अंडकोष में पानी सुखाने की दवा – हाइड्रोसील की टेबलेट

andkosh me pani sukhane ki dawa.

अंडकोष में पानी सुखाने की दवा । पुरुषो के गुप्तांग अंडकोष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं जो लिंग के जस्ट नीचे की तरफ स्थित होते है । ये गोल आकार के लटकते रहते है | असल में ये वृषण स्पर्म निर्माण मे भूमिका निभाते हैं । इनकी अनुपस्थिति में पुरुषत्व की कल्पना करना मुश्किल है । कभी कभी वृष्ण मे सूजन एव दर्द का सामना करना पड़ता है । परेशानी तो तब होती हैं जब वृष्ण मे पानी भी भर जाता है । ये प्रॉब्लम बच्चों मे ज्यादा पाई जाती है ।

नर अंडकोष मे होने वाली प्रॉब्लम जैसे दर्द, सूजन व पानी भर जाना आदि को डॉक्टरी भाषा मे हाइड्रोसील कहते हैं। पुरुष के अंडकोष में टेस्टिकल के आसपास फ्लूइड पानी एकत्रित हो जाता है। पानी भरने के कारण वृषण का साइज बड़ा हो जाता है जिसके कारण उस में दर्द होने लगता है जब पानी अत्यधिक मात्रा में हो जाए तो प्रॉब्लम बढ़ जाती है जिनका अंतिम इलाज ऑपरेशन द्वारा किया जाता है । एक्सपर्ट के अनुसार शुरूआती दिनों से ट्रीटमेंट लेने पर सर्जरी से बचा जा सकता है तो चलिए जानते हैं – अंडकोष मे दर्द, सूजन एव पानी सुखाने की टेबलेट बारे में –

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अंडकोष में पानी भरने के लक्षण –

यह एक ऐसी प्रॉब्लम हैं जो बाहरी कारणों से होती हैं जैसे चोट लगना, छोटे बच्चों का ठीक से ख्याल न रखने के कारण या कभी कभी पेशाब का इन्फेक्शन वृषण मे उतरने के कारण होता हैं । अंडकोष में पानी भरने के कारण यानी हाइड्रोसील बढ़ने के कारण व्यक्ति को बहुत परेशानी होती है इसके बहुत से लक्षण है जो संकेत देते हैं कि व्यक्ति को हाइड्रोसील की आकार में वृद्धि हो रही है।

  • अंडकोष का आकार बढ़ जाता है ।
  • इसमें सूजन के साथ-साथ तेज दर्द भी होता है ।
  • जिस व्यक्ति में यह लक्षण दिखे वह अस्वस्थ होने लगता है।
  • हाइड्रोसील की प्रॉब्लम बढ़ने से रोगी को उल्टी, दस्त और बुखार आने लगता है ।
  • इन स्थितियों के कारण व्यक्ति सहज रूप से चल नहीं पाता है ।
  • कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील के आकार में बदलाव आते रहता है ।
  • इतना ही नहीं ज्ञानेंद्रियों की नसीब ही कमजोर पड़ने लगती हैं ।

नर अंडकोष मे किसी प्रकार की प्रॉब्लम होने पर एक छोटा व दूसरा बड़ा दिखाई देता हैं ।

अंडकोष में पानी सुखाने की अंगेजी दवा –

वैसे तो अंडकोष में पानी भरने के कई इलाज हैं । सबसे पहले औषधि एव दवाओं के माध्यम से इसे स्वास्थ्य लाभ देने का प्रयत्न करते हैं लेकिन अगर ठीक ना हो पाए तो फिर सर्जरी ही इसका अंतिम उपाय होता है।

कई दफा घरेलू नुस्खे भी बहुत कारगर होते हैं लेकिन यह चिंता का विषय नहीं होना चाहिए क्योंकि लेजर के माध्यम से भी इसका ऑपरेशन होता है।

हाइड्रोसील यानी अंडकोष मे पानी सुखाने के लिए बहुत सारी दवाई हैं । जो डॉक्टर के परामर्श से दी जाती हैं। कुछ मेडिसिन के नाम इस प्रकार है –

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Amoxicillin 500 mg Tablet हाइड्रोसील की अंग्रेजी दवा का नाम

यह दवा एंटीबायोटिक का काम करता है जो व्यक्ति में हुए इंफेक्शन के कारण हाइड्रोसील बढ़ने के कारण होता है यह दवा मरीज को दिन में केवल 2 बार दिया जाता है इस दवा के प्रभाव से अंडकोष की वाणी की संभावना बनती है।

Co – Trimoxazole – हाइड्रोसिल को सुखाने की एंटीबायोटिक दवा है। इसको खाने से रोगी में आए परेशानी में बहुत आराम मिलता है। क्या दवा मरीज को दिन में दो बार दिया जाता है।

Diclofenac व Paracetamol – आम तौर इन टेबलेट का उपयोग दर्द को कम करने के लिए किया जाता हैं ।

Ciprofloxacin – यह दवा इंफेक्शन के लिए दिया जाता है जो एंटीबायोटिक दवा का काम करती है जिसके कारण अंडकोष में पानी भरने से सूखता है। लेकिन इस दवाई का सेवन तभी करें जब अपनी परेशानी और अंडकोष में हुए आकार में वृद्धि हुए की जानकारी डॉक्टर को दें और डॉक्टर के परामर्श से ही दवा का सेवन करें।

अंडकोष में पानी सुखाने की दवा इंजेक्शन –

Furesimide – यह इंजेक्शन नर अंडकोष मे सूजन को कम करने के लिए उपयोगी है । यदि पानी भर जाने के बाद अधिक परेशानी होती हैं तो सहायक दवा के रूप में Diethylcarbazime नामक मेडिसिन दी जाती है ।

Amoxacillin Potassium clavunate 1.2gm – यह एक ऐसी दवा है जो इंजेक्शन के रूप मे दी जाती हैं । इस दवा को एंटीबोयोटिक दवा की श्रेणी मे रखा जाता हैं ।

ceftazidime + Gentamicin – यह एंटीबॉडी के तौर पर हाइड्रोसील में हुए इंफेक्शन के कारण डॉक्टर के निर्देश से दी जाती है। अगर इस दवा से पानी ना सके तो इसके इंजेक्शन भी होते हैं जो दी जाती है जिससे पानी सूखने की संभावना रहती है ।

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पतंजलि मे अंडकोष मे पानी सुखाने की आयुर्वेदिक दवा –

अंडकोष में पानी सुखाने के लिए अनेक प्रयास किए जा सकते जो । इन मे से आयुर्वेदिक मेडिसिन भी एक है । कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक दवाओं के इस्तेमाल से पहले एक विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए । आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियां हैं जो अंडकोष में पानी सुखाने की समस्या में सहायता कर सकती हैं। कुछ मुख्य दवाएं इस प्रकार है –

  • धन्याकाष्ठ चूर्ण (Dhanyakastha churna) – यह दवा आंगिनान्त्र क्षेत्र की सूजन और पानी सुखाने में सुधार करने में मदद कर सकती है।
  • गोक्षुरादि चूर्ण (Gokshuradi churna) – यह दवा नर अंडकोष की प्रबंधनशीलता में सुधार करने में मदद कर सकती है और अंडकोषों में पानी सुखाने की प्रॉब्लम को दूर कर सकती है।
  • चन्द्रप्रबा वटी (Chandraprabha vati) – यह दवा मूत्रमार्ग संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करती है और अंडकोष में पानी सुखाने के लिए उपयुक्त हो सकती है।
  • पुणर्नवादि मंडूर (Punarnavadadi mandur) – यह दवा प्रदाहीस्त्री रोगों के इलाज में सहायक हो सकती है, जिसमें अंडकोष की समस्याएं भी शामिल हो सकती हैं।

ये सभी दवाएं केवल परामर्श के लिए हैं, इन्हें केवल विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श पर ही इस्तेमाल करें। व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर, चिकित्सक समुचित चिकित्सा योजना और उपचार सुझा सकते हैं।

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अंडकोष में पानी सुखाने के घरेलू उपाय –

अंडकोष में पानी भरने की प्रॉब्लम को दूर करने के बहुत सारे घरेलू उपाय भी हैं। जो इस प्रकार से है –

  1. 10-10 ग्राम जीरा और अजवाइन पानी में पीसकर थोड़ा सा गर्म कर इसे अंडकोष पर लेप लगाएं इसके प्रभाव से इस की वृद्धि में कटौती होने लगती है। इनके अलावा नौशाद को चूर्ण बनाकर 60 मिली मीटर शराब में भिगोकर अंडकोष पर तीन चार बार लगाने से इसकी सूजन कम हो जाती है।
  2. 2 ग्राम बर्शाशा को पानी के साथ मिलाकर सोते समय इसका इस्तेमाल करने से अंडकोष में हुए सूजन कम होती है।
  3. 12 ग्राम माजूफल को 6 ग्राम फिटकरी को पानी में मिलाकर अंडकोष के ऊपर लेप लगाने से पानी भरना बंद हो जाता है।
  4. इतना ही नहीं 10-10 ग्राम छोटी हरड़ रसौत को पीसकर सरसों के तेल में लेप बनाने के बाद अंकुश के ऊपर लगाने से जख्म जल्दी से ठीक होता है।

बेहतर होगा की किसी भी व्यक्ति को यह समस्या ना हो इसके लिए अपने आहार पर विशेष विशेष ध्यान दें हरी सब्जियों का सेवन और पौष्टिक आहार प्रचुर मात्रा में लें ताकि यह समस्या ना हो कभी-कभी किसी दुर्घटना और चोट लगने के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है इसमें सावधानी रखें । और जब समस्या हो गई हो तो डॉक्टर के परामर्श से ही दवाई का सेवन करें कुछ घरेलू उपचार के माध्यम से भी रोगी स्वस्थ हो सकता है । लेकिन इसका बृहद रूप होना काफी कष्टप्रद है ऐसी स्थिति में सिर्फ ऑपरेशन के माध्यम से ही इसको ठीक किया जा सकता हैं ।

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