वायरल फीवर के कारण, लक्षण व बचाव । Symptoms of viral fever

Symptoms of viral fever in hindi.

Viral fever. बदलते मौसम या बरसात के कारण वायरल फीवर तेजी से पैर पसारने लगता है । कभी कभी किसी वायरस के प्रकोप के कारण Viral fever फैलने लगता है । उदाहरण के लिए कोरोना की दूसरी लहर के कारण वायरल फीवर तेजी से बच्चे, बड़े व बुजुर्गों को अपनी चपेट में लेने लगा था ।

इसी प्रकार जब भी मौसम में बदलाव होता है तो बच्चे जल्दी प्रभावित होते है क्योंकि बदलते मौसम के साथ इम्मयून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है और धीरे धीरे डवलप होता है । तो चलिए जानते है वायरल फीवर के कारण, लक्षण एवं घरेलू उपाय । Symptoms of viral fever in hindi. –

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वायरल फीवर क्या है | what is viral fever ?


वायरल फीवर ( Viral fever ) एक संक्रामक रोग है, जिससे कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है, मौसम में बदलाव के साथ ही वातावरण में कई प्रकार के वायरस तेजी से बढ़ने शुरू हो जाते हैं जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली याद रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है l उन्हें वायरल इनफेक्शन जल्दी लगता है वैसे तो वायरल इनफेक्शन हर मौसम में होता है l पर सबसे अधिक बरसात के मौसम में होता है l


वर्तमान मैं फैल रहा वायरल इनफेक्शन ( Viral fever ) बच्चों बड़ों व बुजुर्गों सभी में फैल रहा है ,पर यह इंफेक्शन बच्चों व बुजुर्गो में ज्यादा तर देखने को मिल रहा है l कोरोनावायरस से होने वाले फीवर नॉर्मल वायरल इनफेक्शन में ज्यादा फर्क नहीं है, दोनों के लक्षण करीब-करीब एक जैसे ही नजर आते हैं l


वायरल इनफेक्शन में भी फीवर, सर दर्द, गले में खराश आदि होता है परंतु वायरल इनफेक्शन 3 से 5 दिनों में ठीक हो जाता है l जबकि कोरोनावायरस से होने वाला फीवर दो से 14 दिन में ठीक होता है l वायरल इनफेक्शन व कोरोनावायरस से होने वाला फीवर दोनों में यह समानता है की दोनों का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में शीघ्रता से होता है l संक्रमित व्यक्ति के बिना मुंह पर रुमाल रखें खांसने व छींकने पर यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है l

यह वायरस हवा में सांस लेने पर शरीर के अंदर प्रवेश कर जाता है l जिससे व्यक्ति कि अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, तो वह संक्रमित हो जाता है बच्चों व बुजुर्गो में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है । इस कारण यह वायरस उन्हें शीघ्रता से संक्रमित कर देता है l


मौसम में बदलाव के साथ ही वातावरण में कई प्रकार के वायरस तेजी से बनना शुरू हो जाते हैं ,जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है । उन्हें वायरस का इन्फेक्शन शीघ्रता से लग जाता हैl इनमें बच्चों का बुजुर्गों को सावधानी बरतने की अधिक आवश्यकता होती है l


बच्चों का वायरल फीवर में ओरल टेंपरेचर 99 डिग्री है तो इसका अर्थ उन्हें फीवर है, उन्हें स्वच्छ खाना अधिक से अधिक पानी और लिक्विड डाइट देना चाहिए बच्चों का वह बुजुर्गों का टेंपरेचर 100 डिग्री से ऊपर होने पर डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है l


वायरल फीवर के कारण – Cause of fever –


मौसम में बदलाव के कारण वायरल इंफेक्शन (Viral fever ) होता है वायरस दो तरह से इंसानों में प्रवेश करता है पहला किसी भी इनफेक्टिव व्यक्ति के संपर्क में आने पर यह वायरस दूसरे व्यक्ति में प्रवेश कर जाता है संक्रमित व्यक्ति के बिना नाक मुंह ढके खांसने व छीकने से संक्रमित व्यक्ति के वायरस हवा में फैल जाते हैं जिन्हें स्वस्थ व्यक्तियों के द्वारा सांस के जरिए शरीर के अंदर चले जाते हैं और इस तरह स्वस्थ व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है ।


● बांसी खुला हुआ खाना गंदा पानी पीने से भी वायरल इंफेक्शन होता है कॉमन कोल्ड और सांस से जुड़े दूसरे का इन्फेक्शन हवा से ही फैलते हैं ।


● इन्फेक्शन होने पर जब एक दूसरे के संपर्क में आने या बिना मुंह ढके ( बिना मास्क ) सम्पर्क में आने से होता है बच्चों व बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है इसलिए वायरल इंफेक्शन या कोविड-19 इंफेक्शन यह जल्दी संक्रमित होते हैं ।


बच्चों में वायरल फीवर के कारण । cause of fever in children.


● बच्चों में वायरल इनफेक्शन गंदे हाथों से खाना खाने गंदा पानी पीने आदि से होता है अतः बच्चों को सफाई से रहने व ताजा खाना खाने ढेर सारा पानी आदि की सावधानी बरतनी चाहिए l


● कमजोर इम्युनिटी के कारण बदलते मौसम के साथ खुद एडजेस्ट नहीं करने के कारण प्रतिरोधक प्रतिक्रिया के कारण बुखार से पीड़ित हो जाते है ।


● किसी संक्रमणित व्यक्ति या बच्चे के संपर्क में आने के कारण viral fever के शिकार हो जाते है ।


● कभी कभी पेट दर्द के कारण से भी बुखार से पीड़ित हो जाते है ।
● डेंगू या मलेरिया के कारण भी बुखार से पीड़ित हो जाते है ।


वायरल इन्फेक्शन के लक्षण – Symptoms of viral fever –

◆ वायरल इन्फेक्शन ( Viral fever ) के लक्षण मुख्यत – सिर दर्द, बुखार गले में दर्द, आंखों में जलन, आंखों से पानी आना व माथे ( सिर ) गर्म होना आदि ।


◆ कोरोना वायरस के लक्ष्ण भी नॉर्मल वायरल इंफेक्शन की तरह ही होते हैं कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति को भी सामान्य वायरल की जैसे लक्षण होते हैं ।


◆ Viral fever के लक्षणों में अन्य लक्षण जैसे जोड़ों का दर्द उल्टी और दस्त होना बॉडी का टेंपरेचर बढ़ना ठंड और कपकपी लगना, नाक बहना, सर्दी जुखाम, बदन दर्द व डायरिया जैसे लक्षण दिखाई देते हैं ।


◆ वायरस में इनफ्लुएंजा ए वायरस बेहद गंभीर व प्रचंड प्रभावी है इस वायरस की वजह से मरीजों में बुखार जल्दी ठीक नहीं होता वह लंबे समय तक बना रहता है । वायरल फीवर के बाद व्यक्ति के शरीर में थकान व कमजोरी बहुत बढ़ जाती है जिसे काफी असहज महसूस करते है ।


बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण । Symptoms of viral fever in children.


वायरल फीवर के लक्षण वयस्को की तरह बच्चों में भी एक जैसे ही होते है लेकिन थोड़ी बहुत भिन्नता होती है जो इस प्रकार है –
● सर में तेज दर्द
● बार बार उल्टी होना या जी मितलाना ।
● सांसे तेज चलना ।
● हाथों पैरों में दर्द एवं गर्दन में जकड़न
● छाती में दर्द महसूस होना ।
● तेज बुखार ।
यदि आपके बच्चे को 101℃ या तेज बुखार है शीध्र डॉक्टर से सम्पर्क करें ।

वायरल से बचाव – Prevention for Viral fever in Hindi –


◆ Viral fever से बचाव के लिए सफाई से रहे ताजा भोजन करें पानी पिए लिक्विड डाइट जूस का सेवन अधिक से अधिक करें ।
◆ घर से बाहर निकलने पर मुंह व नाक कवर करके निकले ताकि किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी आपको संक्रमण ना हो ।


◆ दूरी बना कर रखना भी संक्रमण से बचाव का तरीका है वायरल इंफेक्शन होने पर घरेलू उपचार का प्रयोग करें ।
◆ गरम पानी के गरारे करें ।


◆ फीवर अधिक होने पर माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखें शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दे
◆ शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए लिक्विड डाइट जैसे जूस नारियल पानी दाल का पानी आदि का सेवन करें वह थोड़ी थोड़ी देर में पानी पीते रहे । अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें ।


◆ सबसे जरूरी फीवर होने पर घर से बाहर ना निकले वायरल इनफेक्शन एक संक्रामक बीमारी है जो आपसे दूसरों में भी फैल सकती है ।
◆ कोविड-19 वायरल इंफेक्शन का ही रूप है इस बीमारी में भी संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर हम अपना बचाव कर सकते हैं ।


◆ बिना डॉक्टर के एडवाइस के दवाइयां आवश्यकता से अधिक ना लें बुखार बढ़ने पर डॉक्टरी परामर्श अवश्य ले ।


बच्चों को वायरल फीवर से कैसे बचाए |


◆ बच्चों के वायरल फीवर से पीड़ित होने पर उन्हें घर का ताजा खाना दें ।
◆ खाना ढक कर रखें उन्हें उबला पानी पिलाएं बारिश में भीगने से बचाएं ।


◆ हल्का खाना दे बाजार से खरीद कर खाने पीने की चीजों से बाजार की खुली चीजों को खाने से परहेज करें ।
◆ सभी गुनगुने पानी का सेवन करें मच्छरों से बचाओ करें मच्छरों को पानी में कतई जमा ना होने दें क्योंकि यह भी बुखार का कारण बन सकता है ।


◆ जब आपका बच्चा स्कूल जाए या बाहर जाए तो मास्क का प्रयोग करें ।
◆ बाहर से आने पर पहले कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ धोएं या हाथों को सेनेटाइजर करें ।
◆ बाहर से आने वाले मेहमानों से दूरी बनाए रखें ।

Home remedies for viral fever.


वायरल इन्फेक्शन का इलाज या उपचार । Home remedies for viral fever –


● वायरल फीवर से निजात पाने के लिए घरेलू उपचार कर सकते हैं जिनमे 1-10 से 15 तुलसी की पत्तियों को लोंग के चूर्ण के साथ 1 लीटर पानी में उबाल लें पानी को आधा होने तक उबालें ठंडा होने पर छान लें पीड़ित व्यक्ति को यह पानी एक 1 घंटे के अंतर से देने पर इंफेक्शन में काफी आराम मिलता है ।


● मेथी का पानी पिए वायरल इन्फेक्शन में एक चम्मच मेथी एक कप पानी में रात में भिंगो दे । सुबह पानी पीने से आराम मिलेगा ।


● वायरल फीवर में नींबू और शहद का उपयोग भी कर सकते हैं नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है जो वायरल फीवर से राहत प्रदान करेगा ।


● हल्दी काली मिर्च का पाउडर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो इन्फेक्शन दूर करने में कारगर सिद्ध होते हैं घरेलू उपचार के अतिरिक्त बच्चों बुजुर्गों व बड़ों को पेरासिटामोल मेफ्टल मेडिसिन डॉक्टर की सलाह से दे सकते हैं ।
● बुखार 100 डिग्री से ज्यादा बढ़ने पर डॉक्टरी परामर्श लेना उचित होगा ।

वायरल फीवर पर सवाल जबाब ( FAQ )

Q1. बच्चे का बुखार न उतरे तो क्या करे ?
जबाब – बच्चे में बुखार की तीव्रता उनकी इम्युनिटी पर निर्भर करती है । यदि लगातार 48 घण्टे तक बुखार नहीं उतर रहा है तो तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करना हितकारी समझे । यदि टीके के बाद 2 दिन लगातार बुखार आ रहा है तो भी एक बार डॉक्टरी सलाह से पेरासिटामोल दे सकते है ।


Q2. ठंड देकर बुखार आने पर क्या करें ?
जबाब – यदि ठंड लगकर बुखार आ रहा है तो सकता है कि आपके बच्चे में मलेरिया के लक्षण हो । बुखार के साथ यदि सरदर्द, मांशपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी होना एवं भूख न लगना जैसे लक्षण है तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें ।

Q3. छोटे बच्चों का सिर गर्म क्यों रहता है ?
जबाब – छोटे बच्चों का सिर गर्म रहने के बहुत कारण हो सकते है जैसे विटामिन एवं मिनरल की कमी, एनीमिया के कारण, कैल्शियम की कमी आदि । बच्चों के मस्तिष्क विकास तेजी से होने के कारण भी सर गर्म हो सकता है ।


Q4. तेज बुखार को कैसे उतारे ?
जबाब – यदि बुखार नहीं उतर रहा है तो कपड़े को पानी से भिंगोकर सिर से पांव तक पोछे । या फिर तुलसी की 5 से 7 पत्तियों को एक लीटर पानी में एक चम्मच लौंग पाउडर मिलाकर उबाल लें एवं ठंडा होने पर हर दो घंटे के अंतराल में पीने से बुखार से राहत मिलती है ।

Q5. बार बार बुखार आना क्या कारण है ?
जबाब – बार बार बुखार आने के बहुत सारे कारण है जैसे इम्युनिटी कमजोर होना, कमजोरी या थकान के कारण, मौसमी बीमारियों या इन्फेक्शन आदि । बार बार बुखार आने का अनुवांशिकता भी होता है ।


Q6. बार बार बुखार आने पर क्या खाना चाहिए ?
जबाब – बार बार बुखार आने पर हल्का फुल्का भोजन करना चाहिए । साथ ही साथ फल सब्जी एवं अंकुरित अनाज का सेवन करना लाभकारी होता है ।


Q7. बुखार आने पर क्या करें घरेलू उपाय ?
जबाब – बुखार आने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए । यदि आपको बुखार के साथ पसीना भी आ रहा है तो तरल पदार्थ की कमी न आने दे अन्यथा डिहाइड्रेशन भी हो सकता है । इसलिए कम से कम 9 से 12 गिलास प्रतिदिन पानी पिए ।

Q8. बच्चों का नार्मल टेंपरेचर कितना होना चाहिए ?
जबाब – इस विषय पर कोई एकमत नहीं है । बच्चे की हेल्थ की स्थिति देखकर ही कुछ कहा जा सकता है क्योंकि बच्चों के लिए कोई तापमान निश्चित नहीं है । 35.8°से. से 38°से तक हो सकता है ।

अस्वीकार – इस लेख viral fever में दी गई समस्त जानकारी का उद्देश्य केवल शैक्षणिक है । इस जानकारी को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टरी सलाह लेना उचित समझे ।

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