पद्मासन के विधि एवं लाभ । Padmasana ke fayde.

Padmasana ke fayde.

Padmasana ke fayde. चिंता से मुक्ति आपसी संबंधों में सुधार अपार शांति ऊर्जा शक्ति का संचार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार, वजन में कमी, सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता, मिर्गी रोग से छुटकारा, पेट संबंधित रोगों से छुटकारा, उर्जा में वृद्धि अनेक प्रकार की लाभ योगासन के नित प्रयोग से देखने को मिलते हैं ।

तथा अधिक वर्षों तक आयु को बढ़ाया जा सकता है । योगाचर्य महाऋषि पतंजलि नें योगदर्शन में सूत्रों के रूप में प्रस्तुत किया है । आज वही योग दुनियाभर में प्रसिद्धि पा रहा है । तो चलिए जानते है योगासन के बारे में – Padmasana ke fayde.

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योगासन क्या है | Yogasan kya hai.

योग सिर्फ एक शारीरिक अभ्यास नहीं यह गुंढ़ता पूर्ण भावनात्मक एकीकरण एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है, जिसे हम सभी कल्पनाओं से परे स्थित आयाम की एक झलक मिलती है, योग्य शब्द 19वीं शताब्दी में संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ है संध और आसन की मुद्रा । 84 सर्वाधिक लोकप्रिय योग आसनों का प्रयोग आमजन अपने स्वास्थ्य को उत्तम रखने के लिए और दिनचर्या को प्रभावशाली बनाने के लिए उपयोग में लेते हैं ।

पद्मासन क्या है । what is lotus pose.

पद्यासन का नाम पद्मा शब्द पर रखा गया है जिसका मतलब होता है कमल का फूल । अगर आप किसी भी योगी या ऋषि को ध्यान करते हुए देखेंगे तो आपको हमेशा पद्मासन में ही दिखाई देंगे । बैठकर किए जाने वाले सब आसन में यह सर्वश्रेष्ठ है, मांसपेशियों और जोड़ों के लिए तो बहुत ही लाभदायक है । पद्मासन का दूसरा नाम – (lotus pose ) कमल आसन

पद्मासन कैसे करे | Padmasana kaise karen.

1. दंडासन में बैठे जाए हल्का सा हाथों से जमीन को दबाते हुए और सांस लेती हुई जिसकी हड्डी को लंबा करें ।
2. सांस अंदर ले और अपनी दाएं टांगों को उठाकर बाई जाँघ पर ले आए ।
3. और फिर दोनों पैरों के साथ भी ऐसा ही करें ।
4. अब आप पद्मासन में है ।
5. इस मुद्रा में आपके दाएं कुल्ले और घुटने पर खिचवा आएगा ।
6. जितना आराम से बैठ सकते हैं उतने आराम से आसन में बैठे हैं ।

पद्मासन के फायदे | Padmasana ke fayde.

हरासर की तरह पद्मासन के भी कई लाभ होते हैं । न केवल जोडो के दर्द एवं याददाश्त बढ़ाने में सहायक है । यह आसन तंत्रिका तंत्र को भी मजबूत करता है । जिसमें से कुछ इस प्रकार है …

पद्मासन के फायदे ध्यान के लिए । Padmasana ke fayde dhyan ke liye.

यह आसन ध्यान के लिए सर्वश्रेष्ठ है । जो न केवल शारीरिक, मानसिक एवम आध्यात्मिक की ओर ले जाने सहयोग करता है और एकांगी बनाते हुए मन को शांति तथा धैर्य प्रदान करता है।

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पद्मासन के फायदे चेहरे के लिए । Padmasana ke fayde chehre ke liye.

नियमित रूप से इस अभ्यास को करने से न केवल मन बल्कि चेहरे में एक नई प्रकार की रौनकता आती है जिसे चेहरा खिला खिला सा लगता है।

पद्मासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है । Padmasana ke fayde.

नियमित रूप से इस आसन को करने हमारी रीढ़ की हड्डी को न केवल स्वस्थ रखता बल्कि मजबूत भी करता है । यह रीढ़ की हड्डी पेट और मूत्रशय उत्तेजित करता है, और मासिक धर्म में और साइटिका मे होने वाली तकलीफ से राहत दिलाता है । यह रीढ़ की हड्डी के निचले अंतिम हिस्से एवं अंस मेखला के क्षेत्र में अतिरिक्ति रक्त प्रवाह करके तंत्रिकाओं को मजबूत करने में सहायक है।

पद्मासन के फायदे याददाश्त बढ़ाने में सहायक | Padmasana ke fayde.

पद्मासन को नियमित रूप करने के लिए उपयोगी साबित हो सकता है । वही आप की एकाग्रता बढ़ाने के लिए सहायक होता है । इस आसन को नियमित अभ्यास करने से दिमाग की नसें सक्रिय होती हैं । जिसे आपकी याददाश्त बढ़ती है ।

पद्मासन के फायदे पेट के अंगों को स्वस्थ बंनाने के उपयोगी । benefits of lotus pose in hindi.

पद्मासन को रोजाना अभ्यास करने से आपके शरीर के सभी अंगों को मजबूत करता है जैसे मांशपेशियों व नसों को मजबूत करता है । वही पाचन शक्ति को मजबूत करता है जिसे पेट स्वस्थ रहता है ।

पद्मासन के अन्य फायदे । Padmasana ke fayde.

● पद्मासन घुटनों और कूल्हों के जोड़ों का लचीलापन बढ़ाता है ।
● घुटने और टांगों में खिंचाव लाता है और इसे मजबूत बनाता है ।
● गर्भ अवस्था में देर तक इस मुद्रा के लगातार अभ्यास से प्रसव डिलीवरी आसान होती है ।
● पारंपारिक ग्रंथों का कहना है कि पद्मासन सभी को नष्ट कर देता है और कुंडलिनी जागता है ।
● मन को शक्ति प्रदान करता है ।

Padmasana ke nuksan.

पद्मासन के नुकसान | Padmasana ke nuksan.

पद्मासन को अगर सही तरीके से नहीं करते हैं तो आपको पद्मासन के नुकसान हो सकता है –
1. जिनके घुटनों में दर्द रहता है या गठिया की बीमारी से पीड़ित होते हैं वें ज्यादा देर तक इस आसन को ना करें l इससे इन्हें गंभीर नुकसान हो सकता है, या फिर से दर्द भी बढ़ सकता है ।
2. अगर आप इस आसन को पहली बार कर रहे हो तो आप पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठने का प्रयास करें और जब तक बैठने का प्रयास नहीं होता, तब तक ध्यान भी नहीं लगेगा । अगर आप बिना प्रयास किए इस आसन में ज्यादा देर तक बैठते हैं तो इसका आपके पैरों पर नुकसान देखने को मिल सकता है ।

3. जो लोग साइटिका कमर दर्द और आर्थराइटिस से पीड़ित हैं वे इस आसन को ना करें, इससे आपके शरीर को भारी नुकसान हो सकता है ।
4. जो महिला गर्भवती है इस आसन को उतना ही करें जितना देर में कर सकती है, अगर आप इसे जबरन करते हैं तो इससे गर्भवती महिला को पद्मासन की नुकसान हो सकते हैं ।

पद्मासन सिद्ध करने में कितना समय लगता है ।

पद्मासन में 1 से 5 मिनट तक रुक सकते हैं, यदि आप पद्मासन में बैठकर ध्यान करना चाहते हैं, तो इस अधिक समय तक किया जा सकता है पद्मासन का अभ्यास सुबह के वक्त ही किया जाना चाहिए, लेकिन अगर आप शाम के वक्त ही आसन कर रहे हैं..तो जरूरी है, कि आप अपने भोजन कम से कम 4 से 6 घंटे पहले कर लिया हो और आपका पेट पूर्णता खाली हो ।

सारांश – शांत, सरल स्वच्छ और कोमल योगी के चीत का प्रतिनिधित्व करता है यह आसन पद्मासन बनाया गया है, यह आसन करते समय शरीर का आकार कमल जैसा हो जाता है, इसलिए आसन को कमलासन भी कहते हैं जो लोग योग की शुरुआत करना चाहते हैं, वे पद्मासन से योग शुरू कर सकते हैं ।