पतंजलि पेट के कीड़े की दवा, टेबलेट, Syrup, आयुर्वेदिक व अंग्रेजी मेडिसिन

Patanjali pet me kide ki dawa

पतंजलि पेट के कीड़े की दवा । पेट के कीड़े चाहे बच्चों मे या बड़ो मे अक्सर परेशानियों का कारण बन ही जाते हैं । क्योकि यह ऐसे परजीवी कीटाणु होते है जो हर वक़्त परेशान करते रहते हैं । ख़ास तौर पर जब आप मिठा व्यंजन सेवन करते है या रात के समय हो तब गुदा द्वार के आस पास अंदर की तरफ रेंगने का अहसास होता है । एक्सपर्ट के अनुसार 20 प्रकार के कीड़े होते है । मगर सफ़ेद रंग के ज्यादा होते हैं ।

यह कीड़े सुबह सुबह मल के साथ निकलते हैं । और मल के साथ रेंगते हुए मर जाते हैं । मल द्वार मे इनका रेंगना बच्चों या बड़ो को परेशान करता है । जैसे कि अंदर खुजलाहट हो रही है और खुजलाना भी पड़ता हैं । इन किडो को तुरंत रोकने के लिए घरेलु उपाय के रूप मे गुदा द्वार पर तेल या घी लगाया जाता हैं । जिससे मलद्वार चिकना हो जाता हैं और कीड़े का अहसास भी नही होता है । तो चलिए जानते हैं पेट मे कीड़े मारने की दवा पतंजलि, tablet, syrup के बारे में –

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पेट मे कीड़े के लक्षण –

पेट में कीटाणु या कीटाणु तत्व जीवाणु होते हैं जो आपके पेट के भीतर पानी, खाद्य तथा अन्य पोषण के साधनों को उपभोग करते हैं। कुछ कीटाणु अप्रासारिक होते हैं, जबकि कुछ अपासारिक होते हैं। अप्रासारिक कीटाणु पानी या खाद्य से प्रसार्त होते हैं, जबकि अपासारिक कीटाणु शरीर द्वारा कोलन और संपर्क के माध्यम से अप्रासारिक होते हैं। इसके कारण, पेट के कीटों के लक्षण निम्न हो सकते हैं –

  • दस्त या पेट की सक्रियता – दस्त या अतिसार की स्थिति एक पेट कीटाणु संक्रमण का परिणाम हो सकती है।
  • पेट में दर्द या कब्ज – अप्रासारिक कीटाणु की मौजूदगी आपके पेट में दर्द, मरोड़ या समस्या के रूप में दिख सकती है। यह भी पेट में कब्ज का कारण बन सकती है।
  • भूखमारी या वजन कम होना – कीटाणु संक्रमण पेट की अव्यवस्था के कारण आपकी भूखमारी बढ़ा सकती है या आपका वजन कम हो सकता है।
  • अनियमित आहार पदार्थ – कुछ परजीवियों का आपके खाद्य में होना भी इसका कारण बन सकता है, जिससे आपका आहार पदार्थ अनियमित हो सकता है।
  • बार-बार उल्टी – कुछ पेट के कीटाणु संक्रमण उल्टी का कारण बन सकते हैं और उल्टी को बार-बार आने संकेत कर सकते हैं।

यदि आप इन लक्षणों को अनुभव कर रहे हैं तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। वे सही निदान और उपचार का सुझाव दे सकते हैं।

पतंजलि पेट के कीड़े की दवा –

पेट की कीड़े अक्सर नुकसान करते है । यह कीड़े आंतो मे घाव कर सकते हैं । इनसे बॉडी पर स्किन एलर्जी हो सकती हैं । वही पेट दर्द, गैस आदि की प्रॉब्लम हो सकती हैं । इनसे बचने के लिए कई प्रकार दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है । कभी syrup के रूप मे कभी tablet के रूप में । आज के लेख मे हम पतंजलि दवा के बारे में बताने जा रहे है ।

पतंजलि दवा एक आयुर्वेदिक व स्वदेशी ब्रांड है । जो विभिन्न प्रकार की दवाओं का निर्माण करता है । इन दवाओं का सेवन करने से साइड इफ़ेक्ट्स की संभावना बहुत कम होती हैं । पतंजलि मे लगभग सभी रोगो का उपचार किया जाता है । पेट के कीड़े को खत्म करने के लिए पतंजलि मे कुछ दवाई उपलब्ध है । जिनके बारे में हम बताने जा रहे है तो चलिए जानते हैं –

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पतंजलि नीम घनवटी – पतंजलि पेट के कीड़े की दवा

यह एक आयुर्वेदिक दवा है जो नीम जैसे औषधिये पौधे से तैयार होती हैं । इनका उपयोग अनेक प्रकार के रोगो के उपचार मे किया जाता है । यह दवा पेट के कीटों, जैसे कि उदर रोग, अंत्र विषाक्तता, जुगनु रोग, माइक्रोब विषाक्तता, सूखी एवं रसत विषाक्तता के लिए उपयोगी होती है।

यह दवा बच्चों के लिए नही है । कम से कम 13 वर्ष की आयु वाला किशोर दिन मे 2 बार गुनगुने पानी के साथ इस टेबलेट का सेवन कर सकता है । अगर इनके दुष्प्रभाव की बात करें तो यदि आपको नीम से एलर्जी है तो इनका सेवन नही करे । इसी प्रकार गर्भवती महिलाओ को भी डॉक्टरी सलाह से सेवन करना चाहिए ।

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दिव्य चित्रकादि वटी – पतंजलि पेट के कीड़े की दवा –

यह एक ऐसी आयुर्वेदिक दवा है जो न केवल पेट के कीड़े के लिए उपयोगी है बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरस्त करने का कार्य करती हैं । इसमे उपस्थित सेंघा नमक, पीपल मूल, चित्रक मुल की छाल, काला नमक, काली मिर्च, समुंद्री नमक, हिंग, छोटी पीपली आदि को पेट के लिए लाभकारी है ।

यह दवा पेट को स्वस्थ रखने मे कारगर है । इन दवा का सेवन करने से पेट के कीड़े मल के साथ बाहर निकलते है । वही गैस, अपच से भी मुक्ति मिलती हैं । इनके दुष्प्रभाव भी न के बराबर है फिर भी अनुशासित खुराक के रूप में विशेषज्ञ की सलाह से सेवन करने की सलाह दी जाती हैं ।

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दिव्य वेदांगसव 450ml – पेट मे कीड़े का Syrup.

यह दिव्य फॉर्मेसी की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा है जो पेट के कीड़े को बाहर निकलने मे उपयोगी है । इससे पेट से जुड़ी सभी प्रॉब्लम से राहत मिलती हैं । इसमे उपस्थित वायविडंगा, पिपाला छाल, रसना, कुटज, इंद्रजो, पाटा, एलोवेरा, गुड (गुड) धायफुल, डालचिनी, बड़ी इला, कालीमिर्च, सौंथ, पीपर, लोधरा, कंचनाकार, तेजपत्रा आदि जो पेट के कीड़े मल के साथ बाहर निकालने के लिए उपयोगी है ।

यह दवा पेट के कीड़े के अलावा गैस, कब्ज के लिए भी फायदेमंद है । इन दवा के साइड इफ़ेक्ट्स न के बराबर है लेकिन इनका सेवन करने से पहले योग्य डॉक्टर से अवश्य परामर्श करें ।

पेट में कीड़े मारने की दवा पतंजलि –

  • पतंजलि गंधक रसायन – इस दवा का उपयोग मेडीटेशन ऑफ पैराजाइटोलोजी के रूप में की जाती है और इसे पेट के कीटों जैसे कि दस्त, उदर पथरी, हेपेटाइटिस, कब्ज, नेचुरलेजिआ आदि का इलाज करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • पतंजलि शुद्ध स्तत दवा – यह दवा पेट के कीड़ों जैसे कि जुगनू रोग, उदर रोग, और अंत्र विषाक्तता के लिए उपयोगी होती है।
  • पतंजलि त्रिफला घनवटी – यह दवा अंत्र विषाक्तता, बवासीर, अमलपित्त, स्वमायला, गंधमाल, रक्तपित्त, मेडीप्रस्त एवं पेट के कीड़ों के लिए उपयोगी होती है।

ध्यान दें कि इन दवाओं का सेवन करने से पहले आपको अपने चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। यहाँ उल्लिखित दवाएं केवल एक साधारण ओवरद करने के उदाहरण हैं और व्यक्ति के रोग परिस्थिति के आधार पर उचित मात्रा और समय में ली जा सकती हैं।

पेट में कीड़े की आयुर्वेदिक दवा –

पेट के कीटाणुओं के लिए कुछ दवाएं उपलब्ध हैं। कुछ प्रमुख और प्रभावी उत्पाद इस प्रकार हैं –

  • पाइलस आरोग्य वटी – यह वटी पेट के कीटाणुओं को मरने से रोकने में मदद करती है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में भी सहायता करती है।
  • दिजेस्टिव प्रोडेअर टॉनिक – यह टॉनिक अपच, एसिडिटी और पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
  • जम्बू बीज चूर्ण – यह चूर्ण पेट के कीटाणुओं के मारक प्रभाव को बढ़ाता है और पेट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
  • आंवला रस – आंवला रस पेट संबंधी समस्याओं को ठीक करने और पेट की सेहत को सुधारने में मदद करता है।
  • हरितकी रस – हरितकी रस पेट संबंधी समस्याओं, जैसे कीटाणुओं के विरुद्ध लड़ने और पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यदि आप कीटाणुओं के प्रति संदेह है तो पहले एक अच्छे चिकित्सक से परामर्श करें।

Albendazole (400mg) – पेट मे की अंग्रेजी दवा – tablet.

पेट मे कीड़े की यह एक अंग्रेजी दवा है । इनका सेवन करने से पेट मे कीड़े लकवाग्रस्त हो जाते हैं जिससे इनकी एक्टिविटी कम हो जाती हैं । और मल के साथ बाहर निकल जाती है । छोटे बच्चों या सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को हर वर्ष 2 बार एल्बेंडाजोल 400एमजी टैबलेट मुफ्त मे दी जाती है ।

यह एक ऐसी दवा हैं जो परजीवी संक्रमण को रोकती है । इस टेबलेट का सेवन 7 से 15 दिन के अंतराल में सेवन की जाती हैं । यह दवा बड़ो को Albendazole 500mg tablet दी जाती हैं । हलाकि इस टेबलेट का उपयोग केवल डॉक्टरी पर्चे से करना चाहिए ।
इनके साइड इफ़ेक्ट्स की बात करें तो चककर आना, उलटी होना, मतली, भूख की कमी आदि अस्थाई रूप से हो सकते हैं । इसलिए आयु व लिंग के अनुसार डॉक्टर के परामर्श से सेवन करें ।

Mebendazole (500mg) – बच्चों के पेट मे कीड़े की दवा tablet. –

पेट में हुकवर्म, राउंडवार्म नामक कीड़े को मल के साथ बाहर निकालने के लिए इस टेबलेट का उपयोग किया जाता है । हालांकि यह दवा डॉक्टरी पर्ची से उपयोग किया जाता है । यहां डॉक्टर के दिशा निर्देश का पालन करना अनिवार्य है ।

इस दवा के कुछ साइड इफ़ेक्ट्स हो सकते हैं जैसे – उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आना, सरदर्द आदि हो सकते हैं । इनका सेवन करने कीड़े पैरालायसीस होकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं । इनकी खुराक बच्चों एव बड़ो के लिए अलग अलग हो सकती है ।

पेट मे कीड़े का घरेलु उपाय –

पेट मे कीड़े के दवाओं के अलावा कुछ घरेलु उपाय भी प्रभावशाली हो सकते हैं । इन उपयो मे घी का सेवन करना लाभकारी हो सकता है । इसी प्रकार मलद्वार पर घी या तेल लगाना भी तुरंत आरामदायक हो सकता हैं । क्योकि मलद्वार पर चिकनाहट के कारण कीड़े को परेशानी होती हैं । मगर ये कुछ समय के लिए हो सकता हैं । कुछ प्रमुख घरेलू उपाय जो पेट के कीटाणुओं को मारने में मदद कर सकते हैं, वे निम्नानुसार हैं –

  • अदरक का सेवन – अदरक का सेवन करने से पेट के कीटाणुओं को मारी जा सकती है। आप रोजाना अदरक का ताजा रस पी सकते हैं या अदरक की चाय पी सकते हैं।
  • तुलसी के पत्ते – तुलसी के पत्तों को सुबह खाली पेट खाने से पहले खाने से पेट के कीटाणुओं को मारी जा सकती है।
  • अनार के रस – अनार का रस पीने से पेट के कीटाणुओं को मारी जा सकती है।
  • नीम का तेल – नीम के तेल को पेट में मलने से पेट के कीटाणुओं को मारा जा सकता है।
  • मेथी के बीज – मेथी के बीज को अदरक के साथ पीस कर पानी में मिलाकर पीने से पेट के कीटाणुओं को मारा जा सकता है।
  • नेमतंबी – नेमतंबी पेट के कीटाणुओं को मारने में मदद कर सकती है। यह भूसी के रूप में मिलती है और जलाने के लिए इस्तेमाल की जाती है।

यदि आपके पेट में कीटाणुओं के लिए बहुत ज्यादा समस्या हो रही है, तो आपको एक विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।

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