गर्भावस्था के लक्षण, जांच एवं प्रेग्नेंसी किट । Pregnancy test kit in hindi

Pregnancy test kit.


Pregnancy test kit. एक नारी को महीने में आने वाला मासिकधर्म पूर्णता का अहसास कराता है। जब किसी महिला को माह में आने वाला मासिकधर्म या पीरियड्स नहीं आता तो मन में एक प्रश्न बार बार उठता है कि कहीं वह गर्भवती तो नहीं हो गई ? ये सवाल काफी हद तक सही भी हो सकता है । लेकिन यदि आप पहली बार माँ बन रही है तो खुशी के साथ साथ मन ही मन में एक संदेह भी बना रहता है कि वह कैसे पता लगाएं कि वह गर्भवती हो गई है ?

प्रेग्नेंसी टेस्ट कैसे करें ? क्या क्या सावधानी रखें और हाँ खाने पीने में ऐसा क्या खाए कि होने वाला बच्चा व माँ दोनों स्वस्थ रहें ? ऐसे अनेको प्रश्न नारी को घेरकर खड़े हो जाते हैं। परन्तु सबसे पहले गर्भावस्था के लक्षणों या sings of pregnancy पर गौर करने की आवश्यकता है जैसे जी मचलाना या उल्टी होना या उल्टी करने का बार बार मन होना, चक्कर आना, थकान आदि । घर पर गर्भावस्था की जांच करने के लिए Pregnancy test kit का उपयोग कर सकते है । तो चलिए Global health tricks में जानते है – प्रेगनेंसी किट से टेस्ट कैसे करें । Pregnancy test kit in hindi. –

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pregnancy test kit क्या है ?

एक ऐसी किट जो मेडिकल साइंस व डाक्टर के द्वारा बनाई गई है जिसकी सहायता से एक महिला अपने गर्भ की जाँच घर में रहकर ही कर सकती है। इसमें एक स्टिक होती है जिसमें महिला को अपने पेशाब की कुछ बूंदे डालनी होती हैं। थोड़ी देर में पेशाब का रंग हल्का गुलाबी या गुलाबी रंग में बदल जाता है जिससे पता चल जाता है कि महिला गर्भवती हो चुकी है। इसमे पेशाब सुबह ही का लेना चाहिए। प्रेगनेंसी किट ( Pregnancy test kit ) कैसे काम करती है ?

डाक्टरों व मैडिकल साइंस ने जो किट महिलाओ के गर्भ की जाँच के लिए बनाई है वह बहुत कारगर किट है। इसमें एक स्ट्रिप होती है। वह साफ जगहा पर रखनी चाहिए । इस किट में एक droper भी साथ में दिया जाता है। महिला अपना सुबह का पेशाब उस droper की सहायता से दो या तीन बूंदो के रूप में उस किट की स्ट्रिप के साइड में बने हिस्से में डाले। तीन चार मिनट प्रतीक्षा करने के बाद परिणाम स्वत: सामने आ जाता है।

 

गर्भावस्था की जाँच कब करें – Pregnancy test kit se janch kab kare ?


जब किसी महिला को महीने में निरंतर आने वाला मासिक धर्म अचानक आना बंद हो जाए और उसने संभोग प्रक्रिया भी की हुई हो तो उसके लिए pragnancy test करवाना या स्वयं करना बेहद आवश्यक हो जाता है। एक महिला अपने मासिकधर्म ना आने के एक सप्ताह के बाद pragnancy test kit के माध्यम से अपना test कर सकती है।

यह जाँच पीरियड्स मिस होने के दो तीन दिन के बाद भी किया जा सकता है परंतु सप्ताह भर का समय सही माना गया है क्योकिं कई बार ऐसा होता है कि किन्हीं कारणों के कारण महिला को मासिकधर्म नहीं आ पाता और दो चार दिन के बाद स्वयं ही आ जाता है इसलिए एक सप्ताह प्रतीक्षा करना अधिक अच्छा माना गया है।


यह टैस्ट यदि सुबह के समय किया जाए तो अधिक अच्छा रहता है। क्योंकि रात भर का पेशाब इक्ठ्ठा होता है और सुबह काफी बड़ी मात्रा में पेशाब शरीर से बाहर निकलता है। घर बैठे जाँच तभी करें जब किसी महिला ने सम्बंध बनाए हुए हों और महीने में उसका मासिक चक्र नहीं आ पाया हो तो।


प्रेग्नेंसी किट से टेस्ट जांच कैसे करें – How to do pregnancy test at home –


एक महिला के लिए माँ बनना बेहद सुखद अहसास कराता है। खासतौर पर मासिकधर्म का रूकना एक महिला के मन में यह शंका डाल ही देता है कि वह शायद गर्भवती हो गई है। गर्भ का पता लगाने के लिए महिलाएँ घर ही में टेस्ट करती हैं। परन्तु pragnancy test kit इतनी सस्ती भी नहीं होती कि हर महिला उसका लाभ उठा सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कुछ घरेलू उपायो के माध्यम से महिलाएँ अपना टेस्ट आसानी से घर में रहकर कर सकती हैं। इसके लिए नमक की आवश्यकता पड़ती है।


सबसे पहले महिला सुबह उठकर एक बर्तन में अपना सबसे पहला पेशाब एकत्र करे। अब इसमें तीन चौथाई नमक मिलाएं। इसको दो तीन मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दे। नमक व यूरिन का रियेक्शन होगा और कुछ ही देर में झाग बन जायेगा। pragnancy अगर महिला को है तो पेशाब में मौजूद HCG Harmone salt के साथ मिलकर झाग उत्पन्न कर देगा। इससे महिला कम पैसे में ही अपने गर्भ की जाँच कर सकती है। इसके अतिरिक्त महिलाएँ चीनी, ब्लीच आदि के साथ भी अपने गर्भ की जाँच कर सकती हैं।

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प्रेगनेंसी किट – Pregnancy test kit –


Pragnancy test kit एक गर्भवती महिला के लिए बनाई गई ऐसी किट है जो घर बैठे ही उसे बता सकती है कि महिला माँ बनने वाली है। इसे हम एक नया और पहला अहसास भी कह सकते हैं जब एक औरत पहली बार माँ बनने वाली होती है तो उसे लगता है कि काश उसे सबसे पहले इस अहसास का पता चले और इस किट से वह सरलता से अपने गर्भ में पल रहे भ्रूण को महसूस कर सकती है।

जब किसी वैवाहित स्त्री का मासिक धर्म सात दिनों के पश्चात समाप्त हो जाता है और उसके साथ संभोग किया जाता है तब 1 से 2 सप्ताह का समय वह समय है जब बीजाणु यानि कि OVA के साथ शुक्राणु यानि कि SPERM का मिलाप होता है उस दौरान ही निषेचित डिंब महिला के गर्भाश्य में प्रत्यारोपित हो जाता है। इसके बाद गर्भ ठहरना शुरू हो जाता है।
आज महिला घर में रहकर स्वयं अपने गर्भवती होने का पता लगा सकती है pragnancy test kit की मदद से। यदि एक महिला को घर में रहकर अपने गर्भवती होने का पता चल जाता है तो उसे तुरन्त जाँच के लिए महिला गायनोकोलोजिस्ट के पास जाना चाहिए।


जैसा कि इसके नाम ही से पता चल रहा है कि एक ऐसा किट है जो एक महिला को घर में ही जाँच करवाकर यह पता लगा सकता है कि महिला गर्भ से है या नहीं। इस किट में एक स्टिक होती है। इसमें महिला अपने पेशाब की कुछ बूंदे इसमें डाल देती है और यह पता लग जाता है कि महिला गर्भवती है। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य प्रकार की pragnancy kit भी आपको मैडिकल स्टोर पर मिल जायेगीं। सबका तरीका अलग होता है।


कुछ में महिला के पेशाब को एक कप में रखना होता है फिर कुछ बूंदे droper से लेकर स्टिक पर डालनी होती हैं। वहीं कुछ स्टिक को पेशाब की धार के ठीक बीच के हिस्से में रखना होता है। इसके बाद स्टिक के बराबर में जो इंडिकेटर लगा होता है उससे महिला पता लगा सकती है कि वह गर्भवती है या नहीं क्योकिं यह इंडिकेटर एक दम अपना रंग बदल देता है । Pregnancy test kit के परिणाम की बात करे तो । किट पर पेशाब / यूरिन की दो बूंद डालने के 5 मिनट बाद परिणाम नजर आएगा । जो इस प्रकार है –


Two red line result – जब Pregnancy test kit की स्टिक पर यूरिन की दो बूंद डालने के बाद दो लाल लाइन आ जाती है तो पॉजिटिव माना जाता है । यानी आप गर्भवती है ।
One red line result – जब pregnancy test kit की स्टिक पर यूरिन की बूंद डालने के 5 मिनट उपरांत एक लाल लाइन आती है तो नेगेटिव माना जाता है । यानी आप गर्भवती नहीं है ।
No line result – Pregnancy test kit पर यूरिन की बून्द डालने के 5 मिनट बाद कोई लाइन शो नहीं होती है तो आपका प्रयोग सफल नहीं हुआ है । मतलब आपको दूसरे Pregnancy test kit का प्रयोग करें ।

प्रेगनेंसी किट से जुड़ी सावधानियां – Pregnancy test kit tricks in hindi.


यह माना कि घर में गर्भवती महिला अपना टैस्ट स्वयं कर सकती है परन्तु एक बात देखने वाली यह भी है कि अगर टैस्ट ठीक ढंग से नहीं किया गया तो परिणाम नकारात्मक भी आ सकता है । Pragnancy kit use करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए –


◆ सबसे पहली सावधानी तो यही है कि किट लाने के बाद जब महिला उसे पहली बार इस्तेमाल करती है तो यह ध्यान में रखना चाहिए कि पेशाब सुबह का पहली बार वाला ही हो। उसी से टैस्ट के सफल होने की संभावना बनी रहती है।


◆ जिस बरतन में पेशाब एकत्र किया जाए वह साफ सुथरा होना चाहिए। याद रहे कि अगर बर्तन ज़रा भी गंदा हुआ तो परिणाम कुछ भी आ सकता है।


◆ जब महिला घर में रहकर अपना गर्भवती का टैस्ट कर रही है तब उसे टेस्ट स्ट्रिप के बीच वाले हिस्‍से को बिल्कुल भी हाथ या उंगली नहीं लगानी चाहिए। यानि बिल्कुल tough नहीं करना चाहिए।


◆ इस बात का ध्यान रहे कि pragnancy kit पर इस्तेमाल करने के जो भी नियम दिए गये हैं उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़कर ही टैस्ट करना चाहिए। पाँच या दस मिनट प्रतीक्षा ज़रूर करनी चाहिऐ। जल्दबाजी बिल्कुल भी नहीं दिखानी चाहिए।


◆ यह ध्यान रहे कि 30 मिनट के बाद टैस्ट का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता और ना ही करना चाहिए।


◆ टैस्ट करने के बाद सावधानी पूर्वक परिणाम देखना चाहिए..जैसे कि अगर strip पर दो coloured lines आ रही हैं तो समझो महिला गर्भ से है। लाइनो का रंग हल्का भी हो सकता है, तब भी महिला गर्भवती मानी जायेगी। परन्तु यदि pragnancy kit की strip पर केवल एक रंगीन लाइन आती है तो समझो टैस्ट निगेटिव है और महिला गर्भवती नहीं है।


◆ एक बेहद ज़रूरी बात अगर किसी महिला का किट से गर्भवती का टैस्ट नेगेटिव आता है और महिला को लगता है कि ऐसा हो ही नहीं सकता तो घबराने या परेशान होने की कोई बात नहीं है। महिला 72 घंटो के बार फिर से अपना pragnancy test कर सकती है। क्योंकि कभी कभी महिला के शरीर में HCG नामक हारमोन की शुरूआती अवस्था होने के कारण परिणाम थोड़ा अलग आ जाता है जो यह साबित करता है कि महिला गर्भवती नहीं है जबकि महिला के शरीर के अन्यं सभी लक्षणों के द्वारा यही लगता है कि महिला गर्भ से है। इसलिए दूसरी बार टैस्ट करने की संलाह दी जाती है।


◆ Pragnancy test करने से पहले महिला को कोई भी liquid diet नहीं लेनी चाहिए। चाहे उसे कितना भी कुछ भी पीने का मन कर रहा हो।


◆ अगर महिला का टैस्ट positive आ रहा है तो उसे तुरन्त सावधान हो जाना चाहिए और अच्छी यहिला डाक्टर से सम्पर्क कर उसके द्वारा बताए दिशा निर्देशो का पालन करना चाहिए।


◆ अगर कोई महिला अपने घर मे ही रहकर अपना गर्भ का टैसट करती है तो उसे अच्छी कम्पनी की किट खरीदनी चाहिए। बेशक वह थोड़ी महंगी होती है परन्तु विश्वास करने योग्य भी होती है।

Pregnancy Test Kit Price –


हम आपको यहां प्रेग्नेंसी टेस्ट किट के मूल्य बता रहे है जिसे आप मार्केट से खरीद कर Pregnancy test at home कर सकते है ।
◆ Prega News – ₹ 50 से 80
◆ Prega News Advance – ₹ 200 से 250 तक ।
◆ I-can Pregnancy Test Kit – ₹ 50 से 70 तक ।
◆ Velocit Pregnancy Kit – ₹ 180 से 200 तक ।
◆ Pregcolor Test Card –₹ 70 से 90 तक ।
◆ Microsidd Test Kit – ₹ 150 से 160 तक ।
◆ Clearblue Plus Pregnancy Test Kit – ₹ 175 से 200 तक ।
◆ Accutest Kit – ₹ 50 तक ।

Early sings of pregnancy / गर्भावस्था के लक्षण या संकेत –

आज दुनिया ने काफी तरक्की कर ली है पहले ज़माने में एक महिला को अगर उल्टी आ जाती थी या चक्कर खाकर वह बैहोश हो जाती थी या उसे किसी महीने में मासिकधर्म नहीं आता था तो यही अंदाज़ा लगाया जाता था कि शायद महिला गर्भ से है। परन्तु आज काफी कुछ बदल चुका है। आज की महिला माँ बनने से पहले घर में रहकर ही pragnancy test के माध्यम से पता लगा सकती है कि वह गर्भवती है या नहीं? आज बाजा़र में काफी ऐसे साधन उपलब्ध हैं जो महिला की मदद कर सकते हैं। परन्तु गर्भ धारण से पहले महिला में कुछ लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं चलिए वही हम जानते early signs of pregnancy in hindi –

◆ Toilet / Urine बार बार करना – यदि महिला बार बार पेशाब करने toilet जाती है तो यह गर्भ ठहरने का लक्षण माना जाता है। इस समय kidney पहले से अधिक active हो जाती है और उस पर दबाव पड़ने के कारण महिला को बार बार पेशाब आता है।


उल्टी जैसा लगते रहना – महिला चाहे कुछ भी खाए उसे उल्टी आ जाती है या उल्टी ना भी आए तो भी उसे बार बार मितली आने जैसा लगता रहता है। सुबह उठते ही कुछ महिलाओ को आपने उल्टी करते भी देखा होगा। किसी किसी केस मे तो गर्भवती महिला पूरे नौ महीने तक ही उल्टी करती रहती है।


Craving / क्रेविंग – अचानक किसी एक चीज़ के प्रति चाहत उत्पन्न हो जाना या लगाव पैदा हो जाना Craving कहलाता है। बहुत सी गर्भवती महिलाओ को खट्टी चीज़े खाने का बहुत मन करता है तो किसी किसी को मीठा अच्छा लगता है यह लक्षण गर्भावस्था के हैं।


Heavy Breast / हैवी ब्रेस्ट – जब गर्भ के कारण महिला के शरीर के हारमोन्स बदलते हैं तो breast tissues बहुत अधिक sensative हो जाते हैं जिस कारण उनका आकार पहले से अधिक बढ़ जाता है और वह भारी हो जाते हैं। यह गर्भवती महिला के गर्भ का लक्षण है जो उसे गर्भवती साबित करता है।


Colour of breast nipple – गर्भ ठहरते ही महिला के स्तनो के निपल का रंग गहरा हो जाता है। गर्भावस्था मे harmonal changes के कारण melanocytes प्रभावित होने के कारण निपल का रंग पहले से अधिक गहरा हो जाता है। महिला में गर्भ की यह निशानी उसे गर्भवती घोषित करती है।


सिर में दर्द का होना – गर्भावस्था में blood volumes increase हो जाने के कारण सिर में दर्द रहने लगता है। यह गर्भावस्था के शुरूआती लक्षणों में आता है जैसे- जैसे गर्भावस्था के महीने बढ़ते जाते हैं वैसे वैसे ही सिर दर्द दूर होता रहता है।


Constipation / कब्ज हो जाना – अधिकतर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान शौच साफ नहीं आ पाता। पेट में भारीपन और कब्ज़ सा रहता है। यह सब महिला के शरीर में harmones changing के कारण होता है। महिला जो कुछ भी खाती है वह जल्दी पच नहीं पाता और इस कारण कब्ज़ हो जाता है।


Temperature increase हो जाना – गर्भ के दिनों में एक महिला के शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक हो जाता है। परन्तु इसे बुखार होना नहीं कहेगें बल्कि यह भी शरीर में हारमोन्स के निरन्तर बदलने के कारण होता रहता है। परन्तु यदि महिला के शरीर का ताप बहुत अधिक बढ़ जाये तो डाक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए।


मूड / व्यवहार में बदलाव – गर्भवती महिला का मूड समय समय पर बदलता रहता है। कभी महिला बहुत अधिक खुश दिखाई पड़ती है तो कभी एकदम से उदास हो जाती है। कभी कभी महिला को गुस्सा भी बहुत आता है। यह सब परिवर्तन महिला में हारमोन्स के बदलाव के कारण आते हैं।

उम्मीद करते आज की जानकारी प्रेग्नेंसी किट से टेस्ट कैसे करें । Pregnancy test kit in hindi. आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा । आप अपने विचार हमारे कमेंट बॉक्स में लिखे । । शाहाना परवीन ।।

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