अपेंडिक्स के लक्षण व इलाज । Appendix ka ilaaj.

Appendix ka ilaaj.
Appendix ka ilaaj.

Appendix ka ilaaj. अपेंडिक्स पेट में अचानक से उठने वाला दर्द है । जो इंसान के सहनशक्ति से परे होता है और धीरे-धीरे दर्द की रफ्तार बढ़ती जाती है, जिससे अपेंडिक्स की नस फूलने लगती है । कभी-कभी इसके फटने का डर रहने के कारण ऑपरेशन की नौबत आ सकती है ।

अपेंडिक्स का काम हमारे शरीर में सैलूलोज को बचाने का होता है पर जब हम ज्यादा तीखा वसायुक्त तला हुआ भोजन खाते हैं तो हमारे शरीर के लिए यह ज्यादा उपयोगी नहीं होता है । अपेंडिक्स की प्रॉब्लम यही से शुरू होती हैं तो चलिए जानते है – Appendix ka ilaaj.

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अपेंडिक्स क्या है ? Appendix kya hai.

अपेन्डिक्स के संक्रमण की वजह से सूजन आ जाती है और मवाद भर जाता है । अपेंडिक्स का ऐठन सा हल्का दर्द धीरे असहनीय होता है, इंसान को सम्भालना मुश्किल हो जाता है । ये दर्द र्पेट के नीचे के हिस्से अर्थात हमारी नाभि के हिस्से से शुरू होता है, 24 घंटो के अंदर ये दर्द विकट रूप धारण कर लेता है ।

पुरुषों के जीवन में एपेंडिसाइटिस का जोखिम 8.6 और महिलाओं के जीवन में 6.7 प्रतिशत होता है । जिससे यह दर्द असहनीय हो जाता है और सामान्य तौर पर दवाओं का भी कोई असर नहीं होता है ।

बिना ऑपरेशन के यह बीमारी ठीक नहीं होती । क्योंकि यह एक क्रोमिक बिमारी है । मरीज को भी खबर नही कि ये अपेंडिक्स का दर्द है । इस दर्द में यदि नस पेट में फट जाती है तो मनुष्य की जान तक चली जाती है । इसीलिए कैसा भी दर्द हो हमें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए । मन से कोई भी पेन किलर दवा ना ले ।

अपेंडिक्स होने के कारण । Appendix hone ke karan.

◆ आंतों में भोजन के कण का फस जाना ।
◆ भोजन में फाइबर की मात्रा कम हो जाना ।
◆ फलों के बीजों का अपेंडिस में फसना ।
◆ अपेंडिस में गॉठ या कैंसर की बीमारी का होना।
◆ पेट में गैस पास होने में दिक्कत होती है और कब्जी हो जाती है, तो ऐसे समय में एनिमा का उपयोग नहीं करना चाहिए । इस तरीके से अपेंडिक्स की नस फटने का डर रहता है । ऐसी स्थिति में हमें डॉक्टर से तूंरत सलाह लेनी चाहिए ।

अपेंडिक्स में इन्फेक्शन के कारण | Appendix me sujan ka karan.

अपेंडिक्स का आकार इस तरह होता है कि अपेंडिस का एक तरफ का हिस्सा खुला होता है और दूसरी तरफ का किस्सा बंद होता है । कई बार हम भोजन करते उस समय भोजन के कुछ अंश अपेंडिस में चले जाते हैं जिससे के कारण पेट में इंफेक्शन हो जाता है और अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है ।

पुरानी कब्ज और पेट के कीड़े भी अपेंडिस को नुकसान पहुंचाते हैं यह कीड़े अपेंडिस की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं । जिसके कारण परेशानियां बढ़ती है और अपेंडिक्स की नस फट भी सकती है ।

अपेंडिक्स कैसा होता है ? Appendix kaisa hota hai.

अपेन्डिक्स पतली या छोटी टयूब होती है जिसकी लम्बाई 2.से 3 इंच की होती है । जो शरीर के दाई और निचले हिस्से में होता है । शरीर में बड़ी आंत जहां मल बनता है, वहां यह आंत जुड़ी होती है वहॉ यह एक उंगली के आकार का पाऊच है जो कोलन से बाहर निकलता है ।

एपेंडिसाइटिस तब होता है, जब अपेंडिस के संक्रमण चलते सूजन आने लगती है और घाव में पस पड़ने लगता है । तब यह नस बढ़कर के 5 से 10 इंच तक पहुंच जाती है, तब ऑपरेशन करना ही संभव होता है । अपेंडिस की बीमारी अधिकतर 30 साल से 40 साल तक के लोगों में होती है ।

अपेंडिक्स के लक्षण | Appendix ke lakshan.

बुखार आने के साथ, भूख नहीं लगती, खड़े होने में भी परेशानी, पेशाब करने में दिक्कत होना, मन में बैचेनी सी रहती है । इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए, ऑपरेशन किया जाता है ।

अपेंडिक्स का इलाज । Appendix ka ilaaj.

अपेंडिक्स होने पर बहुत तेज दर्द होता है । कभी कभी घरेलू नुस्खे से कुछ समय तक आराम मिल सकता है लेकिन अंतिम इलाज सर्जरी है । इस इलाज पर लगभग 40 से 50 हजार का खर्चा आता है । अपेंडिक्स का इलाज इस प्रकार है –

अपेन्डेक्टॉमी – एक ऑपरेशन होता है, जिसके जरिए, अपेंडिक्स की बढ़ी हुई नस को निकाला जाता है । एक छोटी सी आंत होती है, जिसमें सूजन आने के कारण पेट के निचले हिस्से में भयानक दर्द होता है ।

खुली अपेंडेक्टोमी – इस ओपरेशन में पेट में एक चीरा लगाया जाता हैं, जिससे डॉक्टर अपेन्डिक्स कि नस को निकाल कर पेट में टॉके लगा देते हैं । जिसे खुली अपेडेक्टोमी कहॉं जाता हैं ।

लैप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टोमी  से इलाज  ।laparoscopic appendectomy se appendix ka ilaaj.

 

इस ओपरेशन में 3 या 4 छोटे चीरे लगाये जाते हैं । फिर अपेन्डिक्स को बाहर निकालने के लिए डॉक्टर कैमरा और औजार की तकनीक से ओपरेशन करते है । जिससे मरीज का दर्द कम होता है और स्वास्थ्य भी ठीक होता है । इस तकनीक से पेट पर निशान भी नहीं दिखते है । अस्पताल से भी जल्दी छुट्टी मिल जाती है ।

लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर का कहना है कि हमारी आदमी बैक्टीरिया इस अपेंडिस में चले जाते हैं और संक्रमण पैदा करते हैं जिससे अपेंडिसाइटिस हो जाता है कुछ लोगों में से संक्रमण इतना बढ़ता है कि अपेंडिस कटनी तक की लो बताती है अपेंडिक्स जल्दी ही एक मेडिकल इमरजेंसी बन जाता है इसलिए इनकी कारण लक्षण को जान जानते भी इलाज की देरी नहीं करनी चाहिए ।

ओपरेशन के पहले और बाद क्या सावधानी |

◆ घाव पे पानी ना लगाये
◆ ओपरेशन के बाद हमे हमारा बीपी व ईसीजी, शुगर का चैक कराते रहना चाहिए । जिससे शरीर की गतिविधियों का हमे पता चले।
◆ टॉको में जल्दी सुखाव नहीं आता तब तक हमे खाने पीने का नहाने का ख्याल रखना है ।
◆ टॉको में पानी लगने से टॉके भी पकने का डर रहता है । 1 सप्ताह तक हमे स्पंज वास करना चाहिए ।
◆ हम क्या दवा ले रहे हैं, किस तरह के खाने से कोई परेशानी एलर्जी हो तो डॉक्टर को बताये जिससे इलाज करने में सुविधा हो ।

◆ ओपरेशन के समय कुछ खा कर ना जाये । क्योंकि इससे उल्टी होने का डर रहाता है जिससे टॉको पे जोर ना पड़े ।
◆ टॉके लगाने के बाद खासी चले तो टॉको पे हाथ रख कर खॉसे जिससे टॉके टुटने का भय ना रहै ।

◆ ओपरेशन के बाद कुछ दिन तक हमे शौचालय जाने में भी तकलीफ हो सकती है । ऐसे समय में हम थोड़ा वॉक करें । पानी खुब पीये जिससे मांसपेशियों में लचीलापन बना रहे ताकि शौचालय करने में परेशानी ना हो खाया हुआ भोजन आसानी सेना पच सकें ।
◆ इस समय हमे हल्का और पौष्टिक, आहार ले, साथ ही कुछ फ्रूट, हरी सब्जियॉ, अनाज बीन्स, ग्रेन ब्रेड दूध स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है ।

अपेंडिक्स के रामाबाण घरेलू उपाय । Appendix ka ilaaj in hindi.

अपेंडिक्स का दर्द एकदम तीव्र गति से बढ़ता है । इसके लिए इलाज भी तीव्र होना चाहिए । हमें अपेंडिस के लक्षणों का एहसास होने लगे तो इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए हम घरेलू देसी उपचार कर सकते हैं । लेकिन यदि यह बीमारी अधिक बढ़ जाए तो ऑपरेशन से ही इसका इलाज होता है ।

लेकिन हम घरेलू छोटे छोटे नुक्से अपना कर भी बिना ओपरेशनइ के दर्द की गति को कम कर सकते हैं । लेकिन यदि अपेंडिक्स की स्थिति अधिक तीव्र गति से बढ़ती हैं तो ऑपरेशन करना ही पड़ता है। घरेलू नुक्से इस प्रकार है –

बेकिंग सोडा या मीठा सोडा से अपेंडिक्स का इलाज । Baking soda se appendix ka ilaaj.

इसमें एंटी-इप्लामेंट्री गुण होता है । जो हमारे अपेंडिक्स के दर्द को कम करता है, पाचन तंत्र को आराम देता है ।इसे हमें एक गिलास पानी में एक चम्मच मीठा सोडा मिलाकर पीले, जब भी दर्द हो दर्द में राहत मिलती है ।

अरंडी का तेल – इसमें रिसीनौलिक गुण होता है तथा दर्द निवारक एवं सूजन रोधी गुण होते है । हम एक छोटा सा मुलायम कपड़ा लेकर दो चम्मच अरंडी के तेल में डुबोकर जहां दर्द हो रहा है वहॉ पे लगाने से दर्द में राहत मिलती है ।

अपेंडिक्स का एप्पल साइडर विनेगर से इलाज । seb ke sirake se appendix ka ilaaj.

इससे सूजन को कम करने के गुण होते हैं एक गिलास गर्म पानी में एप्पल साइडर विनेगर डालकर घूंट-घूंट भर कर पिए, दर्द से छुटकारा पाने के लिए हमें रोज सेवन करना लाभदाई है ।

छाछ – छाछ हमारे पाचन को ठीक रखती है तथा संक्रमण को बढ़ने के लिए प्रो बायेटिक बनाती है । हमें दिन भर में एक बार एक लीटर छाछ जरूर पीना चाहिए । ( पढ़े छाछ पीने के फायदे )

लहसुन से अपेंडिक्स का इलाज । Lahasun se appendix ka ilaaj.

लहसुन में सूजन रोधी तथा माइक्रोबियल- रोधी गुण होते है । लहसुन के सूजन लोधी गुण दर्द को कम करते हैं जबकि माइक्रोबियल – रोधी तब हानिकारक बैक्टीरिया वायरस, फंगस ,तथा परजीवियों को खत्म कर सकते हैं । लहसुन की एक दो कलियां ले और उनको कुट कर पानी के साथ निगल ले ।

अदरक भी सूजन को कम करती है अदरक की चाय दिन में दो-तीन बार पीये या अदरक के तेल का पेट पर मसाज करें ।
तुलसी का सेवन अपेंडिक्स में रामबाण इलाज है रोजाना तीन चार पत्ते तुलसी के चबा चबा कर खाने से भी बहुत लाभ होता है ।

◆ पाचन शक्ति ठीक रखने के लिए और कब्ज को दूर करने के लिए एलोवेरा का प्रयोग करें ।
पालक का साद हमारी आंखों की बीमारी के इलाज में बहुत लाभदायक है ।
पुदीना पेट की समस्या को दूर करता पेट में गैस और चक्करआदि को दूर करने में बहुत ही लाभदायक है । पुदीने की चाय से अपेंडिक्स के दर्द में आराम मिलता है यह एक सरल और अच्छा उपाय है ।

◆ ज्यादा चटपटी और तली हुई चीजों का सेवन ना करें पानी ज्यादा पिया और तरल पर यदि का प्रयोग अधिक करें ।
◆ अपेंडिक्स के ट्रीटमेंट में घरेलू उपचार में महत्वपूर्ण उपाय छाछ के गिलास में थोड़ा सा काला नमक मिलाकर पीने से अपेंडिक्स के दर्द को आराम है ।
◆ खाना खाने से पहले थोड़ा सैंदा नमक अदरक टमाटर पर लगा कर खाएं ।

Appendix ka ilaaj ayurvedic.
Appendix ka ilaaj ayurvedic.

अपेंडिस का आयुर्वेदिक उपाय । Appendix ka ilaaj ayurvedic.

◆ दो चम्मच मेथी दाना एक गिलास पानी में डालकर उसे वाले और इसे दिन में 1 बार पीने हो सके तो खाने में भी मेथी दाने का प्रयोग करें इस नुक्से से अपेंडिक्स का दर्द दूर होता है और सूजन कम होती है ।

◆ बीजों को पीसकर एक लेप बनाकर इसे पेट पर मले जिससे सूजन कम होगी और पेट फूलता नहीं है और उससे दर्द को राहत मिलती है ।

पढ़े – अश्वशक्ति पाउडर के फायदे व नुकसान । Ashwashakti powder ke fayde.

राई से अपेंडिक्स के दर्द का इलाज । Rai se appendix ka ilaaj.

राई को पीसकर, इसका लेप बना दर्द वाले स्थान पर मलने से दर्द में आराम मिलता है इस लेप को 1 घंटे से ज्यादा ना लगा रहने दें इससे छाले हो सकते हैं इसीलिए थोड़ी देर बाद गीले कपड़े से पोछ ले ।

◆ शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन्स सी का उपयोग करें इसके लिए हम थोड़ा शहर ले और उसमें एक नींबू निचोड़ कर दी इसका सेवन कर सकते हैं ।

◆ आधा ग्राम गूगल को गुड़ के साथ लेने से भी आराम मिलता है अगर आप कोई आयुर्वेदिक दवा मेडिसिन लेना चाहते हैं तो किसी पंसारी की दुकान से आसानी से मिल सकती है ।

अपेंडिक्स में अल्ट्रासाउंड टेस्ट क्यों जरूरी ?

डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी कभी-कभी मरीज के अलावा डॉक्टर के भी दिक्कत का कारण बनती है क्योंकि कई बार यहां जाना मुश्किल हो जाता है पेट में दर्द अपेंडिक्स का है या फिर कोई और वजह हो । मरीज का सही इलाज करने के लिए डॉक्टर उनके पेशाब की खून की तथा अल्ट्रासाउंड टेस्ट के लिखते हैं अल्ट्रासाउंड टेस्ट से सही बीमारी का पता चल जाता है ।

अपेंडिक्स के रोग से बचने के उपाय | Appendix se kaise bache.

डॉक्टर के अनुसार अपेंडिक्स के रोग से बचने के लिए हमें पोषक तत्वों से भरपूर चीजें खानी चाहिए । अपने भोजन में फाइबर युक्त चीजें शामिल करनी चाहिए इससे पेट में जहां कब्ज नहीं बनेगी वही पेट में जमा गंदगी पेट से बाहर निकल जाएगी । इसके साथ-साथ पानी अधिक पीएं, खाना सही समय पर ले और शरीर में चर्बी बढ़ने वाली चीजों का प्रयोग ना करें, उनसे परहेज करें । हर बीमारी का कोई न कोई निदान है उसी प्रकार अपेंडिक्स की भी रोकथाम कर सकते हैं । जैसे –

फाइबर युक्त भोजन करना – हमें अधिक तला हुआ वसायुक्त भोजन नहीं करना चाहिए । इस प्रकार के भोजन का अपेंडिक्स पर प्रभाव पड़ता है । हेल्दी फाइबर युक्त भोजन से हम अपेंडिस को काफी हद तक कम कर सकते हैं ।

व्यायाम – व्यायाम से हम अपेंडिस को कम कर सकते हैं । व्यायाम से हमारी मांसपेशियां मजबूत होती है और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है ।
अत्यधिक तनाव न ले – तनाव भी अक्सर करके बीमारियों की जड़ होता है । उनमें से एक अपेंडिक्स भी ऐसी बीमारी है जो अधिक तनाव लेने के कारण ही पाई जाती है । इसीलिए लोगों को शरीर के साथ-साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना चाहिए तनाव मुक्त रहना चाहिए।

अपेन्डिक्स से बचने के उपाय ।

सप्लीमेंट लेना – अगर कोई व्यक्ति व्यायाम नहीं कर सकता है तो वह सपने में भी ले सकता है यह सपने में उसके शरीर को आवश्यक ऊर्जा देते हैं जिससे वह किसी भी बीमारी से जल्दी ठीक हो सकता है लेकिन इस बात का ध्यान सभी को रखना चाहिए कि किसी भी सप्लीमेंट के सेवन करने से कोई किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट ना हो ।

समय पर हेल्थ चेकअप करवाते रहें – जिससे हमें इलाज सही मिलता हैं । अपेंडिस से निजात पाने के लिए निम्न टेस्ट करवाएं जिससे समय पर सही दवा लगे और बीमारी से छुटकारा मिले ।
यूरिन टेस्ट करवाये – यूरिन टेस्ट से भी मरीज की बीमारी का पता चलता है कि इसे किस प्रकार की बीमारी है । यूरिन में आए यूनिक के आधार पर ही इलाज होता है ।

ब्लड टेस्ट कराना – ब्लड टेस्ट कराने से व्यक्ति की स्थिति का पता चलता है कि ओपरेशन की स्थिति में है या नहीं ।
हेल्दी डाइट अपनाना – सही डाइट नहीं लेने के कारण भी अपेंडिस हो सकता है इसलिए हेल्थी फाइबर युक्त खाना खाए ।

एंटीबायोटिक दवाई लेना – अपेंडिस अक्सर बैक्टीरिया और वायरस के बढ़ने के कारण भी हो सकती है ।
अपेंडिक्स सर्जरी कराना – रोगी को किसी भी प्रकार की दवा असर नहीं होती है तो डॉक्टर उससे अपेंडिक्स सर्जरी करवानी पड़ती है ।

अपेंडिक्स की पहचान कैसे करें ।

अपेंडिस की साइज 5 सेंटीमीटर से 25 सेंटीमीटर तक की होती है लेकिन जो जनरल होती है वह 5 से 10 सेंटीमीटर की होती है लेकिन जब इसका डायमीटर देखा जाए तो वह 6 मिलीमीटर होता है अगर इससे ज्यादा डायमीटर होता है तो सोनोग्राफी से पता चलता है ।

अब कैसे पता करे कि यह अपेंडिक्स का दर्द है कभी-कभी किडनी में स्टोन का दर्द भी इसी तरह से होता है । तो हम मरीज को सीधा लेटा देंगे और दूसरा एक इंसान जहां उसके पेन हो रहा है वहां दोनों हाथों की उंगलियों से प्रेशर करेंगे तब दर्द नहीं होगा और जैसे हम हाथ उठाएंगे तब दर्द होता है तो समझिए यह अपेंडिक्स का दर्द है ।

अपेंडिक्स के दर्द में आपके पेट में पानी भी नहीं ठहरता है और सर में भी दर्द होने लगता है, डायरिया उल्टी आदि होने लगता है और धीरे-धीरे दर्द भी बढ़ने लगता है ।

एक्यूटन – इसमें भी उल्टी होना डायरिया होना, उठ नहीं सकते, बैठ नहीं सकते, पेन होना पाया जाता है ।
रिकटन – इसमें दर्द इतना तेज नहीं होता है दवा ले और थोड़े दिन में ठीक हो गया फिर हुआ कभी तो फिर दवाई ली फिर ठीक हो गया इस इसे सिंपल अपेंडिक्स कह सकते हैं।

परफोरेटेड – इसमें अधिक मात्रा में पर्स बढ़ जाने के कारण नष्ट करने का डर रहता है इसमें डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह देता है हमें डॉक्टर के बाद कोने में लेट नहीं करना चाहिए । अब हम किस प्रकार की दवा ले जिससे हमारा या अपेंडिक्स का दर्द कम हो सकता है ।

अपेंडिक्स का बिना ऑपरेशन होम्योपैथिक इलाज । Without surgery appendix treatment in hindi.

होम्योपैथिक में अपेंडिस का इलाज है लेकिन इतने भी अपेंडिक्स, किस तरह का है हमें पहले यह पता करना है । अपेंडिस दोनों आंतो के बीच रहता है बड़ी आंत के पास में ही होता है । अपेंडिक्स का दर्द दोस्तों हमारे सीधे हाथ के पेट के निचले हिस्से की तरफ से होता है । होम्योपैथिक दवाएं इस प्रकार है –

◆ एक्यूटन में बेलाडोना 200 एमजी दो बूंद हर घंटे में ले अगर दर्द ज्यादा हो तो हर आधे घंटे में भी ले सकते हैं ।
डाइस कोरिया 200 एमजी हर 2 घंटे में दो बूंद लेना है इससे दर्द हमारा दो-तीन घंटे में ठीक हो जाएगा बाद में आप दिन में दो या चार बार ले धीरे-धीरे आप 5 दिन तक यह दवा लेंगे तो आपका दर्द ठीक हो जाएगा ।

◆ रिकटन में, इंफेक्शन हुआ है तो हम इसमे RHUSTOX 200mg दिन में तीन बार लेनी है ।
◆ अपेंडिस के दर्द से निजात पाने के लिए LXCO PODIUM 1 mg सुबह-सुबह दिन में एक ही बार लेनी है ।

अगर पैन ज्यादा है बुखार भी बहुत अधिक है । दर्द में किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिल रही है तो आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और होम्योपैथिक दवा लेने से पहले होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह अवश्य लें फिर दवा का प्रयोग करें ।। शिवा सिहंल आबूरोड ।।

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