महिलाओ का धात गिरना कारण, लक्षण, इलाज व घरेलू उपचार

mahilaon ka dhaat girana ka ilaaj. 

महिलाओ का धात गिरना । बदलती हुई जीवन शैली ने न केवल पुरुषो को बल्कि महिलाओ को प्रभावित किया है । वही इंटरनेट व मल्टीमिडिया सिस्टम ने उत्तेजना को बढ़ावा दिया है । जिसे धात रोग की संभावना को बढ़ा दिया है । एक शोध के अनुसार महिलाओ मे धातु रोग एक आम समस्या है जिससे हर तीसरी नारी ग्रसित है ।

एक्सपर्ट के अनुसार लगातार बैठे रहने, अधिक कमेच्छा, चटपटा भोजन करने से स्त्री धातु रोग की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती हैं । हालांकि इनका इलाज भी संभव है । परेशानी तब खड़ी होती है जब यह प्रॉब्लम लम्बे समय तक बनी रहती है । तो चलिए जानते हैं – महिलाओ का धात गिरना के कारण, लक्षण व घरेलू उपचार के बारे में – mahilaon ka dhaat girana ka ilaaj.

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स्त्री धातु रोग क्या है ?

महिलाओ में धात रोग वह स्थिति है जिसमे महिलाओ के जननेंद्रीय से सफ़ेद रंग का चिपचिपा सा तरल पदार्थ गिरता है । जिसे डॉक्टरी भाषा में लिकोरिया या श्वेत प्रदर कहते हैं । वही वैज्ञानिक नाम फीमेल धत सिंड्रोम कहते हैं । हालांकि यह प्रॉब्लम पुरुषो में भी होती है ।
इससे शरीर कमजोर होता है और कमजोरी से श्वेत प्रदर बढता है। इसके प्रभाव से हात पैरो मे दर्द, शरीर भारी रहना, चिडचिडापन रहता है। इस रोग मे स्त्री की योनीमार्ग से सफेद चिपचिपा गाढ़ा बदबूदार स्त्राव होता है। इसे वे वाइट डिस्चार्ज कहते है।

जब कोई सफेद दूध जैसा पदार्थ पेशाब करने से पहले या बाद मे निकलता है। इसे धातु रोग कहते है। लार कि तरह जो द्रव्य निकलता है। उसे धात नही कहते है ।

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महिलाओ का धात क्यो गिरना है ? कारण

स्त्रियों में धातु रोग की प्रॉब्लम के कई कारण हो सकते हैं । एक्सपर्ट के अनुसार निम्न कारण हो सकते हैं जैसे –
शारीरिक विषमता ये या बीमारी या
कुछ रोगों के कारण भी धातरोग हो सकता है जैसे

  • प्रोस्टेट ग्रंथी मे इन्फेक्शन
  • किसी प्रकार का कोई शारीरिक श्रम न करने पर ।
  • भोग विलासिता की जीवन शैली अपनाने पर ।
  • ज्यादा सेक्स के बारे मे सोचना और करना भी धात रोग का मुख्य कारण है।
  • कभी कभी गुर्दे मे Infection के कारण भी हो सकता है ।
  • प्रजनन अंगों की उचित साफ सफाई न करने पर भी धात रोग हो सकता है ।
  • लगातार अधिक तला भुना या मिठा खाने से महिलाओ में यह प्रॉब्लम हो सकती है ।

इसी प्रकार लगातार बैठे रहना या किसी प्रकार का कोई शारीरिक श्रम न करने से भी धातु रोग होने की संभावना रहती है । वही एक से अधिक पुरुषो के साथ संबंध बनाने से भी धात रोग होने की संभावना रहती है ।

महिलाओ का धात गिरना के लक्षण –

स्त्री धात रोग महिलाओ की लैंगिंग प्रॉब्लम को दर्शाता है । हालांकि इनका मुख्य लक्षण के रूप मूत्र मार्ग से सफ़ेद पानी का आना है । इनके साथ कुछ लक्षण भी इस प्रकार है –

  • जननागो से सफ़ेद गाढ़ा पदार्थ गिरना ।
  • जननागो में खुजलाहट होना ।
  • नींद कम आना,
  • चिडचिडापन,
  • पूरे शरीर में दर्द होना विशेषकर पैरो की पिड़लिया, कमर दर्द, सरदर्द आदि ।
  • डिप्रेशन या अरुचि,

शारीरिक रूप से अधिक थकान या कमजोरी महसूस होना । अगर आपको ऐसे लक्षण है तो यथा शीघ्र अपने डॉक्टर से मिले।

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महिलाओ का धात गिरना से क्या होता है –

धातु रोग एक ऐसी लैंगिंग प्रॉब्लम है जो बहुत ही धीमी गति से आगे बढ़ती है । एक सरकारी वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी के अनुसार धातु के जोखिम बहुत खतरनाक हो सकते है । और खतरनाक तब होते हैं जब ये प्रॉब्लम लम्बे समय तक बनी रहती है । इनके नुकसान इस प्रकार से है –

  • शारीरिक रूप से कमजोरी – लगातार इस प्रॉब्लम की वजह से बहुत ज्यादा कमजोरी आ जाती है । एनीमिया भी हो सकता है ।
  • हड्डियों का कमजोर होना – धातु शरीर का सातवा रत्न है । लगातार मूत्र या मल के साथ निकलने से हड्डिया खोखली हो जाती है ।
  • गर्भाशय मुख का कैंसर – लगातार मूत्र मार्ग से धातु का रिसाव होने पर गर्भाशय प्रभावित होता है । और धीरे धीरे कैंसर का रूप ले सकता है ।

स्त्री धातु रोग का इलाज

धात पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसमे Behavior therapy होती है । युनानी आयुर्वेदिक system इसमे कारीगर साबित होता है। जो आपको मानसिक भी और शारिरीक भी फिट करेगी। यदि आप इस प्रॉब्लम से ग्रसित हैं तो घबराइये मत डरिये मत किसी टेंशन कि जरुरत नही है । बस अपने योग्य सेक्सोलॉजिस्ट मिले । फिर भी आप इन बातो का ध्यान रखे जैसे –

  • धात रोगी सबसे पहले दिमाग को relax करे ।
  • खाने क बिच के टाइम का 3 घंटो का अंतराल रखे ।
  • इसी तरह अपने खाने मे ऐसी चीजे छोड दें जो आपकी सेक्सुअँलिटी को यु समझ के चलिये आपके अंदर के सेक्सुअल डिजायर को बढाती है।
  • दिन भर बहुत ज्यादा आराम करने के बजाय सुबह शाम सैर करे या यु कहे की योगा करे ।
  • चटपटा खाने के बजाय घर का खाना खाये । इस बात का ध्यान रखे कि भोजन में फल फ्रूट को भी स्थान दे ।

स्त्री धातु रोग का घरेलु उपचार –

युवा लड़कियो में धातु रोग एक हार्मोनल प्रॉब्लम के कारण हो सकती है । वही महिलाओ में रजोनिवृति के कारण श्वेत प्रदर की दिक्क़त हो सकती है । हालाँकि घबराने की बात नही है । इनका इलाज घर पर ही संभव है । जो इस प्रकार है –

  • आंवला का सेवन करे – आंवला धातु रोग के लिए फायदेमंद होता है । इनका सेवन मुरब्बा बनाकर भी करना लाभकारी है । इनके अलावा आंवला के साथ शहद मिलाकर खाने से आराम मिलता है ।
  • जननागो की साफ सफाई – अपने प्रजनन अंगों की उचित साफ सफाई रखकर भी इस प्रॉब्लम से बचा जा सकता है । जिससे बदबू दूर होगी । इनके लिए फिटकरी का इस्तेमाल कर सकते है । इससे संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी ।
  • प्याज़ का सेवन करे – प्याज़ हर घर की रसोई में मिलने वाली सामग्री है । इनका सेवन करना धात रोग के साथ साथ अन्य समस्याओ के लिए फायदेमंद होता है । प्याज़ के रस के साथ शहद मिलाकर सेवन करने से धात रोग से निजात मिलती है ।

दालचीनी के चूर्ण से स्त्री धातु रोग का घरेलू उपचार –

धातु रोग के लिए दालचीनी एक औषधि की तरह कार्य करती है । वैसे इनका उपयोग ज्यादातर लैंगिंग प्रॉब्लम के उपचार के लिए किया जाता है । धातु रोग के लिए इलायची, अशोक की छाल, सफ़ेद जीरा के साथ दालचीनी की समान मात्रा में चूर्ण बनाकर डिब्बे में रखे ।

इस चूर्ण का उपयोग थोड़ा थोड़ा चाय की तरह उबाल कर सुबह शाम पीने से सप्ताहभर में श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर या धात रोग से मुक्ति मिल सकती हैं । ध्यान रखे इनका उपयोग सिमित मात्रा में करे ।

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मेथी के बिज़ से स्त्री धातु रोग का घरेलू उपचार –

आयुर्वेद ने मेथी को एक औषधि की संख्या दी । इनका उपयोग मधुमेह जैसे रोगो के उपचार में किया जाता है । वही यह स्त्री धात रोग के लिए भी बहुत उपयोगी है । इनके लिए मेथी दानो को रात भर भींगोकर सुबह खाली पेट पीने से लाभ होता है । इस पानी से गुप्तांग धोने से भी श्वेत प्रदर या धात रोग से आराम मिलता है ।

इसी प्रकार मेथी दानो की सब्जी बनाकर सेवन करना भी फायदेमंद होता है । यही कारण है कि डिलीवरी के बाद महिलाओ को मेथी के लड्डू खिलाए जाते हैं ।

स्त्री धात रोग के परहेज

जैसा कि महिलाओ में धात रोग की समस्या आम है । हमारा खानपान काफी हद तक प्रभावित करता है । विशेष रूप से जब आप इस समस्या से ग्रसित होते है । यह आवश्यक है कि जब तक आप दवाओं का सेवन करते हैं और बीमारी ठीक नही हो जाती है तब तक कुछ चीज़ो से परहेज करे जैसे –

  • तामसिक भोजन खाने से परहेज करे,
  • खट्टी चीजे न खाये,
  • ज्यादा मेवे न खाये,
  • ज्यादा मिठा खाने से भी परहेज करे ।
  • जंक फूड का सेवन न करे ।

अंतिम शब्द – आज के लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूप करना है । इसलिए आवश्यक है कि बीमारी से घबराने के बजाय सावधानी रखते हुए योग्य डॉक्टर से परामर्श ले । एव घरेलू उपाय करने से भी संबंधित सामग्री के बारे अच्छी तरह जाँच पड़ताल करे । यदि किसी घटक से आपको कोई एलर्जी है तो कोई दवा सेवन न करे और डॉक्टर से बात करे ।