मुँह के छाले के कारण, लक्षण, उपाय । Muh ke chhale ka ilaaj.

Muh ke chhale ka ilaaj.

Muh ke chhale ka ilaaj. मुँह में छाले होना बहुत ही आम बात है और अधितकर लोग इससे वाकिफ भी होंगे । वैसे तो छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं किंतु यदि छाले बार बार हो या फिर छाले बहुत समय तक मुँह में बना रहे तो आपको तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए, क्योंकि वर्तमान में मुँह के छाले कई अन्य रोगों की तरफ संकेत करते हैं।

मुह के छाले के कारण पेट की गर्मी, कब्ज आदि हो सकता है । इसके अलावा विटामिन बी12 की कमी से भी मुह में छाले ( Mouth ulcer ) हो सकते है । खानपान का ध्यान रखकर बचा जा सकता है । छाले क्या है, क्यों होते हैं और इसके उपचार क्या है ? आज इस लेख में इन्ही सब बातों को विस्तार से बताएंगे । तो चलिए जानते है Muh ke chhale ka ilaaj.

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मुँह के छाले क्या है ? What is Mouth ulcer in hindi.

ज्यादा गर्म या बहुत तीखा, खट्टा खा लेने पर या फिर बहुत ज्यादा हार्ड ब्रश का उपयोग करने के कारण मुँह के अंदर की आंतरिक दीवार कट जाती है और घाव बन जाती है, इसे छाले कहते हैं।

छाले कितने प्रकार के होते हैं ? Type mouth ulcer in hindi.

मुँह में आमतौर पर दो प्रकार के छाले होते है, एक एफ्थस छाले और दूसरा फीवर ब्लिस्टर्स । बुखार होने के कारण या बुखार के साथ होंठो के आसपास होने वाले छाले फीवर ब्लिस्टर्स कहलाते हैं । जबकि मुँह की आंतरिक दीवार यानि गाल पर होने वाले छाले एफ्थस छाले कहलाते हैं ।

मुँह के छाले के लक्षण क्या है ? Symptoms of mouth ulcer in hindi.

मुँह में छाले होने के लक्षण निम्न है –
● मुँह में छाले हो जाने पर मुँह में दर्द होने लगता है ।
● खाना खाने में परेशानी होती हैं ।
● बात करने में भी परेशानी होती है ।
● तीखा, खट्टा या नमकीन मुँह में डालते ही जलन और दर्द होने लगता है ।
● कुरमुरी एवं कड़ी चीजे खाने में दिक्कत होती है ।
● कभी कभी छालों से खून भी निकलने लगता है ।
● मुँह के अंदर लाल या काली रंग के घाव नजर आने लगते हैं ।

मुँह में छाले होने के क्या कारण है ? Cause of mouth ulcer in hindi.

मुँह में छाले हो जाने के निम्नलिखित कारण है –
दाँतो की सफाई – मुँह की सफाई करते समय दांतो की सफाई ठीक से ना करने के कारण छाले हो जाते हैं।
पेट साफ ना होना – पेट ठीक से साफ ना हो तो हमारा सारा दिन बेकार हो जाता है, छाले होने का एक बड़ा कारण पेट का ठीक से साफ ना होना भी है।

बुखार – अधिक समय तक अस्वस्थ रहने या बुखार से पीड़ित होने के कारण भी मुँह में छाले हो जाते हैं।
तनाव – अगर आप ज्यादा तनाव लेते हैं तो आपका तनाव भी आपके मुँह में छाले होने का कारण बनता है।
◆ पेट की तपिश – पेट की तपिश या पेट की गर्मी के कारण या फिर पेट की खराबी के कारण भी मुँह में छाले हो जाते हैं।

विटामिन की कमी – मुँह में छाले विटामिन्स की कमी के कारण भी होते हैं। जैसे विटामिन बी12 आदि ।
मसालेदार भोजन – अधिक नमक, मिर्ची युक्त मसालेदार भोजन करने से मुँह में छाले हो जाते हैं।
गर्म भोजन – गर्म भोजन जल्दी जल्दी खाने से भी छाले होते हैं।
हार्ड ब्रश – ज्यादा हार्ड ब्रश का उपयोग करने से मुँह की आंतरिक त्वचा छिल जाती है, जिससे छाले पड़ जाते हैं।

मुँह में छाले किसकी कमी के कारण होते हैं ?

आमतौर पर मुँह में छाले होने की मुख्य वजह विटामिन्स की कमी होती है, शरीर में विटामिन बी12 और जिंक की कमी होने से छाले होते हैं। विटामिन बी एवं विटामिन सी की कमी से होने वाले छालों के लिए विटामिन्स की फ्रूट्स खिलाई जाती है।

मुँह में छाले कहाँ कहाँ बनते हैं ?

मुँह के छाले लाल और सफेद रंग के होते हैं और यह ज्यादातर मसूड़ो में, होंठो के आसपास, जीभ में या गाल के अंदरूनी भाग में बनते हैं । कभी कभी भोजन नली में भी छाले बन जाते हैं, जिसके कारण खाने पीने में अत्यधिक परेशानी होती है।

मुँह के छाले कितने दिन में ठीक होते हैं ?

मुँह में बनने वाले छाले मुँह की लार से ही ठीक हो जाते हैं, इसमें 4 से 5 दिन का समय लगता है। पूर्णतया ठीक होने में 10 से 12 दिन का समय लगता है। अगर एक महीने से छाले ठीक ना हो तो आपको तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए।

मुँह में छाले हो जाने पर क्या खाएं ?

मुँह में छाले होने पर सबसे ज्यादा दिक्कत खाने की होती है, क्योंकि कुछ भी खाते ही मुँह में दर्द और जलन होने लगती है। ऐसे में जानना जरूरी है कि आपको छाले होने के दौरान क्या खाना चाहिए ।

◆ दही खाना चाहिए।
◆ छाछ पीना चाहिए।
◆ केले खाने चाहिए।
◆ सलाद खाने चाहिए।
◆ कच्चा प्याज जरूर खाना चाहिए।
◆ विटामिन बी और सी से भरपूर चीजे खानी चाहिए।
◆ बिना मिर्च और कम नमक वाला भोजन करना चाहिए ।
◆ अधिक खट्टा नही खाना चाहिए ।
◆ जूस और लस्सी पीना चाहिए इत्यादि ।

क्या नही खाना चाहिए मुँह में छाले होने पर ?

◆ तेल, मिर्ची मसालेदार भोजन नही खाना चाहिए ।
◆ चटपटा, तला भुना नही खाना चाहिए ।
◆ बाजार का कोई फ़ूड नही खाना चाहिए ।
◆ जंक फूड नही खाना चाहिए ।
◆ कड़ी और कुरकुरी चीज नही खानी चाहिए, क्योंकि इससे घाव बढ़ जाता हैं ।
◆ आम, इमली जैसे खट्टी चीज नही खानी चाहिए ।

Home remedies for mounth ulcer in hindi.

मुँह के छाले के लिए घरेलू उपचार क्या है ? Home remedies for mounth ulcer in hindi.

 

Mouth ulcer के लिए खानपान मुख्य है । इसलिए खानपान के साथ कुछ उपाय करके इन प्रॉब्लम से निजात पाई जा सकती है । मुँह के छाले खत्म करने के लिए आयुर्वेद में कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं, आइये उन्हें जानते हैं –

शहद से मुंह के छालो का इलाज । Shahad se muh ke chhale ka ilaaj.

मुँह में कही पर भी छाले हो जाने पर उस स्थान पर शहद लगाने से छाले जल्दी ठीक होते है और जलन एवं दर्द दूर होती है।

एलोवेरा से मुंह के छालों का इलाज । Aloe vera se muh ke chhale ka ilaaj.

एलोवेरा हर रोग के लिए अमृत माना जाता है, इसके जेल या गुदे को छाले में लगाने से बहुत लाभ मिलता है।

नारियल तेल से मुंह के छालों का इलाज । Nariyal tel se muh ke chhale ka ilaaj.

नारियल तेल छालों के लिए बहुत ही बेजोड़ माना जाता है, इसे छालों पर लगाने से छाले जल्दी ठीक होते हैं और जलन भी दूर होती है।

हल्दी का पानी से मुह के छालों का इलाज । Haldi pani se muh ke chhale ka ilaaj.

एक गिलास पानी में थोड़े से हल्दी डालकर उबाल लें, फिर इस पानी को थोड़ा गुनगुना रहने तक ठंडा करके इससे कुल्ला करें। ऐसा करने से छाले जल्दी ठीक होते हैं।

बेल का फल से मुंह के छालों का इलाज । Bel ke fal se muh ke chhale ka ilaaj.

बेल का पका फल ले, उसके गुदे को रातभर पानी में भिगो दे, फिर इस पानी से सुबह कुल्ला करने से छाले में बहुत लाभ मिलता है।

केला से मुंह के छालों का इलाज । kela se muh ke chhale ka ilaaj.

रोज सुबह एक केला खाने से छाले ठीक होते हैं। केले में भरपूर विटामिन पाये जाते हैं, इसलिए इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

बर्फ से मुंह के छालों का इलाज । Braf se muh ke chale ka ilaaj.

छालों पर बर्फ लगाने से दर्द और सूजन में राहत मिलती है तथा छाले भी ठीक होते हैं।

अदरक से मुंह के छालों का इलाज । Adrak se muh ke chhale ka ilaaj.

छालों पर अदरक का पेस्ट या रस लगाने से हल्का जलन जरूर होगा मगर यह छालों में आराम भी देगा।

मुँह के छालों की आयुर्वेदिक दवा । Ayurvedic treatment for mouth ulcer.

आयुर्वेद के अनुसार मुँह के छालों का कारण पेट की गर्मी या अधिक चटपटा व मसालेदार भोजन करने से होता है । विशेष कर गर्मियों के मौसम में । मुँह के छालों के लिए तुलसी के पत्ते उपयोगी हैं । कुछ दिन तक नियमित रूप से सेवन करने पर लाभ होता है । शहद व मुलेठी का घोल बनाकर छालो पर लगाने से आराम मिलता है । इसी प्रकार पान के काते को छालो पर लगाने से राहत मिलती है ।

इसी ठंडे पानी से कुल्ले करने पर भी आराम मिलता है । यह पानी आपके मुँह के बैक्टीरिया को बाहर निकालने में उपयोगी होता है । कब्ज दूर करने के लिए अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें ।

मुँह के छालों के लिए कौन सी दवाई उपयुक्त है ?

मुँह के छालों को दूर करने के लिए कुछ समय तक एंटीबायोटिक चलाया जाता है, दर्द ज्यादा हो तो दर्द की दवाई दी जाती है और घाव को खत्म करने के लिए विटामिन की दवाई या क्रीम भी देते हैं, जिससे छाले ठीक हो जाये।

बार बार मुँह के छाले होना ।

मुँह में अधिकतर छाले टूथपेस्ट के कारण होते है । उदाहरण के लिए पतंजलि का टूथपेस्ट उपयोग किया जाता है, मगर कई बार कोई अन्य टूथपेस्ट घर में आ जाता है तो मजबूरन वही करना पड़ता है और नतीजतन मेरे मुँह में छाले हो जाते हैं।

मिर्ची, नमक या खट्टा खाने में बहुत परेशानी होती है और जलन भी होती है। इसलिए छालों पर शहद का उपयोग करना लाभदायक है जिससे जलन और दर्द में आराम मिलता है तथा छाले भी जल्दी ठीक हो जाते हैं।

मुँह में छाले होना और उसका ठीक हो जाना, यह तो आम बात है, लेकिन समस्या तब होती हैं जब छाले ठीक ही ना हो। इसके लिए आप तुरंत चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं क्योंकि मुँह के छाले कभी कभी गंभीर रोगों की तरफ इशारा करते हैं।
मुँह के कैंसर की शुरुआत भी छाले से ही होती हैं, लेकिन घबराइए नही क्योंकि पूरी जांच के बाद ही पता चलता है कि आपको कैंसर है या नही। फ़िलहाल तो यही कहना चाहूंगी कि मुँह के छालों को अनदेखा ना करे और तुरंत उपचार करे ।। शिखा गोस्वामी ‘निहारिका’ छत्तीसगढ़ ।।