डिलीवरी के बाद खानपान । Pregnancy ke baad kya khaye.

Pregnency ke baad kya khaye
Pregnency ke baad kya khaye. महिलाओं की कुछ ऐसी समस्याएं होती हैं, जिससे उन्हें हर परिस्थिति में झेलना ही पड़ता है। ऐसी ही एक समस्या हैं, डिलीवरी के बाद डाइट प्लान। ज्यादातर महिलाओ की सोच होती है, कि डिलीवरी के बाद उनका पेट बाहर आ जायेगा, वे मोटी हो जायेगी और खूबसूरत नही लगेंगी। इस विषय पर मेरी दो सोच है, पहली तो यह कि डिलीवरी के बाद आप बहुत कमजोर हो जाती है और इस कमजोरी को दूर किया जा सकता है तो सिर्फ और सिर्फ अच्छी खान पान से।

दूसरी सोच यह कि माँ बनना अति सौभाग्य की बात होती हैं और जब यह सौभाग्य आपको मिला है, तो इस मातृत्व सुख का आनंद लीजिये ना कि फालतू की सोच पालिये कि खाने से मोटी हो जाऊंगी या पेट निकल जायेगा, वगैरह – वगैरह। यदि डिलीवरी के बाद कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो मोटी भी नही होंगे और सही मात्रा में पोषक तत्व भी ले लेंगे। लेकिन Pregnency ke baad kya khaye. नई माताओ के मन से सबसे अहम सवाल है ।

प्रसव के बाद स्त्री का शरीर काफी कमजोर हो जाता है और उन्हें सही मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। महिलाओं को जितनी कैलोरी गर्भावस्था के समय जरूरत होती है, उतनी ही कैलोरी प्रसव के बाद भी लेनी चाहिए स्त्रियों की सबसे बड़ी समस्या यही होती है कि प्रसव के बाद क्या खाएं और क्या ना खाएं। Pregnancy ke baad kya khaye.

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डिलीवरी के बाद क्या खाएं और क्या ना खाएं । Pregnency ke baad kya khaye

यदि आपकी नॉर्मल डिलीवरी हुई है तब इसमें परहेज की इतनी आवश्यकता नहीं होती है ,किंतु कुछ चीजों को खाने की मनाही होती है। गर्भावस्था के समय आपको जितनी कैलोरी की जरूरत होती है ,उतनी ही या उससे ज्यादा कैलोरी डिलीवरी के बाद आपके शरीर को चाहिए होती है। प्रसव के बाद शरीर अत्यंत कमजोर हो जाता है तो ऐसे में आपको ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थ खाने चाहिए।

● हरी पत्तेदार सब्जियां अधिक से अधिक खाएं, क्योंकि इसने भरपूर मात्रा में पोषक तत्व उपस्थित होते हैं।
● खाना हमेशा गर्म खाएं एवं संतुलित, पौष्टिक आहार लें।
● गर्म दूध का सेवन प्रसव के बाद गुणकारी होता है । यदि उसमें हल्दी मिला लिया जाए तो यह और भी फायदेमंद हो जाता है।
● घी में भरपूर कैलोरी पाई जाती है, इसलिए घी का सेवन भी गुणकारी है ।
● दाल और चावल का पानी भी अत्यंत फायदेमंद है । फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन महिलाओं के लिए अच्छा होता है।

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● एक विशेष प्रकार से जड़ी बूटियों से निर्मित लड्डू प्रसव वाली महिलाओं को प्रसव के बाद दिया जाता है, जो कि माताओं के शरीर में गर्माहट पैदा करने की क्षमता रखते हैं और शारीरिक स्थिति बढ़ाने में सहायक होते हैं।
● किसी भी तरह के ठंडे एवं खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

अब बात करते हैं कि नॉर्मल डिलीवरी में क्या नहीं खाना चाहिए। प्रसव के बाद स्त्री का शरीर इतना कमजोर होता है कि जरा सी ठंडक उनके शरीर को हानि पहुंचा सकती है इसलिए उन्हें इन चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। जिसका तासीर या प्रभाव ठंडा हो, जैसे दही, मुली, बैगन या अन्य कोई ठंडे पेय पदार्थ ।

डिलीवरी के तुरंत बाद क्या खाये । Pregnancy ke baad kya khaye.

 

नई नई माताएं इन बात को लेकर परेशान रहती है कि Pregnency ke baad kya khaye. जो सबसे अहम सवाल है । डिलीवरी के तुरंत बाद कुछ खानपान करना जरूरी है जैसे –

Pregnency ke baad kya khaye. हल्दी दूध –

डिलीवरी के बाद महिला को अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है । हल्दी दूध मे कैल्सियम व कैलोरी भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है । इसी प्रकार हल्दी में भी प्रचुर मात्रा में पोषक तत्वों का समावेश है । जो घाव भरने में उपयोगी है ।
प्रसव के बाद आधा चमच हल्दी को एक गिलास दूध में डालकर उसमे थोड़ा सा घी मिलाकर पीने से डिलीवरी के बाद आई कमजोरी को दूर करता है ।

Pregnency ke baad kya khaye. देशी घी का हलवा –

घी विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट आदि से भरपूर होता है । डिलीवरी के बाद देशी घी का हलवा बनाकर खाने से कमजोरी दूर होती है ।

Pregnency ke baad kya khaye. अजवाइन का हलवा –

प्रेग्नेंसी के बाद अजवाइन खाना सेहत के लिए उपयोगी है । अजवायन से गैस व कब्ज जैसी प्रॉब्लम से निजात मिलती है । हलवे के साथ चमच भर अजवाइन खाने से फायदेमंद होता है । अजवाइन का पानी भी पीया जाता है ।

Pregnency ke baad kya khaye. हरी पत्तेदार सब्जियां –

हरी पत्तेदार सब्जियां इस समय बहुत फायदा करती है, क्योंकि इसमें भरपूर पोषक तत्व मौजूद होते है, जो प्रसव के बाद माताओं के लिए उपयोगी होते है।

Pregnency ke baad kya khaye. फलों के साथ ओटमील –

प्रसव के बाद ब्लेडिंग होना आम बात है । धीमी पाचन शक्ति एवं हार्मोन्स के बदलाव की वजह से कब्ज जैसी प्रॉब्लम भी आम समस्या है । ऐसे में फाइबर युक्त भोजन के साथ साथ पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जो ओट्स, सूखे मेवे एवं फलों से पूर्ति हो सकती है ।

डिलीवरी के बाद कब्‍ज दूर करने या पाचन को दुरुस्‍त करने के लिए फाइबर युक्त आहार की जरूरत होती है। ओटस फाइबर से भरपूर होते हैं। पोषक तत्‍वों की मात्रा बढ़ाने के लिए आप इसमें फल या सूखे मेवे भी डाल सकती हैं।

Pregnency ke baad kya khaye. अंडा –

अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। इसमें बहुत से पोषक तत्व उपस्थित होते हैं। डिलीवरी से मांसपेशियों में दर्द होती है, मांसपेशियों के दर्द में अंडा फायदा पहुंचाता है ।

Pregnancy ke baad kya khaye. चिकन सुप –

प्रसव के बाद आई कमजोरी को दूर करने के लिए चिकन सुप बहुत उपयोगी है । यह इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करने में सहायक है । इतना ही नहीं गरमाई भी बनाए रखता है ।

8. अन्य खाद्य पदार्थ – Pregnancy ke baad kya khaye. यह एक अहम कड़ी है । प्रसव के बाद खजूर का सेवन करना उपयोगी माना जाता है । वही नारियल पानी भी सेहतमंद होता है ।

डिलीवरी के बाद कौन से लड्डू खाने चाहिए ?

1. सोंठ के लड्डू – यह एक विशेष लड्डू होता है, जिसमे अनेक प्रकार के मसालों को मिलाकर व जड़ी बूटियों को मिलाया जाता है। जीरा, मेथी, अलसी, अजवाइन, सोंठ आदि अनेक प्रकार के वस्तुएं मिलाई जाती है। इसका स्वाद कड़वा होता है इसलिए महिलाएं इसे खाना पसंद नही करती है, किन्तु यह लड्डू शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है।

2. गोंद के लड्डू – गोंद विभिन्न पेड़ पौधों से प्राप्त होने वाला एक प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है । जो पोष्टिकता से भरपूर होने के साथ साथ प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है । आमतौर पर महिलाएं Pregnancy ke baad लड्डू बनाकर सेवन करती है जो डिलीवरी के बाद आई कमजोरी को दूर करने में सहायक है ।

3. गुड़ के लड्डू – गुड़ एन्टी ऑक्सीडेंट के साथ साथ ज़िंक से भरपूर होता है । प्रसव के बाद गुड़ के लड्डू बनाकर खाने से बॉडी में शक्ति आती है ।

बच्चा पैदा होने के बाद माँ को क्या खाना चाहिए ? Pregnency ke baad kya khaye.

1. साबुत अनाज – जिनका प्रसव ऑपरेशन से हुआ हो, उन्हें पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए। साबुत अनाज में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन व अन्य खनिज लवण उपस्थित होते हैं जो मां के साथ-साथ बच्चे के विकास में भी सहायक होते हैं।

2. दालें – दालों में अधिक मात्रा में प्रोटीन एवं खनिज पाए जाते हैं विभिन्न प्रकार की दालें इस अवस्था में फायदा पहुंचाती है। इसलिए इसका उपयोग भी डिलीवरी के बाद फायदेमंद होता है।

3. फलिया – राजमा और बिन्स में प्रचुर मात्रा में विटामिन और खनिज पाए जाते हैं । स्तनपान कराने वाली माताओं को इनका सेवन करना चाहिए।

Pregnancy ke baad kya khaye. हल्दी –

हेल्थी में विटामिन बी सिक्स पाया जाता है। इसमें घाव को भरने और पेट से संबंधित परेशानियों को दूर करने की क्षमता होती है। इसलिए प्रसव के बाद हल्दी का सेवन भी गुणकारी होता है। हल्दी से हड्डियां भी मजबूत रहती हैं।

6. अदरक – अदरक में विटामिन बी और ई पाया जाता है। यह शरीर की आंतरिक संरचना को गर्म बनाए रखता है। इसलिए अदरक का सेवन भी लाभप्रद होता है।

7. अजवाइन – डिलीवरी के बाद अजवाइन का सेवन करना चाहिए। यह कब्ज और गैस जैसी परेशानियों से मुक्त रखती है । आपको रोजाना एक चुटकी अजवाइन पानी के साथ लेना चाहिए, जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

Pregnancy ke baad kya khaye. बादाम –

बादाम में विटामिन बी और ई, कार्बोहाइड्रेड, प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक, कॉपर और भी कई खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। प्रसव की पीड़ा से सामान्य अवस्था में आने में बादाम गुणकारी होता है।

9. मेथी – मेथी से जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है और इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो डिलीवरी के बाद लाभप्रद होते हैं।

10. तिल – महिलाओं के लिए तिल फायदेमंद होता है, इससे उनका पेट साफ रहता है और शरीर में गर्माहट बनाये रखता है इसलिए उन्हें तिल का सेवन करना चाहिए।

11. हरी पत्तेदार सब्जियां – हरी पत्तेदार सब्जियां इस समय बहुत फायदा करती है, क्योंकि इसमें भरपूर पोषक तत्व मौजूद होते है, जो प्रसव के बाद माताओं के लिए उपयोगी होते है।

डिलीवरी के बाद क्या क्या ध्यान रखना चाहिए ? Pregnency ke baad kya khaye.

● खाना हमेशा भूख लगने पर ही खाएं।
● धीरे धीरे व आराम से खाना खाएं।
● गुनगुना पानी पियें।
● फलों एवं जूस का प्रयोग अधिक करे।
● ठण्डी चीजों से परहेज करें।
● कैफीन या मादक पदार्थों का सेवन ना करें।
● ताज़ा खाना ही खाये। बचा हुआ या बासी भोजन ना करें।
● अधिक वसायुक्त या अधिक तला भुना तैलीय भोजन ना करें।

सिजेरियन डिलीवरी में क्या खाएं क्या ना खाएं | cesarean delivery ke baad khaye.

यदि आपने सिजेरियन डिलीवरी करवाई है तो आपको बहुत ज्यादा पर इसकी आवश्यकता होती है। क्योंकि आपकी तरह से लापरवाही से आपकी शरीर पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। सिजेरियन डिलीवरी में आप किसी भी प्रकार के खट्टे एवं ठंडे पदार्थ, दूध या दूध से बनी कोई भी चीज, टमाटर, खट्टे फल और कोई भी अम्लीय या खट्टी चीज नहीं खा सकती है।

क्योंकि इससे ऑपरेशन के टांके पक जाने की संभावना अधिक होती है। इसलिए इससे प्रसव के बाद महिलाओं को दूर ही रहना चाहिए। उन्हें केवल घी, गरम दाल का पानी, चावल का पानी, दाल एवं रोटी एवं कैल्शियम युक्त पदार्थ का सेवन करना चाहिए।

Breastfeeding mother diet.

बच्चे को दूध पिलाने वाली माँ को क्या खाना चाहिए । Breastfeeding mother diet.

यदि आप अपने शिशु को स्तनपान कराती है, तो आपके भोजन का 75% पोषक तत्व दूध के द्वारा आपके शिशु को प्राप्त होता हैं। इसीलिए आपको ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन युक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए, ताकि आपके द्वारा खाये गये भोजन से आपके शिशु का विकास अच्छी तरह हो सके।

दूध बढ़ाने के लिए प्रसव के बाद माताओं को छुहारे और गाजर अधिक से अधिक खाने चाहिए इससे शरीर में दूध बनने की क्षमता अधिक होती है। ड्राई फ्रूट खाने चाहिए । यह सेहत के लिए अत्यंत गुणकारी होते हैं। आप की डिलीवरी सामान्य हुयी हो या सिजेरियन दोनों ही तरह के डिलीवरी में स्त्री का पाचन तंत्र प्रभावित होता है इसलिए उन्हें ऐसे पदार्थो का सेवन करना चाहिए, जो आसानी से पच जाये।प्रसव के बाद महिलाओं को कब्ज की शिकायत भी होती है, ऐसे में खान पान का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।

Pregnancy ke baad kya khaye.

किसी भी परिस्थिति में ज्यादा तीखा या मसालेदार भोजन का सेवन भी नही करना चाहिए और स्वयं को व शिशु को गर्म वातावरण में रखना चाहिए। पॉजिटिव माहौल में रहना चाहिए ताकि आपका दिल और दिमाग फ्रेश रहे जिससे आपका तन भी सुरक्षित रहें।
कई महिलाएं जीरो फिगर और सुंदर काया की चाह में डिलीवरी के बाद खाना पीना कम कर देती है और कुछ तो बच्चों को अपना दूध भी नही पिलाना चाहती। यह गलत धारणा है।

माँ के दूध से ही शिशु का सर्वागीण विकास होता है, मानसिक और शारीरिक स्फूर्ति प्राप्त होती हैं, रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है, और यह सब तभी सम्भव है जब माता शिशु को अपना स्तनपान कराएं। स्तनपान के लिए सबसे जरूरी है कि आप सही मात्रा में भोजन करें।

पहले के जमाने में नार्मल डिलीवरी अधिक होती थी और सिजेरियन बहुत कम होती थी लेकिन आज के मशिन युगी जमाने ने लोगो को इतना आरामतलब बना दिया है कि वो मेहनत करना ही नही चाहते और मेहनत ना करने के कारण ही आजकल हर दूसरी महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी होती है। स्वस्थ और खुशनुमा जीवन शैली के लिए एक उपयुक्त खान पान का सेवन उतना ही आवश्यक है जितना जीने के लिए ऑक्सिजन ।। शिखा गोस्वामी निहारिका, छत्तीसगढ़ ।।