पिनियल ग्रंथि को कैसे जागृत करें । Pineal Gland in hindi.

Pineal Gland in hindi.

Pineal Gland in hindi. मानव मस्तिष्क की रहस्यमयी शक्तियों से अब तक कई लोग अनजान हैं । विज्ञान के अनुसार मानव अपने मस्तिष्क का 5 – 7% हिस्सा को काम लेता है शेष 95% दिमाग का उपयोग नहीं करता है । जिसमें कुदरत ने अनेको शक्तियों का समावेश किया है । जैसे पिनियल ग्रंथि ( तीसरी आंख ), कुंडलिनी शक्ति आदि ।

विज्ञान के अनुसार मानव ललाट के बीचोबीच एक अद्भुत केंद्र है जिसे तीसरी आंख कहते है । इसी जगह पर पिनियल ग्रंथि स्थित होती हैं । रिसर्च बताता है कि पीनियल ग्लैंड को आध्यात्मिक दृष्टि से आज्ञा चक्र कहा जाता है । कुंडलिनी जागरण के बारे में आपने हमारे पिछले लेखों में पढ़ा होगा । यह आज्ञा चक्र कुंडलिनी के सातों चक्रो में से एक हैं । रिसर्च में यह तथ्य भी सामने आया है कि निरन्तर योग साधना से इन रहस्यमयी शक्तियों को जागृत किया जा सकता है । तो चलिए जानते हैं – पिनियल ग्रंथि के बारे में –

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पिनियल ग्रंथि in hindi.

पीनियल ग्रंथि ( Pineal Granthi in hindi. ) मानव शरीर में पाई जाने वाली महत्वपूर्ण ग्रंथियों में से एक हैं । इसे अंतःस्रावी ग्रंथि ( Endocrine Gland ) भी कहा जाता है। जो मानव मस्तिष्क के मध्य भाग में स्थित होती हैं । विज्ञान के अनुसार इस ग्रंथि की साइज महज मटर के दाने के समान होता हैं जिनका भार मात्र 0.06 ग्राम होता हैं ।

आध्यात्मिक दृष्टि से रहस्यमयी यह ग्रंथि महिला – पुरुष में पाई जाने वाली शरीर की सबसे छोटी ग्रंथि हैं । इस ग्रंथि को जैविक घड़ी ( Biological Clock) के नाम से भी जाना जाता है । जो सोने जागने की गतिविधियों को कंट्रोल करती हैं । वही आध्यात्मिक दृष्टि से इसे तीसरी आंख ( Third Eye ) भी कहा जाता है । इनके सक्रिय होने पर शरीर व आत्मा के बीच गहरा रिश्ता हो जाता हैं ।

पीनियल ग्रंथि क्या है ? What is Pineal Gland in hindi.

Pineal gland शंकू के आकार की शरीर की छोटी सी अंतःस्त्रावी ग्रंथि है । इसको पीनियल बॉडी, एपिफिसिस, तीसरी आँख, और आज्ञा चक्र के नाम से भी जाना जाता है । Pineal granthi गर्दन और सिर के मिलने वाले स्थान पर मेरुदण्ड के बिल्कुल ऊपर की तरफ मस्तिष्क के बीचों बीच होती है । या यों कह सकते है कि Pineal gland कॉर्पस कॉलोसम के पीछे के भाग में नीचे रहती है । यह ग्रंथि एंड़ोक्राइन सिस्टम का एक भाग है जो लाल भूरे रंग की कच्चे चावल के दाने के समान होती है । Pineal Gland न्यूट्रॉन्स, न्यूरोगलियल कोशिकाओं और पीनीयलोसाइटिस नाम की प्रमुख कोशिकाओं से मिलकर बनी होती हैं । ये पीनीयलोसाइट्स मेलोटोनिन बनाते हैं । जो ब्लड के साथ स्रावित होता है ।

पीनियल ग्रंथि द्वारा स्त्रावित हार्मोन ।

विज्ञान कहता है कि यह ग्रंथि हार्मोन्स स्त्रावित करती हैं । जो शरीर को अलग अलग प्रकार से प्रभावित करते हैं । लेकिन उनमें से मुख्य हार्मोन इस प्रकार से है –

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मेलाटोनिन हार्मोन । Melatonin Hormone in hindi.

विज्ञान के अनुसार Pineal gland से मेलाटोनिन हार्मोन का स्त्राव होता है । जिसे स्लीप हार्मोन भी कहते हैं । यह हार्मोन हमारी बॉडी में शारीरिक और व्यवहारिक रुप से परिवर्तन करने में सहायक सिद्ध होते हैं । जब जब यह हार्मोन महिला हार्मोन के साथ सम्पर्क में आता है तो पीरियड्स प्रॉब्लम भी ठीक हो जाती हैं ।

  • यह हार्मोन प्रोटीन का बना होता है। इसलिए इसे प्रोटीन हार्मोन भी कहते है ।
  • यह हार्मोन सोने व जागने के समय को नियंत्रित करता है ।
  • यह हार्मोन अंधेरे में अधिक स्रावित होता है इसलिए इसे Darkness Harmon’s भी कहते है । वही प्रकाश में इसे रोकती है जो सर्कैडियन लय को कंट्रोल करता है।

सेरोटोनिन हार्मोन । Serotonin Hormone in hindi.

पिनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित यह मुख्य हार्मोन होता है। इस हार्मोन में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है । पर यह कार्य थोड़ा अलग से करता है । यह हार्मोन इंसान की खुशी व गम पर नियंत्रण करता है । साथ ही साथ समय समय पर बदलने वाले मूड को भी कंट्रोल करता है ।

पीनियल ग्रंथि का कार्य । work of Pineal Gland in hindi.

पिनियल ग्रंथि एक अंतस्रावी ग्रंथि है । जिसे तीसरी आंख ( Third eye ), छठी इंद्रीय भी कहते हैं । यह विभिन्न प्रकार से कार्य करती हैं जैसे इसका काम आँखों में रेटिना से अंधकार और उजाले के बारे में हमें जानकारी देता है । यह हमारी निंद्रा व्यवस्था को नियंत्रित करता है । पर मोटे तौर इनके कार्य इस प्रकार से है –

● मेलाटोनिन हार्मोन का स्राव ।
● प्रजजन अंगो एवं यौन क्षमता का विकास ।
● रक्तचाप पर नियंत्रण एवं ह्रदय की सुरक्षा ।
● अवसाद पर नियंत्रण करना ।
● खुशी – गम पर नियंत्रण करना ।
● नींद का संतुलन बनाए रखना आदि ।

पीनियल ग्रंथि के विकार । Pineal granthi me kharabi hone par kya hota hai.

जब यह ग्रंथि खराब होती हैं या ठीक से कार्य नहीं कर पाती हैं तो कुछ विकार उत्पन्न होते है । जो इस प्रकार है –
● अवसाद व डिप्रेशन ।
● बार बार मूड में बदलाव होना ।
● पेट की खराबी जैसे अल्सर आदि ।
● हार्मोन्स का अंसतुलन ।
● यौन विकार
● नींद में व्यवधान ।
● याददाश्त कमजोर होना आदि ।

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पीनियल ग्रंथी का रहस्य |

माथे पर तिलक लगाने या महिलाओं द्वारा बिंदी लगाने का रहस्य भी इसी ग्रंथि से जुड़ा हुआ है । बिंदी उसी स्थान पर लगाई जाती है जहाँ पर पिनियल ग्लैड स्थित होता है । क्योंकि वही से चेतना का विस्तार होता है ।
Pineal gland छोटी होने के बावजूद भी बहुत काम की होती है । इसके द्वारा पारदर्शिता एवं दूरदर्शिता का गुण आता है । जब व्यक्ति में इन सभी गुणो का समावेश होता है तो उसकी Pineal granthi activate हो जाती है । जिसे मनुष्य अपने क्रोध पर काबू कर सकता है इसे अध्यात्म चेतना का विज्ञान भी कहते हैं । इसे आज्ञा चक्र भी कहते हैं । जो कुंडलिनी के सात चक्र में प्रमुख माना जाता है ।

पिनियल ग्रंथि की शक्ति । power of pineal gland in hindi.

जैसा कि निरन्तर योग, ध्यान के माध्यम से पिनियल ग्रंथि की शक्तियों को जागृत किया जा सकता है । जैसे जैसे जागरण होता है वैसे वैसे साधक की शख्सियत में परिवर्तन होने लगेगा । साधक को ऐसा अनुभव होगा कि समस्त शक्तियां उनके मस्तिष्क में केंद्रित हो रही हैं ।
आपके दिमाग में वही तस्वीर आएगी जिसे आप देखना चाहते है । आपकी अंतदृष्टि के माध्यम से सब कुछ देख सकते है । दूर की आवाज भी स्पष्ट सुनाई देगी । आप जिस इंसान की तरफ दृष्टि डालेंगे वही आपका फैन बन जायेगा । वही होगा जैसा आप चाहते हैं ।

यदि आप उन्नति चाहते हैं तो उन्नति होगी । यदि आप रोग, कष्ट – पीड़ा से मुक्ति चाहते हैं तो आसानी से मिल जायेगी । मतलब साफ है कि पिनियल ग्रंथि के जागृत होने पर सब कुछ आपके दिमाग के मुताबिक होगा । अब तक कई साधु – संतों ने अनेको करिश्माई शक्तियों को कर दिखाया है । उनका उपयोग मानव सेवा के रूप में किया है ।

कैसे पता करे कि मेरी पीनियल ग्रंथि सक्रिय है या नहीं ?

पिनियल ग्रंथि की सक्रियता का अहसास साधक को स्वत् ही हो जाता है लेकिन सबसे अहम सवाल हैं कि यह ग्रंथि सक्रिय है या नहीं ? जैसा कि यह ग्रंथि हार्मोनल फ़ंक्शन ( Pineal gland function in hindi. ) से अलग, एपिफेसिस का आध्यात्मिक क्षेत्र के साथ एक निश्चित संबंध भी है । यही वजह है कि इस ग्रंथि सक्रियता आध्यात्मिक उन्नति का संकेत होता हैं । वही शारिरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का आधार भी प्रमुख हैं ।

कुछ लोगों में बचपन से ही निरन्तर योग, प्राणायाम के कारण आध्यात्मिकता, दूर दृष्टि, खुद को बेहतर समझने की क्षमता होती है । तो यहां यह भी हो सकता है कि उनकी पिनियल ग्रंथि पहले से सक्रिय हो । चूँकि इस विषय पर अभी खोज करने की आवश्यकता है ।

How to activate Pineal Gland in hindi

पीनियल ग्रंथि को कैसे जागृत करें । How to activate Pineal Gland in hindi.

अब तक के रिसर्च बताते हैं कि पिनियल ग्रंथि को जागृत करने के लिए निरन्तर योग साधना करने की आवश्यकता होती हैं । पिनियल ग्रंथि को जागृत करने शरीर को थोड़ा आराम दें । कुछ हल्का फुल्का संगीत सुनें । सूर्य में बैठ कर थोड़ा विटामिन डी लें ।

प्राणायाम करें । ध्यान साधना करें । जोर से हंसने की क्रिया करें । आखें बंद कर पीठ सीधी कर आराम से बैठें । आराम से साँस लें । आराम से साँस छोड़ें । फिर दो मिनट बाद नाक से साँस लेकर मुँह से साँस बाहर निकालें । साँस निकालते समय अपनी शरीर से तनाव बाहर निकाल रहे है ऐसा सोंचे ।

फिर कल्पना करें की हम प्रकृति बे बीच बैठें हैं । हरें भरे पेड़ चारों और हैं । ऊँचे ऊँचे पहाड़ हैं । पास में नदी बह रही है । पक्षी कलरव कर रहे हैं ।

अब गहरी लम्बा श्वास अपनी अंदर लें । दो सेकंड के लिए रोक कर रखें । छोड़ते समय अपनी अधरों को सीटी बजाने की मुद्रा में करें । जिव्हा को अपनी डांतों के नीचे रख हल्का बढ़ाते हुए श्वास बाहर निकलना है ।

पीनियल ग्रंथी के लिए योग । Yoga for Pineal Gland in hindi.

पिनियल ग्रंथि को सक्रिय करने के लिए हमें अगोचरी मुद्रा, शाम्भवी मुद्रा, त्राटक, खेचरी मुद्रा एवं ध्यान साधना करना आती जरूरी है ।

  • अगोचरी मुद्रा – इस मुद्रा में हम हमारे शरीर के अंदर एक नाद उतपन्न होता है उस नाद को अपने अंतरमुख होकर सुनने की क्रिया होती है । इससे हमारी स्मरण शक्ति बढ़ती है ।
  • शाम्भवी मुद्रा – इस मुद्रा में बिना पलक झपके अपने विचारों को वश में करना होता है ।
  • त्राटक क्रिया – इस क्रिया में हम अपनी नज़र एक जगह पर टिका कर रखते हैं जिससे हमारे मन को शांति मिलती है ।
  • खेचरी मुद्रा – यह थोड़ी कठिन मुद्रा होती है । इसमें अपनी जिव्हा को थोड़ा थोड़ा रोज दांतो से काटते हैं साथ ही जिव्हा को बाहर की तरफ खी कहते भी हैं । ऐसा करने से रक्त शिराएं संदर्भ की ओर बनती जाती हैं ।
  • ध्यान साधना – बिल्कुल आसानी से आलथी पालथी मारकर अपने श्वास पर नियंत्रण करना है ।

पीनियल ग्रंथि को सक्रिय करने के लिए ध्यान ।

ध्यान सबसे महत्वपूर्ण व्यायाम हैं । यह न केवल आरामदायक होता हैं बल्कि पिनियल ग्रंथि को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है । यह मानसिक एवं शारिरिक रूप शांति प्रदान करता है । पिनियल ग्रंथि को सक्रिय करने के लिए नियमित रूप से ध्यान ( Meditation ) करने की आवश्यकता होती हैं ।

इनके लिए कोई बड़ी शर्त नहीं है । बस शांत, शीतल, स्वस्थ एवं आरामदायक स्थल की आवश्यकता होती हैं । पिनियल ग्रंथि को सक्रिय करने के लिए सुबह शाम मन मस्तिष्क में ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होती हैं । जो धीरे धीरे आपको रोशनी के साथ साथ आध्यात्मिक चेतना का विस्तार करती हैं ।

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पीनियल ग्रंथि से किसका विकास होता है ।

पीयूष ग्रंथि से शरीर में पूर्ण विकास होता है । यह शारिरिक एवं मानसिक विकास में मुख्य भूमिका निभाती हैं । जो इस प्रकार है –

● यह ग्रंथी प्रजनन अंगों का विकास करती है ।
● यह ग्रंथि यौन क्षमता में विकास करती हैं ।
● यह ग्रंथि शरीर की लंबाई बढ़ाने में सहयोग करती हैं ।
● यह ग्रंथि आध्यात्मिक चेतना का विकास करती हैं ।
● यह ग्रंथि मानसिक विकास के साथ आध्यात्मिक उन्नति में भी करती है ।

पीनियल ग्रंथि को सक्रिय करने के लाभ । pineal granthi ke jagrit hone ke fayde.

पीनियल ग्रंथि के सक्रियता के बहुत सारे फायदे हैं क्योंकि यह वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अहम स्थान रखती है । शारिरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है । यह ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन न केवल प्रजजन क्षमता को बढ़ाते हैं बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी करते हैं । ये दोनों एक दूसरे से बिल्कुल विपरीत पक्ष लगते हैं लेकिन इनका नियंत्रण इसी ग्रंथि से होता है । तो चलिए जानते है कुछ मुख्य लाभ –

  • इस ग्रंथि के सक्रिय होने से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग परास्त होता है ।
  • इनके सक्रिय होने तीसरे नेत्र का उद्धरण होता है । जो शरीर व आत्मा के बीच संबंध बनाता है ।
  • पिनियल ग्रंथि के सक्रिय होने पर चेतना के स्तर में वृद्धि होती हैं । जो दिव्य दृष्टि प्रदान करती हैं ।
  • खुद को बेहतर समझ सकते है ।
  • स्मरण शक्ति तेज होती हैं ।
  • प्रसन्नता का अनुभव के साथ साथ व्यक्तिगत तृप्ति का अहसास होता है ।
  • वैज्ञानिक दृष्टि से बात करें तो मस्तिष्क के न्यूरॉन्स और कोशिकाओ की शुद्धता में वृद्धि होती हैं ।
  • कोशिकाओं का पुनःनिर्माण होता हैं ।
  • बॉडी में इम्मयून सिस्टम मजबूत होता हैं ।
  • मानसिक रूप से स्वस्थ एवं इरादे मजबूत होते है ।

निष्कर्ष –

सभी धर्म ग्रंथो में त्रिनेत्र का ज़िक्र हुआ है । भगवान शिव की तीसरी आंख, यीशु की तीसरी आंख, चीन के ताओ की तीसरी आंख के बारे में बताया गया है । विज्ञान के अनुसार पिनियल ग्रंथि ( Pineal Gland in hindi. ) को तीसरे नेत्र का स्थान दिया गया है । जिसे योग साधना से जागृत किया जा सकता है । इस ग्रंथि में कई रहस्यमयी शक्तियां है जिनका उपयोग मानव कल्याण के लिए किया जा सकता है ।। मंजरी निधि ।।