मूलाधार चक्र को जागृत कैसे करें । Muladhar chakra in hindi

Muladhar chakra in hindi.


Muladhar chakra in hindi. मानव शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है पृथ्वी आकाश जल वायु और अग्नि इनमें से पृथ्वी तत्व का संबंध मूलाधार से होता है जिनको यह लगता है की उनका यह चक्र सही नहीं है उनको धरती पर कुछ समय नंगे पैर चलना चाहिए । धरती पर नंगे पैर चलने से इंसान के अंदर की फालतू चार्ज को धरती सोख लेती है अतः कुछ समय प्रकृति के साथ बिताना चाहिए ।

मूलाधार चक्र ( Muladhar chakra ) का रंग लाल होता है अतः लाल रंग की रोशनी में रहना चाहिए । लाल चीजें खाना चाहिए । लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए । पुराने जमाने में लोग लाल लंगोट पहनते थे । उन्हें इस चीज का ज्ञान था पर आज आधुनिकता के फेर में सब बातें बकवास लगती हैं ।

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मूलाधार चक्र ☪︎ मनुष्य शरीर में सात चक्र होते हैं इनमें पहला चक्र मूलाधार चक्र होता है । जैसा पी नाम से स्पष्ट है यह मोर के आधार में होता है यदि कोई व्यक्ति अपने शरीर में कमजोरी महसूस करता है और चिंता का अनुभव करता है तो उसे मालूम हो या ना हो यह प्रॉब्लम उसके पहले यानी मूलाधार चक्र से संबंधित होती है । जब कोई व्यक्ति अपने शरीर को ही stable नहीं रख पाता तो उसका मन दूसरी चीजों को पाने में कैसे लग सकता है ।

मूलाधार चक्र क्या होता है । What is muladhar chakra in hindi. ?

मानव शरीर में सात चक्र होते हैं इनमें पहला चक्र मूलाधार चक्र होता है मूल यानी जड़ या रूट ( Root ) आधार याने सहारा हमारी रीड की हड्डी के अंतिम भाग मे गुदा के पास मांस का गोला होता है यही मूलाधार है ।

मनुष्य के शरीर का निर्माण उर्जा रूप शरीर में होता है। इसी के अनुरूप भौतिक शरीर की रचना होती है अगर ऊर्जा रूप शरीर में कोई विकार उत्पन्न होता है तो वह भौतिक शरीर पर भी दिखाई देता है इसी ऊर्जा शरीर में व्यक्ति का मूलाधार चक्र निर्मित होता है। muladhar chakra से मनुष्य के शरीर के आत्मा की सीढ़ी तैयार होती है।

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मूलाधार चक्र खराब होने पर क्या प्रभाव पड़ता है – Effect for root chakra imbalance –

जब Muladhar chakra खराब हो जाता है तब उनका प्रभाव हमारी Health पर भी पड़ता है । गंदी आदतें हावी हो जाती है । यदि व्यक्ति खराब या गंदे कार्यों में लिप्त रहे जैसे शराब पीना जुआ खेलना भोग विलास  के कारण मूलाधार चक्र खराब हो जाता है इसके देवता गणेश साफ सफाई पसंद करते हैं गंदे रहने से शरीर का नाश होता है ।

कई प्रकार की बीमारियां व्यक्ति के शरीर में घर पर जाती हैं व्यक्ति की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है उसका धन वैभव यश सभी कुछ नष्ट हो जाता है । मूलाधार चक्र खराब होने पर व्यक्ति में हड्डी से संबंधित बीमारियां होती हैं। जैसे साइटिका जोड़ों का दर्द घुटनों का दर्द पैर के पंजे एवं एडी का दर्द होता है।


मूलाधार चक्र जागृत होने पर क्या होता है –

इसका प्रभाव भौतिक रूप से दिखाई नहीं देता जो साधक साधना के माध्यम से गणेश की शक्ति से युक्त होकर मूलाधार चक्र जागृत कर लेता है उसकी आंखों में एक चमक आ जाती हैं पीठ के पीछे दबाव महसूस होता है शरीर में ऊर्जा बढ़ जाती है आनंद और वीरता का अनुभव होता है। मूलाधार चक्र शरीर का आधार होता है इसके जागृत होने से कुंडलिनी शक्ति भी जागृत होती है मूल शिवलिंग आपत्ति का सेंड होता है यह 3.50 फेरे में निपटा होता है इसके तीनों कोणों पर इडा पिंगला और सुषुम्ना नाड़ी होती है। Kundalini shakti भी यही होती है ।

मूलाधार चक्र जागरण के फायदे । Benefits of muladhar chakra in hindi.

मूलाधार चक्र शरीर के अंतर्गत स्वरूप पिंड है जो सूक्ष्म शरीर में स्थित होता है इसका प्रभाव भौतिक रूप से भी होता है किंतु दिखाई नहीं देता । Muladhar chakra jagran के बहुत फायदे हैं जैसे –

● जो साधक साधना के माध्यम से मूलाधार चक्र जागृत कर लेते हैं वे मेधावी और तेजस्वी हो जाते हैं उन्हें भूत भविष्य तथा वर्तमान यानी वह त्रिलोक दर्जी हो जाते हैं ।
● शक्तियां प्राप्त होने पर आनंद की प्राप्ति होती है किसी भी वस्तु की इच्छा करते ही वह वस्तु सामने आ जाती है सिद्धि प्राप्त व्यक्ति किसी भी प्रकार के रोग दूर कर सकता है ।

● व्यक्ति भूत प्रेत पिशाच का प्रभाव हटा सकता है । Muladhar chakra के जागरण से शरीर का और बदल जाता है । शरीर में तेज आ जाता है जिसे सामने वाला सहन नहीं कर पाता मूलाधार चक्र जागृत व्यक्ति जहां भी जाता है ।

● एक दबंग और उग्र व्यक्तित्व प्रदर्शित होता है ऐसा व्यक्ति वशीकरण आकर्षण सम्मोहन करने वाला होता है यह किसी को भी अपने प्रभाव से इतना दबा देता है की सामने वाला उसके वश में हो जाता है ।

● व्यक्ति का साहस आत्मबल आत्मविश्वास कर्मठता कई गुना बढ़ जाती है उसकी आय के साधन अपने आप बनते चले जाते हैं स्थिर संपत्ति अधिक प्राप्त होती है लोग स्वयं ही इनके पास खींचे चले आते हैं।

Benefits of muladhar chakra awaken

मूलाधार चक्र को कैसे जागृत करें – How to awaken muladhar chakra in hindi.

बहुत ही कम लोग मूलाधार चक्र को जागृत कर पाते हैं जिसके कारण उनकी चेतना मूलाधार चक्र में ही फंसी रहती है यदि आप भोग विलास आलस और अधिक निंदा को अपने जीवन में प्रवेश देते हैं तो आपकी चेतना और ऊर्जा मूलाधार चक्र के आसपास ही एकत्र हो जाती है। Muladhar chakra को अनेक तरीकों से जागृत किया जा सकता है । जैसे योग, आसन एवं ध्यान ( meditation ) आदि ।

यहां हम आपको कठिन एवं आसान पद्धति के बारे में बताने जा रहे है फिर भी आप सोच समझकर अपने कदम उठाए तो चलिए जानते है Muladhar chakra jagrit kaise karen –

◆ मूलाधार चक्र जागृत करने के लिए व्यक्ति को इन गंदे विचारों से बाहर निकलना होता है और यम नियम का पालन करना होगा ।

◆ मूलाधार चक्र को जागृत करने के लिए व्यक्ति को शुद्ध होकर पद्मासन की मुद्रा में बैठना होगा ।

◆ मूलाधार चक्र का रंग लाल होता है इसका तत्व मिट्टी होता है और देवता गणेश हैं इसकी चार पंखुड़ियां होती हैं और बीच में त्रिभुज होता है इसका बीज मंत्र “लं” होता है |

◆ इस बीज मंत्र का 15 – 20 मिनट पद्मासन में बैठकर ध्यान लगाना होगा यह क्रिया नित्य करनी होगी।
मूलाधार चक्र के बिना ना तो व्यक्ति के ऊर्जा रूप शरीर का निर्माण होता है और ना ही भौतिक शरीर का इसी बात से हम समझ सकते हैं कि मूलाधार चक्र व्यक्ति के जीवन में कितना महत्व रखता है

मूलाधार चक्र जागरण की विधि – Root chakra awaken technique in hindi.

मूलाधार चक्र को योग निद्रा के द्वारा जागृत किया जाता है यह एक कठिन विधि है जो किसी योग्य गुरु के सानिध्य में रहकर ही करना चाहिए। आपको इस तरह करना है जो कि नीचे बताया गया है।

◆   सर्वप्रथम आपको किसी शांत जगह पर एक दरी या चटाई बिछाना है।

◆ अब आपको पीठ के बल लेट कर इस अभ्यास को करना है हिलना एवं बोलना नहीं है।

◆ आंखें बंद करके अपने मन को शांत करना है।

◆ आंखें बंद रखते हुए शरीर के ऊपर से लेकर नीचे तक के अंग पर अपना ध्यान ले जाना है सोना नहीं है और ना ही आपके पास कोई आए ।

◆ अब आप आंखें बंद रखते हुए ही कमरे की दीवारों का अवलोकन करें इसके बाद दूर से आने वाली आवाज पर ध्यान केंद्रित करें और इस ध्यान को अपनी दोनों आंखों के बीच में लेकर आए आपके जो भी इष्ट देव हैं उनकी छवि सामने लेकर आए।  इसे नित्य एक ही स्थान पर करना चाहिए।

मूलाधार चक्र जागृत होने के लक्षण । Muladhar chakra jagrit hone ke lakshan.

अब तक muladhar chakra को जागृत करने के लिए योग निद्रा विधि का अभ्यास शुरू करेंगे हम एक संकल्प लेंगे की मैं मूलाधार चक्र को जागृत करना चाहता हूं ईश्वर मेरी मदद करें ऐसा तीन बार कहना है।

अपने ध्यान को शरीर के दाएं अंग में ऊपर से नीचे तक लेकर जाना है यही क्रिया बाएं अंग में करना है। आंखें बंद रखनी है अब हम रीड की हड्डी के अंतिम भाग पर ध्यान करते हुए ऊपर की ओर आएंगे सिर आंख नाक कला से होते हुए नाभि तक अपना ध्यान केंद्रित करेंगे और मूलाधार चक्र का रंग लाल होता है ध्यान में हम लाल रंग महसूस करेंगे मूलाधार 4 फूल वाले पंखुड़ी के जैसा होता है बीच में पीले रंग का त्रिभुज बना होता है जो पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधि होता है ।

लाल रंग के फूल पर ध्यान केंद्रित करते हुए “लं” मंत्र का उच्चारण करना है इस मंत्र के द्वारा फूल को वाइब्रेट करना है जिससे हमारे शरीर में झनझनाहट जी महसूस होगी यह अभ्यास समय बार-बार करना है शरीर में जो कंपन महसूस होगा इसके द्वारा ऊर्जा ऊपर की ओर उठेगी यह जितनी तेजी से सुपर उठेगी हमें आनंद की प्राप्ति होगी और धीरे-धीर शक्तियां जागृत होने लगेंगी शरीर ऊर्जावान हो जाएगा आंखों में चमक आ जाएगी।

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Muladhar chakra जागरण की आसान तरीका

यह एक बहुत आसान विधि है। इस विधि में Muladhar chakra जागरण करने के लिए निम्न स्टेप फॉलो करें

● सबसे पहले एक कम्बल पर हनुमान जी की तरह एक पैर मोड़ कर बैठना  है ।

● एक पैर का पंजा मोड़ कर एडी को रीड की हड्डी के अंतिम भाग पर टच करना है ।

● शुरू में थोड़ी तकलीफ होगी रोज अभ्यास के द्वारा हम मूलाधार चक्र को जागृत कर सकते हैं ।

● यह क्रिया हमें नित्य 10 से 20 मिनट कर रही होगी आप स्वयं ही मन व शरीर पर फर्क महसूस करेंगे आपके शरीर में ऊर्जा का तेज प्रवाह महसूस होगा किंतु आपको अपने ऊपर नियंत्रण रखना होगा और सत्कार्य की ओर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा। 


अंतिम शब्द – Muladhar chakra in hindi. जागरण करना कोई आसान काम नहीं है लेकिन मुश्किल भी नहीं है । यदि आप दृढ़ संकल्प से इस मैदान में उतरे है तो अवश्य सफल होंगे । नियमो का पालन करते हुए इस कार्य को योग्य गुरु मार्गदर्शन में करना हितकारी समझे ।।