कब्ज के लक्षण एवं उपचार । what is constipation in hindi.

 

what is constipation in hindi.
what is constipation in hindi.

what is constipation in hindi. आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में आदमी भोजन के प्रति लापरवाह हो गया है उसे तत्काल बनने वाली चीज है अधिक पसंद आती है जो शीघ्र ही बन जाए इसकी गिनती में आते हैं आजकल की फास्ट फूड, 2 मिनट  में मैंगी तैयार है, पास्ता तैयार है, इतनी जल्दी बनते हैं उतनी ही जल्दी हमारे शरीर में अपना इफेक्ट भी छोड़ जाते हैं। हमारे शरीर में होने वाली नित नई परेशानी एक नई पीड़ा को जन्म देती है।

आधुनिक युग में खानपान का  पर बहुत ही प्रभाव पड़ा है । आजकल की युवा पीड़ी फास्ट फूड, जंक फूड पर विशेष ध्यान देती हैं। जंक फूड से पेट में कब्ज का जन्म होता है। क्योंकि जंक फूड अधिकांशत मैदा से बने हुए होते हैं। मैदा को हमारे शरीर में मेल्ट होने में काफी समय लगता है । जब खाना भोजन पचेगा ही नहीं, तो हमारे शरीर में मल नहीं बनेगा । जिससे शरीर में कब्ज जैसी बीमारियां हो जाती है । क्योंकि फाइबर रहित भोजन  खाने से शरीर में कब्ज उत्पन्न होता है । कब्ज होने से बवासीर जैसी बीमारी शरीर में अपना घर बना लेती है। तो चलिए जानते है – what is constipation in hindi.

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कब्ज क्या है ? what is constipation in hindi.

कब्ज एक ऐसी स्थिति है जिसमे मल त्याग करने में दिक्कत होती है । कभी कभी तो लैटिन भी नहीं लगता है । क्योंकि कब्ज के दौरान मल बड़ी आंत तक पहुंचने से पहले ही कठोर बन कर आंतों पर चिपक जाता है । मल कठोर होने के कारण बाहर नहीं निकल पाता है। इसमें बड़ी आंत के संकुचन व विमोचन का कार्य भी बहुत धीमा हो जाता है। बड़ी आंत से पहले मल कठोर अवस्था में बदलकर रुक जाता है । फलस्वरूप गैस, पेट भारीपन की समस्या पैदा होने लगती है। कुछ रोगियों को गैस धमनियों में रुकावट पैदा कर विकट स्थिति में लाकर खड़ा कर देती कर देती हैं।

कब्ज कोई समस्या नहीं है लेकिन जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन हां यह सत्य भी है, कब्ज एक परेशानी है जिससे अनेक परेशानियां उत्पन्न होती है। लाइलाज नहीं है इसका इलाज भी उपलब्ध है परंतु आपको सचेत रहना होगा ।

कब्ज के लक्षण । Kabz ke lakshan.

कब्ज की जब शरीर में शुरुआत होती है तो उस रोगी को भूख कम लगती है। क्योंकि पूर्व में खाया हुआ खाना भी पच नहीं पाया । जिसकी वजह से पेट हमेशा फूला हुआ रहता है, पेट में तनाव रहना या पेट में भारीपन रहना ।
इसके अलावा मुंह से बदबू आना, सिरदर्द होना, मानसिक बैचेनी होना, थकान महसूस होने के अलावा अन्य कई दिक्कतें शुरू हो जाती है। यदि ये सभी लक्षण महसूस हों तो Kabz ka ilaaj करना बेहद जरूरी हो जाता है।

कब्ज होने के कारण | causes of constipation in hindi.

1. फाइबर रहित भोजन ।
2. पानी कम पीना ।
3. औषधियों का सेवन करना ।
4. सही समय पर भोजन नहीं करना ।
5. जंक फूड का अधिक सेवन करना ।
6. शारीरिक व्यायाम या काम कम करना ।
7. मुहासे फुंसी का होना ।
8. चाय कॉफी और तंबाकू का अधिक मात्रा में सेवन करें ।

कब्ज से नुकसान । Disadvantage of constipation in hindi.

विषैले पदार्थों का शरीर से बाहर निकलना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है । यदि इसमे कोई बाधा उत्पन्न होती है तो निश्चित रूप से खामियाजा भुगतना पड़ेगा । कब्ज भी उनमे से एक है जो अपशिष्ट पदार्थ यानी मल त्याग में बाधक बनता है । लगातार कब्ज की प्रॉब्लम रहने पर हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है जैसे –
● गैस / एसिडिटी
● पाइल्स या बवासीर
● आंत को नुकसान
● पेट दर्द आदि ।

कब्ज का परमानेंट इलाज । kabz ka ilaaj.

1. प्रातः काल गुनगुने पानी का सेवन करना ।
2. त्रिफला पाउडर गर्म पानी के साथ में लेना है।
3. पपीता का सेवन करना – कब्ज के रोगियों को अधिक मात्रा में पपीते का सेवन करना चाहिए, इससे पेट जल्दी साफ होता है। पपीता गर्म तासीर का होता है । जो आसानी से पच जाता है बल्कि पाचन शक्ति बढ़ाता है । पपीता आंतों में मल को कठोर नहीं होने देता है।
4. अजवाइन और नमक की फांकी – गुनगुने पानी के लगाए।
5. रात में गुनगुने दूध का सेवन कर सकते हैं।
6. फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए।
7. 6-7 मुनक्के रात को भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से कब्जी दूर रह सकते हैं।
8. ईसब गोल की भुसी का गरम पानी से सेवन करने से कब्ज से निजात पा सकते  हैं।
9. शहद को गरम पानी में मिलाकर पीने से कब्ज से निपटा जा सकता है।
10. पानी में नींबूरस और काले नमक के सेवन से कब्ज से छुटकारा पाया जा सकता है।

Home remedies of constipation in hindi.

कब्ज को दूर करने के घरेलू उपाय । Home remedies of constipation in hindi.

● नियमित व्यायाम करें ।

● त्रिफला पाउडर रात को सोते समय एक चम्मच गर्म पानी के साथ प्रयोग करें
● प्रात काल उठकर के दो गिलास गुनगुना पानी में नमक डालकर के सेवन करे
● अजवाइन, काला जीरा, नमक, दाना मेथी मिला करके उसका चूर्ण बनाते हैं उसका सेवन करने से कब्ज और शरीर की अनेक बीमारियां दूर होती है।

● हमें फलों का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए। जितना हमारे शरीर में फाइबर पहुंचेगा उतनी ही कब्जा हमसे दूर रहेगी।
● कब्ज से जूझ रहे लोगों को निम्न चीजों पर विचार करना चाहिए। यह सब चीजें रामबाण की तरह सहायक होती हैं ।

● कब्ज को दूर करने के लिए नित्य उन्हें दही का पर्याप्त मात्रा में प्रयोग करना चाहिए ।
● रात के भोजन में दाल का सेवन करना चाहिए।
● ब्रोकली का सेवन करना चाहिए ।

● पपीते के सेवन से कब्ज दूर होती है ।
● पानी का अधिक मात्रा सेवन करना चाहिए ।
● रात में सोने से पहले एक चम्मच भुनी हुई सौंफ गरम पानी के साथ पिएं। सौंफ में पाए जाने वाले उड़नशील तेल पाचन क्रिया को दुरुस्त कर ते हैं।

● अलसी के बीज खाना खाने के बाद सेवन करें ।
● मुलेठी का पाउडर बनाकर गरम पानी के साथ पिए ।

कब्ज के लिए परहेज । kabz ke liye parhej.

● भोजन में अधिक मात्रा में तरल पदार्थों को शामिल करें जैसे छाछ, लस्सी आदि ।
● छाछ, दाल का भोजन में  स्थान होना चाहिए ।
● गरिष्ट भोजन से दूरी बना कर रखें ।
● भोजन को चबा चबा कर खाएं ।
● पानी अधिक पीए ।
● तले भुने भोज्य पदार्थों से दूरी बनाए रखे ।
● नशीले पदार्थो के सेवन से दूर रहे ।

कब्ज़ का रामबाण इलाज पंतजलि । Kabz ka ilaaj Patnjali.

कब्ज के लिए पंतजलि के कुछ प्रोडक्ट काफी प्रभावशाली है । इनका नियमित रूप से या डॉक्टरी सलाह से सेवन करने से आपको राहत मिलेगी जैसे –

पतंजलि दिव्य चूर्ण – कब्ज का पाउडर के रूप में आयुर्वेदिक दवा है जो कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनी है । यह बॉडी में टॉक्सिन को बाहर निकाल कर मल को मुलायम बना देता है । जिसे मल त्याग के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत देता है ।

हिमालय त्रिफला टेबलेट – यह पेट साफ करने की गोली के रूप में जानी मानी आयुर्वेदिक गोली हैं । जो त्रिफला जैसी आयुर्वेदिक औषधि से बनी है । यह पाचन शक्ति बढ़ाकर बॉडी में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर कब्ज से राहत देता है

Kabz ki Ramban dawa. पतंजलि शुध्दि चूर्ण –

यह कब्ज की रामबाण औषधि है इसे असरदार दवा भी माना जाता है । यह पंतजलि की दवाओं में से कब्ज की सबसे प्रभावशाली दवा है । इनका उपयोग डॉक्टर की सलाह से या इन पर दिए गए दिशा निर्देश से कर सकते है ।

पतंजलि दिव्य उदरकल्प चूर्ण – इसे कब्ज तोड़ने की दवा भी कह सकते हैं । रेचक गुणों से भरपूर पित्त को दबाती है । यह कब्ज तोड़कर पेट साफ करती है । इनके उपयोग से पाचन शक्ति मजबूत होती है एवं भूख भी लगने लगती है ।

कब्ज का आयुर्वेदिक इलाज । ayurvedic treatment for constipation.

त्रिफला – यह आयुर्वेद में कब्ज के लिए प्रभावशाली औषधि है । इनका उपयोग गर्म पानी में 3 – 5 ग्राम चूर्ण सुबह खाली सेवन करने से लाभ होता है ।

ईसबगोल भूसी – इस औषधि का प्रयोग कब्ज एवं दस्त के इलाज के रूप में किया जाता है । यानी गर्म पानी के साथ सेवन करने से कब्ज दूर होती है और दही के साथ सेवन करने से दस्त का इलाज होता है ।

आंवला – ऑवला गैस, कब्ज एवं अपचन जैसी प्रॉब्लम के लिए बहुत उपयोगी है । इनका चूर्ण बनाकर सेवन कर सकते है और जूस भी । यहां तक कि कच्चे आँवले का भी सेवन किया जा सकता है ।

हरड़ – यह भी बहुत उपयोगी औषधि है विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए । पेट की प्रॉब्लम जैसे कब्ज, गैस, दस्त आदि के लिए सेवन किया जाता है । इनका चूर्ण सेवन करने से कब्ज से राहत मिलती है ।

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा । ayurvedic medicine for constipation.

आयुर्वेद ने कई प्रकार की औषधियों के मिश्रण से कब्ज के लिए दवाओं का निर्माण किया है । जिनका कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है । और इनका इलाज भी परमानेंट होता है । Kbj ka ilaj के लिए कुछ दवाओं के नाम इस प्रकार है जिनका सेवन आप डॉक्टर की सलाह से या इन पर दिए गए दिशा निर्देश के अनुसार कर सकते है –

अविपत्ति चूर्णम् ( Avipatti Churnam ) –
दशमूल क्वाथ
पंच साकार चूर्ण
हिंगु त्रिगुणा तेल आदि ।

कब्ज के लिए योगासन । Yoga for constipation in hindi.

कब्ज की प्रॉब्लम को दूर करने के लिए न केवल उचित खानपान लेना जरूरी है बल्कि योग – व्यायाम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । जिसे आप आसानी से अपने घर पर कर सकते है तो चलिए जानते है योगासन के बारे में –

1. हलासन योगा – यह योग पेट, कब्ज एवं पाचन से जुड़ी प्रॉब्लम के फायदेमंद योग है । इस योगासन को नियमित रूप से करने पर कब्ज जैसी प्रॉब्लम दूर हो जाती है । इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल पर मैट पर लेटकर अपने हाथों को बॉडी के सटीक स्पर्श करें ।

अगले स्टेप में अपने पैरों को ऊपर उठाए एवं गहरी सांस पे । कुछ देर बाद अपने पैरों को नीचे लाए एवं पैरों की अंगुलियों से फर्श से स्पर्श करें एवं सांस को धीरे धीरे छोड़े । कुछ देर तक इसी स्थिति में रहने के बाद पुनः सामान्य स्थिति में आए । यह प्रक्रिया 2 – 3 बार दोहराए ।

2. पवनमुक्तासन योगा – यह योग कब्ज की प्रॉब्लम के लिए लाभकारी है । इतना ही नहीं मल त्याग ने की प्रॉब्लम से निजात मिलती है । इस योग को करने के लिए फर्श पर पीठ के बल लेट जाएं फिर हाथों को सटीक से बॉडी को स्पर्श करें । अब अपने दाँए पैर को घुटने पर मोड़ते हुए गहरी सांस ले ।

अगले चरण में घुटनों को हाथों से पकड़कर सीने तक लाने का प्रयास करें और सांस छोड़ते हुए नाक को घुटनों पर टच करें । कुछ देर इसी अवस्था में रहते हुए पुनः सामान्य स्थिति में लौट आए ।

3. सुप्त बुद्धकोणासन योगा – इस योगा के लिए सर्वप्रथम शवासन की मुद्रा में मैट पर लेट कर अपनी पीठ के हिस्से को हल्का सा हवा में उठाएं । अगली कड़ी में पैरों के घुटनों को मोड़कर दोनो पैरों के तलवों को आपस मे जोड़े ।

अब एड़ियों को अपने पास लाने का प्रयास करें । और दोनों हाथों को माथे के पीछे की ओर फैला दे । कुछ देर तक इसी स्थिति में रहने के बाद पुनः सामान्य स्थिति में आ सकते है ।

4. अर्धमत्स्येंद्रासन योगासन – इस योग के लिए सबसे पहले दंडासन की मुद्रा में समतल स्थान पर बैठकर गर्दन एवं रीढ़ की हड्डी को सीधा करें । पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए एक दूसरे पैर के ऊपर लाए एवं बाए पैर को घुटने के ठीक बगल में रखने की कोशिश करें |

अगली कड़ी में लेफ्ट घुटने को मोड़े एवं एड़ी को कूल्हे के नीचे तक रखे । दूसरी तरफ बाएं हाथ को दाँए हाथ के ऊपर ले जाकर जांघ के सटीक रखकर बाए हाथ से लेफ्ट टखने को पकड़े । अब दाहिनी तरफ से पीछे देखते समय रीढ़ की हड्डी को सीधी अवस्था में रखें । कुछ देर तक रहने के बाद पुनः सामान्य रूप में आ सकते हैं । इसी प्रकार मयूरासन एवं बालासन योगा भी कब्ज के लिए बहुत ही उपयोगी है ।। आभा मिश्रा कोटा ।।