में जानते है ।

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हायपरथायराइड क्या है ? What is Hyperthyroidism in hindi.

थायराइड मनुष्य की गर्दन में पाई जाने वाली एक छोटी ग्रंथि का नाम है। इस ग्रंथ का आकार तितली नुमा होता है। जो लगभग 20 ग्राम की होती है। इसे मास्टर ग्रंथि के नाम से भी जाना जाता है। इससे उत्पन्न हार्मोन हमारे शरीर की चयापचय क्रियाओं को नियंत्रित करता है।

जब थायराइड ग्रन्थी किसी कारण से अधिक सक्रिय हो जाती है तो यह अधिक हार्मोन स्रावित करने लगती है ।इसके अधिक मात्रा में स्रावित होने के कारण जो विकार उत्पन्न होता है उसे हायपर थायराइड रोग कहा जाता है। यह t3 ट्राई आयोडोथोरोडिज्म हार्मोन्स के कारण होता है।

हाइपरथाइरॉयडिज़्म कब होता है ?

अत्यधिक व्यस्त जीवनशैली, अनियमित खानपान अथवा गरम मसालों का अधिक सेवन करने कारण यह रोग हो सकता है । आयोडीन युक्त वस्तुओं के अधिक सेवन से भी इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। आजकल समुद्री भोजन को खाने का प्रचलन बढ़ गया है। जो भी हायपर थायराइड को जन्म दे सकता है।

यह रोग थायराइड ग्रंथि में हार्मोन की अधिकता के कारण होता है । ऐसा थायराइड ग्रंथि के अधिक सक्रिय होने के कारण होता है । जिसे हायपरथायराइडिज्म ( Hyperthyroidism ) रोग के नाम से जाना जाता है इससे गर्दन में एक विशेष प्रकार की गांठ का जन्म होता है । यह एक गम्भीर बीमारी होती है । यदि समय पर इसका इलाज ने करवाया जाए तो यह मौत का कारण भी बन सकता है।

हाइपरथायराइड के लक्षण | Hyperthyroidism symptoms in hindi.

वजन का कम होना – अच्छा पौष्टिक भोजन करने पर भी वह शरीर को अंग नहीं लगता है। इसमें रोगी का लगातार वजन कम होने लगता है।

घबराहट का होना – हाइपर थायराइड होने के कारण रोगी को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। उसका दिल बैठा बैठा सा रहता है।रोगी को घबराहट होने लगती है।

हाइपर थायराइड से गले में सूजन का आना

इसमें रोगी की गर्दन में सूजन आ जाती है। जिसके कारण रोगी को सांस लेने खाने-पीने की वस्तुएं निकलने में तकलीफ होती है। जिसे गलगंड रोग जाता है। गले में टॉन्सिल भी बढ़ जाते हैं। जो सूजन का कारण बनते हैं।

दिल की धड़कन तेज होना – हाइपर थायराइड के कारण रोगी का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जिसके कारण रक्त धमनियों में रक्त तेजी संचार करता है। जो दिल की धड़कन को बढ़ाता है । रोगी के दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इसके कारण घबराहट, तनाव, बेहोशी जैसी समस्याएं समने आती हैं।

हाइपर थायराइड से नींद कम आना –

हायपरथायराइड होने पर रोगी को अनिंद्रा रोग हो जाता है ।जिससे रोगी को नींद कम आती है।

आंखों का लाल होना – रोगी को नींद कम आने के कारण आंखों में भारीपन रहता है। लाल बनी रहती हैं ।रोगी की आंखें लाल-लाल रहने के कारण उन्हें दर्द भरी होने लगता है। जिसके कारण सिरदर्द जैसी भी समस्याएं बनती है।

पेट का खराब होना – हाइपर थायराइड का सीधा असर व्यक्ति की पाचन क्रिया पर पड़ता है। क्योंकि इस से स्रावित होने वाला हार्मोन चयापचय क्रिया को नियंत्रित करता है। इसमें असंतुलन होने कारण रोगी का पेट अक्सर खराब रहता है । उस में मरोड़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। खुलकर शोच नहीं जाता है। जिसके कारण आंतों में संक्रमण हो जाता है। रोगी का पेट खराब हो जाता है। दस्त जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

थकावट व कमजोरी – हाइपर थायराइड होने के कारण व्यक्ति का शरीर दिनोंदिन कमजोर होता जाता है। उसका काम में मन नहीं लगता। स्वभाव चिड़चिड़ा रहता है । हाथ पैरों में दर्द बना रहता है। हमेशा रोगी थकावट महसूस करता है। इसलिए रोगी को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसमें पौष्टिक खाना लेना आवश्यक होता है।

महिलाओं में हायपरथायराइड के लक्षण | Hyperthyroidism in women in hindi.

● मासिक धर्म की अनियमितता होना।
● एनीमिया या खून की कमी होना।
● स्वभाव में सदैव चिड़चिड़ापन रहना।
● कमजोरी, थकान महसूस होना।
● गर्भाशय विकार उत्पन्न होना।
● 40 वर्ष से पूर्व ही रजोनिवृत्ति का होना।
● हाथ, पैर मांसपेशियों में जकड़न रहना।
● आवाज में भारीपन आना।

Hyperthyroidism in women in hindi.

हायपरथायराइड के कारण । Hyper thyroid ke karan.

● हार्मोन के अधिक स्रावित होने के कारण।
● थायराइड ग्रंथि में गांठ उत्पन्न होने कारण।
● गर्भावस्था में हारमोंस के बदलाव के कारण।
● आयोडीन युक्त नमक अधिक खाने के कारण।
● ऑटो इम्यून सिंड्रोम के कारण।
● ग्रेव सिंड्रोम के कारण।
● सिर में चोट लगने के कारण ।
● पिट्यूटरी ग्रन्थि की सर्जरी होने के कारण ।

हायपरथायराइड में होने वाली जांचे | Hyperthyroidism test in hindi.

● Tsh जांच
● t 3 जांच
● t4 जाँच
● आयोडीन की जांच
● बायोप्सी जांच
● आंखों का परीक्षण करना
● थायराइड ग्रंथि की सोनोग्राफी
● खून की जांच करना |

हायपरथायराइड होने पर क्या सावधानी रखें | Hyper thyroid hone par kya kare.

● हायपरथायराइड होने पर व्यायाम, योग आदि को अपनाएं । इसमें सूर्य नमस्कार करना बहुत उपयोगी होता है।
● कभी भी भूखे, प्यासे न रहे। कुछ न कुछ खाते रहे । क्योंकि खाली पेट थायराइड को गंभीर बनाता है।
● हमेशा तनावमुक्त रहें।
● समय-समय पर थायराइड लेवल की जांच कराते रहें।
● आयोडीन युक्त भोजन का सेवन करें।
● अपने भोजन में फल, हरी सब्जियों आदि को अधिक शामिल करें।
● फाइबर प्रोटीन और विटामिन युक्त भोजन का सेवन करें।

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हायपरथायराइड के परहेज | Hyper thyroid Ke parahej.

● हायपरथायराइड होने पर कभी भी अल्कोहल या शराब का सेवन न करें।
● फास्ट फूड या डिब्बे बंद भोजन का उपयोग न करें।
● समुद्री भोजन का अधिक उपयोग न करें।
● किसी भी प्रकार का धूम्रपान न करें।
● बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का उपयोग न करें।
● चीनी का सेवन नहीं करे।
● तनाव मुक्त रहें |

हायपरथायराइड का देसी इलाज । Hyper thyroid ka ilaaj.

● हायपरथायराइड में पत्ता गोभी या फूल गोभी की सब्जी बनाकर खाई जाए उससे भी लाभ होता है।
● धनिया और जीरे का उपयोग भी हायपरथायराइड में किया जाता है । थायराइड के रोगी को रोज एक गिलास धनिया पाउडर मिला पानी चाहिए।
● रात को सोते समय एक गिलास पानी में अश्वगंधा का चूर्ण मिलाकर पीना चाहिए यह बहुत लाभ देता है।
● हल्दी मिला दूध दी हायपरथायराइड में लाभदायक होता है।

लौकी के जूस से हाइपर थायराइड का इलाज । Loki se hyper thyroid ka ilaaj.

हायपरथायराइड में लौकी का जूस निकाल कर पीना चाहिए। जो कि बहुत ही लाभदायक होता है ।लौकी के जूस को यदि खाली पेट लिया जाए तो यह बहुत अच्छा रहता है।

काली मिर्च से हाइपर थायराइड का इलाज । Kali mirch se hyper thyroid ka ilaaj.

काली मिर्च भरपूर ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। हाइपर थायरायड में काली मिर्च के चूर्ण का सेवन नियमित निश्चित मात्रा में करना चाहिए थायराइड में वह बहुत लाभ देती।

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त्रिफ़ला से हाइपर थायराइड का इलाज । Triphala se hyper thyroid ka ilaaj.

हाइपथायराइड रोग में त्रिफला चूर्ण भी बहुत लाभदायक होता है। त्रिफला के चूर्ण का सेवन रोज खाली पेट पानी में मिलाकर करने से हाइपर थायरॉइड से राहत मिलती है ।

अखरोट व बादाम से हाइपर थाइराइड का इलाज । Badam our akhrot se hyper thyroid ka ilaaj.

बादाम और अखरोट हाइपर थायराइड के लिए रामबाण औषधि है । इनका नियमित रूप से सेवन करने से गले में होने वाली सूजन से राहत मिलती है । इसे गाय के दूध के साथ अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर सोते समय सेवन करने से लाभ होता है ।

काढ़े से हाइपर थायराइड का इलाज । Kadhe se hyper thyroid ka ilaaj.

पुनर्नवा का काढ़ा भी हायपरथायराइड में लाभदायक होता है । एक गिलास पानी में एक चम्मच पुनर्नवा का पाउडर डालें और उसे जब तक उबालें जब तक वह एक तिहाई न रह जाए। फिर उसका सेवन रोज सुबह शाम खाली पेट करना चाहिए।

मुलहठी से हायपरथायराइड का इलाज | Mulethi hyper thyroid ka ilaaj.

मुलहठी आसानी से उपलब्ध होने वाली जड़ी बूटी है। जो पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाती है। मुलेठी की जड़, पत्ते, शाखाएं सभी औषधि के रूप में काम आते हैं । इस की तासीर ठंडी होती है । तथा स्वाद हल्का मीठा होता है। मुलेठी में प्रोटीन, कैल्शियम, एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं ।
जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं।

मुलेठी में सूजन और दर्द को कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं । जो थायराइड जैसी बीमारी में दर्द और सूजन से राहत दिलाते हैं। मुलेठी का उपयोग थायराइड की बीमारी को कम करने के लिए किया जाता है। थायराइड के कारण आई गले की सूजन व भारीपन को मुलेठी दूर करती है। इसका उपयोग मुलेठी पाउडर को गर्म पानी में उबालकर उस का काढ़ा बनाकर किया जाता है। मुलेठी को चबा चबाकर भी खाया जा सकता है।

मुलेठी का काढ़ा बनाने की विधि ।

एक बर्तन में एक गिलास पानी ले । उसमे मुलहठी का 2 चम्मच पाउडर डाल दे। उसमे एक चम्मच शहद भी डाले । फिर उसे धीमी आँच पर उबालें । जब पानी एक तिहाई रह जाये तब उसे छान कर हल्का गर्म रोगी को पिला दे। कुछ समय के सेवन से लाभ मिलेगा।

हायपर थायराइड से उत्पन्न अन्य गम्भीर बीमारियां । Hyperthyroidism risk factors.

● थायराइड का कैंसर
● गले में गांठ
● टॉन्सिल्स का बढ़ना
● गले में सूजन
● आवाज का गायब होना
● आवाज में बदलाव
● अनीमिया |

निष्कर्ष – कहां जाता है स्वास्थ्य है तो जहान है । स्वास्थ्य नहीं तो जिंदगी वीरान है । ऐसे में व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। किसके लिए स्वास्थ संबंधी लेखों, खानपान संबंधी साहित्य आदि का अध्ययन करते रहना चाहिए। उनके ज्ञान का लाभ उठाकर, अपने जीवन को सुखी एवं निरोगी रखना चाहिए।

व्यक्ति अपनी दैनिक जीवन शैली में बदलाव लाकर के हायपर थायराइड जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित कर सकता है। इसके लिए उसे रोज प्रातःभ्रमण, व्यायाम, योग आदि को अपनाना चाहिए। भागदौड़ भरी जिंदगी व मानसिक तनावों से दूर रहना चाहिए। दुर्व्यसनों से बचना चाहिए। अपने रहन सहन और खान पान में सतर्कता बरतने के साथ साथ समय पर डॉक्टरी सलाह इस बीमारी से राहत पाई जा सकती है ।। रामकुमार प्रजापति, अलवर, राजस्थान ।।