गर्भ ठहरने की दवा पतंजलि । गर्भ ठहरने की 11 देशी दवा

Pregnant hone ki dawa patanjali

गर्भ ठहरने की दवा पतंजलि । माँ बनना हर नारी का सपना होता हैं वही एक पुरुष भी पिता बनने की चाह मे रहता है । लेकिन शादी के 2 साल तक रतिक्रिया करने के बाद भी गर्भ नही ठहरता है तो नींद उड़ जाती हैं । विज्ञान जिसे बाझपन की सख्या देता है। हलाकि प्रेग्नेंट न होने के पीछे कही कारण होते हैं । आयुर्वेदिक दवा या देशी दवा काफी उपयोगी हो सकती हैं ।

महिलाओ मे प्रजनन क्षमता को कमजोर करने वाले अनेको प्रॉब्लम्स हो सकती हैं जैसे थयराइड, फैलोपियन ट्यूब का ब्लॉकेज होना, पीसीओ आदि । इसी प्रकार नशे की लत, तनाव, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म चक्र, असंतुलित भोजन व अत्यधिक श्रम करना आदि हो सकते हैं ।

एक्सपर्ट के अनुसार 35 वर्ष की महिलाओ मे अधिक होती हैं । उनका कहना है कि अपनी लाइफ स्टाइल एव खानपान मे बदलाव करके उक्त प्रॉब्लम से बचा जा सकता हैं । तो चलिए जानते हैं – गर्भ ठहरने की दवा पतंजलि के साथ साथ देशी दवा के बारे में – Pregnant hone ki dawa patanjali.

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गर्भ न ठहरने के कारण –

गर्भ न ठहरने के कई कारण हो सकते हैं । जिनकी वजह से आप कसीव नही कर सकती है । इसी प्रकार पुरुषो मे भी कुछ प्रॉब्लम्स होती हैं । ये कारण इस प्रकार है –

  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCO),
  • ब्लॉकेज फैलोपियन ट्यूब,
  • ऐंडोमेटरिओसिज़,
  • यौन रोग जैसे श्रोनी मे सूजन, सफ़ेद पानी गिरना आदि,
  • गंभीर रोग जैसे थायराइड, एनिमिया आदि,
  • गर्भाशय फाइब्रॉएड,
  • अधिक मोटापा,
  • अधिक तनाव लेना,
  • अनियमित एव दर्दनाक महामारी,
  • अधिक नशा या श्रम करना,
  • पुरुषो मे स्पर्म काउंट की प्रॉब्लम,
  • हार्मोन का असंतुलन आदि ।

डॉक्टर्स का कहना है कि यह सभी प्रॉब्लम ज्यादातर 35 या अधिक वर्ष की उम्र के महिला / पुरुषो मे देखने को मिलती हैं । जिसकी वजह से गर्भ धारण करने मे दिक्क़त होती हैं ।

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गर्भ ठहरने की दवा पतंजलि – Pregnant hone ki dawa patanjali

पतंजलि में प्रेग्नेंट होने के कुछेक दवा के बारे में बताया गया है । हालांकि इनकी अलग से कोई दवा नहीं है । वैसे आप जानते है कि आयुर्वेद में एक दवा सैकड़ो बीमारियों के लिए लाभदायक होती है। यही कारण है कि दवा में मौजूद जड़ी बुटी के गुणों के आधार पर दवा दी जाती हैं ।

समय पर गर्भ न ठहरना एक बांझपन की निशानी है । आयुर्वेद में बहुत सारी ऐसी जड़ी बुटी है जो न केवल महिलाओ के लिए बल्कि पुरुषो के लिए भी उपयोगी है । यह दवा न केवल प्रजनन क्षमता को बढ़ाती है बल्कि एग को फ्रटीलाइज करने में भी उपयोगी होती है। तो चलिए जानते हैं इन दवा के बारे में –

पतंजलि दिव्य शतावर चूर्ण – गर्भ ठहरने की दवा –

आयुर्वेद के अनुसार शतावर महिलाओ के लिए रामबाण औषधि है। यह एक आयुर्वेदिक औषधि है जो शतावरी नामक पौधे की जड़ तथा पत्तियों से तैयार किया है । यह न केवल महिलाओ बल्कि पुरुषो के लिए भी उपयोगी है । यह महिलाओ मे होने वाली विभिन्न प्रकार की प्रॉब्लम जैसे – अनियमित पीरियड्स, हार्मोन की प्रॉब्लम, कम कमेच्छा, स्तनपान, कमजोर प्रजनन क्षमता के लिए बहुत ही लाभकारी है ।

पतंजलि सहित अन्य सभी ब्रांड जैसे हिमालय, बैद्यनाथ आदि जो शतावरी जैसे मुख्य घटक का उपयोग करते हुए टेबलेट, कैप्सूल, चूर्ण व पाउडर का निर्माण करते हैं । जो उपयोग महिला पुरुष कर सकते हैं । इनका नियमित रूप से सेवन करने से जनन शक्ति बढ़ती है जिससे गर्भ न ठहरने की प्रॉब्लम से निजात मिल सकती हैं । इस दवा का कोई साइड इफ़ेक्ट्स नहीं है लेकिन वैध की सलाह से अनुशासित खुराक ही सेवन करे ।

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पतंजलि दिव्य चंद्रप्रभा वटी – गर्भ ठहरने की दवा –

यह पतंजलि की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवाओं मे से एक है । इनका उपयोग महिला पुरुष दोनो के लाभकारी है । इसमे मौजूद विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक औषधिया जैसे – तेजपत्र, कपुर, देवदारू, चित्रक छाल, नागरमोथा, दारु हल्दी, पीपल, काली मिर्च, धनिया, सौठ, सेघानमक जैसी कई प्राकृतिक घटक जो विभिन्न प्रकार के रोगो की रोकथाम के लिए उपयोगी है ।

Chandra Prabhavati का नियमित रूप से सेवन करने से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मूत्र पथ संक्रामण, प्रजनन क्षमता से जुड़े विकार, अनियमित मासिक धर्म चक्र, हार्मोन असंतुलन आदि के बहुत फायदेमंद हैं । इस बात का ध्यान रखे कि गर्भवती एव स्तनपान कराने वाली महिलाए इनका सेवन न करे । इनका सेवन रोजाना सुबह शाम एक एक टेबलेट करे । एक प्रभाव एक सप्ताह मे देखने को मिलेगा । बेहतर परिणाम के लिए योग्य वैध की सलाह से सेवन करे ।

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पतंजलि दिव्य फलघृत – बाझपन की आयुर्वेदिक दवा –

यह एक पतंजलि का हर्बल घी है । जो गर्भव्यस्था के विभिन्न विकारो के लिए फायदेमंद हैं । आयुर्वेद के अनुसार यह महिला पुरुष दोनो के लिए बांझपन को दूर करने के लिए बहुत उपयोगी दवा हैं । यह दवा बांझपन, मधुमेह, मेनोरेजिया, गठिया, एजिंग, शराब का अधिक उपयोग, प्रजनन क्षमता की कमी, आर्थ्राल्जिया, स्त्री – पुरुष मे बिज़ की कमी, सेफालजिया आदि के लिए लाभकारी है ।

इसमे उपस्थित विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक घटक जैसे अश्वगंधा, मंजिष्ठा, शतावरी, कुस्ता, हिंगु, तगर, आमलकी, त्रिफला, क्षीर, हल्दी, शिलाजीत, दारूहल्दी और कई अन्य आयुर्वेदिक घटको से निर्मित किया जाता है । जो गर्भव्यस्था संबंधित विकारो को दूर करके गर्भ ठहरने की संभावना को बढ़ा देता है। वही पुरुषो मे शीघ्रपतन, वीर्य का पतलापन दूर करने के लिए उपयोगी है । इन सेवन सुबह शाम गुनगुने दूध के साथ किया जा सकता है । इस दवा का कोई साइड इफ़ेक्ट्स नहीं है फिर अनुशासित मात्रा मे योग्य वैध की सलाह से सेवन करना हितकर समझे ।

गर्भ ठहरने की देशी दवा –

शादी के 2 साल तक असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी प्रेग्नेंट न होने पर अधिकतर महिलाए परेशान हो जाती है । संदेह की सुई बांझपन पर अटक जाती हैं । फ्लस्वरूप विभिन्न प्रकार की दवाइयों एव डॉक्टरी सलाहो मे जीवन व्यतीत होता हैं । आज के लेख मे हम कुछ देशी दवा के बारे में बताने जा रहे है जो गर्भ ठहरने में मददगार हो सकते हैं तो चलिए जानते हैं –

  • संतुलित आहार – शरीर की स्वस्था के लिए संतुलित भोजन सबसे पहली शर्त है । नियमित रूप विटामिन एव मिनर्ल्स युक्त भोजन सभी प्रकार के पोषक तत्वों की पूर्ति करता है ।
  • विटामिन डी – यह एक महत्वपूर्ण तत्व है जो प्रेग्नेंट होने या गर्भव्यस्था के लिए आवश्यक है । यह भोजन एव सूर्य की किरणों से प्राप्त होता है। इनकी कमी सिरप लेकर भी कर सकते हैं ।
  • समय पर फिज़िकल रिलेशन बनाए – गर्भ ठहरने या प्रेग्नेंट होने के लिए समय पर रतिक्रिया करना सबसे अहम है । क्योकि इनके आभाव में प्राकृतिक रूप गर्भाधारण करना असम्भव है । जहा तक समय की बात है तो पीरियड्स के 7 दिन बाद का समय उपयुक्त है ।
  • योग – जनन शक्ति को बढ़ाने के लिए योग या व्यायाम भी अहम भूमिका निभाते हैं । इन योग से जानू शीर्षासन, भ्रामरी, नाड़ी शोधन प्राणायाम, हस्तपादासन, बाधा कोनासना, पश्चिमोत्तानासन और योग निद्रा आदि उपयोगी है । इन व्यायाम को सुबह शाम नियमानुसार करे ।

अश्वगंधा – गर्भ ठहरने की देसी दवा –

अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है । यह न केवल महिलाओ के लिए बल्कि पुरुषो के लिए रामबाण औषधि है। जो विभिन्न प्रकार के प्रजनन विकारो को दूर करने के लिए उपयोगी है । इनका नियमित रूप से सेवन करने से हार्मोन असंतुलन की प्रॉब्लम दूर होती हैं। वही शारीरिक कमजोरी दूर होती हैं ।

यह महिलाओं मे प्रजनन क्षमता को दुरस्त करता है । यह गर्भाश्य को स्वस्थ रखने एव समुचित आकार में लाने के लिए लाभप्रद हैं । इनका सेवन गर्म पानी मे 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण सुबह शाम कर सकते हैं । इनका सेवन करने गर्भ ठहरने में मदद मिल सकती हैं । मार्केट में अश्वगंधा का चूर्ण / टेबलेट या पाउडर का विभिन्न ब्रांडो जैसे पतंजलि, हिमालय, बैद्यनाथ आदि मे उपलब्ध हैं ।

बरगद के वृक्ष की जडें – बांझपन / गर्भ ठहरने की देसी दवा –

आयुर्वेद के अनुसार बरगद की जड़े गर्भ ठहरने की उपयोगी दवा है । या यूँ कहे कि यह बांझपन् को दूर करने के लिए उपयोगी देसी दवा है । इनके लिए सबसे पहले बरगद वृक्ष की जड़े को काटकर सुखा लें । फिर इनका चूर्ण बनाकर गर्म या गुनगुने दूध के साथ खाली पेट सेवन करे ।

इस बात का ध्यान रखे कि इनका सेवन पीरियड्स खत्म होने बाद सेवन करे। यह भी ध्यान दे कि इनका उपयोग करने के एक घंटे भर तक कुछ भी खाने से परहेज करे । वही मासिक धर्म चक्र के दौरान इनका सेवन न करें ।

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खजूर – गर्भ ठहरने की देशी दवा –

प्रेग्नेंट होने के लिए खजूर किसी रामबाण औषधि से कम नहीं है । इसमे मौजूद आयरन, विटामिन ए और ई जैसे पोषक तत्व जो गर्भधारण की क्षमता को बढ़ाने के लिए उपयोगी है । इनका सेवन करने के लिए सबसे पहले 12 – 15 बिना बिज़ वाली खजूर के साथ 2 चम्मच धनिए की जड़ का पेस्ट बनाकर 1 कप दूध के साथ उबाले । अब इस पेस्ट को ठंडा होने पर पीरियड्स समाप्ति के बाद सेवन करे । इनका एक सप्ताह तक करे साथ ही साथ खजूर का सेवन करे ।

इनके अलावा तुलसी, अनार, फिटकरी, जायफल व दाल चीनी भी गर्भधारण या प्रेग्नेंट होने के लिए अच्छी देशी हैं । आज के आर्टिकल मे दी गयी जानकारी का उद्देश्य शैक्षणिक हैं । इनका सेवन करने से योग्य डॉक्टर या वैध की सलाह लेना हितकर समझे ।। एल. आर. सेजु थोब ‘प्रिन्स’ ।।