लू लगने के लक्षण व उपचार । Loo ka ghrelu ilaaj.

Loo ka ghrelu ilaaj.
Loo ka ghrelu ilaaj.

Loo ka ghrelu ilaaj. गर्मी अकेले ही नहीं आती, वरन अपने साथ-साथ हमें परेशान करने के लिए अनेक प्रकार की समस्याएँ भी लेकर आती है । इन समस्याओं में चिलचिलाती धूप, उमस और गर्म हवाएँ शामिल हैं, जिनके जद में पड़ते ही हम असहज महसूस करने लगते हैं । इस मौसम में गर्म हवा यानी लू सबसे अधिक मुसीबत खड़ी करती है । यद्यपि इन सबसे बचने के कई उपाय भी हैं, जो सदियों से दादी-नानी हमें बताती आई हैं और हम उन्हीं नुस्ख़ों को इस्तेमाल करते आ रहे हैं ।

गर्मियों में बहुत तेज गर्म हवाएँ चलती हैं, इन गर्म हवाओं को ही लू ( Heat stroke ) कहते हैं । जिन लोगों की इम्युनिटी मजबूत होती है वही इन गर्म हवाओं को सहन कर पाते हैं, किन्तु अधिकांश लोग इन हवाओं को सहन नहीं कर पाते हैं और इनके संपर्क में आते ही बीमार पड़ जाते हैं । Loo ka ghrelu ilaaj.

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लू लगने के कारण | Causes of heat stroke.

गर्म हवाएँ जब हमारे शरीर के संपर्क में आती हैं तो शरीर का तापमान बढ़ा देती हैं, इस कारण अनेक समस्याएँ होने लगती हैं । अधिक देर तक धूप में काम करना और शरीर में पानी की कमी होना लू लगने के प्रमुख कारण हैं । बच्चे और बूढ़े लोग लू की चपेट (Sunstroke) में जल्दी आ जाते हैं ।

अधिकांश मामलों में लोगों को यह जल्दी पता ही नहीं चल पाता है कि उन्हें लू लग गयी है । यद्यपि इसका अंदाज़ा लू के लक्षणों को देखकर लगाया जा सकता है । अतः प्रत्येक व्यक्ति को लू के लक्षणों की पूरी जानकारी होनी चाहिए ।

लू लगने के लक्षण | Loo lagane ke lakshan.

लू लगने के लक्षण में बार-बार मुँह सूखना, तेज़ बुख़ार होना और साँस लेने में तक़लीफ़ महसूस करना, उल्टी, लूज़ मोशन, शरीर में दर्द महसूस होना, हाथ-पैरों का ढीला पड़ना, बेहोशी जैसा लगना और थकावट महसूस होना शामिल है । लू लगने से सिर में तेज दर्द होना, चक्कर आना जैसी समस्याएँ होने लगती हैं ।

प्रारम्भ में इन लक्षणों की तीव्रता काफी कम होती है, लेकिन समय के साथ- साथ ये बढ़ती जाती हैं । लू लगने पर अचानक से तेज बुखार आने लगता है और बॉडी में गर्मी महसूस होती है । इतनी गर्मी महसूस होने के बाद भी पसीना नहीं आता है ।

लू लगने पर उल्टी होना और शरीर में तेज दर्द होना आम बात है । उल्टी होने के कारण शरीर में सोडियम और पोटैशियम का संतुलन बिगड़ जाता है । कमजोर इम्युनिटी वाले या शारीरिक रुप से कमजोर लोग लू लगने से अनेक बार बेहोश भी हो जाते हैं ।

लू लगने पर क्या करें | Loo lagane par kya kare.

लू लगने पर पीड़ित को तुरंत छायादार जगह पर या ठंडी जगह पर लिटा कर, उसके शरीर को ठंडा रखने के लिए शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां लगानी चाहिएँ । घर के खिड़की दरवाजे खोल दें और कूलर या ए.सी. खोल कर दें । अगर मरीज लू लगने से बेहोश हो गया है तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएँ ।

लू से बचने के डॉक्टरी उपाय | Heat stroke treatment.

लू लगने से बचने के लिए तेज़ धूप में निकलने से बचें । किसी कारणवश निकलना पड़े तो अपने शरीर को पूरी तरह से ढक कर ही बाहर निकलें और अपनी आँखों को भी धूप से बचाएँ । गर्मी में हल्के रंग और कॉटन, लिनन के कपड़े ही पहनें । ठंडी जगह से निकलकर अचानक धूप में न जाएँ । विशेष रूप से ए.सी. में बैठे रहने के बाद तुरंत धूप में न जाएँ । अपने खानपान में परिवर्तन लाएँ बहुत अधिक नमक, तीखे और खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें ।

अधिक से अधिक पानी पिएँ और पानी से भरपूर फलों का सेवन करें, जिससे शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके । बासी खाना खाने से बचें और हल्का भोजन करें ।

गर्मी व लू से बचने के उपायों का विवरण दीजिए | Loo ka ghrelu ilaaj.

प्रति वर्ष लू से अनेक लोगों की जान चली जाती है । लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि – अगर गर्मी के मौसम में आप ठीक ढंग से अपना ख्याल रखें और कुछ ज़रुरी सावधानियाँ बरतें तो लू के प्रकोप से बच सकते हैं ।

1. गर्मियों के दिनों में हल्का भोजन करें
2. पूरी बाँह के कपड़े पहनें और नंगे पैर बाहर न निकलें ।
3. हल्के रंगों के सूती वाले कपड़े पहनें और सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग न करें ।
4. गर्मी के दिनों में कभी भी खाली पेट घर से बाहर न निकलें
5. ज्यादा देर तक धूप में रहना हो तो छाते का इस्तेमाल करें ।
6. अधिक मात्रा में पानी पिएँ । बाहर जाते समय पानी की बोतल साथ लेकर जाएँ ।

लू से बचने के घरेलू उपाय | Loo ka ghrelu ilaaj.

लू लगने के अधिकतर मामलों में हम कुछ घरेलू उपाय अपनाकर ही इसे ठीक कर सकते हैं । इसके लिए अपने दैनिक भोजन में ठंडे तरल पेय पदार्थों का सेवन अधिक करें ।
● अपने घर पर कच्चे आम का पना बना कर लू से पीड़ित व्यक्ति को पिलाएँ । लू से बचने का यह सबसे असरदार घरेलू उपाय है ।

● प्याज को भूनकर एक अनभुना प्याज के साथ मिलाकर पीस लें । दोनो के मिश्रण में थोड़ा सा जीरा पाउडर व मिश्री मिलाकर खाने से भी लू से आराम मिलता है । इसके अतिरिक्त रोजाना खाने में कच्चे प्याज का प्रयोग करें ।

● धनिये और पुदीने दोनों की ही तासीर ठंडी होती है । लू से बचने के लिए गर्मियों में रोजाना धनिये और पुदीने का जूस बनाकर पिएँ ।
● प्राचीन समय से ही सब्जियों का सूप बनाकर लू से पीड़ित व्यक्ति को पिलाया जाता है इस से अत्यंत लाभ मिलता है ।

● शरीर को ठंडा रखने के लिए दिन में एक या दो बार नींबू पानी का सेवन अवश्य करें ।
● मुँह और सिर पर कपड़ा ढक कर रखें ।

Loo ka ghrelu ilaaj ayurvedic.
Loo ka ghrelu ilaaj ayurvedic.

लू से बचने के आयुर्वेदिक उपाय | Loo ka ayurvedic ilaaj.

आयुर्वेद का मानना है कि गर्मियों के मौसम में गर्म चीज़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जबकि ठंडी तासीर वाली चीजों का उपयोग करना चाहिए । क्योंकि ठंडी तासीर वाली चीजों को खाने से शरीर में ठंडक सी बनी रहती है और लू नहीं लगती है । जिनमें से कुछ प्रमुख निम्न हैं –

सेब का सिरका | seb ke sirke se loo ka ghrelu ilaaj.

लू लगने पर शरीर में मिनरल और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है । विशेष रूप से पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक मिनरल की मात्रा काफी कम हो जाती है । ऐसे में सेब के सिरके का सेवन करने से खोए हुए सभी मिनरल शरीर को वापस मिल जाते हैं, जिसे बॉडी में इनका संतुलन बना रहता है ।
खुराक और सेवन की विधि – दो चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी में मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन करें ।

● चंदनासव   –
यह चंदन और कई तरह की जड़ी बूटियों से निर्मित एक आयुर्वेदिक पेय औषधि (आसव) है । आयुर्वेद के अनुसार चंदनासव में शीतल गुण होता है । ठंडी तासीर होने के कारण जब शरीर में गर्मी या जलन काफी बढ़ जाती है तो इसका इस्तेमाल करना बहुत लाभदायक रहता है । लू लगने पर इसका सेवन करने से जल्दी आराम मिलता है ।

खुराक और सेवन की विधि – तीन से चार चम्मच चंदनासव और समान मात्रा में पानी मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने के बाद इसका सेवन करना चाहिए ।

● बेल का शरबत –
गर्मियों में बेल का शरबत अमृत के समान होता है । बेल में विटामिन सी और फाइबर की मात्रा अत्य अधिक होती है । इसके सेवन से शरीर में ठंडक बनी रहती है और लू से बचाव होता है । बेल का शरबत पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है ।

खुराक और सेवन का तरीका  – प्रति दिन में दो- तीन बार इस जूस का सेवन खाना खाने से पहले करें ।

गिलोय का जूस । Giloy ke juice se loo ka gharelu ilaaj.

गिलोय में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की भी शक्ति होती है । आयुर्वेद के अनुसार गिलोय वात, पित्त और कफ शामक माना जाता है ।

सेवन की विधि  –  आजकल बाज़ार में गिलोय का रस आसानी से उपलब्ध है । इसे ऑनलाइन भी मंगा सकते हैं । दो से तीन चम्मच गिलोय रस में समान मात्रा में पानी मिलाकर रोजाना सुबह नाश्ते से पहले  इसका सेवन करें ।

● उशीरासव –
उशीरासव यानी खस एक ऐसी आयुर्वेदिक पेय औषधि है । जिसे पित्तशामक भी कहा जाता है । लू लगने पर बॉडी में होने वाली गर्मी और जलन को शांत करने में सहायक है । इसके अतिरिक्त पित्त संबंधी सभी रोगों में उशीरासव का इस्तेमाल किया जा सकता है ।

सेवन की विधि – तीन से चार चम्मच उशीरासव और समान मात्रा में पानी मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने के बाद इसका सेवन करें ।

बेशक इन उपायों को अपनाकर आप आराम पा सकते हैं । अच्छा यही होगा कि गर्मियों के मौसम में आप लू से बचने की सभी विधियाँ अपनाएँ । अनावश्यक बाहर धूप में न निकलें और अगर बाहर निकलना आवश्यक है तो धूप से बचाव के लिए छाते का प्रयोग अवश्य करें । अगर घरेलू या आयुर्वेदिक उपायों से कोई आराम नहीं मिल रहा है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवाएँ।

लू से बचने के प्राथमिक उपाय | Loo ka prathmik ilaaj.

1. ठंडी जगह से एकदम गर्म जगह न जाएं । खासकर ए.सी. में बैठे रहने के बाद तुरंत धूप में न निकलें । कच्चा प्याज रोज खाएँ । धूप में निकलने पर अपनी जेब में छोटा सा प्याज रखें । प्याज की खासियत यह है कि लू शरीर को लगने नहीं देता और सारी गर्मी खुद सोख लेता है ।

2. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएँ । जिससे पसीना आकर शरीर का तापमान नियमित निर्धारित हो सके तथा शरीर में जल की कमी न हो सके । अधिक गर्मी में मौसमी फल, फल का रस, दही, मठ्ठा, जीरा छाछ, जलजीरा, लस्सी, आम का पना पिएँ या आम की चटनी खाएँ ।

3. लू लगने पर तत्काल योग्य डॉक्टर को दिखाना चाहिए । डॉक्टर को दिखाने के पूर्व कुछ प्राथमिक उपचार करने पर भी लू के रोगी को राहत महसूस होने लगती है ।

4. यदि लू से पीड़ित व्यक्ति का बुखार अधिक तेज हो तो रोगी को ठंडी खुली हवा में लिटाना चाहिए , किन्तु 104 डिग्री से अधिक बुखार होने पर माथे पर और सिर पर बर्फ की पट्टी रखनी चाहिए ।

5. रोगी को तुरंत प्याज का रस शहद में मिलाकर देना चाहिए । रोगी के शरीर को दिन में चार-पाँच बार गीले तौलिए से पोंछना चाहिए । लू से पीड़ित व्यक्ति को चाय-कॉफी आदि गर्म पेय का सेवन नही करना चाहिए ।

6. प्यास बुझाने के लिए नींबू के रस में मिट्टी के घड़े अथवा सुराही के पानी का सेवन करवाना चाहिए । बर्फ का पानी नहीं पिलाना चाहिए क्योंकि इससे लाभ के बजाए हानि हो सकती है ।

7. आम का पना विशेष लाभदायक होता है । कच्चे आम को गरम राख पर मंद आंच वाले अंगारे में भुनें । ठंडा होने पर उसका गूदा (पल्प) निकालकर उसमें पानी मिलाकर मसलना चाहिए । इसमें जीरा, धनिया, शकर, नमक, कालीमिर्च डालकर पना बनाना चाहिए । पने को लू के रोगी को थोड़ी-थोड़ी देर में दिया जाना चाहिए ।

8. जौ का आटा व पिसा हुआ प्याज मिलाकर शरीर पर लेप करें तो लू से तुरंत राहत मिलती है । जब रोगी को बाहर ले जाएँ, तो उसके कानों में गुलाब जल मिलाकर रूई के फाहे लगाएँ । रोगी की नाभि पर खड़ा नमक रखकर उस पर धार बाँध कर पानी गिराएँ । सारी गर्मी झड़ जाएगी ।

9.  मरीज के तलवे पर कच्ची लौकी घिस कर लगाने से सारी गर्मी लौकी खींच लेगी और तुरंत राहत मिलेगी । लौकी कुम्हला जाए तो समझें कि लू की गर्मी उतर रही है । यह क्रिया बार-बार दोहराएँ ।

चेतावनी – एक सर्वे के अनुसार, तेज़ लू लगने के बाद इसका पूरा इलाज कराने के बावजूद लगभग 63 प्रतिशत मरीज़ों की मौत हो जाती है । लू लगने पर कई घरेलू उपचार हैं, लेकिन हमें किसी तरह का जोख़िम न लेते हुए लू लगे व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए । किसी भी तरह के घरेलू उपचार करते समय भी किसी अनुभवी व्यक्ति या डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए ।| डॉ. राजेश कुमार जैन, श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड ।।