कान में दर्द का घरेलू उपाय । Kaan me dard ka gharelu upay.

Kaan me dard ka gharelu upay.
Kaan me dard ka gharelu upay. शरीर में कई प्रकार के दर्द उत्पन्न होते हैं उनमें से कान का दर्द भी एक है । कान में दर्द  ( Ear pain ) का मुख्य कारण नाक व गले का संक्रमण कान तक पहुंचता है। जिस वजह से ज्यादातर वायरस और बैक्टीरियाजनित होने के कारण ही कान में दर्द होता है ‌। वैसे  ज्यादातर छोटे बच्चों में कान का दर्द भी देखा जाता है लेकिन कभी कभी बड़ों के कान में भी दर्द हो जाता है  ।
आमतौर पर सर्दी जुखाम से भी कान में दर्द होता है । हम किसी भी चीज से कान में खुजली आने पे कुचर लेते हैं तो कान में दर्द हो जाता है और कान सूजन आ जाती है तथा कान में मवाद भी पड़ने लगता है । तो चलिए जानते हैं – Kaan me dard ka gharelu upay.

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कान दर्द के प्रकार । Type of ear pain in hindi.

आयुर्वेदिक ने कान दर्द को कर्णशुल कहा गया है। इसमें वात, पित्त, कफ और रक्त दूषित होतें है। वायु वात के कारण तेज दर्द होता है। कान दर्द दो प्रकार का होता है
1. प्राथमिक कान दर्द को
2. निर्दिष्ट कान दर्द

प्राथमिक कान दर्द । Primary ear pain hindi.

कान के अंदरूनी किसी रोग के कारण होता है । कान के बीच में संक्रमण से दर्द होता है तीन प्रकार के कान दर्द एक जैसे महसूस होते हैं ।
◆ बाहरी कान में दर्द हो सकता है।
◆  यांत्रिक जैसे आघात या चेट से, कान में बाहर की कोई वस्तु का होना जैसे बाल, कीड़ा, रूई या कोई फंगस होना   ।
◆  संक्रमित (बाहरी कर्ण शोध) कान में दर्द होना  ।
◆ यांत्रिक किसी दबाव के कारण आघात पहुंचना युस्टेकियन, ट्यूब और मध्य करना स्कूल आदि ।
◆ सूजन या संक्रमित तीव्र मध्यकर्णशोथ, कर्णमूलकोशिकाशोध।

निर्दिष्ट कान दर्द | Ear pain in hindi.

कान का दर्द शरीर के अन्य भागों में भी पहुंच सकता है जैसे दांत में दर्द के कारण भी कान में दर्द होता है ।
◆ अकल दाढ़ आने पर पूरे मुंह पर सूजन आती है और कान में दर्द होता है  ।
◆ नाक कान और गला की नसे एक दूसरे को प्रभावित करती है  ।
◆  टैंपॉरोमैडीबुलर जॉइंट रोग
◆  मुंह में या जीभ पर छाले हो जाते हैं।

कान दर्द के कारण । cause of ear pain in hindi.

कान में दर्द के कई कारण या इंफेक्शन हो सकते हैं जैसे – सामान्य तौर पर कान के दर्द का कारण संक्रमण, फंगल, इन्फेक्शन, बैक्टीरिया, वायरस होता है ।
◆ साइनस संक्रमण, फोडे कि वजह से भी कान में दर्द होता है  ।
◆ इनफेक्शन, टैम्पोरोम़ैडिबुलर आदि ।
◆ जॉइंट सिंड्रोम कान में बार बार छेद करवाने से, कान में एक्जिमा की वजह से भी दर्द होता है ।
◆  लैबीरिथाइटिस की वजह से सुजन आना
◆  मवाद की वजह से भी बैक्टीरिया होने लगता है ।
◆  हेडफोन का अधिक प्रयोग करने से कान में एलर्जी एग्जिमा हो सकता है। बालों में तरह-तरह के प्रोडक्शन लगाने से भी हमारी त्वचा को परेशानी होती है। जिससे कान में दर्द हो सकता है बाहरी संक्रमण के कारण कान दर्द होता  है  ।
◆  रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से भी कान में इंफेक्शन होता है
◆  ठंड से भी कान में  दर्द  होता है ।
◆  कभी-कभी कान में पानी चले जाने से भी कान में दर्द होता है ।
◆  गले की परेशानी से भी कान में दर्द होने लगता है ।
◆ दांतों की परेशानीयों से भी कान में दर्द होना शुरू हो जाता है  ।
◆ कभी-कभी अचानक से कान के परदे में छेद हो जाना, कान में भारीपन होना, कम सुनाई देना, कान में लगाने की मशीन भी जब काम नहीं कर रही हो तब क्रॉनिक अवस्था में डॉक्टर हमे तुरंत ऑपरेशन की सलाह देते है ।

छोटे बच्चों में कान दर्द के कारण । Ear pain in children.

◆  छोटे बच्चों के दांत आने पर कान में दर्द होता है  ।
◆ छोटे बच्चों को बोतल से दूध पिलाने से भी कान में संक्रमण हो सकता है । तो आप जितना हो सके कम से कम बोतल का स्तेमाल करे   ।
◆ बच्चों को थोड़ा तेज गति से मसाज करने पर भी कान में दर्द हो सकता है। इसलिए हमे मसाज होले होले करना है ।
◆ हमारे कान में दर्द हो रहा है तो घर में रखी  कोई भी पेन किलर्स दवा ना लें, क्योंकि अलग-अलग दर्द की दवाई भी अलग-अलग होती है  डॉक्टर की सलाह से दवा ले   ।

कान दर्द के लक्षण | kaan dard ke lakshan.

◆ कान से मवाद या पानी निकलना ।
◆ कान में झनझनाहट सुनाई देना ।
◆ कम सुनाई देना ।
◆  भूख नहीं लगना, चिड़चिड़ापन, बुखार आना ।
◆ कान दर्द के दौरान बुखार, उल्टी और चक्कर आना भी आते है ।

कान में दर्द का तुरंत इलाज क्या करें | Kaan me dard ka gahare upay.

अगर यदि आपके कान में दर्द सामान्य रूप से है तो आप ये घरेलू उपचार करें अगर यदि कान का दर्द ज्यादा है तो आप डॉक्टर की सलाह ले। कान के दर्द को मामूली समझकर इग्नोर ना करें  ।
पिपरमेंट की पत्तियों को पीस कर उस का रस 2, 2 बुंद कान में डालने से दर्द कम होता है और संक्रमण खत्म होता है  ।
नमक – नमक कान के लिए एक रामबाण औषधि है । थोड़ा सा नमक हम धीमी आंच पे गर्म करे  सुती रुई की बत्ती इसमें भिगोकर जिस कान में दर्द है उसमें डाले फिर 10 मिनट तक यूही रहने दे । इससे कान का माल निकल जाता है और सुजन कम होती है।

ऑलिव ऑयल से कान दर्द का घरेलू उपाय । olive oil se Kaan me dard ka gharelu upay.

◆ ऑलिव – ऑयल के इस्तेमाल से कान के दर्द में राहत मिलती है  । क्योंकि एक कान का दर्द बड़ा असहनीय दर्द होता है जिसे बच्चे सहन नहीं कर पाते हैं ।
सरसों के तेल में लहसुन की 2, कली को कूटकर उसे तेल में गर्म करके फिर ठंडा होने पर छाने और वह कान में  २ बूंद डालें ।
◆ किसी भी तेल में प्याज की थोड़ी सी बूंदें डालकर उसे निवाया करके हम बच्चों के कान में डाल सकते हैं  ।
◆ गर्म पानी की बोतल से या गर्म पानी में कपड़ा डुबोकर भी कान के साइड में हम सेक कर सकते हैं ।

लहसुन से कान दर्द का उपाय । Lahsun se Kaan me dard ka gharelu upay.

◆ लहसुन की कली को छील कर उसका मोटा हिस्सा थोड़ी देर कान में रुई की तरह लगाने से कान का दर्द भी कम होता है और मवाद भी सूखने लगता है ।
◆  ताजा नीम की पत्ती पीस कर  इसकी ताजा  2 बुंद, दिन में दो बार डालने से कान दर्द में राहत होगी और संक्रमण कम होता है   ।

तुरंत राहत के लिए कान दर्द का घरेलू उपाय । Kaan me dard ka ramban upay.

● बड़े बच्चे या बड़ों के कान में दर्द हो तो आप च्यूगम चबाएं जिसके प्रभाव से दर्द कम होता है  ।
● एलर्जी होने वाली चीजों से हमें हमेशा बचकर रहें जिससे हमारे कान में दर्द ना हो
● व्यक्ति शराब पीने से अधिक धूम्रपान करने से भी कान में संक्रमण हो सकता है । कभी-कभी यह संक्रमण ही कैंसर का रूप लेता है ।
● यदि कान में दर्द हो रहा है तो 20 मिनट तक दर्द वाले स्थान पर ठंडा गिला कपड़ा रखे  ।
● कान में दर्द हो तब उलटा लेटने की जगह सीधा लेटने से राहत मिलती है ।
● ओवर द काउंटर दर्द निवारक दवाई जैसे एस्प्रिन या आइबुप्रोफेन कान दर्द से छुटकारा देने के लिए ली जाती है । लेकिन यह छोटे बच्चों के ना दे  ।
● कभी-कभी हमारे कान में दर्द अधिक ऊंचाई के कारण भी होता है जैसे हम एरोप्लेन में सफर कर रहे हैं तो हमें कान में रुई लगा देनी चाहिए  । जिससे हवा हमारे कान में गूंजे नहीं और दर्द ना हो ।

छोटे बच्चों में कान दर्द का घरेलू उपाय । Bachchon ke kaan me dard ka gharelu upay.

◆ छोटे बच्चों के सामने धूम्रपान करने से जो धुआँ निकलता है वह बच्चों के कान में संक्रमण का कारण हो सकता है। आप बच्चों के सामने सिगरेट, बीड़ी ना पीये  ।
◆ बच्चे के कान में दर्द हो रहा है तो मां उसे दूध पिलाएं जिससे उसके कान का दर्द कम होगा  ।
◆ छोटे बच्चों को च्यूगम ना दे। बच्चों को चॉकलेट या चने धीरे धीरे चबाने के लिए दे सकते हैं जिससे कान का दर्द कम हो  । बड़े  धीरे-धीरे, च्यूगम चबाएं जिससे कान के दर्द में राहत मिलती है । चबाने से नसों पे दबाव पड़ता है तो दर्द में राहत मिलती है।

अदरक से कान दर्द का इलाज ।  Adarak se Kaan me dard ka gharelu upay.

अदरक रस – अदरक का रस कान दर्द के लिए रामबाण औषधि के रूप में काम करता है । अदरक का रस निकाल कर उसे थोड़ा गर्म करके ठंडा होने पर कान में डालने से कान दर्द से आराम मिलता है ।

छोटे बच्चों के कान का मैल कैसे साफ करें

गुनगुने पानी में कोई रूई डुबो कर उससे हल्के हाथों से बच्चों के कान को साफ करें । आप चाहें तो सूती कपड़े को भी ले सकते हैं इस कपड़े से बच्चे के कान के पीछे से और घाव के अंदर  रुई का कोई हिस्सा बच्चे के कान के अंदर नहीं रहना चाहिए । यही एक फंगस का कारण होता है  ।

कान का मेल कैसे निकाले | Kaan me dard ka gharelu upay.

कान में मेल निकालने का सबसे सरल तरीका, कान में गुनगुने तेल की 2-3 डालकर कान को थोड़ी देर इसी अवस्था में रखें जोिस कान में तेल डाला है, इससे कचरा मुलायम हो जाता है और आसानी से निकल जाता है  । कान का निरीक्षण नाक कान और गले के डॉक्टर से ही कराना चाहिए और किसी से नहीं  ।

कान की नसें कमजोर होने पर इलाज । Nase kamjor hone par kaan me dard ka gharelu upay.

हमारी कान की नसे कमजोर है तो हमें हैल्दी खाना खाना चाहिए और तनाव से दूर रहना चाहिए। कान के नीचे खून की नसों को दबाने से अर्थात दो नसों के दबाव से कान में बजने वाली सीटी बंद हो जाती   है  ।

कान में सनसनाहट की आवाज क्यों आती है । Kaan me sansnahat.

सिर में चोट लगने के कारण टिनिटस की समस्या हो जाती है । कभी-कभी तेज आवाज के बीच रहना, शोर-शराबे के अंदर रहने से भी कान में समस्या हो सकती है। कई बार कान की हड्डी बढ़ने के कारण भी यह परेशानी हो सकती है ।
ब्रेन ट्यूमर महिलाओं में हार्मोनल चेंज थाइरॉइड, असमानता और दिल या रक्तवाहिकाओं की बीमारी के कारण भी सिर में सनसनाहट हो सकती है  ।

कान में दर्द की दवा | Kaan me dard ka gharelu upay.

AL-Eartone Ear droop. एयरड्राप कान की परेशानी के लिए एनोडिन शामक, एंटीसेप्टिक और कीटाणुओ का नाश करता हैं । कान की, श्र्लेष्म झिल्ली की सूजनको भी कम करता है ।  यह एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन, एंटी फंगल, एंटी बैक्टीरियल गुणकारी टॉनिक भी है । कान के दर्द के लिए कुछ दवाई हमें डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए जैसे – Otorex Drop, Thoratsil Sore, Throat Pain, Relif Spray आदि ।
• Otz 200 Mg/500 Mg Tablet  .
• Pik Z 50Mg/125MgSyrup
• Dioflox 100 Infusion.
• Mark O 200 Mg Tablet .
• Oxanid Tablet.
• Pin OZ Tablet
• Winvax Drop .
• Diroxin 100 Mg Tablet.
इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करें।

कान में दर्द होने पर क्या न करें

कान में तेल न डाले – कान में तेल डालने से कान में संक्रमण हो सकता है  । इतना ही नहीं, कान में तेल डालने से कान का पर्दा भी खराब हो सकता है इसलिए कान में कभी भी कच्चा तेल हमें नहीं डालना चाहिए । किसी की सलाह से ही तेल का प्रयोग करना चाहिए  ।
◆ किसी प्रकार की नुकीली चीज़ या वस्तु न डालें ।
◆ स्नान करते समय पानी या साबुन पानी न डालें ।

कान सुन्न होने पर क्या करें

कान सुन्न होने पर देसी नुक्से
◆ लहसुन का तेल प्रभावशाली ।
◆ भाप लेने से सर्दी जुकाम में बहुत फायदा होता है ।
◆  गुनगुने पानी की यदि हम 2-3 बूंदे कान में डालें तो वह भी हमारे कान में असर करेगी  ।
◆  जम्हाई लेने से कान की भरी हवा बाहर निकल जाएगी ।
◆  गर्म पानी में टी ट्री तेल डालकर, भाप लेने से सुन कम हो सकता है ।

कान दर्द से छुटकारा पाने के लिए योग

1. कान के लिए भ्रामरी प्राणायाम ।
2. मत्स्यासन या मछली मुद्रा ।
3. बहरेपन के लिए शुन्य मुद्रा ।
निम्न आसन करने से कान में सुनने की शक्ति बढती है। हम उम्मीद करते हैं कि अब आप समझ गए होंगे कि  हम कान के दर्द का घरेलू उपचार  किस तरह कर सकते हैं ।। शिवा सिंहल आबूरोड ।।