लड़कियां किस उम्र में ज्यादा करवाती हैं ? इन 5 कारणों से महिला खुद को रोक नही पाती

ladkiya kis umar me karwati hai.

लड़कियां किस उम्र में ज्यादा करवाती हैं ? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर उनकी शारीरिक एव मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है क्योंकि इसका उत्तर सामान्य नहीं हो सकता है। एक व्यक्ति के व्यक्तिगत और सामाजिक माहौल का बहुत महत्व होता है जब उसे अपनी मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक प्रवृत्तियों का निर्धारण करना होता है। हम सभी अलग-अलग अनुभव और कारको के प्रभाव में होते हैं और इन प्रभावों को एक सामान्य आदान-प्रदान नहीं किया जा सकता है।

बचपन से लेकर जवानी तक, लड़कियों को अपनी प्रजनन अंगों से जुड़े मामलों का ख्याल रखने की जरूरत होती है। उन्हें प्रजनन स्वास्थ्य, गर्भनिरोधक तकनीकें और सेक्सुअल शिक्षा प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। इससे पहले कि लड़की या युवती माँ बने, उनसे पहले उन्हे सेक्सुअलिटी और फिज़िकल रिलेशन के बारे में जागरूक होनी चाहिए। यह बात अलग हैं कि यह जागरूकता स्वतंत्र रूप से आती हैं मगर एक सही उम्र के पड़ाव मे आती हैं । तो चलिए जानते हैं – महिलाए या लड़कियां किसी उम्र ज्यादा उत्साहित होती हैं –

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लड़कियां किस उम्र में लड़को के प्रति आकर्षित होती है –

यह सवाल सबसे अहम है कि लड़कियां लड़को के प्रति कब आकर्षक होती है ? इस जबाब भी लड़की की शारीरिक एव मानसिक स्थिति पर निर्भर करती हैं । यह आकर्षण लड़की की शिक्षा व दीक्षा पर भी निर्भर करता है । वही आस पास का वातावरण भी एक प्रभावी कारक हैं । क्योंकि आस पास का वातावरण महिलाओ व लड़कियो को काफी ज्यादा प्रभावित है ।

अब बात करते है उम्र की तो किसी जमाने में लड़कियो व लड़को के बीच आकर्षक शब्द नहीं था और था तो 25 वर्ष की उम्र के बाद लेकिन जब से पश्चिमी सभ्यता ने डोरे डाले है । जब से मोबाइल व टीवी का चलन बढ़ा है, जब से परिवार सिमटने लगे है तब टीन ऐज की लड़कियां लड़को के प्रति आकर्षित होने लगी हैं । क्योंकि टीन ऐज वह उम्र होती हैं जिसमे अच्छे बुरे का ख्याल नहीं होता है । यानि 15 – 16 की लड़कियां लड़को के प्रति आकर्षित हो जाती है ।

इस आकर्षण के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे लड़के की प्रशनाल्टी, लूक, पैसा, शिक्षा आदि बहुत बहुत सारे कारण हो सकते हैं । यही बात महिलाओ पर लागु होती है । हा उनमे एक नया कारण भी सामने आता है फिज़िकल रिलेशन । चुंकि यह कारण लड़कियो पर लागु होती हैं मगर इन दौर संकोच का ज्यादा आभास होता हैं ।

लड़कियां किस उम्र में ज्यादा करवाती हैं –

बालिकाओं का जीवन में परिवर्तन होता है और उनकी दैनिक जीवनशैली में भी अनेक बदलाव होते हैं। यहां एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है बालिकाओं की सेक्सुअल गतिविधियों की उम्र। हालांकि, इस संबंध में व्यक्ति की उम्र से ज्यादा उसकी इच्छा और स्थिति पर प्रभाव पड़ता है। युवतियों के साथ सेक्सुअल गतिविधियों की शुरुआत विभिन्न अवसरों पर होती है। इसका मतलब है लड़कियां किसी न किसी उम्र में अपनी पहली सेक्सुअल गतिविधि के अनुभव से गुजरती हैं। कुछ लड़कियां अधिकतर अपनी पहली सेक्सुअल गतिविधि का अनुभव स्कूली या कॉलेजी जीवन में करती हैं।

कुछ नए शोध अध्ययनों के अनुसार, लड़कियां बचपन के दौरान अपनी सेक्सुअलता के बारे में अवधारणा बना लेती हैं और उन्हें इस विषय पर बातचीत के लिए तैयार होना चाहिए। किशोरावस्था में इस विषय पुरी जानकारी होना आवश्यक है वरना इसी उम्र से इन कदमो की शुरुआत होती हैं । वही आंकड़ों की बात करें तो लगभग 40% महिलाओ ने माना है कि उन्होंने 18 वर्ष से पहले संभोग कर लिया था । वही ग्रामीण व शहरी आंकड़े अलग अलग है । तो चलिए जानते हैं –

टीन ऐज में होते है शारीरिक बदलाव – लड़कियां किस उम्र में ज्यादा करवाती हैं ?

लड़कियो की किशोर अवस्था यानि Teen age में बहुत सारे शारीरिक बदलाव होते हैं । जैसे मासिक धर्म शुरु होना, गुप्तांगो का विकसित होना व उन बालो का उगना, स्तनो का उभार बढ़ना, महिला हार्मोन का बढ़ना आदि कई महत्वपूर्ण बदलाव होते है । कहने का मतलब है कि 13 से 19 वर्ष की वह आयु है जिसमे बड़े परिवर्तन होते हैं । और इसी उम्र में शारीरिक विकास भी होता हैं । इस विकसित होते शरीर के मानसिक रूप से भी भावनाए घर कर लेती है ।

15 की उम्र के बाद उनका मन भावनाओ के समंदर में गोते लगाता है । यही कारण हैं की उनके कदम बहक जाते हैं । उनका मन किसी लड़के के प्रति आकर्षित हो जाता है । हलाकि वह खुद इस मामले में अज्ञान होती हैं । इस बारे में आधी अधूरी होती हैं । मगर आज की पश्चिमी सभ्यता अपने चपेट में ले लेती है । सच कहे तो 18 की होते होते लड़कियां जवान भी हो जाती हैं ।

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20 की उम्र में होती हैं परिपक्व – लड़कियां किस उम्र में ज्यादा करवाती हैं ?

किशोर अवस्था से बाहर निकलते निकलते पता ही नहीं चलता हैं कि यौवन के साथ साथ कदम भी थिरकने लगते हैं । जी हा 20 – 20 साल की उम्र होते होते एक लड़की परिपक्व हो जाती हैं । उनका मन शारीरिक रिलेशन की और खिसकता है । उनकी चाहत होती हैं कि उनके साथ बिस्तर पर सोये । यानि ज्यादा करने व करवाने की इच्छा होती हैं । और प्रेग्नेंट होने का खतरा भी रहता हैं ।

मेरे मित्रो इन सब वाक्यों का यह मतलब नहीं है कि वह अंधी हो जाती हैं । नहीं ऐसा नहीं है … मान मर्यादा के नाम की कोई चीज़ होती हैं । यहाँ अगर कोई लड़की शिक्षा ग्रहण कर रही है या किसी टारगेट या व्यवसाय करने में व्यस्त है तो उनकी मानसिकता अलग हो सकती हैं ।

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30 के बाद बन जाती हैं पीस – लड़कियां क्यो करवाती है

भारतीय संस्कृति एव परम्परा के अनुसार 18 से 25 के बीच शादी जैसे शुभ अवसरो की प्राप्ति हो जाती है । और आने वाले 5 – 7 वर्षो में मातुत्व सुख भी मिल जाता हैं । यानि वह 30 वर्ष की आयु होते होते सभी संकोच व तमाम बंदिशो से मुक्त होकर अपने पार्टनर को बिस्तर पर सच्चा सुख देती हैं । यदि वह पूर्ण स्वस्थ है तो इस उम्र में बिस्तर पर पार्टनर पर भरपुर सहयोग देती हैं ।

इसके विपरीत यदि लड़की अस्वस्थ या मानसिक रूप से तनाव या स्ट्रेस में है तो उपरोक्त सुखो में कमी हो सकती हैं । उनकी कमेच्छा में कमी आ सकती हैं । इसलिए अपने पार्टनर का ख्याल रखे, उन्हे स्वस्थ रखे जिससे आपको बिस्तर पर बेहतर चरम आनंद मिलता रहे ।

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किन कारणों से लड़कियां संबंध बनाने को उत्सुक हो जाती है –

इस दुनिया में संबंध बनाना और उसे बनाए रखना सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। यह न केवल गहरी दोस्ती का एहसास महसूस करने का तरीका है, बल्कि यह एक सही जीवनसंगी ढूंढने के भी सबसे महत्वपूर्ण कदम है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे –

  1. समाजिक दबाव – समाज में स्थानांतरित होने के कारण, लड़कियां अक्सर अधिक महत्व देने वाले और संगठनशील रिश्तों के प्रतीक माने जाते हैं। वे किसी भी उपलब्ध संबंध के लिए तरसती हैं क्योंकि वे खुद को संबंध की एक प्रमुख शक्ति और स्थान के रूप में देखती हैं।
  2. बाहरी प्रभाव – अक्सर, माध्यम और संदर्भों के द्वारा, महिलाएं किसी व्यक्ति के किसी काम या गुण को देखकर उन्हें दिलचस्प पाने का प्रयास करती हैं। आकर्षण पहल जीवन में बड़ा महत्व रखता है, और महिलाओं के लिए, किसी से बात करने और पुरुषों को देखने का यह एक आकर्षक तरीका है।
  3. संबंध की उम्मीद – लड़कियां अक्सर अपने अस्थायी और स्थायी संबंधों में एक साथी की खोज करती हैं। सही संबंध बनाने की धारणा से ऐसा करती हैं कि यह संबंध उस सही पुरुष या स्थान से शुरू होगा जिसे वह तलाश रही हैं। यह उम्मीद लड़कियों को संबंध बनाने के लिए उत्सुक करती है, क्योंकि उन्हें उम्मीद होती है कि यह संबंध उनके जीवन को बदल देगा।

अंतिम शब्द – लड़कियों को संबंध बनाने के तत्व जैसे सामाजिक दबाव, बाहरी प्रभाव और संबंध की उम्मीद के चलते, लड़कियां उत्साहित होकर एक साथी की खोज करती हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम समाज में स्थान एवं महिलाओं की सशक्तिकरण के प्रतीक की उपेक्षा न करें और महिलाओं को संबंध बनाने और उनके अधिकारों और स्वाधीनता को महत्वपूर्ण बताएं।