सीलिएक रोग के लक्षण । celiac disease meaning in hindi.

 

celiac disease meaning in hindi.
celiac disease meaning.

celiac disease meaning in hindi. पेट दर्द जैसे सामान्य लक्षण से लेकर, जरा सा मुड़ने पर हड्डी टूट जाने जैसे गंभीर लक्षणों वाला रोग है सीलिएक। सीलिएक रोग को कई बार स्प्रू या कोएलियाक भी कहते हैं। यह एक अनुवांशिक रोग है और करीब एक तिहाई जनसंख्या में इसका कारक जीन पाया जाता है । दुनिया में प्रत्येक 40 में से एक व्यक्ति इस रोग से ग्रसित है। भारत में हर वर्ष सीलिएक रोग के 10 लाख मामले सामने आते हैं।

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सीलिएक रोग क्या है । celiac disease meaning in hindi.

सीलिएक रोग ऑटोइम्यून से जुड़ी बीमारी है। जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ( इम्यून सिस्टम) गलती से स्वस्थ उत्तकों पर हमला करने लगती है। सीलिएक रोग में शरीर का इम्यून सिस्टम ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थों को गलती से शरीर के लिए हानिकारक समझकर उस पर हमला कर देता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपने ही शरीर के खिलाफ लड़ने लगती है ।

इससे छोटी आँत की परत को नुकसान पहुंचता है। उसमें सूजन आ जाती है और पाचन में बाधा आने लगती है। इससे हमारा शरीर पोषक तत्वों का अवशोषण नहीं कर पाता है । ऐसा भोजन में ग्लूटेन की उपस्थिति के कारण होता है।

क्या है ग्लूटेन । what is Gluten in hindi.

ग्लूटेन एक खाद्य प्रोटीन है। जो तीन तरह के अनाजों में पाया जाता है।
● गेहूँ
● जौ
● राई
इन अनाजों से बने खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन पाया जाता है। जैसे
● पास्ता
● केक
● ब्रेड
● रोटी, पराठा
● कचोरी, समोसा आदि पहले से तैयार खाद्य पदार्थ इसके अलावा अधिकांश बीयर भी जौ से बनी होती है।

सीलिएक रोग होने के कारण । celiac disease causes in hindi.

अभी तक के अध्ययनों से यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किन कारणों से प्रतिरक्षा प्रणाली इस प्रकार कार्य करने लगती है । किंतु मुख्यतः गेहूं में मौजूद ग्लूटेन के कारण यह बीमारी होती है।

यह किसी भी उम्र में हो सकती है। जैसे कि 6 माह से लेकर 90 वर्ष तक की आयु के लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। जहां जहां पर गेहूं का सेवन अधिक किया जाता है। वहीं यह रोग भी पाया जाता है। हमारे देश के उत्तरी भाग में गेहूं का उपयोग ज्यादा किया जाता है तो सीलिएक रोग भी ज्यादा पाया जाता है।

सीलिएक रोग में आहार । celiac disease diet in hindi.

सीलिएक रोग से पीड़ित व्यक्ति को ग्लूटेन मुक्त आहार खाना चाहिए ।
◆ अनाज जैसे मकई बाजरा ज्वार चावल आदि अनेक खाद्य पदार्थ हैं । जिन्हें खाना सुरक्षित रहता है।

◆ आलू, केला, बीन्स, साबूदाना आदि भी ग्लूटेन मुक्त होते हैं। इसके अतिरिक्त गैर अनाज पदार्थ जैसे अम्लान, क्विनोवा, बकवेट आदि भी हानि रहित होते हैं। सावधानीपूर्वक डॉक्टर से सलाह लेकर अपना आहार चुनना चाहिए।

सीलिएक रोग के लक्षण । celiac disease symptoms in hindi.

अभी तक के अध्ययन में सीलिएक रोग के करीब 200 से ऊपर लक्षण सामने आए हैं।
◆ भूख ना लगना
◆ पेट दर्द
◆ पेट फूलना
◆ अपच
◆ कब्ज
◆ पाचन क्रिया में बदलाव से दस्त या कब्ज
◆ बच्चों में कम वृद्धि होना
◆ एनीमिया
◆ ऐंठन
◆ वजन कम होना
◆ मुंह में छाले
◆ उल्टी
◆ चिड़चिड़ापन
◆ हड्डियों में दर्द
◆ हाथ पैर में झुनझुनी
◆ त्वचा पर निशान
◆ सर दर्द
◆ बाल झड़ना
◆ थकान आदि अनेक विकार सामने आने लगते हैं।

महिलाओं में सीलिएक रोग । celiac disease symptoms in females.

सीलिएक रोग से महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा तीन गुना अधिक प्रभावित होती है। महिलाओं के शारीरिक विकास को यह रोग अनेक प्रकार से नुकसान पहुँचाता है।

celiac disease symptoms in females.

सीलिएक रोग से होने वाली प्रमुख समस्याएं । celiac disease meaning in hindi.

1. पेट में सूजन – सीलिएक रोग में ग्लूटेन युक्त भोजन के कारण छोटी आँत भोजन का अवशोषण नहीं कर पाती है । जिससे पेट दर्द होने लगता है । इससे गैस और आंतों में सूजन की समस्या हो सकती है।

2. असाधारण मल – सीलिएक रोग से अक्सर दस्त या स्थूल, पतला, पीला झागदार, बदबूदार, वसायुक्त मल आने लगता है।

3. नजर सम्बन्धी परेशानी – आंखों से जुड़ी हुई कई परेशानियां भी सामने आने लगती है। नजर कमजोर होना, सरदर्द, चश्मे का नम्बर बढ़ना आदि।

4. वजन घटना – इस रोग से भूख सामान्य लगती है। किन्तु खाने के बाद भी वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है । शरीर को पूरा पोषण नहीं मिलता है।

5. थकान और कमजोरी – इस रोग के कारण शरीर में ऊर्जा और शक्ति में कमी आने लगती है । कुछ लोग ग्लूटेन युक्त आहार करने के कारण बीमार भी पड़ जाते हैं । जिसके कारण भी शरीर में थकान आती है।

6. मासिक धर्म में देरी होना – सीलिएक रोग के कारण महिलाओं का मासिक चक्र बुरी तरह प्रभावित होता है एवं समय पर नहीं होने की समस्या आम हो जाती है।

7. कैल्शियम हड्डियों की सघनता में कमी – सीलिएक रोग के कारण कैल्शियम और विटामिन डी का अवशोषण शरीर नहीं कर पाता है । जिसके कारण हड्डियां नरम हो जाती है और ऑस्टियोपोरोसिस हो सकती है।

8. बांझपन या गर्भपात – कैल्शियम, विटामिन के और विटामिन डी, की कमी के कारण शरीर कुपोषित हो जाता है। जिससे बांझपन और गर्भपात जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।

अन्य समस्याएं – समय पर इलाज नहीं किया जाए तो सीलिएक रोग के कारण याददाश्त में कमी, एकाग्रता में कमी, एनीमिया, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन आदि भी हो सकता है।

खतरा कब – सीलिएक रोग अमूमन परिवार में एक से दूसरे को होता है यदि आपके किसी करीबी रिश्तेदार माता-पिता भाई-बहन को यह दिक्कत है तो आपको होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है ।

tTG टेस्ट इन हिंदी । celiac disease meaning in hindi.

सीलिएक रोग की अनुवांशिक प्रकृति होती है। इसीलिए इसकी पूर्णतः रोकथाम नहीं की जा सकती है। सीलिएक रोग के लक्षण सामने आने पर ब्लड टेस्ट करवा कर पता लगा सकते हैं। ब्लड टेस्ट में परेशानी सामने आए तो tTG ,1gA एवं बायोप्सी से पुष्टि की जाती है।

सीलिएक रोग में दवाएं । celiac disease medicine in hindi.

एंटीहिस्टामाइन – गेहूँ से होने वाली हल्की एलर्जी में यह दवा कारगर हो सकती है।
एपिनेफ्रिक – गंभीर एलर्जी एवं रिएक्शन में डाक्टर इसके इंजेक्शन की सलाह देते हैं। इसके अतिरिक्त
● कोर्टीकोस्टेराइड
● एजायियोप्राइन
● साइक्लोस्पोरिन आदि दवाएं भी प्रयोग में ली जाती है। किन्तु किसी भी दवा का प्रयोग डाक्टर की सलाह से करना ही बेहतर होता है।

सीलिएक रोग में होम्योपैथी उपचार । celiac disease homiyopaithi treatment in hindi.

हालांकि सीलिएक रोग के उपचार की दवाएं होम्योपैथी में उपलब्ध नहीं है ।किंतु कुछ दवाओं का उपयोग कर राहत दी जा सकती है जैसे नेट्रम सल्फ,चाइना, लाइकोपोडियम, काली कार्ब, कार्बोवेज, आर्सेनिक, एल्बम आदि। सीलिएक रोग में कुछ दवाएं कुछ शारीरिक परेशानियों से राहत दे सकती है । किन्तु यह इस बिमारी का उपचार नहीं है। अभी तक के अध्ययन के अनुसार सीलिएक रोग होने पर जीवन भर ग्लूटेन युक्त आहार का त्याग करना ही एकमात्र उपाय है ।

सावधानी पूर्वक भोजन से ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थों को निकाल कर ही हम धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं । इससे सारे लक्षण भी धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं। किंतु जैसे ही हम ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ खाने लगते हैं यह रोग फिर से उभरने लगता है। सीलिएक रोग के लक्षण सामने आने पर सावधानी पूर्वक जाँच करवानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह द्वारा खानपान लेकर सामान्य जीवन जी सकते हैं ।। लेखक – भावना शर्मा ।।

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