After covid 19 liver infection. लिवर पर कोरोना के दुष्प्रभाव

 

After covid 19 liver infection in hindi.
After covid 19 liver infection.

After covid 19 liver infection. कोरोना का प्रभाव न केवल फेफड़ों पर पड़ता है बल्कि अस्थायी रूप ह्रदय एवं लिवर को प्रभावित करता है । हाल ही में कोरोना से स्वस्थ हुए मरीज़ों में लीवर की अस्थायी रूप से खराबी ( Liver infection ) के मामलों में बढ़ोतरी हुई है । यह समस्या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगो में ज्यादा पाई गई हालांकि घबराने की कोई बात नहीं है यह अस्थायी समस्या है ।

बीते दो सालों में कोरोना एक महामारी के रूप में फैला और कई लोगों ने इस महामारी में अपनी जान गंवा दी। कोरोना वायरस से होने वाली एक गंभीर सांस की बीमारी है। यह वायरस सार्स सी ओ वी – 2 मानव शरीर में प्रवेश कर सांस लेने में तकलीफे पैदा करता है। हालांकि कोरोना सबसे पहले मानवीय फेफड़ों को खराब करता है, इसका दुष्प्रभाव अन्य अंग जैसे किडनी गुर्दे, दिल और लिवर पर भी देखा गया है।

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेंसी द्वारा किए गए अनुसंधान ने इस बात की पुष्टि की है कि कोरोना होने के बाद कई मरीजों में लिवर संबंधी बीमारियां पाई गई है। तो चलिए जानते है corona ke baad liver ki kharabi ke karan.

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लिवर मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, यह गुलाबी रंग की एक ग्रंथि है । लिवर हमारे शरीर का पोषण करने वाले भोज्य पदार्थों से विषैले पदार्थों को निकालता है। खाना पचाना और खून की सफाई करना लीवर का महत्वपूर्ण कार्य है यह मल का त्याग और पित्त का उत्पादन भी करता है और शरीर में चय – उपाचय की प्रक्रिया को सुचारू रूप से नियंत्रित करता करता है।

लीवर की खराबी तब होती हैं जब उपरोक्त प्रक्रिया को निर्धारित रूप से संचालित करने में में कोई दिक्कत होती है । यानी जब लीवर संचारु रूप से कार्य करने में असमर्थ होता है । कोरोना से स्वस्थ हुए मरीज़ों में इस प्रकार की प्रॉब्लम पाई गई । इनका मुख्य कारण लिवर की कार्यप्रणाली का धीमा होना ।

कोरोना के बाद लिवर की खराबी के कारण । After covid 19 liver infection causes.

चिकित्सक कहते हैं कि कोरोना होने के बाद मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता एड्स के संग जी रहे मरीजों से भी कम हो जाती है ऐसे में यकृत (लीवर) संबंधित कोई भी बीमारी होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं कोरोना वायरस का कोई भी वैरीअंट चाहे वो डेल्टा हो या ओमीक्रान लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
कोविड के चलते कई मरीजों को लिवर एब्सेस हो जाता है, यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें लिवर में ज़ख्म या घाव हो जाते हैं और पस बनने लगता है। सेंटर फॉर प्रिवेंशन एंड डिजीज कंट्रोल के अनुसार कोविड से संक्रमित व्यक्ति के लिवर में एंजाइम के स्तर में वृद्धि पाई गई है जैसे ऐलेननअमीनोट्रांसफरेज और एस्पारटेट अमीनोट्रांसफरेज जिसके कारण लिवर अस्थाई तौर पर खराब हो जाता है और लिवर के कार्य करने की क्षमता और रफ़्तार कम हो जाती है।

जाने-माने लिवर रोग विशेषज्ञ के अनुसार कोरोना संक्रमित 20 से 30 फ़ीसदी मरीजों का लीवर खराब हो जाता है इसका कारण होता है एसजीपीटी और एसजीओटी एंजाइम्स का सामान्य स्तर से अधिक होना। कोरोना के पश्चात कई मरीजों में फैटी लिवर और हेपेटाइटिस बी और सी का भी इंफेक्शन पाया गया है, फैटी लिवर वो स्थिति होती है जब लिवर में वसा की बूंदे जमा हो जाती हैं और लीवर अपना काम सुचारू रूप से नहीं कर पाता है। हेपेटाइटिस बी और सी वायरस है जो लिवर को खराब कर देते हैं।

प्राथमिक स्तर पर तो कोरोना वायरस लीवर में सूजन पैदा करता है लेकिन स्थिती बिगड़ जाने पर मल्टीपल ऑर्गन डैमेज होता है जिसमें लिवर फेल होने की संभावनाएं अधिक रहती है । स्वास्थ वैज्ञानिकों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि कोरोना के ईलाज में दी जाने वाली कुछ दवाइयां तो लीवर के लिए बहुत ही घातक होती है ऐसा पाया गया है कि कोरोना के मरीजों को दिए जाने वाली रेमडेसीविर दवा पीलिया होने पर नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे लिवर में सूजन और क्षति होने का खतरा बढ़ जाता है ।

इंस्टीट्यूट आफ लिवर एंड बिलिअरी साइंस के निदेशक डॉ शिव कुमार सरीन कहते हैं कि कोरोना से संक्रमित कुछ मरीजों में लिवर सिरोसिस हो जाता है जिसमें लिवर का आकार सिकुड़ने लगता है उसमें कठोरता आने लगती है और कई कोशिकाएं नष्ट हो जाती है, लिवर फाइब्रोसिस हो जाता है और लिवर की बनावट भी असामान्य हो जाती है।

सर गंगा राम अस्पताल इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर एंड गैस्ट्रोलॉजी के चेयरमैन डॉ अनिल अरोड़ा ने बताया कि जिन मरीजों को पहले से लीवर की परेशानी है जैसे हेपेटाइटिस सिरोसिस, ऐसे मरीजों की मौत होने की आशंका सामान्य मरीजों से 30% अधिक होती है। लिवर सिरोसिस से बचने के लिए सबसे पहले तो दवाइयां दी जा सकती हैं या फिर कोविड टीका और इसका अंतिम उपाय तो लीवर का प्रत्यारोपण ही है।

After covid 19 liver infection symptoms.

लिवर संक्रमण के लक्षण । After covid 19 liver infection symptoms.

चिकित्सक कहते हैं कि ऐसे कई मरीज होते हैं जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था लेकिन जांच में पाया गया कि उन्हें कोरोना हुआ है और लीवर संक्रमित हो चुका है। इसके अलावा सामान्य शुरुवाती लक्षण जैसे गले में खराश, बुखार और सर्दी या फिर उल्टी, पेट दर्द, डायरिया, पैरों में सूजन थकान और कमजोरी जैसे अन्य कई लक्षण भी कोरोना संक्रमित व्यक्तियों में पाए गए हैं।

इसके अलावा जब कोरोना संक्रमित लोगों की खून की जांच की जाती है तो उसमें प्रोटीन और एल्बुमिन का स्तर भी बढ़ा हुआ मिलता है और कई बार शरीर में आयरन की अत्यधिकता होने के कारण भी लिवर को नुकसान पहुंचता है।

कोरोना के बाद लिवर की खराबी के बचाव और उपचार | After covid 19 liver infection home remedies.

कोरोना का उपचार कोरोना से बचाव ही है कई लोगों को वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोरोना के संक्रमण को झेलना पड़ा है और यह महामारी मानव शरीर के बहुत से अंगो पर बुरा असर करती है जिनमे से लिवर प्रमुख है। लिवर संबंधित बीमारियों में चिकित्सक यही सलाह देते हैं कि व्यक्ति उचित खानपान, योग व्यायाम और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाए ।

जिन लोगों को पहले से ही गंभीर लिवर समस्याएं हैं जैसे हेपेटाइटिस या सिरोसिस आदि । ऐसे मरीज़ों को सावधानी बरतनी चाहिए जैसे –

● शराब और ध्रूमपान का सेवन न करें।
● आहार में दूध, फल, साबुत अनाज ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें ।
● नियमित अपने चिकित्सक की सलाह में और संपर्क में रहें।
● कोरोना होने पर भी लिवर के उपचार सम्बंधित दवाईयों को लेना बंद न करें।

● समय समय डॉक्टर से सलाह लेते रहे एवं नियमित रूप से हल्का व्यायाम करे ।

ऐसे मरीजों को चाहिए कि वे साफ -सफाई का विशेष ख्याल रखें और खाने में तेज मिर्च, अत्यधिक तेल और घी का सेवन न करें। बाजार में मिलने वाले पिज्जा, बर्गर, चिप्स और अन्य प्रोसेस्ड फूड से दूरी रखें और हमेशा ताज़ा फल और सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें । रोजाना 30 मिनट वॉक और एक्सरसाइज करें खाने में चीनी नमक, मैंदा और चावल अधिक मात्रा में ना लें।

कोरोना के बाद लिवर की खराबी के आयुर्वेदिक उपाय । Ayurvedic treatment of liver infection.

आयुर्वेद कहता है कि कोरोना में लीवर संक्रमण को रोकने के लिए कच्ची प्याज का सेवन और ग्रीन टी का सेवन करें। एक गिलास पानी में सेब का सिरका डालकर पिए, सूखे आंवला, पपीता, नींबू पानी को भी आहार में शामिल करना लीवर के लिए फायदेमंद है ।

हल्दी दूध
हल्दी में प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट तत्व भरपूर पाया जाता है । इसे प्रतिदिन रात को सोते वक्त एक गिलास दूध में थोड़ी सी हल्दी डालकर पी जाए, हल्दी लिवर के लिए बहुत ही लाभदायक है।

अंगूर का सेवन करें
अंगूर गर्मियों के मौसम में पाया जाने वाला एक फल है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट नामक तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है । जो लीवर सम्बंधित बीमारियों से लड़ने में सहायक है ।

कोरोना में ली गई आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी पद्धति की दवाइयों ने मरीजों को बहुत आराम दिया है इसलिए आयुष विभाग द्वारा त्रिकटु काढ़ा, गिलोय वटी, अणु तेल, संशमनी वटी, गुडुची, हल्दी तुलसी और अश्वगंधा का चूर्ण जैसी दवाइयों का सार्वजानिक स्थानों पर भी वितरण किया गया।

होमियोपैथी की आसैनिक एल्ब – 30 और यूनानी की जौशादा, खमीरा मरवारीद, नजला, शरबत उन्नाव, रोगन बनफसा और हब्बे असगंध आदि औषधियों को भी प्रयोग कर कोरोना से बचा जा सकता है और लिवर के संक्रमण को रोका जा सकता है।। डॉ. वर्षा महेश ।।

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