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नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें । Newborn baby care tips.

घर में नवजात शिशु का आवागमन होना खुशियों का माहौल बना देता है । नाजुक एवं कोमल शिशु को देखकर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है । मगर Newborn baby care करना नए माता पिता के लिए काफी मुश्किल होता है । नए माता पिता को Newborn baby care tips ( अनुभव ) की कमी होती है यही कारण है शादी के बाद पहली डिलीवरी पीहर में कराई जाती है ताकि न केवल नवजात शिशु की अच्छी देखभाल हो बल्कि प्रसव के बाद माँ की देखभाल अच्छे से हो ।

Newborn baby care tips के रूप में सावधानीपूर्ण स्तनपान कराना, नहाना, मालिश करना बेहद आवश्यक है । साथ ही साथ समय पर टीकाकरण करवाना भी बहुत आवश्यक है । नवजात शिशु का वजन नॉर्मल रूप में 2.5 से लेकर 3. के जी तक का होना चाहिए । इनसे कम होने पर शिशु रोग विशेषज्ञ से सम्पर्क करना चाहिए ।
नवजात शिशु जैसे जैसे बड़ा होता है वैसे वैसे उनके शरीर में परिवर्तन होते हैं और वह धीरे धीरे मजबूत होने लगता है । तो चलिए जानते है नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें । Newborn baby care tips in hindi.

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नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें । Newborn baby care tips in hindi.

नवजात शिशु की देखभाल करना नए माता पिता के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन धीरे धीरे उनकी आदत बन जाती है । मगर शिशु की देखभाल करने के लिए कुछ आवश्यक बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे –
समय पर स्तनपान कराना – नवजात शिशु के लिए माँ का दूध जीवनदान संजीवनी बूटी से कम नहीं है । इसलिए आवश्यक है कि नियमित रूप से स्तनपान कराना आवश्यक है । जब भी शिशु रोता है तो उसे सीने से लगाकर स्तनपान कराए ।

हाथ धोना – नवजात शिशु को छूने से पहले हाथ धोना आवश्यक समझे । अगर सम्भव हो तो सैनिटाइज़र का उपयोग करें। ताकि किसी तरह के संक्रमण का खतरा न हो और बच्चा सुरक्षित एवं स्वस्थ रहे ।

सहारा देना – नवजात शिशु बहुत ही कोमल व नाजुक होता है इसलिए उसे उठाते समय सहारा देना जरूरी होता है । विशेष रूप गर्दन पर सहारा अवश्य दे क्योंकि शिशु के गर्दन की मांशपेशियों में विकास कम होता है ।

नवजात शिशु को जोरो से खेलाए नहीं – कुछ लोग लोग शिशु को जोर जोर से हिलाकर खेलाने के आदि होते है । लेकिन यह गलत है ऐसा करने से बच्चे के मस्तिष्क में रक्तस्त्राव हो सकता है । जो शिशु के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता । बच्चे को नींद से जगाने के लिए पैरो में हल्की गुदगुदी ही काफी है ।

कठोरता से न पकड़े – Newborn baby care tips. करने के लिए आवश्यक है कि नवजात शिशु को कठोरता से न पकड़े । कठोरता से पकड़ना शिशु के लिए भारी पड़ सकता है । साथ ही साथ हवा में उछालना व झटके देने से बिलकुल ही परहेज करें ।

मालिश करना – नवजात शिशु की उचित देखभाल करने के लिए आवश्यक है कि नियमित रूप से बच्चे की मालिश करें । पर इस बात का ध्यान रखें कि मालिश धीरे धीरे अपने कोमल हाथों से करें । मालिश के लिए जैतून का तेल उपयोगी होता है । लेकिन आप नारियल तेल या घी का इस्तेमाल कर सकते है । मालिश करने से शिशु की मांसपेशियों में मजबूती आती है ।

नवजात शिशु को स्नान – नवजात शिशु को स्नान कराने के लिए सबसे पहले एक बाथ टब में थोड़ा सा पानी डालें । ध्यान रखें कि पानी न ज्यादा ठंडा हो और न ही गर्म । गुनगुने पानी से स्नान कराना उचित रहता । अब शिशु को एक हाथ से गर्दन का सहारा देकर दूसरे हाथ से धीरे धीरे स्नान कराएं ।

शिशु को पोषण – Newborn baby care tips. के लिए आवश्यक है कि शिशु को पोषण की कमी न हो । चूंकि पहले 6 महीने में शिशु के पोषण उनकी माँ का दूध होता है । लेकिन जैसे जैसे बड़ा होता है तब बाहरी पोषण व भोजन की आवश्यकता होती है ।

टीकाकरण – नवजात शिशु के लिए टीnकाकरण सबसे अहम है । चिकित्सा व्यवस्था के अंर्तगत निर्धारित समय पर शिशु का टीकाकरण अवश्य कराए जो आपके शिशु को निरोग रखने में मदद करते हैं ।

अन्य टिप्स – Newborn baby care के लिए यह आवश्यक है कि शिशु की माँ को भी खानपान का परहेज रखना चाहिए और शिशु का बदलते हुए मौसम में विशेष ध्यान रखें । शिशु गीले में न सोए इनके लिए समय समय पर डायपर सावधानीपूर्वक बदलते रहे । साथ ही साथ शिशु को 16 से 20 घण्टे नींद लेने दे । किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह ले ।

1 महीने के बच्चे की देखभाल कैसे करें । one month baby care tips in hindi.

माता-पिता बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए हम उन्हें तरह-तरह की आवाजें सुनाई जैसे भगवान का नाम, इसमें आप कार्टून कैरेक्टर्स जैसे टेडी कुछ और इसी तरह से उसे हंसाते हैं, आप समझे कि शिशु कब थकान महसूस कर रहा है । कब उसे आराम करने की जरूरत है । कब उसे भूख लग रही है, कब उसे नींद आ रही है ? वो क्यों चिडचिड़ा पन कर रहा है।

शिशु किस तरह से संकेत दे रहा है। इसके प्रति हम सतर्क रहें इससे हमें यह पता चलता है कि बच्चे को इस समय किस चीज की जरूरत है। फिर हमें बच्चों को उसी प्रकार से रखना होता है।

धीरे-धीरे जब बच्चा एक माह का होने लगता है तो वह जब हाथ पर चलाते खेलते थक जाता है तो अंगड़ाई में लेने लगता है। जिससे हमें यह ज्ञात होता है कि हमारा बेबी स्वस्थ है और इसका विकास सामान्य रूप से हो रहा है । और जब बच्चे को नींद आ रहे होती है तब वह इस प्रकार से अंगड़ाइयां लेने की कोशिश करता है।

 

2 माह के शिशु की देखरेख कैसे करें ? 2 months baby care tips in hindi.

जब आपके बच्चों को भूख लगने लगेगी, तब बच्चा जोर जोर से रोने लगेगा । और कुछ नहीं होगा तब आप समझिए कि हमारे बच्चों को भूख लगी है। बच्चे का एक समय निश्चित कीजिए कि हर 3 घंटे बाद हमें बच्चों को दूध पिलाना है। जब बच्चा रोए तब नहीं इससे बच्चे का शरीर स्वस्थ नहीं रहेगा । और बच्चा उल्टियां भी करेगा और उसे दस्त भी ज्यादा लगेंगे। समय-समय पर आप बच्चे के पास हो ताकि आप अपने बच्चों को आसानी से दूध पिला सके।

अब हमें बच्चे के विकास के लिए भी दूसरे महीने से ध्यान रखना पड़ता है कि बच्चे का विकास किस प्रकार हो रहा है ।क्या कमी है, बच्चा ध्यान से सुन रहा है या नहीं, देख रहा है या नहीं, बच्चों को टॉयलेट बराबर आ रहा है या नहीं ।

इसे कब कौन सा टीका किस समय लगाना है। इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है ताकि हम समय-समय पर बच्चों को टीका लगाकर वह बीमारियों से बचा सकते हैं।

3 माह के बच्चे की देखरेख कैसे करें ? 3 months baby care tips in hindi.

जैसे-जैसे बच्चा हमारा 3 माह का हो जाता है तो हमें थोड़ी खुशी महसूस होती है और थोड़ी राहत मिलती है । जब बच्चा नवजात शिशु था तब कितना रोता था और अब उसके रोने में फर्क आ जाता है। अब हम कुछ जानकारियां जैसे –

● शिशु को कब भूख लग रही है कब नींद आ रही है इन बातों पर ध्यान रखना है बच्चा सोने के लिए चिड़चिड़ा पन करता है । और भूखा होता है तो दूध के लिए अलग जिद करता है।

● बच्चा हर वक्त स्वस्थ और सुरक्षित रहे कोई भी नुकीली चीजें जैसे हम सब्जी काट रहे हैं तो चाकू वगैरह बच्चों के पास ना हो। गंदगी बच्चों के पास ना हो जिससे बच्चों को कोई बीमारी ना हो।

● आप अपने बच्चों से बातें करते रहे जिससे बच्चा अपने आइक्यू और कान का घुमाता है इससे बच्चा हर चीज आसानी से और जल्दी सीख सकता है।
● बच्चों को कभी अकेला हो रोता हुआ ना छोड़े कभी किसी जानवर का भी भय रहता है जैसे बिल्ली है या चूहा है।

● बच्चे को घर से बाहर ले जाते समय भी हमें काफी सोच विचार करना पड़ता है । हम इसे वहां ले जा रहे हैं इसका स्वास्थ्य पर कोई असर तो नहीं पड़ेगा, गर्मी है सर्दी है या बरसात है इन सब को ध्यान में रखकर ही हम बच्चे को बाहर ले जा सकते हैं।

● बच्चे को खिलौने से खेलते समय भी हमें ध्यान रखना है कि कहीं किसी खिलौने से बच्चों को लग ना जाए ।
● बच्चों की एक अच्छी दिनचर्या हर किसी के लिए फायदेमंद होती है। जिससे बच्चों का निरंतर विकास होता है।

● इसके अलावा भी मां एकदम निश्चय कर और स्वतंत्र रहे किसी प्रकार का टेंशन ना रखें तभी वह अपने बच्चों की अच्छे से देख ले कर सकती है।

4 महीने के बच्चे की देखभाल कैसे करें ? 4 months baby care tips in hindi.

यदि बच्चा 4 से 6 महीने का हो गया है तो हमें अब उसे 5 से 6 घंटे के अंतराल के बीच में उसे दूध पिलाना चाहिए कई बच्चों को बार बार भूख लगती है तो इस अवस्था में आप उन्हें भी समय के अंतराल से दूध पिलाएं जिससे चार पांच की जगह आप 3 घंटे का अंतराल रखिए और बच्चों को एक मात्रा सीमित रखिए एक कप दूध पिलाना या 200 मिलीग्राम दूध पिलाना है जिससे बच्चा भूखा भी नहीं आएगा और रोएगा भी नहीं और स्वस्थ भी रहेगा।

बच्चे के बार बार रोने पर आपको दूध नहीं पिलाना है उसका ध्यान भटका कर उसे और चीजों की तरफ लगाना है जैसे ही कोई बाजा बजा दिया है आपने ताली बजा दी आप उससे बात करने लगे तो उसका ध्यान दूध की तरफ से हट जाएगा और समय सीमा का टारगेट बैठ जाएगा।

5 महीने के बच्चे की देखभाल कैसे करें ? 5 months baby care tips in hindi.

5 माह का बच्चा धीरे-धीरे अपने आप सिर ऊंचा उठाने लगता है। और उस समय किसी के सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती बच्चा लेटने पर भी अपनी छाती को ऊपर उठाकर छाती के बल से भी वह उल्टा होकर चल सकता है।

घुटनों के बल चलने लगता है 5 माह का बच्चा अपने आप भी बैठने लगता है । थोड़ा-थोड़ा पर हमें ध्यान रखना पड़ता है कहीं बच्चा गिर जाए उसके लग ना जाए।

छोटे बच्चों की मालिश के लिए सबसे अच्छा तेल कौन सा है ।

सर्दी के समय बच्चों को सरसों के तेल की मालिश करना सबसे अच्छा माना गया है । इसका उपयोग कई वर्षों से चला आ रहा है । सरसों का तेल ठंड के मौसम में सर्दी जुकाम से बचाता है । और हड्डियों को मजबूत बनाता है, साथ ही बच्चे के शरीर को गर्मी प्रदान करता है इससे बच्चे का शरीर मजबूत रहता है।

वैसे कई लोगों का मानना है कि बच्चों की मालिश के लिए जैतून का तेल भी सर्वश्रेष्ठ माना गया है । क्योंकि इसमें संतुलित फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं । जो बच्चों की त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं। जैतून के तेल से बच्चों की त्वचा मुलायम चमकदार और पोषण का प्रदान करती है। यह तेल मिनी फ्लोर लोशन है जो शिशु की स्किन को मस्टराइज करता है।

वैसे आप चाहे तो नारियल का तेल ओलिव ऑयल भी फायदेमंद है उसे मालिश के लिए ले सकते हैं। तेल को थोड़ा सा गुनगुना करके फिर उससे बच्चे की मसाज करें । अपने हाथों का प्रेषक धीमा रखें । अपने शरीर की ताकत बच्चों पर ना लगाएं । जब हम मालिश करते हैं तो थोड़े दिन पश्चात देखते हैं बच्चे का रंग एकदम साफ और गोरा हो जाता है । कुछ लोग बेबी जॉनसन ऑयल का भी प्रयोग करते हैं

नवजात शिशु को दिन भर में कितनी बार दूध पिलाना चाहिए ।

Newborn baby care tips के लिए नए माता पिता को यह ध्यान रखना चाहिए कि नवजात शिशु को दिन में कितनी बार स्तनपान कराना चाहिए । इस समय आप को बच्चे को तीन से चार बार दूध पिलाने की आवश्यकता होती है।

अगर रात में भी आपका बच्चा ज्यादा देर तक सो नहीं पाए, तो आप बच्चों को 4 से 6 घंटे के बीच में दूध पिला सकते हैं । हर बच्चा एक दूसरे से अलग अलग होता है और आपके बच्चों को रात में ज्यादा दूध की भी जरूरत होती है इसलिए भी बच्चा रात को सोता नहीं है वह रोता है।

बेबी केयर प्रोडक्ट | Newborn Baby care products in hindi.

बच्चों की देखभाल करना इतना आसान नहीं थोड़ा मुश्किल भी है लेकिन हमें इनके देखभाल के साथ-साथ इनके साफ-सफाई की भी पूरी जिम्मेदारी रखनी है। और हमें यह देखना है कि हमें कौन से बेबी प्रोडक्ट की जरूरत होगी और किस प्रकार का हम प्रोडक्ट ले जिससे बच्चे की त्वचा को नुकसान ना हो । newborn baby care tips के लिए आवश्यक है baby care products.
● कपड़े
● डायपर
● पालना
● दूध की बोतल और निप्पल
● स्वॉडलिंग क्लॉथ
● नर्सिंग पिलो
● बिब
● बर्प क्लॉथ
● मसाज ऑयल
● मोजे
● बेबी थर्मामीटर
● आरामदायक स्ट्रॉलर
● बच्चों के लिए बेबी जॉनसन पाउडर एवं साबुन । ( आजकल हिमालय पाउडर भी चल रहा है )

आप जब भी बेबी प्रोजेक्ट पैकिंग खरीदते हैं तब आप सबसे पहले यह देख ले कि यह क्लीनिक माइल्ड प्रमाणित के सील की जांच जरूर कर ले कि फार्मूला एकदम सही लिखा हुआ हो । जो भी प्रोजेक्ट है उसके ऊपर इनग्रेडिएंट कितनी मात्रा है लिखी होना चाहिए । खुशबू वाली चीजों का इस्तेमाल अच्छी तरह देखकर करें जिससे बच्चे की त्वचा स्वस्थ रहें जिससे बच्चे की त्वचा पर साइड इफेक्ट ना हो । बेबी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते समय माता-पिता को भी इस विषय की जानकारी होनी चाहिए जिससे बच्चों को कोई नुकसान ना हो ।

बेबी को गोरा करने के टिप्स इन हिंदी । Newborn baby ko gora karne ke tips.

● बेबी को गोरा करने के लिए मॉस्टराइज कीजिए ।
● बेबी को गोरा करने के लिए गुनगुने पानी से स्नान कराइए |
● छोटे बेबी को अधिक से अधिक फल खिलाइए।
● अधिक से अधिक पानी पिलाई है
● सांवले बेबी को गोरा करने के लिए प्राकृतिक स्क्रब का इस्तेमाल कीजिए।

● छोटे बेबी की गुनगुने तेल से मालिश कीजिए।
● बच्चों के प्रोडक्ट में सोडियम की मात्रा कम से कम हो।
● बेबी को सन बाथ जरूर कराएं।
● अगर आपका बेबी हेमा से ज्यादा का है और उसे आप गोरा करना चाहते हैं तो आप उसे सेव नारंगी अंगूर का जूस पिला सकते हैं ।
● नवजात शिशु को नहीं अगर यदि आपका बेबी 3 से 4 महीने का हो गया है तो आप उसे दिन में दो या तीन बार एक चम्मच पानी धीरे-धीरे पिला सकते हैं।
उम्मीद करते हैं आज का टॉपिक newborn baby care tips in hindi. उपयोगी रहा होगा । आप अपने विचार हमारे कमेंट बॉक्स में लिखे ।। शिवा सिंहल ।।

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