मा हुआंग क्या है ? उपयोग एवं नुकसान । Ma Huang in hindi.

 Ma Huang in hindi.

Ma Huang in hindi. हमारे जीवन में ऐसी बहुत सी जड़ी बूटियाँ हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक भी है और उपयोग मे लाई भी जा सकती हैं और लाई जाती भी हैं। यह जड़ी बूटियाँ बहुत मुश्किल से मिलती हैं। समय समय पर इनपर अध्ययन होते रहते हैं क्योंकि पेड़ पौधे देखने में सब एक जैसे लगते हैं पर जब उन कर study की जाए तब हमें उनकी गुणवत्ता का पता चलता है।

ऐसा ही एक पौधा है Ma Huang नाम का इस को एफेड्राइन या एफेड्रा भी कहते हैं। Basically यह एक तरह का कैमिकल है जिसे इफोड्रिन कहते हैं। यह कैमिकल फेफड़ों, हृदय व तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित कर देता है। जैसा की हमने आपको बताया इसे एफीड्रा के नाम से भी जाना जाता है। एफीड्रा एक प्रकार की जड़ी बूटी है जिसका उपयोग कफ, सिर दर्द, कोल्ड, फ्लू, अस्थमा आदि मे किया जाता है और आपको बता दें कि चाइना मे पिछले कई सालों से पौधे को उपयोग मे लाया जा रहा है। इसका ऊपरी हिस्सा दवाइयों को बनाने के काम मे आता है।

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मा हुआंग क्या है ? What is Ma Huang in hindi.

मा हुआंग का वानस्पतिक नाम Ephedra Sonia है । एफीड्रा का परिवार Ephedraceae कहलाता है। Ephedraceae का उपयोग ओबेसिटी, मेटॉबोलिक डिसआर्डर और वजन घटाने के लिए किया जाता है।
अगर हम इसके पौधे के बारे मे बात करें तो एफीड्रा सदाबहार झाड़ी जैसा पौधा होता है। जिसका प्रयोग टैबलेट, अर्क, कैप्सूल, चाय ( Ma Huang tea ) आदि बनाने मे किया जाता है।

सबसे अधिक एफीड्रा का इस्तेमाल लगभग सन 1940 – 1950 के बीच किया गया था । इस बीच सबसे अधिक दवाएँ जो बनाई गई थी वो थी अस्थमा की। इस पर सर्वे किया गया तो सामने आया एक ऐसा तथ्य जिसने सबको आश्चर्य चकित कर दिया । 1990 मे एफेड्रा पौधा बेहद लोकप्रिय हुआ था। हर घर में मौजूद रहने वाला यह पौधा 2005 तक प्रत्येक परिवार की diet में शामिल हो चुका था। इस पर जब भी अध्ययन हुए इसके लाभ हमारे सामने आते चले गये। यह हमारे मैटाबॉलिज्म को मज़बूत करता है ।

मा हुआंग कहा पाया जाता है ?

मा हुआंग चीनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का हिस्सा है । यह पौधा चीन के शुष्क / मरुस्थलीय इलाकों में पाया जाता है । पतझड़ के मौसम में इनकी पत्तियों को एकत्रित की जाती है । इनके तने को दवाई के रूप में इस्तेमाल की जाती है । मा हुआंग को कई नामों से जाना जाता है जैसे इफेड्रा, पीला घोड़ा, पीला कसैला आदि । आज इसे प्लांट ( Ma Huang plant ) के रूप में विकसित किया जाता हैं ।

मा हुआंग का उपयोग करने की विधि ।Ephedra uses in hindi.

मा हुआंग ( Ephedra ) का उपयोग चाय व अर्क के रूप में किया है । इस पौधे के तने या पत्तियों का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है । विधि पूर्वक एवं निर्धारित खुराक लेने पर कई प्रकार के फायदे होते है । इनका उपयोग अस्थमा, सर्दी और इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा मोटापा, हर्बल सप्लीमेंट के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है । पर इस बात का ध्यान रखें कि घातक दुष्प्रभावों के कारण यह सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवाओं में से एक है ।

मोटापा कम करने के लिए मा हुआंग का उपयोग ।

सबसे पहले हम बात करते हैं एक ऐसी आम समस्या की जो आज हर किसी के मुँह से सुनी जा सकती है। जी हाँ आप समझ ही गये होगें समस्या है मोटापा।

जब व्यक्ति व्यायाम या एक्सरसाइज करता है तो लौ फेट डाइट भी अपने खाने मे शामिल करता है। वही एक समय होता है जब आप एफेड्रा का उपयोग कर अपने मोटापे को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके लाभ के साथ कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं जिनका सामना करना भी बहुत ज़रुरी हो जाता है।

ओबेसिटी के इलाज में एफीड्रा में एंटी हाइपर ।

ग्लाइसेमिक और एंटी ओबेसिटी प्रोपर्टीज़ होती है। यह वजन कम करने के काम आती है। इसके अतिरिक्त ट्राइग्लीसिराइड्स के level को भी कम करती है। glucose level and weight loss करता है।
मेटाबॉलिक डिसआर्डर को maintain करता है क्योंकि इसमे एंटी ओबेसिटी प्रोपर्टीज़ होती हैं।

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एनर्जी बढ़ाने के लिए मा हुआंग का उपयोग ।

थकान सबकी शिकायत रहती है । आजकल की जीवनशैली के चलते हर दूसरा व्यक्ति यह शिकायत मिल जायेगी कि उसके शरीर मे थकान सी लग रही है। आपको बता दें एफीड्रा में कुछ ऐसे सप्लीमेंट्स होते हैं जो इंसोमिनिया और क्रोनिक फेटीग से निजात दिलाते हैं। शरीर में energy level increase करता है और शरीर में चुस्ती फुर्ती लाता है। इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में उपयोगी व कारगर है।

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अस्थमा के लिए मा हुआंग का उपयोग | Ma Huang uses for Asthma in hindi.

हर्बल सप्लीमेंट के रूप में मा हुआंग की चाय अस्थमा की प्रॉब्लम के लिए उपयोगी होती हैं । इसमे उपस्थित तत्व सांस की तकलीफ से निजात दिलाने में सक्षम है। रोगियों का मानना है कि यह अन्य दवाओं के मुकाबले अस्थमा के लिए रामबाण औषधि साबित हो सकती हैं । पर ध्यान रखें कि सामान्य से अधिक खुराक न ले । क्योंकि ओवरडोज नुकसानदेह होती है ।

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अस्थमा के लिए खुराक – इनकी पत्तियो को एक कप पानी में 2 मिनट उच्च ताप पर उबाल कर 10 मिनट के लिए पानी मे डुबो कर रखे । अब इनकी आधा चम्मच अनुशासित खुराक सुबह शाम सेवन कर सकते है । आप इसे मीठा करने के लिए शक्कर मिला सकते है । उपयोग की गई सामग्री का दुबारा उपयोग न करें ।

हर्बल सप्लीमेंट के रूप में मा हुआंग का अन्य उपयोग ।

इसके अलावा कुछ ऐसी आम बीमारियों मे भी यह मददगार साबित हुआ है जो इस तरह से हैं एलर्जी, नाक में सूजन जैसा महसूस होना, बुखार जैसा लगना, सांस मे दिक्कत, कोल्ड, फ्लू, स्वाइन फ्लू, पसीना अत्यधिक आना या अचानक आते रहना, जोड़ो हड्डियों में दर्द का होना, यूरीन पास की समस्या, सिर दर्द, वजन कम करना आदि ।

मा हुआंग उपयोग सुरक्षित हैं या नहीं

Ephedrine E- Type नामक Alkaloid होते हैं जिस पर फार्माकोलॉजिकल प्रभाव निर्भर करता है।  यही प्रयास करना चाहिए कि बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवा ना लें। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए। एक बार अपने चिकित्सक को अपने इतिहास आदि के बारे मे बताएं फिर जो वो कहें वही दवा लें। कुछ cases मे अति आवश्यक हो जाता है ।

Ma Huang गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान इनका उपयोग करना सुरक्षित नहीं है । इसमें इफेड्रिन और संबंधित अल्कलॉइड होते हैं, जो रक्तचाप, हृदय गति को बढ़ाते हैं । साथ ही गर्भाशय की मांसपेशियों को उत्तेजित करते हैं। यही वजह है कि गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए ।

यदि हमें किसी दवा से एलर्जी है तो हमे यह बात अपने चिकित्सक से बतानी चाहिए ।

मा हुआंग के नुकसान । side effects of Ma Huang in hindi.

Ma huang या एफेड्रा या फिर कोई भी ऐसी product जिसमें इसके घटक शामिल हैं इसका सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। विशेषकर बच्चों और व्यस्को के लिए यह काफी हानिकारक माना गया है।
इन जड़ी बूटियों को बिना डाक्टर की आज्ञा से लेने से शरीर मे काफी विकार पैदा हो सकते हैं जैसे उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और एमआई सहित कार्डियोवैस्कुलर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । वही हाइपरथायरायडिज्म, सौम्य प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया, ग्लूकोमा, मधुमेह मेलिटस और दौरे वाले मरीजों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए ।

इसमे नींद अवरोधक तत्व पाये जाते हैं । जिसे नींद में अंतर आना, बेहोशी, ह्रदय रोग आदि की सम्भावना बढ़ जाती है । अगर समय रहते ध्यान नही दिया गया तो मृत्यु तक होने की संभावना बताई गयी है। यह साइड इफेक्ट्स तब अधिक देखने को मिलते हैं जब मरीज़ दवा की अतिरिक्त डोज़ खा लेता है। इनके घातक दुष्प्रभावो को देखते हुए सरकार ने भी इसे प्रतिबंधित कर दिया था ।

सावधानी बरते खासतौर पर इन दवाओ के साथ

Ma Huang की दवा अन्य दवाओं के साथ प्रतिक्रिया करती हैं जिनका दुष्प्रभाव घातक हो सकता है । विभिन्न प्रकार के शोध के अनुसार कुल 195 दवाओं की प्रतिक्रिया मा हुआंग के विरुद्ध होती है । उनमें से घातक दवाओं का नाम इस प्रकार हैं –

डेक्सामेथासोन
अरगट डेरिवेटिव्स
डिप्रैशन यानि तनाव के लिए जो दवाएँ ली जाती हैं
सीज़र्स (एंटीकांवुल्सेन्टस ) को रोकने के लिए दवाई ।

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मा हुआंग को लेने की सही डोज़ क्या है ? Dose of  Ma Huang in hindi.

प्रत्येक दवा को देने से पहले चिकित्सक भी मरीज़ की आयु पूछता है क्योंकि यह बहुत ज़रूरी भी है। हर दवा लेने से पूर्व मरीज़ को हर तरह का ज्ञान होना चाहिए। सर्वे के अनुसार अभी इस विषय पर भी काफी चर्चाएँ हो रही हैं कि कितनी डोज़ लेनी उपयुक्त है और कितनी नहीं। परंतु एक जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह है प्राकृतिक चीज़े हमेशा सुरक्षित नहीं होती। जहाँ तक मा हुंआग का प्रश्न है तो लगभग 90 मिलीग्राम से कम इसकी खुराक होनी चाहिए। परंतु कभी भी इसे अपनी इच्छा से ना लें। चिकित्सक से सलाह बहुत आवश्यक हैं ।। शाहाना परवीन ‘शान’ पटियाला पंजाब ।।

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