योनि में खुजली के उपाय । Vaginal Itching in Hindi

Vaginal Itching in Hindi

Vaginal Itching in Hindi. खुजली कई भी हो सकती हैं चाहे वो स्किन पर हो या प्राइवेट पार्ट हो । लेकिन प्राइवेट पार्ट में होने वाली खुजली काफी परेशान करती हैं क्योंकि प्राइवेट पार्ट वह स्थान है जहां लोग हर वक़्त छूना नहीं चाहते है तो भीड़भाड़ वाले स्थान या अपने घर के सदस्यों के सामने उसे खुजाने में थोड़ी शर्मिंदगी महसूस होती है । मगर क्या करे जब खुजली होती हैं तो उसे खुजाना भी पड़ता है ।

यह खुजली महिला / पुरुष किसी को भी हो सकती है । खास तौर पर गुप्तांगों के आस पास होने वाली यह खुजली कभी कभी असहनीय भी होती है । महिलाओं में योनी में होने वाली खुजली काफी तकलीफदेह होती हैं । और किसी कार्य में भी मन नहीं लगता है । तो चलिए जानते है प्राइवेट पार्ट में खुजली के कारण, लक्षण व इलाज ।  Vaginal Itching in Hindi.

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प्राइवेट पार्ट खुजली के कारण । causes of privet part Itching in Hindi.

◆ गर्मियों में अधिकतर ज्यादा पसीना आने से होती है । बरसात में गीला होने से फंगल होता है । बरसात में गीले हो जाते हैं कपड़े गीले होने के कारण खुजली और बैक्टीरिया बढ़ जाता है ।
◆ किसी प्रकार की एलर्जी से भी खुजली हो सकती है ।

◆ कई बार लम्बे सफर के कारण कपड़े चेंज नहीं कर पाते हैं जिससे भी फंगस हो जाता है । जो धीरे-धीरे जलन एवं खुजली का रूप ले लेते हैं ।

◆ स्नान करने के तुरंत बाद गीले बदन पर कपड़े पहनने पर त्वचा पर गिले की वजह से इंफेक्शन हो जाता है । जो गंभीर खुजली का रूप भी ले सकता है जिससे बैक्टीरिया बढ़ सकता है ।

◆ टाइट कपड़े पहनने के कारण गुप्तांगों को बाहर की हवा नही लगती जिसकी वजह से बैक्टरिया पैदा हो जाते है ।
◆ बार बार साबुन बदलने से प्राइवेट पार्ट में एलर्जी हो सकती हैं क्योंकि यह बॉडी का सबसे नाजुक स्थान होता है ।

◆ प्राइवेट पार्ट की समय पर साफ सफाई न करने के कारण भी खुजली हो सकती है ।
◆ किसी संक्रमणित व्यक्ति के कपड़े पहनने से भी यह खुजली हो सकती हैं ।
◆ गीले वस्त्र पहनने कारण भी फंगल इंफेक्शन हो सकता है ।
◆ गीले बदन पर टाइट कपड़े पहनने से हवा का ऑव पेस नहीं हो पाता है इस वजह से भी फंगल बैक्टीरिया पनप जाते है ।

योनि में खुजली होने के कारण । Causes of Vaginal Itching in Hindi.

महिलाओं के कुछ यौन अंग शरीर के ऊपर होते हैं जैसे कि गर्भ अंडाशय और योनि और कुछ बाहर होते हैं बाहरी अंगों को बलवा के रूप में जाना जाता है इसमें योनि का उद्घाटन आंतरिक एवं बाहरी वोट ले बिया और भंगशिश्र्निका, शामिल है जो योनि के शीर्ष पर स्थित है । योनि के परीक्षण में सहायक होती हैं । कई संक्रमण ऐसे होते है जो योनि में जलन पैदा करते है ।

योनि में खुजली के साथ योन स्त्राव भी होने लगता है। त्वचा की स्थिति जैसे डिस्क्वामोटिव, वेजिनाइटिस और लाइकेस प्लेनस सूजन और खुजली का कारण बनती है । योनि में खुजली होने के कारण इस प्रकार है –
◆ योन रूप से संक्रमित संक्रमण ।
◆ योनि में खमीर का संक्रमण ।
◆ बैक्टीरिया वेजीनोसिस ।
◆ योनि में खुजली और डिस्चार्ज के अन्य कारण ।
◆ कम ऐस्ट्रोजन का स्तर और रजोनिवृत्ति ।
◆ भूले हुए विदेशी शरीर या योनि में टेंम्पोन ।
◆ हार्मोन परिवर्तन के कारण ।

दैनिक जीवन में जिन उत्पादों का उपयोग किया जाता है उनमें डिटजैट, फेबरिक, सॉफ्टनर, स्प्रे, क्रीम, मलहम गर्भनिरोधक, फोम डूूश जैली और क्रीम भी शामिल है इन सब उत्पादों में मौजूद रसायन योनि या योनि के आसपास की त्वचा में जलन और खुजली पैदा करते हैं ।

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महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में खुजली क्यों होती है । Yoni me khujli kyo hoti hai.

योनि में खुजली के कई कारण हो सकते हैं सामान्य कारणों से संक्रमण जैसे यीस्ट इंफेक्शन थ्रश और योनि का सूखापन जो मेनोपॉज के बाद आम है । योनि में खुजली के अन्य कारण भी हो सकते हैं कई घरेलू और पर्सनल क्लिनिक उत्पादों में मौजूद केमिकल्स द्वारा भी शरीर में जलन, एलर्जी और रिऐक्शन हो जाता है । जिससे खुजली उत्पन्न होती है और योनि के आसपास सूजन आ जाती है ।

यौन रोग जैसे क्लेमाइडिया, गोनोरिया या, ट्राइको- मोनिएसिस आदि है जो योनि में खुजली ( Vaginal itching ) एवं जलन पैदा कर सकते हैं। यीस्ट इनफेक्शन एक महिला के जीवन में सबसे मेन समस्या में यह एक है, योनि में यीस्ट इंफेक्शन तब होता है जब कैडिडा का अधिक मात्रा में बढ़ जाता हैं । योनि में खुजली के अन्य कारण जैसे स्कैबिज, जुओ, दाद, पायोडपमा, तेज गर्मी, कीड़े के काटने एनर्जी या त्वचा की छूट जाने से हो सकती है सूखी त्वचा खुजली को हम एंटीहिस्टेमिइन की मात्रा तय कर सकते हैं ।

प्राइवेट पार्ट में खुजली होने पर क्या करें | Yoni me khujli hone par kya kare.

एक बाल्टी पानी में हमें एक चौथाई कप बेकिंग सोडा मिला ले और इसे नहाते समय प्राइवेट पार्ट को भी इससे साफ करें फिर साथ नैपकिन से पहुंचकर नारियल का तेल यीस्ट इन्फेक्शन को दूर करने वाले बैक्टीरिया से हमें बचाता है । समय प्राइवेट पार्ट पर खुजली हो रही हो तो हम उंगली की सहायता से नारियल तेल खुजली वाले स्थान पर लगाने से राहत मिलती है ।

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खुजली का साबुन कौन सा है | yoni me khujli ka sabun.

एंटी बैक्टीरियल साबुन – इस साबुन का इस्तेमाल करने से शरीर में खुजली दाद वह किसी प्रकार के दाने नहीं रहते हैं । ऑयली स्किन के लिए यह सब बहुत फायदेमंद है ।

खुजली में कौन से तेल का इस्तेमाल करें | yoni me khujli ka oil.

खुजली में नारियल का तेल, तिल का तेल, लेमन ग्रास का मिक्सचर घाव वाली जगह पर लगाने से बहुत जल्दी दाद खाज खुजली में राहत मिलती है। दाद खाज खुजली से छुटकारा पाने के लिए बाहरी रूप से इस्तेमाल की जाने वाली यह अच्छी तरह से टेस्टेड ( नारियल तेल) दवाइयों में से एक है ।

दाने वाली खुजली की दवा क्या है | Dane wali khujli ka ilaaj.

कई बार खुजली के कारण एलर्जी हो जाती है इसी एलर्जी में छोटे छोटे लाल दाने निकलने लग जाते हैं । अधिक खुजली के कारण दोस्तों पसीने निकलने की ग्रंथियां भी बंद हो जाती है । तब जलन और खुजली में खाने का तेल चंदन का लेप या पाउडर लगाने से भी हमें राहत मिलती है ।

महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में खुजली के लिए दवा | Vaginal Itching medicine in Hindi.

प्राइवेट पार्ट में खुजली की प्रॉब्लम दूर करने के लिए क्रीम के अलावा टेबलेट भी दी जाती है । स्किन पे गंभीर इंफेक्शन के कारण से प्राइवेट पार्ट में क्रीम नहीं लगाई जा सके तो उसके लिए टेबलेट का सेवन करने की सलाह दी जाती है ।

आईब्रेक्सफनगेर्प – यह दवा इन्फेक्शन फैलाने वाले फंगस और बैक्टीरिया को खत्म करके प्राइवेट पार्ट में होने वाली खुजली, जलन, रेशेज व रेडनेस को कम करती है । ब्रेकसाफेमे भी इसी मेडिसिन के रूप में गोली है जिसे आप दिन में दो बार ले सकते हैं ।

महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में खुजली के लिए क्रीम | Best cream for Vaginal Itching in Hindi.

स्क्रीन इंफेक्शन, फंगस ग्रोथ, एलर्जी, सेक्सूअली, ट्रांसमिटेड, डिजीज व मैनोपोज आदि के कारण महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में खुजली जलन रेडनेस हो सकती है । इसके लिए हमें कई प्रकार का क्रीम और लोशन जैसे लोट्रिमिन व वैजिस्टेट-1 का प्रयोग किया जाता है । इसी प्रकार  –

बुटोकोनाजोल – बिटोकोनाजोल भी एक प्रकार की एंटी फंगल क्रीम है, जो वेजाइनल इंफेक्शन के लिए प्रयोग में लाई जाती है । ये क्रीम वजाइना में यीस्ट इनफेक्शन में होने वाली जलन व रेशज का उपचार करती है । ये क्रीम बैक्टीरिया के बढ़ने से रोकती है और त्वचा को सुरक्षित रखने में सहायता करती है ।
टेरकोनाजोल – टेरकोनाजोल भी एंटी फंगल क्रीम में माना जाता है कि जो योनि के यीस्ट इंफेक्शन कैडिडा यीस्ट के लिए सेवन किया जाता है ।

क्लोट्रीमेजोल – क्लोट्रिमाजोल एक एंटी फंगल क्रीम है । यह क्रीम फंगस के बैक्टीरिया को रोकती है । प्राइवेट पार्ट में होने वाले फंगस व स्कीन इंफेक्शन के लिए बेस्ट क्रीम साबित हुई है । इसी प्रकार लोट्रिमीन और माईसेलेक्स भी मिलती जुलती क्रीम हैं।

स्टेरॉयड क्रीम से योनि में खुजली का इलाज

योन से आसपास का इन्फेक्शन अधिक बढ़ जाने पर खुजली सूजन और रेडनेस कम करने के लिए स्टैरायड युक्त स्क्रीन क्रीम इस्तेमाल की जाती है । क्योंकि इसमें हाइड्रोकॉर्टिसोन नामक स्टैरॉयड का इस्तेमाल होता है। जिससे सूजन और रेडनेस कंट्रोल होता है ।

क्लीडामायसिन – क्लीडामायसिन एक एंटी, बायोटीक क्रीम है जिसका प्रयोग खासकर बैक्टीरिया से होने वाले इन्फेक्शन को रोकने के लिए किया जाता है ।
फ्लूकोनाजोले – फ्लूकोनाजोले दवा पूरे शरीर में मौजूद फंगस पूरी यीस्ट को मारने में सहायक होती है जिससे इंफेक्शन से छुटकारा मिलता है । डाईफ्लूकान ऐसी ही एक दवा है । जिसकी दिन में सिर्फ एक ही गोली लेनी पडती है । जो भी हमें सुजन त्वचा की जलन और खुजली से छुटकारा दिलाती है ।

मिकोनाजोल से योनि में खुजली का उपाय । Vaginal Itching in Hindi.

मिकोंनाजोल क्रीम, स्क्रीन फंगल ग्रोथ को रोककर इंफेक्शन को खत्म करती है । जिससे खुजली और जलन से राहत मिलती है। यह क्रीम पाउडर, स्प्रे लिक्विड के अलावा लोशन के रूप में भी मार्केट में आसानी से उपलब्ध हो जाती है ।

मिकोनाजोल स्क्रीन के इंफेक्शन जैसे दाद व एथलीट फुट आदि फंगल इंफेक्शन के इलाज में प्रयोग में लाई जाती है । इसी दवा से युक्त मिलती हुई क्रीम कुछ जैसे मोनीस्टेट और मिकाटिन, बाजार में मिलती है ।

टियोकोनाजोल – टियोकोनाजोल एंटी फंगल क्रीम गया है जो इमेडाजोल कैटेगरी में आती है । यह क्रीम भी सांगलिया गिफ्ट इंफेक्शन के इलाज के लिए प्रयोग की जाती है । यह Bacteria को फैलने वाले माइक्रो-आर्गोंंनेज्म के प्रोग्रेस को रोकता है । इतना ही नहीं यह वल्वोवागिनल कैंडिडिआसिस के ट्रीटमेंट के लिए उपयोग में लाई जाती है ।

टिनिडाजोल – टिनिडाजोल एक ब्रांड स्पेक्ट्रम एंटीमाइक्रोबॉयल एजेंट्स जिसे बैक्टीरिया व प्रोटेजोए इंफेक्शन के उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है ।

Yoni me khujli ka gharelu upay.

योनि में खुजली के घरेलू उपचार । Home remedies for Vaginal Itching in Hindi.

◆ टी ट्री ऑयल – इस ऑयल मे एंटी फंगल गुण होतें है । जो योनि के फंगल समस्या को दूर करते हैं । हमें टी ट्री ऑयल की दो-तीन बुंद किसी भी कैस्टर ऑयल जैसे बादाम तेल में या नारियल के गर्म तेल में मिक्स करें और जेनिटल एरिया में लगाले । चाय के पेड़ के तेल को, नहाते समय गर्म पानी में कुछ बूंद को गिरा कर संक्रमित योनि पर अच्छे से लगाएं ।

चाय के पेड़ के तेल का करते समय यह याद रखें कि तेल की बूंदे अधिक मात्रा में ना गिर जाए जिससे राहत की जगह और अधिक जलन हो सकती है । बेकिंग सोडा प्राइवेट पार्ट में खुजली होने पर नहाने के पानी में डालकर नहाए तो त्वचा की खुजली से राहत मिलती है ।

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दही और प्रोबायोटिक्स से घरेलू उपाय । Yoni ka gharelu upay.

योनि की खुजली वाले स्थान पर दही को लगा सकते हैं क्योंकि दही में लैक्टोबैसिलस होता है । लैक्टोबैसिलस युक्त दही और प्रोबायोटिक्स योनि के संक्रमण को कम करने में सहायक होता हैं ।

◆ नीम के एंटीबैक्टीरियल गुण खुजली को कम करते हैं ।
◆ हल्दी को नीम के तेल में मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे खुजली वाले स्थान पे लगाये, कुछ देर बाद धो लें आपको आराम मिलेगा ।

◆ एलोवेरा लगाने से भी खुजली में राहत मिलती है ।
◆ नीम का तेल के नारियल का तेल खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली कम चलती है ‌ ।

◆ एलोवेरा का जूस पीने से सभी प्रकार की त्वचा के दोष एवं खुजली से राहत मिलती है । एलोवेरा के गूदे को निकालकर खुजली वाले स्थान पर लगाएं और 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें । फिर साफ नैपकिन से त्वचा को एकदम सुखाकर नारियल तेल लगाने से त्वचा की नमी देर तक बनी रहती है और खुजली से आराम मिलता है ।

योनि की खुजली को रोकने के लिए अन्य टिप्स | Tips for Vaginal Itching in Hindi.

यदि आपके डायबिटीज है तो आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर को नॉर्मल स्थिति में बनाए रखें । अधिक डायबिटीज से भी पसीना अधिक आने के कारण खुजली या फंगस हो सकता है ।

◆ ढीले ढ़ीले कपड़े पहने ।
◆ संक्रमण होने पर टैम्पोन के उपयोग से बचें और पैड का इस्तेमाल ।
◆ पूरी तरह से हवा जननांग तक पहुंचे इस बात का ध्यान रखे ।

◆ सिंथेटिक्स की जगह पे सुती अंडरवियर या सूती कपड़ों का इस्तेमाल करे । क्योंकि सूती कपड़ों से हवा का होती है जो हमारे खुजली को रोकने में सहायक होती है ।
◆ शौच जाने के बाद भी संक्रमण स्थान को बहुत अच्छे से धो करके पोंछ कर फिर वहां तेल लगा ले ।
◆ नहाने के बाद हमें अपने जननांग क्षेत्र को ठीक से साफ करने का ध्यान रखना चाहिए । कई बार तो चाय जूली रह जाने के कारण भी संक्रमण खुजली हो सकती है ।

प्राइवेट पार्ट में फुंसी क्यो होती है | Privet part me funsi kyo hoti hai.

यह परेशानियां तब होती है या किसी बाल ओलिकल को संक्रमित करते हैं तब सेविंग या वैक्सीन की वजह से होने वाली जलन से साइड इंफेक्शन के रूप में एक गांठ बन सकती है । यह काफी दर्दनाक होती है और विकसित होने पर एक फुंसी का रूप ले लेती है । कभी-कभी अचानक से बाल खींच के टूट जाने से भी बालतोड़ के रूप में फुंसी हो जाती है । जो काफी दर्दनाक होती है । इसलिए शेविंग करते समय ध्यान रखें ।

मलद्वार में खुजली हो तो क्या करें | Maldwar par khujli hone par kya kare.

यदि मलद्वार में खुजली हो तो बरस के कुछ 30 को एक कपड़े में लपेटकर मलद्वार के स्थान पर 10 मिनट के लिए रोजाना लगाये । जिससे कुछ समय, कुछ घंटों में भी राहत मिल सकती है । एलोवेरा खूनी  बवासीर के लिए फायदेमंद है एवं खुजली और जलन में भी सूरत राहत मिलती है ।

इसलिए एलोवेरा की कुछ पत्तियां काट कर फ्रिज में रख लेनी चाहिए जब जरूरत हो सूरत लगा ले । प्रतिदिन योनि की ठीक से सफाई नहीं होने के कारण भी इंफेक्शन बैक्टीरिया और एलर्जी का कारण बन सकती है । प्रतिदिन कपड़े बदले और योनि के आसपास स्नान करने के बाद साफ़ पोछ कर तेल या क्रीम कुछ लगाए राहत पाए ।

स्वच्छता की आदत | Swchchata ki aadat.

हमारे शरीर में संक्रमण बैक्टिरिया हो तो, तब आप सब नहीं लगाएं । उसे जगह दो खुला और साफ रखने के लिए पाने का प्रयोग करें । गर्म पानी से स्नान करते समय योनि को अच्छे से धो ले । जो संक्रमण, खुजली जलन को कम करेगा धोने के बाद इसे सुखा ना जरूरी है । डचिंग से बचे । वाउचिंग से योनि में मौजूद स्वस्थ बैटरी अभी निकल जाते हैं और स्थिति खराब हो सकती है यह व्यक्ति या संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं । अंतिम बात यह है कि प्राइवेट पार्ट में असहनीय खुजन एवं जलन होने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।

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